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बाढ़: चकजलाल हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार का जुर्माना ​बाढ़: स्थानीय व्यवहार न्यायालय ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। यह अहम फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विवेक भारद्वाज की अदालत द्वारा सुनाया गया। ​मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक जगत नारायण सिंह ने बताया कि यह घटना 7 जून 2020 को भदौर थाना क्षेत्र के चकजलाल गांव में घटी थी। गांव के ही धर्मवीर प्रसाद की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जानलेवा हमले के दौरान धर्मवीर प्रसाद को बचाने आई उनकी पत्नी रीना देवी और उनके पुत्र को भी आरोपियों ने चाकू मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। ​इस जघन्य घटना के बाद मृतक की पत्नी रीना देवी के बयान के आधार पर भदौर थाने में कांड संख्या 59/20 दर्ज कराया गया था। इस प्राथमिकी में तीन लोगों— पंकज कुमार उर्फ पंकज सिंह, प्रमाम किशोर उर्फ श्याम किशोर महतो और वसंती देवी उर्फ प्रेमलता देवी को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। ​न्यायालय में सत्र वाद संख्या 369/21 के तहत इस मामले की सुनवाई (विचारण) चली। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार दिया। दोषी ठहराए जाने के बाद न्यायाधीश ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत का फैसला आने और सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है।

3 hrs ago
user_JMBNEWS
JMBNEWS
पत्रकार बाढ़, पटना, बिहार•
3 hrs ago

बाढ़: चकजलाल हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास और 50-50 हजार का जुर्माना ​बाढ़: स्थानीय व्यवहार न्यायालय ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। यह अहम फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विवेक भारद्वाज की अदालत द्वारा सुनाया गया। ​मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक जगत नारायण सिंह ने बताया कि यह घटना 7 जून 2020 को भदौर थाना क्षेत्र के चकजलाल गांव में घटी थी। गांव के ही धर्मवीर प्रसाद की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जानलेवा हमले के दौरान धर्मवीर प्रसाद को बचाने आई उनकी पत्नी रीना देवी और उनके पुत्र को भी आरोपियों ने चाकू मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। ​इस जघन्य घटना के बाद मृतक की पत्नी रीना देवी के बयान के आधार पर भदौर थाने में कांड संख्या 59/20 दर्ज कराया गया था। इस प्राथमिकी में तीन लोगों— पंकज कुमार उर्फ पंकज सिंह, प्रमाम किशोर उर्फ श्याम किशोर महतो और वसंती देवी उर्फ प्रेमलता देवी को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। ​न्यायालय में सत्र वाद संख्या 369/21 के तहत इस मामले की सुनवाई (विचारण) चली। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने तीनों अभियुक्तों को हत्या का दोषी करार दिया। दोषी ठहराए जाने के बाद न्यायाधीश ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत का फैसला आने और सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है।

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    JMBNEWS
    पत्रकार बाढ़, पटना, बिहार•
    3 hrs ago
  • बिहार में अप्रैल 2016 से लागू शराबबंदी को अब 10 साल पूरे होने को हैं। सरकार के ताज़ा आंकड़ों (मार्च 2026 तक) और विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कानून का प्रभाव और इसकी चुनौतियां दोनों ही काफी व्यापक रही हैं। ​1. 10 साल का लेखा-जोखा: गिरफ्तारी और मुकदमे ​हाल ही में बिहार सरकार द्वारा जारी आंकड़ों और न्यायिक समीक्षा के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है: ​गिरफ्तारियां: पिछले 10 वर्षों में लगभग 17 लाख से अधिक लोगों को शराबबंदी कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। ​दर्ज केस (FIR): अब तक कुल 11.37 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 5.77 लाख केस पुलिस ने और 5.60 लाख केस उत्पाद विभाग ने दर्ज किए हैं। ​पेंडिंग केस और बोझ: न्यायपालिका पर इस कानून का भारी दबाव है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 5.70 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जिसका अर्थ है कि अभी भी करीब 5.67 लाख केस अदालतों में लंबित (Pending) हैं। ​जब्ती: 10 सालों में लगभग 4.83 करोड़ लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसमें विदेशी और देसी शराब की मात्रा लगभग बराबर है। इसके अलावा 1.67 लाख वाहन भी जब्त किए गए हैं। ​2. सिस्टम की नाकामियां: एक गंभीर विश्लेषण ​पटना हाई कोर्ट और विभिन्न सामाजिक अध्ययनों ने शराबबंदी को लागू करने वाले सिस्टम की कई खामियों को उजागर किया है: ​भ्रष्टाचार और पुलिस-माफिया साठगांठ ​हाई कोर्ट ने कई बार टिप्पणी की है कि राज्य की मशीनरी इस कानून को पूरी तरह लागू करने में विफल रही है। आरोप है कि स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से शराब की होम डिलीवरी एक "समानांतर अर्थव्यवस्था" बन गई है। ​गरीबों पर गाज, माफिया 'आजाद' ​विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं का तर्क है कि जेल जाने वाले 17 लाख लोगों में से 50% से अधिक लोग समाज के अत्यंत पिछड़े या गरीब तबके से आते हैं, जो अक्सर "कैरियर" (ढोने वाले) के रूप में इस्तेमाल होते हैं। बड़े शराब माफिया और किंगपिन अक्सर कानून के शिकंजे से बाहर रहते हैं। ​न्यायपालिका पर अतिरिक्त बोझ ​इतनी बड़ी संख्या में मुकदमों के कारण निचली अदालतों में सामान्य आपराधिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई है। हालांकि सरकार ने विशेष 'एक्साइज कोर्ट' बनाए हैं, लेकिन केस पेंडेंसी की दर अभी भी बहुत ऊंची है। ​जहरीली शराब की त्रासदी (Hooch Tragedy) ​पूर्ण शराबबंदी के बावजूद, अवैध रूप से निर्मित जहरीली शराब के कारण बिहार में समय-समय पर बड़ी मौतें होती रही हैं। यह सिस्टम की विफलता का सबसे काला पक्ष है, जहाँ लोग सरकारी नियंत्रण न होने के कारण असुरक्षित रसायनों का सेवन कर लेते हैं। ​प्रमुख असर और वर्तमान स्थिति (2026) ​सकारात्मक पक्ष: महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा में कमी और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार (शिक्षा और भोजन पर खर्च बढ़ना) दर्ज किया गया है। ​आर्थिक नुकसान: बिहार को सालाना लगभग 5,000 करोड़ से 8,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जिसकी कुल भरपाई अब तक 30,000 करोड़ रुपये से अधिक मानी जा रही है। ​नया मोड़: 2026 के अप्रैल माह में बिहार की राजनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जहाँ कुछ गठबंधन सहयोगी शराबबंदी कानून में ढील देने या इसे चरणबद्ध तरीके से वापस लेने पर चर्चा कर रहे हैं। ​Liquor Ban Impact in Bihar: A 10-Year Report ​
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    बिहार में अप्रैल 2016 से लागू शराबबंदी को अब 10 साल पूरे होने को हैं। सरकार के ताज़ा आंकड़ों (मार्च 2026 तक) और विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कानून का प्रभाव और इसकी चुनौतियां दोनों ही काफी व्यापक रही हैं।
​1. 10 साल का लेखा-जोखा: गिरफ्तारी और मुकदमे
​हाल ही में बिहार सरकार द्वारा जारी आंकड़ों और न्यायिक समीक्षा के अनुसार स्थिति कुछ इस प्रकार है:
​गिरफ्तारियां: पिछले 10 वर्षों में लगभग 17 लाख से अधिक लोगों को शराबबंदी कानून के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
​दर्ज केस (FIR): अब तक कुल 11.37 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 5.77 लाख केस पुलिस ने और 5.60 लाख केस उत्पाद विभाग ने दर्ज किए हैं।
​पेंडिंग केस और बोझ: न्यायपालिका पर इस कानून का भारी दबाव है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 5.70 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है, जिसका अर्थ है कि अभी भी करीब 5.67 लाख केस अदालतों में लंबित (Pending) हैं।
​जब्ती: 10 सालों में लगभग 4.83 करोड़ लीटर अवैध शराब जब्त की गई है, जिसमें विदेशी और देसी शराब की मात्रा लगभग बराबर है। इसके अलावा 1.67 लाख वाहन भी जब्त किए गए हैं।
​2. सिस्टम की नाकामियां: एक गंभीर विश्लेषण
​पटना हाई कोर्ट और विभिन्न सामाजिक अध्ययनों ने शराबबंदी को लागू करने वाले सिस्टम की कई खामियों को उजागर किया है:
​भ्रष्टाचार और पुलिस-माफिया साठगांठ
​हाई कोर्ट ने कई बार टिप्पणी की है कि राज्य की मशीनरी इस कानून को पूरी तरह लागू करने में विफल रही है। आरोप है कि स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से शराब की होम डिलीवरी एक "समानांतर अर्थव्यवस्था" बन गई है।
​गरीबों पर गाज, माफिया 'आजाद'
​विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं का तर्क है कि जेल जाने वाले 17 लाख लोगों में से 50% से अधिक लोग समाज के अत्यंत पिछड़े या गरीब तबके से आते हैं, जो अक्सर "कैरियर" (ढोने वाले) के रूप में इस्तेमाल होते हैं। बड़े शराब माफिया और किंगपिन अक्सर कानून के शिकंजे से बाहर रहते हैं।
​न्यायपालिका पर अतिरिक्त बोझ
​इतनी बड़ी संख्या में मुकदमों के कारण निचली अदालतों में सामान्य आपराधिक मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई है। हालांकि सरकार ने विशेष 'एक्साइज कोर्ट' बनाए हैं, लेकिन केस पेंडेंसी की दर अभी भी बहुत ऊंची है।
​जहरीली शराब की त्रासदी (Hooch Tragedy)
​पूर्ण शराबबंदी के बावजूद, अवैध रूप से निर्मित जहरीली शराब के कारण बिहार में समय-समय पर बड़ी मौतें होती रही हैं। यह सिस्टम की विफलता का सबसे काला पक्ष है, जहाँ लोग सरकारी नियंत्रण न होने के कारण असुरक्षित रसायनों का सेवन कर लेते हैं।
​प्रमुख असर और वर्तमान स्थिति (2026)
​सकारात्मक पक्ष: महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा में कमी और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार (शिक्षा और भोजन पर खर्च बढ़ना) दर्ज किया गया है।
​आर्थिक नुकसान: बिहार को सालाना लगभग 5,000 करोड़ से 8,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जिसकी कुल भरपाई अब तक 30,000 करोड़ रुपये से अधिक मानी जा रही है।
​नया मोड़: 2026 के अप्रैल माह में बिहार की राजनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जहाँ कुछ गठबंधन सहयोगी शराबबंदी कानून में ढील देने या इसे चरणबद्ध तरीके से वापस लेने पर चर्चा कर रहे हैं।
​Liquor Ban Impact in Bihar: A 10-Year Report
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    user_RUBY JOURNALIST
    RUBY JOURNALIST
    Court reporter बाढ़, पटना, बिहार•
    9 hrs ago
  • पटना/बख्तियारपुर : बिहार में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के समीप का है, जहाँ बुधवार की शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। ​मिली जानकारी के अनुसार, बरियारपुर निवासी विद्यानंद राय उर्फ भगत जी (पिता देवनंदन राय) अपने घर के पास ही स्थित SH-106 सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान वे अनियंत्रित मोटरसाइकिल और एक बैटरी चालित रिक्शा (ई-रिक्शा) की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विद्यानंद राय सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। ​घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें आनन-फानन में बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट होने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञों की निगरानी के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर कर दिया है। ​इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों की अनियंत्रित गति पर नाराजगी जाहिर की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की छानबीन जारी है।
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    पटना/बख्तियारपुर : बिहार में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव के समीप का है, जहाँ बुधवार की शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
​मिली जानकारी के अनुसार, बरियारपुर निवासी विद्यानंद राय उर्फ भगत जी (पिता देवनंदन राय) अपने घर के पास ही स्थित SH-106 सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान वे अनियंत्रित मोटरसाइकिल और एक बैटरी चालित रिक्शा (ई-रिक्शा) की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विद्यानंद राय सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए।
​घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें आनन-फानन में बख्तियारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट होने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों ने उन्हें बेहतर इलाज और विशेषज्ञों की निगरानी के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर कर दिया है।
​इस घटना के बाद से  स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर वाहनों की अनियंत्रित गति पर नाराजगी जाहिर की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और मामले की छानबीन जारी है।
    user_Khabar Junction Live
    Khabar Junction Live
    Local News Reporter बख्तियारपुर, पटना, बिहार•
    15 min ago
  • Post by न्यूज 30 बिहार
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    Post by न्यूज 30 बिहार
    user_न्यूज 30 बिहार
    न्यूज 30 बिहार
    Pandarak, Patna•
    10 hrs ago
  • बिहार समस्तीपुर मोहनपुर के बघरा पंचायत में होने वाला आज से नौ दिवसीय शिव शक्ति महायज्ञ के अवसर पर निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा हजारों की संख्या में शिव भक्त मौजूद।
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    बिहार समस्तीपुर 
मोहनपुर के बघरा पंचायत में होने वाला आज से नौ दिवसीय शिव शक्ति महायज्ञ के अवसर पर निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा हजारों की संख्या में शिव भक्त मौजूद।
    user_Chunnu Kumar Singh
    Chunnu Kumar Singh
    पटोरी, समस्तीपुर, बिहार•
    1 hr ago
  • पंचायती राज विभाग
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    पंचायती राज विभाग
    user_Golu Kumar
    Golu Kumar
    मोकामा, पटना, बिहार•
    4 hrs ago
  • लड़की को भगाने का आरोपी गिरफ्तार विद्यापतिनगर। थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में पुलिस ने जयनगर निवासी अन्नू उर्फ अनुराग कुमार को गिरफ्तार कर भेजा जेल.
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    लड़की को भगाने का आरोपी गिरफ्तार
विद्यापतिनगर। थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में पुलिस ने जयनगर निवासी अन्नू उर्फ अनुराग कुमार को गिरफ्तार कर भेजा जेल.
    user_Anil shriwastav
    Anil shriwastav
    दलसिंहसराय, समस्तीपुर, बिहार•
    7 hrs ago
  • Post by JMBNEWS
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    Post by JMBNEWS
    user_JMBNEWS
    JMBNEWS
    पत्रकार बाढ़, पटना, बिहार•
    4 hrs ago
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