कोटा में सड़क सुरक्षा पर जिला प्रशासन सख्त, एनएच पर लाइटिंग और बसों पर कार्रवाई के निर्देश जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर पीयूष समारिया ने दिए अहम निर्देश, नियम तोड़ने वाली बसों पर होगी सख्त कार्रवाई कोटा, 29 जुलाई। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थानों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एनएच-27 और एनएच-52 के चिन्हित स्थानों पर टीबीएम, ब्लिंकर और रोड लाइटिंग का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं 8-लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर ढाबों और अन्य स्थानों पर खड़े रहने वाले ट्रकों से बढ़ रहे दुर्घटना जोखिम को देखते हुए आरटीओ, एनएचएआई और ग्रामीण पुलिस को संयुक्त अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एनएच-52 पर ट्रक यार्ड जल्द शुरू करने को कहा। बैठक में जिला कलेक्टर ने नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रही निजी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर स्लीपर कोच बसों की सघन जांच की जा रही है। हाल ही में हुई कार्रवाई में 8 बसें जब्त (सीज) की गईं और 5 बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) निलंबित किए गए हैं। कलेक्टर ने अन्य राज्यों में पंजीकृत बसों के अवैध संचालन की भी जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नयापुरा चौराहे पर सवारियां भरने के लिए बसों के खड़े रहने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, इसलिए शहर से बाहर बसों के पिकअप प्वाइंट चिन्हित किए जाएं। बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि दरा टनल की एक लेन ट्रायल रन के लिए शुरू होने के बाद यातायात का दबाव कम हुआ है। साथ ही जगन्नाथपुरा, ताथेड़ ऑयल डिपो, कराड़िया, सीमल्या और गढ़ेपान सहित कई स्थानों पर रोड लाइटिंग शुरू कर दी गई है तथा शेष सात स्थानों पर भी जल्द बिजली कनेक्शन देकर लाइटें चालू कर दी जाएंगी। सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने बताया कि शहर के तीन दुर्घटना संभावित स्थानों पर मोटरसाइकिल एम्बुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव मिशन निदेशक, एनएचएम को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि 15 जून से आयोजित नेत्र जांच शिविरों में 50 वाहन चालकों की आंखों की जांच भी की जा चुकी है। बैठक में एडीएम सिटी विनोद कुमार मल्होत्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश मीणा, यातायात पुलिस उपाधीक्षक अशोक मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जे.पी. गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा सहित पुलिस, परिवहन, जेवीवीएनएल, केडीए और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोटा में सड़क सुरक्षा पर जिला प्रशासन सख्त, एनएच पर लाइटिंग और बसों पर कार्रवाई के निर्देश जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर पीयूष समारिया ने दिए अहम निर्देश, नियम तोड़ने वाली बसों पर होगी सख्त कार्रवाई कोटा, 29 जुलाई। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्घटना संभावित (ब्लैक स्पॉट) स्थानों पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एनएच-27 और एनएच-52 के चिन्हित स्थानों पर टीबीएम, ब्लिंकर और रोड लाइटिंग का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं 8-लेन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर ढाबों और अन्य स्थानों पर खड़े रहने वाले ट्रकों से बढ़ रहे दुर्घटना जोखिम को देखते हुए आरटीओ, एनएचएआई और ग्रामीण पुलिस को संयुक्त अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही एनएच-52 पर ट्रक यार्ड जल्द शुरू करने को कहा। बैठक में जिला कलेक्टर ने नियमों का उल्लंघन कर संचालित हो रही निजी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ मिलकर स्लीपर कोच बसों की सघन जांच की जा रही है। हाल ही में हुई कार्रवाई में 8 बसें जब्त (सीज) की गईं और 5 बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) निलंबित किए गए हैं। कलेक्टर ने अन्य राज्यों में पंजीकृत बसों के अवैध संचालन की भी जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नयापुरा चौराहे पर सवारियां भरने के लिए बसों के खड़े रहने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है, इसलिए शहर से बाहर बसों के पिकअप प्वाइंट चिन्हित किए जाएं। बैठक में एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि दरा टनल की एक लेन ट्रायल रन के लिए शुरू होने के बाद यातायात का दबाव कम हुआ है। साथ ही जगन्नाथपुरा, ताथेड़ ऑयल डिपो, कराड़िया, सीमल्या और गढ़ेपान सहित कई स्थानों पर रोड लाइटिंग शुरू कर दी गई है तथा शेष सात स्थानों पर भी जल्द बिजली कनेक्शन देकर लाइटें चालू कर दी जाएंगी। सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र नागर ने बताया कि शहर के तीन दुर्घटना संभावित स्थानों पर मोटरसाइकिल एम्बुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव मिशन निदेशक, एनएचएम को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि 15 जून से आयोजित नेत्र जांच शिविरों में 50 वाहन चालकों की आंखों की जांच भी की जा चुकी है। बैठक में एडीएम सिटी विनोद कुमार मल्होत्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश मीणा, यातायात पुलिस उपाधीक्षक अशोक मीणा, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जे.पी. गुप्ता, जिला परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा सहित पुलिस, परिवहन, जेवीवीएनएल, केडीए और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- दो दिवसीय दौरे पर कोटा पहुंचे राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, सर्किट हाउस में हुआ भव्य स्वागत राज्यपाल का कोटा दौरा. राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को कोटा पहुंचे। सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और प्रशासनिक अधिकारियों व विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। गुरुवार को राज्यपाल कृषि एवं ऑर्गेनिक फार्मिंग से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेंगे। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े बुधवार को कोटा पहुंचे, जहां सर्किट हाउस में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, आईजी कोटा रेंज हरेंद्र महावर, जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, पुलिस अधीक्षक शहर तेजस्वनी गौतम सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी और कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी राज्यपाल को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। राज्यपाल के गुरुवार के कार्यक्रम भी तय हैं। सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर वे जाखोड़ा स्थित श्री राम शान्ताय ऑर्गेनिक फार्मिंग रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर सियाम ऑडिटोरियम में आयोजित कृषि विश्वविद्यालय, कोटा के कार्यक्रम में शामिल होंगे और कृषि एवं नवाचार से जुड़े विषयों पर संवाद करेंगे। (राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े / कार्यक्रम स्थल के विजुअल) राज्यपाल के दो दिवसीय कोटा प्रवास को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुरुवार को उनके दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ कार्यक्रम स्थलों पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।4
- सतगुरु के पदचिन्हों पर चलने वाले के जीवन में खुशियां रहती हैं-निरंकारी महिला समागम निरंकारी. महिला समागम में महिलाओं के सम्मान और सतगुरु के पदचिन्हों पर चलने की सीख देते हुए कहा कि इस से जीवन में शांति सुकून और खुशियां मिलती हैं।1
- अब पेपर लीक माफिया की ख़ैर नहीं, लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास। इसमें 7 साल की सजा, 10करोड़ तक का जुर्माना...1
- कोटा सिटी डिजिटल मीडिया न्यूज कोटा सिटी डिजिटल मीडिया न्यूज1
- जयपुर में VVIP कल्चर का फिर दिखा अमानवीय चेहरा: बारिश में यात्री शेड में खड़े लोगों को पुलिस ने बाहर भगाया जयपुर: राजधानी में वीआईपी मूवमेंट के नाम पर आम जनता को परेशान करने और पुलिस की संवेदनहीनता का एक और मामला सामने आया है। जयपुर में वीआईपी (VIP) काफिला गुजरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने तैनात पुलिसकर्मियों ने बारिश से बचने के लिए यात्री शेड में शरण लिए आम लोगों को बाहर खदेड़ दिया। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के मुताबिक, शहर के एक व्यस्त मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और पूरे रास्ते पुलिस बल तैनात था। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रास्ते से गुजर रहे राहगीर और आम लोग खुद को भीगने से बचाने के लिए पास में बने यात्री शेड (Bus Shelter) के नीचे जाकर खड़े हो गए। हालांकि, सुरक्षा का हवाला देते हुए वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से तुरंत हटने को कहा। जब लोगों ने बारिश रुकने तक वहीं खड़े रहने की गुजारिश की, तो आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन उन्हें शेड से बाहर निकाल दिया और बारिश में भीगने पर मजबूर कर दिया। जनता में भारी आक्रोश और VVIP कल्चर पर सवाल सोशल मीडिया और आम जनता के बीच इस घटना का वीडियो/जानकारी सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस के इस रवैये को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया है। जनता का सवाल: "क्या आम नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से बढ़कर नेताओं और अधिकारियों का काफिला है?" सुरक्षा के नाम पर संवेदनहीनता: लोगों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाना पुलिस का काम है, लेकिन बारिश में यात्री शेड जैसी सार्वजनिक सुविधा से लोगों को खदेड़ना अधिकारियों की संवेदनहीनता को दर्शाता है। फिलहाल इस मामले पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर राजस्थान में वीआईपी कल्चर और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से संवाद कर खुशी से झूमीं कोटा की छात्रा भाविका कोटा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को भरतपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सियाम ऑडिटोरियम में वर्चुअल प्रसारण के दौरान मल्टीपरपज स्कूल कोटा की 12वीं की छात्रा भाविका से संवाद किया। सुनिए मुख्यमंत्री से बात करने के बाद खुश भाविका ने क्या कहा।2
- भोपाल में किसान आंदोलन ने पकड़ा जोर, सीएम हाउस की तरफ बढे, बेरिकेड्स तोड़े एमपी की राजधानी भोपाल में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले हजारों किसानों ने मूंग की 100% सरकारी खरीद और खाद वितरण में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर डेरा डाल दिया है: सीएम हाउस की तरफ बढ़ रहे किसानों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़े, सड़कों पर ही खाना बनाया और खुले आसमान के नीचे रात बिताने के लिए बिस्तर लगा लिए...1