श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने एसपी क्राइम निशा यादव के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर एक कार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी दो दिन पहले वन कर्मियों के साथ मारपीट के एक मामले में हुई जांच के दौरान हुई, जब तलाशी के दौरान कार से 500 रुपये के 105 जाली नोट बरामद हुए, जिसके बाद इस पूरे गिरोह की साजिश सामने आई। गिरोह में देवेंद्र कुमार, गुलजार, शिवम और शगुन जोशी जैसे नाम शामिल हैं। आरोपी नकली नोट तैयार करने के लिए ऑनलाइन विशेष प्रकार का पेपर मंगवाते थे और असली नोट की हाई-रिजॉल्यूशन फोटो लेकर मोबाइल ऐप व सॉफ्टवेयर के जरिए उसकी क्वालिटी बढ़ाते थे। आरोपी देवेंद्र ने कुबूल किया है कि उन्होंने इससे पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर (बड़ापुर क्षेत्र) में करीब ₹1 लाख के नकली नोट छापे थे, जिनमें से ₹60,000 बाजार में चलाए जा चुके हैं। पुलिस ने मौके से लगभग ₹50,000 के जाली नोटों के अलावा, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, कटिंग टूल्स और सॉफ्टवेयर उपकरण भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के जरिए अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले नकली नोट छापने वाले गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया है।
श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने एसपी क्राइम निशा यादव के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर एक कार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी दो दिन पहले वन कर्मियों के साथ मारपीट के एक मामले में हुई जांच के दौरान हुई, जब तलाशी के दौरान कार से 500 रुपये के 105 जाली नोट बरामद हुए, जिसके बाद इस पूरे गिरोह की साजिश सामने आई। गिरोह में देवेंद्र कुमार, गुलजार, शिवम और शगुन जोशी जैसे नाम शामिल हैं। आरोपी नकली नोट तैयार करने के लिए ऑनलाइन विशेष प्रकार का पेपर मंगवाते थे और असली नोट की हाई-रिजॉल्यूशन फोटो लेकर मोबाइल ऐप व सॉफ्टवेयर के जरिए उसकी क्वालिटी बढ़ाते थे। आरोपी देवेंद्र ने कुबूल किया है कि उन्होंने इससे पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर (बड़ापुर क्षेत्र) में करीब ₹1 लाख के नकली नोट छापे थे, जिनमें से ₹60,000 बाजार में चलाए जा चुके हैं। पुलिस ने मौके से लगभग ₹50,000 के जाली नोटों के अलावा, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, कटिंग टूल्स और सॉफ्टवेयर उपकरण भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के जरिए अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले नकली नोट छापने वाले गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया है।
- श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने एसपी क्राइम निशा यादव के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी कर एक कार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी दो दिन पहले वन कर्मियों के साथ मारपीट के एक मामले में हुई जांच के दौरान हुई, जब तलाशी के दौरान कार से 500 रुपये के 105 जाली नोट बरामद हुए, जिसके बाद इस पूरे गिरोह की साजिश सामने आई। गिरोह में देवेंद्र कुमार, गुलजार, शिवम और शगुन जोशी जैसे नाम शामिल हैं। आरोपी नकली नोट तैयार करने के लिए ऑनलाइन विशेष प्रकार का पेपर मंगवाते थे और असली नोट की हाई-रिजॉल्यूशन फोटो लेकर मोबाइल ऐप व सॉफ्टवेयर के जरिए उसकी क्वालिटी बढ़ाते थे। आरोपी देवेंद्र ने कुबूल किया है कि उन्होंने इससे पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर (बड़ापुर क्षेत्र) में करीब ₹1 लाख के नकली नोट छापे थे, जिनमें से ₹60,000 बाजार में चलाए जा चुके हैं। पुलिस ने मौके से लगभग ₹50,000 के जाली नोटों के अलावा, एक लैपटॉप, दो प्रिंटर, कटिंग टूल्स और सॉफ्टवेयर उपकरण भी जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के जरिए अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले नकली नोट छापने वाले गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया गया है।1
- टिहरी गढ़वाल जिले के मुखेम गाँव के ग्रामीणों ने PWD अधीक्षण अभियंता से मुलाकात की है। ग्रामीणों ने इस दौरान उनसे सड़क निर्माण कार्य में हुए कथित घोटाले की जांच की मांग की है।1
- हरिद्वार पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक संगठित जाली नोट गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह नकली नोट तैयार कर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा रहा था। 29 जून 2026 को श्यामपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक क्विड कार (UK-08BG-6798) में नकली नोट छापने के उपकरण और छपे हुए नोटों को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से बिजनौर के बड़ापुर की ओर जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लालढांग तिराहे के पास घेराबंदी की और वाहन को रोककर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और बड़ी मात्रा में जाली मुद्रा बरामद की। गिरफ्तार आरोपियों में से देवेन्द्र कुमार (31), गुलज़ार अहमद (30) और शगुन जोशी (26) शामिल हैं, जो क्रमशः बिजनौर और हरिद्वार के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गुलज़ार ऑनलाइन नकली नोट छापने वाला पेपर मंगाता था, जबकि शगुन असली नोट से फोटो खींचकर सॉफ्टवेयर और ऐप की मदद से उसकी गुणवत्ता बढ़ाता था ताकि सही प्रिंट आ सके। देवेन्द्र ने यह भी कबूल किया कि उसने और गुलज़ार ने मिलकर पहले भी बड़ापुर, बिजनौर में लगभग 1 लाख रुपये के नकली नोट छापे थे, जिनमें से लगभग 60 हज़ार रुपये के नोट वे बाज़ार में चला चुके थे। लालच बढ़ने पर उन्होंने देवेन्द्र के जीजा शिवम और नोट की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शगुन जोशी को अपने गिरोह में शामिल कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लैपटॉप मय चार्जर, एचपी कंपनी का एक प्रिंटर, कैनन कंपनी का एक प्रिंटर, पाँच मोबाइल फोन, चार असली 500 रुपये के नोट (जो नकली नोट छापने में उपयोग किए गए), और 25 पेपरशीट पर छपे लगभग 52,000 रुपये के नकली 500 रुपये के नोट बरामद किए, जिनकी कटिंग होनी बाकी थी। इसके अलावा, एक सीट और 200 वाटरमार्क गांधी जी के भी मिले हैं। गौरतलब है कि दो दिन पहले, यानी 27 जून 2026 को भी पुलिस ने इसी मामले से संबंधित 52,500 रुपये के नकली नोट बरामद कर तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हरिद्वार पुलिस इस गिरोह की जड़ पर प्रहार कर चुकी है और पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के भोगपुर गाँव में जंगली जानवरों ने किसानों की फसलों को तबाह कर दिया है, जिससे उनमें भारी आक्रोश देखने को मिला। इस घटना के बाद वन विभाग के संबंधित अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित विभाग किसानों की मांगों को पूरा करेगा और क्या भविष्य में किसानों की फसलें जंगली जानवरों से सुरक्षित रह पाएंगी या नहीं।1
- एक व्यक्ति ने अपनी आँखों से एक ऐसा दृश्य देखा जिसे उन्होंने साझा करते हुए बताया कि प्रकृति के समक्ष कोई गरीब या अमीर नहीं, सभी समान हैं। इस दृश्य में, एक सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति, जिसकी तनख्वाह 70,000 रुपये है और वह 100 बीघा जमीन का मालिक है, तथा एक 700 रुपये दिहाड़ी पर काम करने वाला मजदूर, जो किराए के मकान में रहता है — इन दोनों को कुदरत ने एक साथ ला दिया। इस अनुभव के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्राकृतिक के यहाँ न कोई गरीब है न कोई अमीर; सब एक समान हैं। इसलिए, सभी को अच्छे कर्म करने चाहिए क्योंकि अंत में हिसाब केवल उनके कर्मों का ही होगा।1
- हरिद्वार में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बहादराबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले दो आरोपियों, इस्लाम और सद्दाम, को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 480 अवैध नशीले कैप्सूल और 1200 नशीली टैबलेट बरामद की गई हैं। यह खेप उनकी बलेनो कार से बरामद हुई, जिसे बरामद दवाओं के साथ जब्त कर कब्जे में ले लिया गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि नशीली दवाओं की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। यह कार्रवाई उप निरीक्षक विकास रावत के नेतृत्व में कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह, सतेंद्र चौधरी और बलवंत सिंह की टीम द्वारा की गई।1
- जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल कॉलेज परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पुलिस ने छापा मारकर एक बड़े सामूहिक नकल रैकेट का पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि 'मामा-भांजा' और 'चाचा-भतीजा' नामक दो गिरोह लगभग 45 छात्रों को पास कराने के लिए प्रति छात्र ₹5.5 लाख तक वसूल रहे थे। इस नकल रैकेट में कॉलेज के इनविजिलेटर (वीक्षक) भी शामिल थे और वे छात्रों को नकल कराने में मदद करने वाले थे। पुलिस ने इस मामले में कॉलेज डायरेक्टर रामकृष्ण मंदीवाल, उनके भतीजे देवकृष्ण, एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकर लाल जाट को गिरफ्तार कर लिया है। तलाशी के दौरान पुलिस को डिजिटल डायरियां, मोबाइल फोन और लाखों रुपये के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी मिले हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र देरी से मिलने और पेपर लीक व नकल की खबर फैलते ही आम छात्र भड़क उठे। नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर में कुर्सियां फेंकी, खिड़कियां तोड़ीं और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटना पर राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल (RPMC) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस परीक्षा केंद्र को ब्लैकलिस्ट कर दिया है और यहां होने वाली सभी आगामी परीक्षाओं को भी रद्द करने का आदेश दिया गया है।1
- हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र में पुलिस ने नकली नोट छापकर बाजार में चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब ₹50 हजार की फेस वैल्यू के नकली नोटों के साथ-साथ एक प्रिंटर, विशेष कागज और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले अन्य सभी उपकरण बरामद किए हैं। इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब दो दिन पहले वन कर्मियों से मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पकड़े गए कुछ युवकों की गाड़ी की तलाशी ली गई, जिसमें नकली नोट पाए गए। इसके बाद पुलिस की गहन पूछताछ और जांच के आधार पर पूरे फर्जी नोट रैकेट का भंडाफोड़ किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में देवेंद्र कुमार और गुलजार अहमद उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के निवासी हैं, जबकि तीसरा आरोपी शगुन जोशी हरिद्वार के लालढांग का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि नकली नोटों की छपाई लालढांग क्षेत्र में ही की जा रही थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और नकली नोटों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भी गहनता से जांच कर रही है।1