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*⭕ बिलाईगढ़ क्षेत्र मे एक और बडा हादसा,,,निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरा, मलबे में दबा मां-बेटे || ब्रेकिंग न्यूज: बिलाईगढ़ क्षेत्र मे एक और बडा हादसा,,,निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरा, मलबे में दबकर मां-बेटे बिलाईगढ़। भटगांव थाना क्षेत्र के मधुबनकला गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। निर्माणाधीन मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे नीचे बैठे मां-बेटे मलबे में दब गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मृतक श्याम सुंदर बंजारे अपनी मां ननकी भूरी के साथ निर्माणाधीन मकान के छज्जे के नीचे बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छज्जा ढह गया और दोनों उसके नीचे दब गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल मलबा हटाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते ही भटगांव पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। भटगांव पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा निर्माण की कमजोरी के कारण हुआ या अन्य कोई वजह रही। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

2 hrs ago
user_पत्रकारिकता
पत्रकारिकता
सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

*⭕ बिलाईगढ़ क्षेत्र मे एक और बडा हादसा,,,निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरा, मलबे में दबा मां-बेटे || ब्रेकिंग न्यूज: बिलाईगढ़ क्षेत्र मे एक और बडा हादसा,,,निर्माणाधीन मकान का छज्जा गिरा, मलबे में दबकर मां-बेटे बिलाईगढ़। भटगांव थाना क्षेत्र के मधुबनकला गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। निर्माणाधीन मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे नीचे बैठे मां-बेटे मलबे में दब गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मृतक श्याम सुंदर बंजारे अपनी मां ननकी भूरी के साथ निर्माणाधीन मकान के छज्जे के नीचे बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छज्जा ढह गया और दोनों उसके नीचे दब गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल मलबा हटाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना मिलते ही भटगांव पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। भटगांव पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा निर्माण की कमजोरी के कारण हुआ या अन्य कोई वजह रही। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

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  • मोदी का सच सबका साथ सबका विकास 15 सालों में मोदी ने कुछ नहीं किया देश में गरीबी बेरोजगारी बढ़ती जा रही है ना रोड बन रहा है नाला साफ हो रहा है ना नदिया साफ हो रही है एक काम करके मोदी 10 कम गिर रहा है
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    मोदी का सच सबका साथ सबका विकास 15 सालों में मोदी ने कुछ नहीं किया देश में गरीबी बेरोजगारी बढ़ती जा रही है ना रोड बन रहा है नाला साफ हो रहा है ना नदिया साफ हो रही है एक काम करके मोदी 10 कम गिर रहा है
    user_MANNU SIDAR ji
    MANNU SIDAR ji
    Samaj Sevak बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार (कसडोल थाना) अंतरगत आने वाले ग्राम सर्वा से एक दिल देहलने वाली घटना सामने आई है। उद्रेश वर्मा, जिसकी उम्र 17 साल थी, पिछले 15 दिनों से लापता था। ​बताया जा रहा है कि उद्रेश, टुंड्री में मेला देखने गया था। वहां से लौट-ते वक्त उसने अपने दोस्तों से अपने प्रेमिका से मिलने की इच्छा जताई, जो बसना की रहने वाली थी। दोस्तों के साथ मन करने के लिए, उद्रेश ने अपने प्रेमी को फोन किया और रात 11 बजे उसके गांव पहुंच गया। प्रेमिका से मिलने के बाद उड्रेश कभी घर वापस नहीं लौटा। उद्रेश के दोस्तों ने अगले दिन थाने में उसकी गुमशुदगी (लापता रिपोर्ट) दर्ज कराई। लगतार तलाश के बाद, लड़की के गांव से लगभाग 1.5 किलोमीटर दूर जंगल में उद्रेश का सवा (शरीर) मिला है, जो पूरी तरह से डी-कंपोज़ हो चुका था। ​परिवार का गुस्सा: उद्रेश के परिवारवाले इस भयानक से बेहद गुस्से में हैं और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार (कसडोल थाना) अंतरगत आने वाले ग्राम सर्वा से एक दिल देहलने वाली घटना सामने आई है। उद्रेश वर्मा, जिसकी उम्र 17 साल थी, पिछले 15 दिनों से लापता था।
​बताया जा रहा है कि उद्रेश, टुंड्री में मेला देखने गया था। वहां से लौट-ते वक्त उसने अपने दोस्तों से अपने प्रेमिका से मिलने की इच्छा जताई, जो बसना की रहने वाली थी। दोस्तों के साथ मन करने के लिए, उद्रेश ने अपने प्रेमी को फोन किया और रात 11 बजे उसके गांव पहुंच गया। 
प्रेमिका से मिलने के बाद उड्रेश कभी घर वापस नहीं लौटा। उद्रेश के दोस्तों ने अगले दिन थाने में उसकी गुमशुदगी (लापता रिपोर्ट) दर्ज कराई। लगतार तलाश के बाद, लड़की के गांव से लगभाग 1.5 किलोमीटर दूर जंगल में उद्रेश का सवा (शरीर) मिला है, जो पूरी तरह से डी-कंपोज़ हो चुका था। 
​परिवार का गुस्सा: उद्रेश के परिवारवाले इस भयानक से बेहद गुस्से में हैं और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
    user_CG SAMNA NEWS
    CG SAMNA NEWS
    Media company कसडोल, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • इस कार्यक्रम में अधिकांश भैया बहनों के माता-पिता उपस्थित थे। मंच में वरिष्ठ आचार्य श्री सीताराम राजवाड़े ,श्री जगदीश प्रसाद साहू जी एवं श्रीमती भगवती पाल आसीन थी। मातृ पितृ की जोड़ी श्री अमर सिंह और उनकी पत्नी भी उपस्थित थी। कार्यक्रम ठीक 12:00 बजे प्रारंभ हुआ और सभी माता-पिताओं के द्वारा मां सरस्वती ओमकार एवं भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के पश्चात हुआ। इसमें भैया बहनों के द्वारा माता-पिता की आरती उतारकर व तिलक लगाकर पूजा किये और उनके महत्व को गीत के माध्यम से गाकर बताया गया साथ ही अमृत लाल साहू जी ने अपने गीत के माध्यम से माता-पिता की भूरि भूरि प्रशंसा की एवं डॉक्टर श्री लोकनाथ कश्यप ने अपने उद्बोधन में सभी भैया बहनों को अपने-अपने माता-पिता का सम्मान करने एवं अभिभावकों को भी अपने माता-पिता का सम्मान करने के लिए अपील की साथ ही कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्री आचार्य पुनीराम बघेल ने मातृ पितृ पूजन दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मातृ पितृ पूजन की शुरुआत श्री गणेशजी भगवान द्वारा अपने माता-पिता श्री शिवजी और पार्वती जी की परिक्रमा और पूजन से की माता-पिता को देव तुल्य बताया और इसी कारण उन्हें प्रथम पूज्य देव का स्थान दिया गया।इसकी जानकारी देते हुए सभी भैया बहनों को आज शाम को अपने घरों में आरती सजाकर अपने माता-पिता व दादा-दादी की पूजन करने की सलाह दी। यह कार्यक्रम सभी आचार्यो के सहयोग से संपन्न हुआ।
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    इस कार्यक्रम में अधिकांश भैया बहनों के माता-पिता उपस्थित थे। मंच में वरिष्ठ आचार्य श्री सीताराम राजवाड़े ,श्री जगदीश प्रसाद साहू जी एवं श्रीमती भगवती पाल आसीन थी। मातृ पितृ की जोड़ी श्री अमर सिंह और उनकी पत्नी भी उपस्थित थी। कार्यक्रम ठीक 12:00 बजे प्रारंभ हुआ और सभी माता-पिताओं के द्वारा मां सरस्वती ओमकार एवं भारत माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के पश्चात हुआ। इसमें भैया बहनों के द्वारा माता-पिता की आरती उतारकर व तिलक लगाकर पूजा किये और उनके महत्व को गीत के माध्यम से गाकर बताया गया साथ ही अमृत लाल साहू जी ने अपने गीत के माध्यम से माता-पिता की भूरि भूरि प्रशंसा की एवं डॉक्टर श्री लोकनाथ कश्यप ने अपने उद्बोधन में सभी भैया बहनों को अपने-अपने माता-पिता का सम्मान करने एवं अभिभावकों को भी अपने माता-पिता का सम्मान करने के लिए अपील की साथ ही कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्री आचार्य पुनीराम बघेल ने मातृ पितृ पूजन दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मातृ पितृ पूजन की शुरुआत श्री गणेशजी भगवान द्वारा अपने माता-पिता श्री शिवजी और पार्वती जी की परिक्रमा और पूजन से की माता-पिता को देव तुल्य बताया और  इसी कारण उन्हें प्रथम पूज्य देव का स्थान दिया गया।इसकी जानकारी देते हुए सभी भैया बहनों को आज शाम को अपने घरों में आरती सजाकर अपने माता-पिता व दादा-दादी की पूजन करने की सलाह दी। यह कार्यक्रम सभी आचार्यो के सहयोग से संपन्न हुआ।
    user_Manoj kumar dinkar
    Manoj kumar dinkar
    Journalist कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • गौ सम्मान आव्हान अभियान में आप सबका स्वागत है अभिनंदन है
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    गौ सम्मान आव्हान अभियान में आप सबका स्वागत है अभिनंदन है
    user_Navin Gauraha
    Navin Gauraha
    Animal Protection Organisation बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • श्री स्वंभू भुनेश्वर महादेव शिव मंदिर मोहभट्ठा में पाच दिवसीय रुद्र महायज्ञ एवं मेला हुवा संपन्न सोमवार की साम 5.30 बजे स्वयं भू शिव मंदिर मोहभट्ठा के पुजारी तिलक पूरी गोस्वामी जी से मिली जानकारी अनुसार श्री स्वयंभू भुवनेश्वर महादेव शिव मंदिर मोहभट्ठा में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पांच दिवसीय श्री रूद्र महा यज्ञ का समापन सोमवार को सम्मान हुआ जिसमें दिनांक 12 फरवरी 2026 दिन गुरुवार को पंचांग पूजन जल यात्रा मंडप प्रवेश अग्नि स्थापन 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को प्रातः कालीन वेदी पूजन रुद्राशध्याई विधान सआहुति प्रारंभ की गई एवं दिनांक 14 फरवरी 2026 दिन शनिवार को प्रातः कालीन वेदी एवं पूजन आहुति की गई 15 फरवरी 2026 में रविवार को महाशिवरात्रि को प्रातः कालीन पूजन एवं सायं कालीन पूर्ण आहुति दी गई एवं दिनांक 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार को तर्पण सहस्त्र धारा ब्राह्मण भोज एवं आशीर्वाद विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें आचार्य पंडित श्री चंद्रशेखर महाराज जी परसदा वाले द्वारा पूजन कार्यक्रम संपन्न कराया गया आपको बता दे की श्री स्वयंभू मुनेश्वर महादेव शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर मेले का भी आयोजन होता है जिसमें लाखों की संख्या में भक्तों ने पहुंच कर श्री स्वयंभू भुनेश्वर महादेव की पूजा अर्चना किए एवम इसीकड़ी में सोमवार की शाम को भी शिव भक्त स्वयंभू भुवनेश्वर महादेव जी के दर्शन व पूजन के लिए मंदिर पहुंचने रहे आपको बता दें कि बिल्हा छेत्र अंतर्गत आने वाले इस स्वयंभू शिव मंदिर में शिवलिंग स्वयं ही प्रकट हुआ है जिसकी वजह से इस मंदिर की मान्यता क्षेत्र में प्रसिद्ध है जहां के पंडित श्री तिलक पुरी स्वामी जी बताते हैं कि 5 दिनों तक इस मंदिर में रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया जो ग्रामीणों पंडितो और यजमानों के कर कमलों से संपन्न हुआ पंडित जी बताते हैं कि यहां भोले बाबा का शिवलिंग स्वयं ही प्रकट हुआ है इसलिए इस शिव मंदिर को स्वयंभू भुवनेश्वर महादेव शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है उनके चार पीढ़ियों ने इस मंदिर में सेवा और पूजा की तिलक पुरी गोस्वामी महराज अपने वंशज के पांचवे पीढ़ी है जिनके द्वारा इस शिव मंदिर में पूजा अर्चना की जाती है इस दौरान महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष की भांति इस पर मेले का आयोजन किया गया था मेला घूमने और शिव जी के दर्शन करने के लिए लाखो भक्त बड़ी संख्या में महाशिवरात्रि को यहां उपस्थित हुए एवं सोमवार को समापन अवसर पर शस्त्र धारा का आयोजन किया गया मंदिर परिसर में कुछ भक्ति के स्थान सोमवार तक लगे हुए थे पहुंचकर रॉक खरीदी करते भी नजर आए हम मेला में दुकान लगाने वाले व्यापारियों ने बात किए तो उन्होंने बताया कि इस वर्ष के महाशिवरात्रि में काफी संख्या में शिव भक्त घूमने पहुंचे हुए थे इसलिए इस वर्ष उनका व्यवसाय भी अच्छा रहा एवम सौमवार को भी मंदिर परिसर में भक्तो की भीड़ दर्शन पहुंचती रही एवम मेला की कुछ दुकानें भी खुली रही
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    श्री स्वंभू भुनेश्वर महादेव शिव मंदिर मोहभट्ठा में पाच दिवसीय रुद्र महायज्ञ एवं मेला हुवा संपन्न
सोमवार की साम 5.30 बजे स्वयं भू शिव मंदिर मोहभट्ठा के पुजारी तिलक पूरी गोस्वामी जी से मिली जानकारी अनुसार
श्री स्वयंभू भुवनेश्वर महादेव शिव मंदिर मोहभट्ठा में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पांच दिवसीय श्री रूद्र महा यज्ञ का समापन सोमवार को सम्मान हुआ 
जिसमें दिनांक 12 फरवरी 2026 दिन गुरुवार को पंचांग पूजन जल यात्रा मंडप प्रवेश अग्नि स्थापन 13 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को प्रातः कालीन वेदी पूजन रुद्राशध्याई विधान सआहुति प्रारंभ की गई एवं दिनांक 14 फरवरी 2026 दिन शनिवार को प्रातः कालीन वेदी एवं पूजन आहुति की गई 15 फरवरी 2026 में रविवार को महाशिवरात्रि को प्रातः कालीन पूजन एवं सायं कालीन पूर्ण आहुति दी गई एवं दिनांक 16 फरवरी 2026 दिन सोमवार को तर्पण सहस्त्र धारा ब्राह्मण भोज एवं आशीर्वाद विसर्जन कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें आचार्य पंडित श्री चंद्रशेखर महाराज जी परसदा वाले द्वारा पूजन कार्यक्रम संपन्न कराया गया
आपको बता दे की श्री स्वयंभू मुनेश्वर महादेव शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर मेले का भी आयोजन होता है जिसमें लाखों की संख्या में भक्तों ने पहुंच कर श्री स्वयंभू भुनेश्वर महादेव की पूजा अर्चना किए एवम इसीकड़ी में सोमवार की शाम को भी शिव भक्त स्वयंभू भुवनेश्वर महादेव जी के दर्शन व पूजन के लिए मंदिर पहुंचने रहे आपको बता दें कि बिल्हा छेत्र अंतर्गत आने वाले इस स्वयंभू शिव मंदिर में शिवलिंग स्वयं ही प्रकट हुआ है जिसकी वजह से इस मंदिर की मान्यता क्षेत्र में प्रसिद्ध है जहां के पंडित श्री तिलक पुरी स्वामी जी बताते हैं कि 5 दिनों तक इस मंदिर में रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया जो ग्रामीणों पंडितो और यजमानों के कर कमलों से संपन्न हुआ पंडित जी बताते हैं कि यहां भोले बाबा का शिवलिंग स्वयं ही प्रकट हुआ है इसलिए इस शिव मंदिर को स्वयंभू भुवनेश्वर महादेव शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है उनके चार पीढ़ियों ने इस मंदिर में सेवा और पूजा की तिलक पुरी गोस्वामी महराज अपने वंशज के पांचवे पीढ़ी है जिनके द्वारा इस शिव मंदिर में पूजा अर्चना की जाती है इस दौरान महाशिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष की भांति इस पर मेले का आयोजन किया गया था मेला घूमने और शिव जी के दर्शन करने के लिए लाखो भक्त बड़ी संख्या में महाशिवरात्रि को यहां उपस्थित हुए एवं सोमवार को समापन अवसर पर शस्त्र धारा का आयोजन किया गया मंदिर परिसर में कुछ भक्ति के स्थान सोमवार तक लगे हुए थे पहुंचकर रॉक खरीदी करते भी नजर आए हम मेला में दुकान लगाने वाले व्यापारियों ने बात किए तो उन्होंने बताया कि इस वर्ष के महाशिवरात्रि में काफी संख्या में शिव भक्त घूमने पहुंचे हुए थे इसलिए इस वर्ष उनका व्यवसाय भी अच्छा रहा एवम सौमवार को भी मंदिर परिसर में भक्तो की भीड़ दर्शन पहुंचती रही एवम मेला की कुछ दुकानें भी खुली रही
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    6 hrs ago
  • बिलासपुर के तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित अनव इंडस्ट्री की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने में जुट गईं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है, वहीं नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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    बिलासपुर के तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित अनव इंडस्ट्री की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने में जुट गईं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है, वहीं नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • ​सारंगढ़: साभर का शिकार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार; वन विभाग की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक ​सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में वन्यजीवों के दुश्मनों पर वन विभाग ने वज्रपात किया है। रेगालमुड़ा के जंगलों में एक साभर (जंगली हिरण) का अवैध शिकार कर उसका मांस बांटने की फिराक में लगे 6 आरोपियों को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर रंगे हाथों धर दबोचा। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के शिकारियों में हड़कंप मच गया है। ​गुप्त सूचना पर विभाग की त्वरित दबिश ​मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि रेगालमुड़ा गांव के पास जंगल क्षेत्र में कुछ लोग वन्यजीव का शिकार कर मांस पकाने और बांटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वन मंडलाधिकारी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए बताए गए स्थान पर दबिश दी, जहाँ आरोपी शिकार को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे। ​मौके से हथियार और अवशेष बरामद ​वन अमले ने मौके से साभर के अवशेषों के साथ-साथ शिकार में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार और अन्य औजार भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने वन्यजीव को बेदर्दी से मार डाला था और साक्ष्य मिटाने की कोशिश में थे, लेकिन विभाग की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। ​गिरफ्तार आरोपियों का विवरण ​पकड़े गए सभी आरोपी रेगालमुड़ा गांव के निवासी हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है: ​कैलाश पटेल, पिता आसाराम ​कौशल पटेल, पिता आसाराम ​ताराचंद पटेल, पिता कैलाश पटेल ​रामकुमार पटेल, पिता भागीरथी पटेल ​परसराम बरिहा, पिता शोभाराम बरिहा ​कार्तिकेश्वर सारथी, पिता महेश राम सारथी ​कड़ी धाराओं में मामला दर्ज ​वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है, जिसमें लंबी कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। ​"वन संपदा और जैव विविधता की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े तस्कर गिरोह से जुड़े हैं।" — वन विभाग अधिकारी ​आम जनता से अपील ​वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीवों के शिकार की सूचना मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सूचना बेजुबान जानवरों की जान बचा सकती है।
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    ​सारंगढ़: साभर का शिकार करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 6 आरोपी गिरफ्तार; वन विभाग की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक
​सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में वन्यजीवों के दुश्मनों पर वन विभाग ने वज्रपात किया है। रेगालमुड़ा के जंगलों में एक साभर (जंगली हिरण) का अवैध शिकार कर उसका मांस बांटने की फिराक में लगे 6 आरोपियों को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर रंगे हाथों धर दबोचा। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के शिकारियों में हड़कंप मच गया है।
​गुप्त सूचना पर विभाग की त्वरित दबिश
​मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि रेगालमुड़ा गांव के पास जंगल क्षेत्र में कुछ लोग वन्यजीव का शिकार कर मांस पकाने और बांटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वन मंडलाधिकारी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए बताए गए स्थान पर दबिश दी, जहाँ आरोपी शिकार को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे थे।
​मौके से हथियार और अवशेष बरामद
​वन अमले ने मौके से साभर के अवशेषों के साथ-साथ शिकार में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार और अन्य औजार भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने वन्यजीव को बेदर्दी से मार डाला था और साक्ष्य मिटाने की कोशिश में थे, लेकिन विभाग की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
​गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
​पकड़े गए सभी आरोपी रेगालमुड़ा गांव के निवासी हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
​कैलाश पटेल, पिता आसाराम
​कौशल पटेल, पिता आसाराम
​ताराचंद पटेल, पिता कैलाश पटेल
​रामकुमार पटेल, पिता भागीरथी पटेल
​परसराम बरिहा, पिता शोभाराम बरिहा
​कार्तिकेश्वर सारथी, पिता महेश राम सारथी
​कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
​वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि संरक्षित वन्यजीवों का शिकार एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है, जिसमें लंबी कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
​"वन संपदा और जैव विविधता की रक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े तस्कर गिरोह से जुड़े हैं।"
— वन विभाग अधिकारी
​आम जनता से अपील
​वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या वन्यजीवों के शिकार की सूचना मिले, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। आपकी एक छोटी सी सूचना बेजुबान जानवरों की जान बचा सकती है।
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • मोदी का घोर विरोध
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    मोदी का घोर विरोध
    user_MANNU SIDAR ji
    MANNU SIDAR ji
    Samaj Sevak बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • बॉलीवुड सिंगर्स मीत ब्रदर्स, खुशबू ग्रेवल, सलमान अली की गीतों पर झूमे श्रोता। हंसराज रघुवंशी के शिव भजनों से महोत्सव में छाया भक्तिमय रंग। स्थानीय कलाकारों ने महोत्सव में बढ़ाया रंग और उत्साह कोरबा पाली महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ उत्साह और उमंग के साथ हुआ, जहाँ श्रोताओं ने ऐतिहासिक पाली शिव मंदिर की पावन छाया में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। मंच पर बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक सलमान अली, खुशबू ग्रेवाल, और मीत ब्रदर्स ने फिल्मी गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही महाशिव भक्त हंसराज रघुवंशी ने भगवान भोलेनाथ की आराधना से भक्तिमय माहौल बना दिया। श्रोताओं ने महोत्सव में प्रस्तुत विविध सांगीतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। बॉलीवुड सिंगर सलमान अली ने अपनी मधुर आवाज़ में "देवा श्री गणेशा", "तेरी दीवानी", "सांसों की माला में सिमरू मैं पी का नाम", " रश्के कमर" और "कजरा मोहब्बत वाला" जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति में श्रोताओं ने झूमकर सहभागिता की और कई गीतों पर उन्होंने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। खुशबू ग्रेवाल और मीत ब्रदर्स ने हिंदी सिनेमा के अनेक गीतों की प्रस्तुति दी। उनके गीतों में भाव और तालमेल का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रोताओं ने उनके साथ गाकर और तालियों से उनकी प्रस्तुति को यादगार बना दिया। सभी कलाकारों ने कहा कि यह उनका पहला अवसर है पाली महोत्सव में प्रस्तुति देने का और उन्हें यहां की बोली, भाषा, संस्कृति और लोगों का व्यवहार बेहद अच्छा लगा। उन्होंने जिला प्रशासन का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन कलाकारों और दर्शकों के लिए यादगार अनुभव बनाते हैं। शिव भक्ति के स्वर गूंजे, महोत्सव में भर गई श्रद्धा की छटा महोत्सव में हंसराज रघुवंशी ने शिव भक्ति और आराधना पर आधारित गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके प्रस्तुति ऐसा डमरू बजाय भोलेनाथ ने..., मेरा भोला है भण्डारी, जैसे गीतों में आस्था और श्रद्धा की गहराई स्पष्ट नजर आई, उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों के हृदय में आस्था की लहरें दौड़ा दीं। भक्तिमय भजन ने महोत्सव के वातावरण को पूरी तरह पावन और शांतिपूर्ण बना दिया, जिससे उपस्थित लोग मंत्रमुग्ध होकर शिव भक्ति में डूब गए। महोत्सव में राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा भी मनमोहक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। उन्होंने पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति ने महोत्सव को क्षेत्रीय गौरव का प्रतीक बना दिया। उनके गीत, नृत्य और अभिनय ने दर्शकों को उत्साहित किया और तालियों की गड़गड़ाहट से महोत्सव का माहौल और भी जीवंत हो गया।
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    बॉलीवुड सिंगर्स मीत ब्रदर्स, खुशबू ग्रेवल, सलमान अली की गीतों पर झूमे श्रोता।
हंसराज रघुवंशी के शिव भजनों से महोत्सव में छाया भक्तिमय रंग।
स्थानीय कलाकारों ने महोत्सव में बढ़ाया रंग और उत्साह
कोरबा पाली महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ उत्साह और उमंग के साथ हुआ, जहाँ श्रोताओं ने ऐतिहासिक पाली शिव मंदिर की पावन छाया में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
मंच पर बॉलीवुड के लोकप्रिय गायक सलमान अली, खुशबू ग्रेवाल, और मीत ब्रदर्स ने फिल्मी गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया।
साथ ही महाशिव भक्त हंसराज रघुवंशी ने भगवान भोलेनाथ की आराधना से भक्तिमय माहौल बना दिया। 
श्रोताओं ने महोत्सव में प्रस्तुत विविध सांगीतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। 
बॉलीवुड सिंगर सलमान अली ने अपनी मधुर आवाज़ में "देवा श्री गणेशा", "तेरी दीवानी", "सांसों की माला में सिमरू मैं पी का नाम", " रश्के कमर" और "कजरा मोहब्बत वाला" जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए।
उनकी प्रस्तुति में श्रोताओं ने झूमकर सहभागिता की और कई गीतों पर उन्होंने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
खुशबू ग्रेवाल और मीत ब्रदर्स ने हिंदी सिनेमा के अनेक गीतों की प्रस्तुति दी। 
उनके गीतों में भाव और तालमेल का अद्भुत संगम देखने को मिला।
श्रोताओं ने उनके साथ गाकर और तालियों से उनकी प्रस्तुति को यादगार बना दिया।
सभी कलाकारों ने कहा कि यह उनका पहला अवसर है पाली महोत्सव में प्रस्तुति देने का और उन्हें यहां की बोली, भाषा, संस्कृति और लोगों का व्यवहार बेहद अच्छा लगा। 
उन्होंने जिला प्रशासन का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन कलाकारों और दर्शकों के लिए यादगार अनुभव बनाते हैं।
शिव भक्ति के स्वर गूंजे, महोत्सव में भर गई श्रद्धा की छटा
महोत्सव में हंसराज रघुवंशी ने शिव भक्ति और आराधना पर आधारित गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 
उनके प्रस्तुति ऐसा डमरू बजाय भोलेनाथ ने...,  मेरा भोला है भण्डारी,  जैसे गीतों में आस्था और श्रद्धा की गहराई स्पष्ट नजर आई,  उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों के हृदय में आस्था की लहरें दौड़ा दीं। 
भक्तिमय भजन ने महोत्सव के वातावरण को पूरी तरह पावन और शांतिपूर्ण बना दिया, जिससे उपस्थित लोग मंत्रमुग्ध होकर शिव भक्ति में डूब गए।
महोत्सव में राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा भी मनमोहक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।
उन्होंने पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। 
स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति ने महोत्सव को क्षेत्रीय गौरव का प्रतीक बना दिया। 
उनके गीत, नृत्य और अभिनय ने दर्शकों को उत्साहित किया और तालियों की गड़गड़ाहट से महोत्सव का माहौल और भी जीवंत हो गया।
    user_CG SAMNA NEWS
    CG SAMNA NEWS
    Media company कसडोल, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
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