मुंगेर जिले के तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिंचाई विभाग से अनुमंडल अस्पताल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर पिछले 24 घंटों से अधिक समय से पेयजल की मुख्य पाइपलाइन फटी हुई है, जिसके कारण लगातार पानी बह रहा है। इस गंभीर समस्या के चलते पूरी सड़क जलमग्न हो गई है, जिससे वहां से गुजरने वाले मरीजों और आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पाइपलाइन बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे से ही तेज रिसाव कर रही है, और देखते ही देखते साफ पानी सड़क पर फैलकर मार्ग को एक तालाब में बदल चुका है। हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन या संबंधित सिंचाई विभाग द्वारा पाइपलाइन की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण एक तरफ जहां हजारों लीटर कीमती पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन पूरी तरह से पंगु हो गया है और लोगों को जलजमाव से बेहाल होना पड़ रहा है।
मुंगेर जिले के तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिंचाई विभाग से अनुमंडल अस्पताल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर पिछले 24 घंटों से अधिक समय से पेयजल की मुख्य पाइपलाइन फटी हुई है, जिसके कारण लगातार पानी बह रहा है। इस गंभीर समस्या के चलते पूरी सड़क जलमग्न हो गई है, जिससे वहां से गुजरने वाले मरीजों और आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पाइपलाइन बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे से ही तेज रिसाव कर रही है, और देखते ही देखते साफ पानी सड़क पर फैलकर मार्ग को एक तालाब में बदल चुका है। हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन या संबंधित सिंचाई विभाग द्वारा पाइपलाइन की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण एक तरफ जहां हजारों लीटर कीमती पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन पूरी तरह से पंगु हो गया है और लोगों को जलजमाव से बेहाल होना पड़ रहा है।
- मुंगेर जिले के तारापुर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 में प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। सिंचाई विभाग से अनुमंडल अस्पताल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर पिछले 24 घंटों से अधिक समय से पेयजल की मुख्य पाइपलाइन फटी हुई है, जिसके कारण लगातार पानी बह रहा है। इस गंभीर समस्या के चलते पूरी सड़क जलमग्न हो गई है, जिससे वहां से गुजरने वाले मरीजों और आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पाइपलाइन बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे से ही तेज रिसाव कर रही है, और देखते ही देखते साफ पानी सड़क पर फैलकर मार्ग को एक तालाब में बदल चुका है। हैरानी की बात यह है कि घटना के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत प्रशासन या संबंधित सिंचाई विभाग द्वारा पाइपलाइन की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण एक तरफ जहां हजारों लीटर कीमती पानी बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन पूरी तरह से पंगु हो गया है और लोगों को जलजमाव से बेहाल होना पड़ रहा है।1
- सम्राट चौधरी के तारापुर टेटियाबंबर में एक कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसमें 'आम जनता दरबार' भी शामिल होगा। इस आयोजन को लेकर पूरी जानकारी मांगी गई है कि इस दरबार में क्या-क्या गतिविधियां होंगी और कार्यक्रम का पूरा विवरण क्या रहेगा।1
- मालदा डिवीजन के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने गुरुवार को अपने सैलून से सुलतानगंज रेलवे स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने रेल विभाग के सभी अधिकारियों के साथ मिलकर श्रावणी मेला को लेकर स्टेशन पर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने घोषणा की कि श्रावणी मेला के दौरान राजधानी एक्सप्रेस को छोड़कर सभी एक्सप्रेस ट्रेनें सुलतानगंज स्टेशन पर रुकेंगी, और इन ट्रेनों के ठहराव की समय अवधि भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने सभी रेल अधिकारियों को 15 जुलाई तक श्रावणी मेला से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया। कांवड़ियों के लिए साफ-सफाई, विश्राम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। मनीष कुमार गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि सभी मांगों को देखते हुए जल्द ही कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और इस वर्ष कांवड़ियों को पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ एक चिकित्सा केंद्र भी बनाने की बात कही। इस अवसर पर एनडीए कार्यकर्ता, दर्जनों अन्य कार्यकर्ता और सभी विभाग के रेल अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।1
- भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जानीपुर में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ शाहकुंड से संबंधित कुछ लोगों ने जानीपुर गाँव के निवासियों पर बेरहमी से हमला किया है। मिली जानकारी के अनुसार, शाहकुंड के हमलावरों ने जानीपुर के लोगों को बहुत बुरी तरह पीटा। इस क्रूर हमले में, उन्होंने बच्चों को भी नहीं बख्शा और उन पर भी लाठियों से निर्ममतापूर्वक वार किया। इस गंभीर मारपीट की घटना के बाद, पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से तत्काल न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें इस क्रूर हमले के लिए तुरंत इंसाफ मिलना चाहिए।2
- बिहार के खगड़िया जिले के परबत्ता स्थित मध्य विद्यालय खजरैठा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि जहां बच्चों को पढ़ाई करनी चाहिए, वहीं उनके हाथों में ईंट-मिट्टी है। यह दृश्य मध्य विद्यालय खजरैठा में शिक्षा के दौरान बच्चों द्वारा ईंट-मिट्टी उठाने की स्थिति को दर्शाता है।1
- आदर्श ग्राम पंचायत राज गौछारी के निवासी 45 वर्षीय सहेंद्र मुनि का शव जेरगांव धार में तैरता हुआ पाया गया। इस दुखद घटना की जानकारी मुखिया शंभू कुमार चौरसिया ने प्रशासन को साझा की है।1
- एक काली कोच का पौधा प्राकृतिक विधि से लगाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में गोबर खाद और वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सके। इस प्रयास का उद्देश्य पौधे का स्वस्थ विकास सुनिश्चित करना है।1
- तारापुर स्थित राम स्वारथ महाविद्यालय (आर.एस. कॉलेज) में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नशा मुक्ति सप्ताह का समापन समारोह गुरुवार को संपन्न हो गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. नीरज कुमार ने की, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षकेत्तर कर्मी और छात्र-छात्राएँ शामिल हुए। समारोह के दौरान एक नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया गया और युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, साथ ही यह परिवार और समाज की प्रगति में भी बड़ी बाधा उत्पन्न करता है। डॉ. वसीम राजा ने विशेष रूप से छात्रों से आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहें और इसके बजाय शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सकारात्मक सोच को अपनाएँ। इस अवसर पर डॉ. अश्विनी ओझा, डॉ. बसंत कुमार, डॉ. जसीम राजा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. शरीफ शेखर सुमन और डॉ. देवव्रत सहित कई अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरण फैलाना था।1