केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से अवैध घुसपैठ को जड़ से खत्म करने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है, यह कदम देश से नक्सलवाद के लगभग पूर्ण उन्मूलन की सफलता के बाद उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार अवैध घुसपैठियों के खिलाफ भी नक्सलवाद की तर्ज पर ही एक 'डेडलाइन' तय करने की तैयारी में है, ताकि सभी सुरक्षा एजेंसियां और राज्य सरकारें समन्वय के साथ इस लक्ष्य को हासिल कर सकें। अमित शाह ने विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों में स्पष्ट किया है कि घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को नया एजेंडा दिया गया है। BSF को अब केवल घुसपैठ रोकने तक सीमित न रहकर, अवैध घुसपैठियों की पहचान करने, उन्हें ट्रैक करने और देश से बाहर निकालने (Identify, Track & Deport) का काम करना होगा। 'डिटेक्ट, डिटेन, डिपोर्ट' अभियान पूरी तेजी से चल रहा है, जिसके तहत अवैध घुसपैठियों की पहचान, हिरासत और उनके मूल देश वापसी की प्रक्रिया जारी है। विशेष रूप से बांग्लादेश सीमा पर, सीमा क्षेत्रों में बाड़ लगाने, तकनीकी निगरानी बढ़ाने और अवैध निर्माणों को चिन्हित कर ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही है। जनसांख्यिकीय बदलावों (डेमोग्राफिक चेंजेस) का अध्ययन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का भी गठन किया गया है। अमित शाह ने घोषणा की है कि जो घुसपैठिए स्वेच्छा से अपने देश लौट जाएंगे, उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, और हजारों लोग रोजाना वापस जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनने के बाद स्थिति बदल गई है, जहां पहले प्रतिदिन 5,000 से 10,000 घुसपैठिए आते थे, अब उतनी ही संख्या में लोग वापस जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस अभियान के पीछे का स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, "भारत धर्मशाला नहीं है। यहां केवल वे रहेंगे जो इस देश में जन्मे हैं। हम एक-एक घुसपैठिए को पहचानकर बाहर निकालेंगे।" यह अभियान छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने वाला है। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ की टीम इस अभियान पर लगातार अपडेट दे रही है और अधिक जानकारी व नवीनतम अपडेट्स के लिए उनके चैनल को फॉलो करने का आग्रह किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से अवैध घुसपैठ को जड़ से खत्म करने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है, यह कदम देश से नक्सलवाद के लगभग पूर्ण उन्मूलन की सफलता के बाद उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार अवैध घुसपैठियों के खिलाफ भी नक्सलवाद की तर्ज पर ही एक 'डेडलाइन' तय करने की तैयारी में है, ताकि सभी सुरक्षा एजेंसियां और राज्य सरकारें समन्वय के साथ इस लक्ष्य को हासिल कर सकें। अमित शाह ने विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों में स्पष्ट किया है कि घुसपैठ रोकने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को नया एजेंडा दिया गया है। BSF को अब केवल घुसपैठ रोकने तक सीमित न रहकर, अवैध घुसपैठियों की पहचान करने, उन्हें ट्रैक करने और देश से बाहर निकालने (Identify, Track & Deport) का काम करना होगा। 'डिटेक्ट, डिटेन, डिपोर्ट' अभियान पूरी तेजी से चल रहा है, जिसके तहत अवैध घुसपैठियों की पहचान, हिरासत और उनके मूल देश वापसी की प्रक्रिया जारी है। विशेष रूप से बांग्लादेश सीमा पर, सीमा क्षेत्रों में बाड़ लगाने, तकनीकी निगरानी बढ़ाने और अवैध निर्माणों को चिन्हित कर ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही है। जनसांख्यिकीय बदलावों (डेमोग्राफिक चेंजेस) का अध्ययन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का भी गठन किया गया है। अमित शाह ने घोषणा की है कि जो घुसपैठिए स्वेच्छा से अपने देश लौट जाएंगे, उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, और हजारों लोग रोजाना वापस जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार बनने के बाद स्थिति बदल गई है, जहां पहले प्रतिदिन 5,000 से 10,000 घुसपैठिए आते थे, अब उतनी ही संख्या में लोग वापस जा रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने इस अभियान के पीछे का स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, "भारत धर्मशाला नहीं है। यहां केवल वे रहेंगे जो इस देश में जन्मे हैं। हम एक-एक घुसपैठिए को पहचानकर बाहर निकालेंगे।" यह अभियान छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सीमाओं की सुरक्षा को मजबूत करने वाला है। स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ की टीम इस अभियान पर लगातार अपडेट दे रही है और अधिक जानकारी व नवीनतम अपडेट्स के लिए उनके चैनल को फॉलो करने का आग्रह किया गया है।
- गरियाबंद जिले में स्थित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बाघिन की मौजूदगी दर्ज की गई है, जिससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में खासा उत्साह है। बाघ के बाद अब बाघिन की उपस्थिति से यह खुशी दोगुनी हो गई है। ट्रैप कैमरों में इस बाघिन की कई तस्वीरें और वीडियो कैद हुए हैं, जिसकी जानकारी उप निदेशक वरुण जैन ने एक तस्वीर जारी करके दी है। यह बाघिन उदंती को अपनी स्थायी टेरिटरी बनाने की ओर बढ़ रही है। इसे जल स्रोत निर्माण, एंटी-पोचिंग अभियानों और वन पुनर्स्थापन के प्रयासों का सकारात्मक असर माना जा रहा है। वर्तमान में वन विभाग इस बाघिन की सुरक्षा और निरंतर निगरानी में जुटा हुआ है।2
- खरोरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने बंगोली मंडल के अंतर्गत बूथ क्रमांक 273 और 274 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस पूरे श्रद्धा, भाव और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्रवादी विचारों के साथ-साथ देश के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था, जिसे देश हमेशा याद रखेगा। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान उनके आदर्शों पर चलने और समाज व राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर डोमार धुरंधर, डोमन नायक, विजय वर्मा, अंकित वर्मा, द्रोण हनुमंत, दुर्गेश नायक, संजू डहरिया, नरेश निर्मलकर, धनेश निर्मलकर, परमेश्वर निर्मलकर, गोविंद धीवर, टिकेश्वर नायक, कमलेश नायक, तरुण नायक सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- ओबीसी वर्ग को सामान्य श्रेणी में गिने जाने पर आपत्ति जताते हुए ओबीसी मोर्चा ने सोमवार, 22 जून को सरकार के खिलाफ अपना चरणबद्ध आंदोलन जारी रखा। यह आंदोलन के तीसरे और अंतिम चरण के तहत नगर के अंबेडकर चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें मोर्चा के सदस्यों ने अपनी प्रमुख मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान, पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर ओबीसी के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। धरना स्थल से नगर में एक रैली निकाली गई, जो कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची। वहाँ, मोर्चा द्वारा एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें ओबीसी वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में हिस्सेदारी दिए जाने की मांग की गई है।1
- बलौदा बाजार के ग्राम खर्वे में चार महीने से चल रही लगातार संदिग्ध मौतों का रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस की गहन जांच में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को इन घटनाओं का मुख्य आरोपी पाया गया है। आरोपी अपने परिचितों को ही निशाना बनाता था और पुरानी रंजिश, विवाद या छोटी-छोटी बातों के चलते शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर उनकी जान ले लेता था। जांच में सामने आई कहानी चौंकाने वाली है, जिसमें पता चला कि आरोपी ने इंसानों पर जहर आजमाने से पहले एक कुत्ते पर इसका परीक्षण किया था। कुत्ते पर जहर का असर देखने के बाद ही उसने लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। अपनी वारदातों के बाद, वह खुद मृतकों को अस्पताल पहुंचाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव में किसी को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल के SDOP को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई तक हुई 8 संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 7 मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया, जिन्हें मेकाहारा रायपुर की विशेष मेडिकल टीम ने जांचा। फॉरेंसिक परीक्षण के लिए डीएनए, विसरा और अन्य नमूने भी सुरक्षित किए गए, जबकि मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और लगातार निगरानी के आधार पर रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश की, पर अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चूहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा (जहर) प्राप्त किया था। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने के चलते, 20 फरवरी 2026 को बुठालु को पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण, 12 मार्च 2026 को छत्तुराम को अपनी पत्नी के प्रति गलत नियत रखने की शंका में, 20 मार्च 2026 को बुधराम जायसवाल को जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को बैगा-गुनिया करने की शंका में, 29 अप्रैल 2026 को चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज पर ब्याज से छुटकारा पाने के लिए, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को वर्ष 2023 के चुनावी विवाद व पुरानी रंजिश के कारण जहरीली शराब पिलाई थी। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी गई थी, जिसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया। पुलिस ने रामसहाय जायसवाल के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरे मामले की जांच में IG रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, SDOP कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के निर्देशन में निरीक्षक प्रवीण मिंज एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- कांकेर पुलिस ने समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से ग्राम पीव्ही-34 प्रेमनगर में 'पुलिस जनसंवाद एवं चौपाल' कार्यक्रम का आयोजन किया। कांकेर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पखांजूर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार कुर्रे और पखांजूर के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रवि कुमार कुजूर ने ग्रामीणों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान, अधिकारियों ने परलकोट क्षेत्र में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों को समझाया कि वे आत्महत्या जैसा कदम न उठाएँ और मानसिक तनाव की स्थिति में परिजनों व समाज से संवाद बनाए रखें। साथ ही, साइबर अपराधों से सतर्क रहने, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए गए। सड़क सुरक्षा के तहत मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील की गई। युवाओं को गांजा, शराब और नशीली दवाइयों से दूर रहने का संदेश देते हुए एक नशामुक्त समाज के निर्माण पर बल दिया गया। इस जनसंवाद चौपाल में बंग समाज प्रमुख मनोज मंडल, जतन विश्वास, मिहीर राय, आलोक बिस्वास, सरपंच रमेन मंडल सहित ग्राम प्रमुख, सामाजिक कार्यकर्ता और लगभग 100 ग्रामीण उपस्थित रहे। कांकेर पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस हेल्पलाइन 94791 55125 पर देने की अपील की, और बताया कि सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1926 और साइबर अपराध शिकायत के लिए 1930 पर संपर्क करने की सलाह भी दी गई।2
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी थाना पुलिस ने समाज में जागरूकता और सुरक्षा का संदेश फैलाने के लिए एक अनूठी पहल की है। 21 जून को सतनाम भवन, बालसमुंद रोड, पलारी में आयोजित कराते बेल्ट ग्रेडिंग कार्यक्रम को जन-जागरूकता के एक प्रभावी मंच के रूप में इस्तेमाल किया गया। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे जनसंपर्क एवं जागरूकता अभियान के तहत, इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और उनके अभिभावकों को नवीन कानूनों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नए कानूनों का उद्देश्य नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाना, अपराधों पर नियंत्रण और समाज में सुरक्षा व विश्वास का माहौल बनाना है। इसमें विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला गया, जिससे उपस्थित लोगों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने इस दौरान नई पीढ़ी को कानून से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, यह कहते हुए कि केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कानून की बुनियादी समझ भी हर नागरिक के लिए ज़रूरी है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को समझाया कि आपात स्थिति या अपराध की घटना होने पर कानून उनकी सुरक्षा कैसे करता है और पुलिस से कैसे सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना भी रहा। जागरूकता कार्यक्रम में नशा मुक्ति पर भी विशेष चर्चा की गई, जिसमें पुलिस टीम ने युवाओं और बच्चों को नशे के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और पारिवारिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराया। उपस्थित सभी लोगों से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया। थाना प्रभारी ने कराते प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण आत्मविश्वास बढ़ाता है, वहीं कानून की जानकारी उन्हें अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा और कानूनी जागरूकता का समन्वय बच्चों को एक जिम्मेदार, सजग और सुरक्षित नागरिक के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण है। इस पहल में कराते क्लास के मुख्य प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और पलारी थाना पुलिस स्टाफ शामिल थे। बच्चों और अभिभावकों ने कानून, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और नशा मुक्ति से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तारपूर्वक जवाब दिया। कार्यक्रम के समापन पर अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने पलारी पुलिस की इस सकारात्मक और जनहितैषी पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को केवल आत्मरक्षा का प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि उन्हें कानून के प्रति जागरूक, सामाजिक रूप से जिम्मेदार और राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनने की प्रेरणा भी देते हैं। इस तरह के खेल, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के संगम को समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।3
- कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत स्थित कबीर कुटी में सद्गुरु कबीर साहेब का तहसील स्तरीय प्राकट्य उत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। सत्यनाम के जयघोष और भक्ति भाव से ओत-प्रोत इस कार्यक्रम का आयोजन विश्व वंदनीय सद्गुरु कबीर धनी धर्मदास साहेब, पंथ श्री हूजूर प्रकाश मुनि नाम साहेब, पंथ श्री हूजूर उदित मुनि नाम साहेब और चार गुरु वंश 42 की असीम कृपा से हुआ। मंगलवार सुबह 6 बजे से ही बोड़ला तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से कबीर पंथी समाज के अनुयायी, एसकेडीवी मिशन के प्रतिनिधि, समिति के सदस्य, साधु-संत, गुरुजन, आमीन माता महिला मंडल, नवयुवक मंडल तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने लगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7 बजे गुरु महिमा पाठ से हुई, जिसके बाद सुबह 9 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने ध्वज-निशान के साथ नगर भ्रमण करते हुए कबीर साहेब के संदेशों का प्रचार-प्रसार किया। शोभायात्रा के पश्चात ध्वज-निशान पूजा, आनंदी चौका और आरती का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन परम पूज्य गुरुगोसाई श्री दिलीप साहेब जी के करकमलों द्वारा कराया गया। इस अवसर पर विभिन्न भजन मंडलियों ने, जिनमें आसपास के दर्जनों गांवों से आई मंडलियां और टीमें भी शामिल थीं, कबीर वाणी और भजनों की शानदार प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुबह 10 बजे से विशाल भोजन भंडारे का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य महेश चंद्रवंशी भी उपस्थित रहे और उन्होंने समाजजनों को प्राकट्य उत्सव की शुभकामनाएं दीं। एसकेडीवीएम के तहसील स्तरीय पदाधिकारियों समेत सैकड़ों की संख्या में सकल कबीर पंथ समाज के अनुयायी भी इस आयोजन में शामिल हुए, जिसने पूरे वातावरण को श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता से भर दिया।1
- कांकेर जिले के अलबेलापारा तालाब में एक युवक की डूबने से मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।1