अमझार नदी में पानी की एक पाइपलाइन फटने से हजारों लीटर पानी लगातार बर्बाद हो रहा है, जिसके कारण गांव में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जलदाय विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। यह घटना ईश्वरपुरा से अमझार को जोड़ने वाली संपर्क सड़क के निर्माण कार्य के दौरान हुई। अमझार नदी के ऊपर एक उच्च स्तरीय सीमेंट पुलिया का निर्माण कार्य भी चल रहा था, जो अब अंतिम चरण में है। पुलिया निर्माण के दौरान, एक जेसीबी मशीन ने अमझार में पानी की सप्लाई करने वाली पाइपलाइन को तोड़कर निकाल दिया, जिससे गांव में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से गुस्साए ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जल्द से जल्द ठीक कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने पाइपलाइन को तुरंत दुरुस्त नहीं करवाया तो वे आंदोलन करेंगे। अभी गांव में पानी की सप्लाई टैंकरों से हो रही है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में पानी के टैंकरों की सप्लाई बंद हो जाएगी। इसलिए, वे पानी की पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत और नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
अमझार नदी में पानी की एक पाइपलाइन फटने से हजारों लीटर पानी लगातार बर्बाद हो रहा है, जिसके कारण गांव में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जलदाय विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। यह घटना ईश्वरपुरा से अमझार को जोड़ने वाली
संपर्क सड़क के निर्माण कार्य के दौरान हुई। अमझार नदी के ऊपर एक उच्च स्तरीय सीमेंट पुलिया का निर्माण कार्य भी चल रहा था, जो अब अंतिम चरण में है। पुलिया निर्माण के दौरान, एक जेसीबी मशीन ने अमझार में पानी की सप्लाई करने वाली पाइपलाइन को तोड़कर निकाल दिया, जिससे गांव
में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने से गुस्साए ग्रामीणों ने जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को जल्द से जल्द ठीक कराने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने पाइपलाइन को तुरंत दुरुस्त नहीं करवाया तो वे आंदोलन करेंगे।
अभी गांव में पानी की सप्लाई टैंकरों से हो रही है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में पानी के टैंकरों की सप्लाई बंद हो जाएगी। इसलिए, वे पानी की पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत और नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
- हिमालय की पहाड़ियों में स्थित शिमला, कुल्लू और मनाली में सैलानी बेहद शानदार नज़ारों का आनंद ले रहे हैं। यहाँ का दृश्य इतना मनमोहक है कि जो एक बार इस जगह घूमने आता है, उसका वापस जाने का मन नहीं करता। अटल टनल के पास का नज़ारा वाकई देखने लायक है, जहाँ सैलानी हिमालय की वादियों में खूब लुत्फ़ उठा रहे हैं।4
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से अपनी एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की है।1
- मंगलवार रात को कोटा जंक्शन पर पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल का चिकित्सा दल 24 वर्षीय सोनी देवी के लिए देवदूत बनकर सामने आया, जिन्हें वलसाड-सूबेदारगंज स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 04120) में यात्रा के दौरान अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। मूसलाधार बारिश के बीच रेलवे चिकित्सा दल ने अपनी तत्परता दिखाते हुए चलती ट्रेन में सुरक्षित प्रसव करवाया। इस त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। यह घटना रेलवे की त्वरित चिकित्सा व्यवस्था और मानवीय संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां कोटा मंडल के चिकित्सा दल ने तूफानी बारिश में मां-बेटे का रक्षक बनकर एक नई मिसाल पेश की।1
- आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए, कोटा नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख नालों की विशेष सफाई का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त प्रकाश मेहरा के निर्देशों पर, सुंदर धर्मशाला से लेकर लालबुर्ज तक के मुख्य नाले की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर किया गया। सफाई इंस्पेक्टर जोधराज झंझोट की निगरानी में हुए निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाला प्लास्टिक पन्नियों, रस्सियों, थर्मोकोल और अन्य कचरे से पूरी तरह जाम था, जिससे बरसात में जलभराव का खतरा बढ़ गया था। इस समस्या को हल करने के लिए, नगर निगम के गोताखोर प्रदीप शर्मा ने बहादुरी दिखाते हुए नाले में उतरकर हाथों से सारा कचरा निकाला और जमे हुए अवरोधों को दूर किया। उनकी इस मेहनत के परिणामस्वरूप नाले की पूरी सफाई हो सकी और पानी की निकासी अब सुचारू रूप से हो रही है। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मानसून से पहले शहर के सभी प्रमुख नालों और नालियों की सफाई का यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की कोई समस्या न हो और आम जनता को परेशानी से राहत मिल सके। नाले की प्रभावी सफाई होने पर, स्थानीय क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन, आयुक्त प्रकाश मेहरा और सफाई दल का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह समय रहते की गई कार्रवाई क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी।1
- लखनऊ के ईको गार्डन में जेन Z ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। युवाओं ने ईको गार्डन में अपना कब्जा जमा लिया और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।1
- कोटा के लाडपुरा में एक स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रनीत मोरे के शो के दौरान पुरुषों के निजी अंगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली एक युवती ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। इस घटना से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें युवती अपनी टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त करती दिख रही है। यह पूरा मामला तब गरमाया था जब शो की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी, जिसके बाद नेटिजंस और स्थानीय लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Voice of लाडपुरा' (जितेंद्र कुमार) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विवाद बढ़ता देख युवती ने अब अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी है, जिससे इस चर्चित मामले में एक नया मोड़ आ गया है।2
- भारतीय सिंधु सभा राजस्थान और भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास द्वारा राजस्थान सिंधी अकादमी के सहयोग से आयोजित सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 17 मई से 14 जून तक निर्धारित है। यह यात्रा आज झालावाड़ पहुंची, जहाँ झूलेलाल मंदिर में इसका भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व भारतीय सिंधु सभा राजस्थान के प्रदेश संरक्षक और पूर्व राजस्थान सिंधी अकादमी अध्यक्ष, माननीय मोहन लाल वाधवानी जी कर रहे थे। उनके साथ प्रदेश महामंत्री गिरधारी जी और जयपुर संभाग प्रभारी अशोक जी छाबड़ा, तथा कार्यकर्ता महेश कोटवानी भी झालावाड़ पहुंचे। सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को सिंधी संस्कृति, सिंधी भाषा, सिंधी समाज की गौरवशाली परम्पराओं, इतिहास, खानपान और सिंधी सभ्यता की विस्तृत जानकारी देकर जागृत करना है। मोहन लाल वाधवानी जी ने बताया कि यह यात्रा संपूर्ण राजस्थान के शहरों का भ्रमण कर रही है, जिसका लक्ष्य सिंधी समाज में सांस्कृतिक चेतना, एकता और अपने इतिहास के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। साथ ही, सिंधु सभ्यता की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक सफलतापूर्वक पहुँचाना भी इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। झालावाड़ में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय मोहन लाल वाधवानी (संरक्षक भारतीय सिंधु सभा राजस्थान) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में गिरधारी ज्ञानानी जी (प्रदेश महामंत्री) और अशोक छाबड़ा जी (जयपुर संभाग प्रभारी) शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हितेश थदानी ने संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि सामाजिक विकास तभी संभव है जब हमारे संस्कार मजबूत हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्कार हमारे परिवार और समाज का दर्पण होते हैं और जीवन में व्यक्तित्व व व्यवहार के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यक्रम के अंत में झालावाड़ के श्यामलाल जी खत्री ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रभु जी खुशलानी, रामचंद बरलानी, लोकवानी जी, मनोज रतनानी, मनीष भाटिया, खेमराज खत्री, इन्द्रजीत काशवानी, पंकज काशवानी, हरीश बरलानी, झम्मट खत्री, लेखराज खत्री, महिला मंडल की मीना खत्री, रत्ना खत्री, माया खत्री, मनीषा खत्री, कोमल खत्री, विद्या खत्री सहित सैकड़ों की संख्या में समाज बंधु मौजूद रहे।1
- मंदसौर जिले के चंदवासा स्थित रावटी में किसान मोर्चा अध्यक्ष का आगमन हुआ है। यह खबर रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी एक खास जानकारी के तहत सामने आई है।1
- कोटा के एमबीएस अस्पताल में मंगलवार को निविदा कर्मियों ने वेतन भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल कर दी। बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर इन कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया, जिसके चलते अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इस हड़ताल के परिणामस्वरूप काउंटरों पर मरीजों की भारी भीड़ लग गई, जिससे मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।1