भारतीय सिंधु सभा राजस्थान और भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास द्वारा राजस्थान सिंधी अकादमी के सहयोग से आयोजित सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 17 मई से 14 जून तक निर्धारित है। यह यात्रा आज झालावाड़ पहुंची, जहाँ झूलेलाल मंदिर में इसका भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व भारतीय सिंधु सभा राजस्थान के प्रदेश संरक्षक और पूर्व राजस्थान सिंधी अकादमी अध्यक्ष, माननीय मोहन लाल वाधवानी जी कर रहे थे। उनके साथ प्रदेश महामंत्री गिरधारी जी और जयपुर संभाग प्रभारी अशोक जी छाबड़ा, तथा कार्यकर्ता महेश कोटवानी भी झालावाड़ पहुंचे। सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को सिंधी संस्कृति, सिंधी भाषा, सिंधी समाज की गौरवशाली परम्पराओं, इतिहास, खानपान और सिंधी सभ्यता की विस्तृत जानकारी देकर जागृत करना है। मोहन लाल वाधवानी जी ने बताया कि यह यात्रा संपूर्ण राजस्थान के शहरों का भ्रमण कर रही है, जिसका लक्ष्य सिंधी समाज में सांस्कृतिक चेतना, एकता और अपने इतिहास के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। साथ ही, सिंधु सभ्यता की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक सफलतापूर्वक पहुँचाना भी इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। झालावाड़ में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय मोहन लाल वाधवानी (संरक्षक भारतीय सिंधु सभा राजस्थान) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में गिरधारी ज्ञानानी जी (प्रदेश महामंत्री) और अशोक छाबड़ा जी (जयपुर संभाग प्रभारी) शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हितेश थदानी ने संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि सामाजिक विकास तभी संभव है जब हमारे संस्कार मजबूत हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्कार हमारे परिवार और समाज का दर्पण होते हैं और जीवन में व्यक्तित्व व व्यवहार के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यक्रम के अंत में झालावाड़ के श्यामलाल जी खत्री ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रभु जी खुशलानी, रामचंद बरलानी, लोकवानी जी, मनोज रतनानी, मनीष भाटिया, खेमराज खत्री, इन्द्रजीत काशवानी, पंकज काशवानी, हरीश बरलानी, झम्मट खत्री, लेखराज खत्री, महिला मंडल की मीना खत्री, रत्ना खत्री, माया खत्री, मनीषा खत्री, कोमल खत्री, विद्या खत्री सहित सैकड़ों की संख्या में समाज बंधु मौजूद रहे।
भारतीय सिंधु सभा राजस्थान और भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास द्वारा राजस्थान सिंधी अकादमी के सहयोग से आयोजित सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 17 मई से 14 जून तक निर्धारित है। यह यात्रा आज झालावाड़ पहुंची, जहाँ झूलेलाल मंदिर में इसका भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व भारतीय सिंधु सभा राजस्थान के प्रदेश संरक्षक और पूर्व राजस्थान सिंधी अकादमी अध्यक्ष, माननीय मोहन लाल वाधवानी जी कर रहे थे। उनके साथ प्रदेश महामंत्री गिरधारी जी और जयपुर संभाग प्रभारी अशोक जी छाबड़ा, तथा कार्यकर्ता महेश कोटवानी भी झालावाड़ पहुंचे। सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को सिंधी संस्कृति, सिंधी भाषा, सिंधी समाज की गौरवशाली परम्पराओं, इतिहास, खानपान और सिंधी सभ्यता की विस्तृत जानकारी देकर जागृत करना है। मोहन लाल वाधवानी जी ने बताया कि यह यात्रा संपूर्ण राजस्थान के शहरों का भ्रमण कर रही है, जिसका लक्ष्य सिंधी समाज में सांस्कृतिक चेतना, एकता और अपने इतिहास के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। साथ ही, सिंधु सभ्यता की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक सफलतापूर्वक पहुँचाना भी इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। झालावाड़ में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय मोहन लाल वाधवानी (संरक्षक भारतीय सिंधु सभा राजस्थान) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में गिरधारी ज्ञानानी जी (प्रदेश महामंत्री) और अशोक छाबड़ा जी (जयपुर संभाग प्रभारी) शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हितेश थदानी ने संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि सामाजिक विकास तभी संभव है जब हमारे संस्कार मजबूत हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्कार हमारे परिवार और समाज का दर्पण होते हैं और जीवन में व्यक्तित्व व व्यवहार के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यक्रम के अंत में झालावाड़ के श्यामलाल जी खत्री ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रभु जी खुशलानी, रामचंद बरलानी, लोकवानी जी, मनोज रतनानी, मनीष भाटिया, खेमराज खत्री, इन्द्रजीत काशवानी, पंकज काशवानी, हरीश बरलानी, झम्मट खत्री, लेखराज खत्री, महिला मंडल की मीना खत्री, रत्ना खत्री, माया खत्री, मनीषा खत्री, कोमल खत्री, विद्या खत्री सहित सैकड़ों की संख्या में समाज बंधु मौजूद रहे।
- छिपाबड़ौद स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों ज़ोरों पर हैं, जहाँ शारीरिक लचीलेपन के लिए आगे और पीछे ताली बजाने जैसे योगाभ्यास किए जा रहे हैं। आयोजकों ने सभी से इस अवसर पर आकर योगाभ्यास में शामिल होने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, उन्होंने अपने योग वीडियो को लाइक, कमेंट करने और मित्रों तथा परिवार के सदस्यों के साथ साझा करने का भी अनुरोध किया है।1
- राजगढ़ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह लोन ऐप और फर्जी रिकवरी एजेंट बनकर लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करता था। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी लोगों को फर्जी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ठगी करते थे। अब तक इन्होंने कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर लगभग 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। राजगढ़ पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।1
- यह पोस्ट माजीसा मां बालोतरा जसोल के प्रति गहरी भक्ति और असीम श्रद्धा को व्यक्त करती है। इसमें मां के प्रति हृदय से प्रणाम और स्नेह की भावना दर्शाई गई है।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के शामगढ़ से अपनी एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की है।1
- एक क्षेत्र के लोगों को जैसे ही पैसेंजर ट्रेन के आने की सूचना मिली, बड़ी संख्या में लोग उसे देखने के लिए इकट्ठा हो गए।1
- भारतीय सिंधु सभा राजस्थान और भारतीय सिंधु सभा राजस्थान न्यास द्वारा राजस्थान सिंधी अकादमी के सहयोग से आयोजित सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 17 मई से 14 जून तक निर्धारित है। यह यात्रा आज झालावाड़ पहुंची, जहाँ झूलेलाल मंदिर में इसका भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा का नेतृत्व भारतीय सिंधु सभा राजस्थान के प्रदेश संरक्षक और पूर्व राजस्थान सिंधी अकादमी अध्यक्ष, माननीय मोहन लाल वाधवानी जी कर रहे थे। उनके साथ प्रदेश महामंत्री गिरधारी जी और जयपुर संभाग प्रभारी अशोक जी छाबड़ा, तथा कार्यकर्ता महेश कोटवानी भी झालावाड़ पहुंचे। सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को सिंधी संस्कृति, सिंधी भाषा, सिंधी समाज की गौरवशाली परम्पराओं, इतिहास, खानपान और सिंधी सभ्यता की विस्तृत जानकारी देकर जागृत करना है। मोहन लाल वाधवानी जी ने बताया कि यह यात्रा संपूर्ण राजस्थान के शहरों का भ्रमण कर रही है, जिसका लक्ष्य सिंधी समाज में सांस्कृतिक चेतना, एकता और अपने इतिहास के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। साथ ही, सिंधु सभ्यता की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक सफलतापूर्वक पहुँचाना भी इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। झालावाड़ में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय मोहन लाल वाधवानी (संरक्षक भारतीय सिंधु सभा राजस्थान) रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में गिरधारी ज्ञानानी जी (प्रदेश महामंत्री) और अशोक छाबड़ा जी (जयपुर संभाग प्रभारी) शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हितेश थदानी ने संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि सामाजिक विकास तभी संभव है जब हमारे संस्कार मजबूत हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्कार हमारे परिवार और समाज का दर्पण होते हैं और जीवन में व्यक्तित्व व व्यवहार के निर्माण में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यक्रम के अंत में झालावाड़ के श्यामलाल जी खत्री ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रभु जी खुशलानी, रामचंद बरलानी, लोकवानी जी, मनोज रतनानी, मनीष भाटिया, खेमराज खत्री, इन्द्रजीत काशवानी, पंकज काशवानी, हरीश बरलानी, झम्मट खत्री, लेखराज खत्री, महिला मंडल की मीना खत्री, रत्ना खत्री, माया खत्री, मनीषा खत्री, कोमल खत्री, विद्या खत्री सहित सैकड़ों की संख्या में समाज बंधु मौजूद रहे।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत, घुटने मोड़कर भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास किया जा रहा है। इस प्राणायाम को हर व्यक्ति के जीवन में मानसिक स्वास्थ्य और मन की शांति बनाए रखने के लिए सबसे शक्तिशाली साधनों में से एक बताया गया है।1
- सुसनेर नगर में नगर परिषद द्वारा एक लोक कल्याण शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर आम जनता के कल्याण के उद्देश्य से नगर परिषद ने आयोजित किया।1
- सोयत कला में एक सूखले से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया। बताया गया है कि यह हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ने के कारण हुआ, जब एक कंटेनर ने उसे टक्कर मार दी।1