तारापुर स्थित राम स्वारथ महाविद्यालय (आर.एस. कॉलेज) में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नशा मुक्ति सप्ताह का समापन समारोह गुरुवार को संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने की, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। समारोह के दौरान एक नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया गया और युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, साथ ही यह परिवार और समाज की प्रगति में भी बड़ी बाधा उत्पन्न करता है। डॉ. वसीम राजा ने विशेष रूप से छात्रों से आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहें और इसके बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सकारात्मक सोच को अपनाएँ। इस अवसर पर डॉ. अश्विनी ओझा, डॉ. बसंत कुमार, डॉ. जसीम राजा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. शरीफ शेखर सुमन और डॉ. देवव्रत सहित कई अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण फैलाना था।
तारापुर स्थित राम स्वारथ महाविद्यालय (आर.एस. कॉलेज) में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नशा मुक्ति सप्ताह का समापन समारोह गुरुवार को संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने की, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। समारोह के दौरान एक नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया गया और युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, साथ ही यह परिवार और समाज की प्रगति में भी बड़ी बाधा उत्पन्न करता है। डॉ. वसीम राजा ने विशेष रूप से छात्रों से आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहें और इसके बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सकारात्मक सोच को अपनाएँ। इस अवसर पर डॉ. अश्विनी ओझा, डॉ. बसंत कुमार, डॉ. जसीम राजा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. शरीफ शेखर सुमन और डॉ. देवव्रत सहित कई अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण फैलाना था।
- मुंगेर जिले के तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिंचाई विभाग से अनुमंडल अस्पताल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर पिछले 24 घंटों से अधिक समय से पेयजल की मुख्य पाइपलाइन फटी हुई है, जिसके कारण लगातार पानी बह रहा है। इस गंभीर समस्या के चलते पूरी सड़क जलमग्न हो गई है, जिससे वहां से गुजरने वाले मरीजों और आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पाइपलाइन बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे से ही तेज रिसाव कर रही है, और देखते ही देखते साफ पानी सड़क पर फैलकर मार्ग को एक तालाब में बदल चुका है। हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन या संबंधित सिंचाई विभाग द्वारा पाइपलाइन की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण एक तरफ जहां हजारों लीटर कीमती पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन पूरी तरह से पंगु हो गया है और लोगों को जलजमाव से बेहाल होना पड़ रहा है।1
- सम्राट चौधरी के तारापुर टेटियाबंबर में एक कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसमें 'आम जनता दरबार' भी शामिल होगा। इस आयोजन को लेकर पूरी जानकारी मांगी गई है कि इस दरबार में क्या-क्या गतिविधियां होंगी और कार्यक्रम का पूरा विवरण क्या रहेगा।1
- भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जानीपुर में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ शाहकुंड से संबंधित कुछ लोगों ने जानीपुर गाँव के निवासियों पर बेरहमी से हमला किया है। मिली जानकारी के अनुसार, शाहकुंड के हमलावरों ने जानीपुर के लोगों को बहुत बुरी तरह पीटा। इस क्रूर हमले में, उन्होंने बच्चों को भी नहीं बख्शा और उन पर भी लाठियों से निर्ममतापूर्वक वार किया। इस गंभीर मारपीट की घटना के बाद, पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से तत्काल न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें इस क्रूर हमले के लिए तुरंत इंसाफ मिलना चाहिए।2
- जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत नयागांव निवासी दिवंगत केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह उर्फ दादा जी की 16वीं पुण्य तिथि उनके गांव के समीप कटहरा नदी के तट पर स्थित समाधि स्थल पर समारोहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर जनसमुद्र उमड़ा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, कैबिनेट मंत्री निशांत, लेसी सिंह, दामोदर रावत, श्रेयसी सिंह, संजय कुमार सिंह, सांसद अरुण भारती, प्रमंडल आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, डीआईजी राकेश कुमार, डीएम श्री नवीन, एसपी विश्वजीत दयाल, पूर्व सांसद व दिवंगत की धर्मपत्नी पुतुल देवी, जदयू जिलाध्यक्ष शैलेंद्र महतों, बीजेपी जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद केशरी, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष ई.शंभू शरण, जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष कन्हैया कुमार सिंह सहित दर्जनों पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर आत्मिक भावांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिवंगत दिग्विजय सिंह को भावभीनी भावांजलि देते हुए उन्हें एक दूरदर्शी व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि भारत माता के महान सपूत होने के नाते उन्होंने लाखों भारतीयों में आशा की नई किरण जगाई। उनकी कर्मठता और दूरदर्शिता ने चुनौती को अवसर में बदलने में कारगर भूमिका निभाई, और केंद्रीय वित्त उप मंत्री, रेल राज्य मंत्री व विदेश राज्य मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा। चौधरी ने उनके कुशल नेतृत्व और आधुनिक सोच से देश को नई दिशा देने की बात कही, और उनके योगदान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनकी स्मृति सदैव दिलों में जीवित रहेगी। उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि दिग्विजय सिंह का जीवन, विचार और देश हित में किया गया कार्य आज भी प्रेरक है, और उन्होंने उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। कैबिनेट मंत्री निशांत ने दिग्विजय सिंह को केवल व्यक्ति नहीं, अपितु एक विचार बताया, जिसने जमुई के साथ बिहार और देश को तरक्की की राह पर दौड़ाने का काम किया। उन्होंने उन्हें वैचारिक दृढ़ता, साहस और राष्ट्र निष्ठा का पर्याय बताते हुए कहा कि उनका राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र जग जाहिर है, जिसे हर इंसान को आत्मसात करना चाहिए। निशांत ने यह भी कहा कि दिवंगत दिग्विजय सिंह के अधूरे सपनों को साकार करके ही उन्हें सच्ची भावांजलि दी जा सकती है। माल्यार्पण के बाद कई अन्य ओहदेदारों ने भी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को परिभाषित करते हुए उन्हें महान राजनेता की संज्ञा दी। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय दिग्विजय सिंह की धर्मपत्नी पुतुल देवी भी पूर्व सांसद रह चुकी हैं, और उनकी सुपुत्री श्रेयसी सिंह वर्तमान में कैबिनेट मंत्री के पद पर आसीन हैं। मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह चौकस था, और नयागांव में हेलीपैड से लेकर समाधि स्थल तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात थे, तथा जिलाधिकारी श्री नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल स्वयं हर बिंदु पर बारीकी से नजर रख रहे थे। उनकी सजगता और सतर्कता के कारण मुख्यमंत्री का निर्धारित कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया।1
- बिहार के खगड़िया जिले के परबत्ता स्थित मध्य विद्यालय खजरैठा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जहां बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए, वहीं उनके हाथों में ईंट-मिट्टी है। यह दृश्य मध्य विद्यालय खजरैठा में शिक्षा के दौरान बच्चों द्वारा ईंट-मिट्टी उठाने की स्थिति को दर्शाता है।1
- आदर्श ग्राम पंचायत राज गौछारी के निवासी 45 वर्षीय सहेंद्र मुनि का शव जेरगांव धार में तैरता हुआ पाया गया। इस दुखद घटना की जानकारी मुखिया शंभू कुमार चौरसिया ने प्रशासन को साझा की है।1
- एक काली कोच का पौधा प्राकृतिक विधि से लगाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में गोबर खाद और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सके। इस प्रयास का उद्देश्य पौधे का स्वस्थ विकास सुनिश्चित करना है।1
- तारापुर स्थित राम स्वारथ महाविद्यालय (आर.एस. कॉलेज) में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नशा मुक्ति सप्ताह का समापन समारोह गुरुवार को संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने की, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। समारोह के दौरान एक नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया गया और युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, साथ ही यह परिवार और समाज की प्रगति में भी बड़ी बाधा उत्पन्न करता है। डॉ. वसीम राजा ने विशेष रूप से छात्रों से आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहें और इसके बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सकारात्मक सोच को अपनाएँ। इस अवसर पर डॉ. अश्विनी ओझा, डॉ. बसंत कुमार, डॉ. जसीम राजा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. शरीफ शेखर सुमन और डॉ. देवव्रत सहित कई अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण फैलाना था।1