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मध्यप्रदेश शासन के निर्देश पर, भिण्ड जिला प्रशासन, जिला रोजगार कार्यालय आई०टी०आई० भिण्ड और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा एक 'युवा संगम' मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में रोजगार, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए गए, जिसका आयोजन बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे शासकीय एम०जे०एस० महाविद्यालय में हुआ। इस 'युवा संगम' रोजगार मेले में कुल 153 इच्छुक युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया। इसमें भाग लेने वाली 06 कंपनियों द्वारा 122 आवेदकों का प्राथमिक स्तर पर चयन किया गया।
Arjun bhardwaj
मध्यप्रदेश शासन के निर्देश पर, भिण्ड जिला प्रशासन, जिला रोजगार कार्यालय आई०टी०आई० भिण्ड और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा एक 'युवा संगम' मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में रोजगार, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए गए, जिसका आयोजन बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे शासकीय एम०जे०एस० महाविद्यालय में हुआ। इस 'युवा संगम' रोजगार मेले में कुल 153 इच्छुक युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया। इसमें भाग लेने वाली 06 कंपनियों द्वारा 122 आवेदकों का प्राथमिक स्तर पर चयन किया गया।
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- वरिष्ठ समाजसेवी और छात्र-छात्राओं को लगातार मार्गदर्शन देने वाले "हेल्प गुरु" प्रमोद राजावत ने जन जागरण के उद्देश्य से एक फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस मॉक ड्रिल का मुख्य लक्ष्य लोगों को यह बताना था कि आग लगने पर क्या-क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए और फायर उपकरणों का सही ढंग से कैसे इस्तेमाल किया जाए।1
- बुधवार दोपहर करीब 12 बजे संत समाज, पूर्व सैनिकों और समाजसेवियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ग्वालियर-भिंड-इटावा मार्ग के निर्माण कार्य की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार न होने पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अपर कलेक्टर से मार्ग निर्माण की डीपीआर तैयार किए जाने की वर्तमान स्थिति और इसकी प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि सड़क निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी के मद्देनजर, उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई कर इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने की अपील की।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी विजिलेंस मेरठ की टीम ने मंडी सचिव नहर सिंह को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पूरे मंडी प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, मंडी सचिव नहर सिंह पर आरोप है कि वह मंडी में कारोबार करने वाले आढ़तियों से हर महीने ₹20 हजार की अवैध वसूली करता था। कथित रूप से रिश्वतखोरी और दबाव बनाकर धन उगाही की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं, जिससे परेशान होकर आढ़ती अतुल गुप्ता ने एंटी विजिलेंस मेरठ से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद, विजिलेंस टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। जैसे ही नहर सिंह ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत ली, मौके पर पहले से तैनात टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नहर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस अवैध वसूली के नेटवर्क में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं था। इस कार्रवाई के बाद मंडी क्षेत्र के व्यापारियों और आढ़तियों में इस पर खूब चर्चा हो रही है। विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- इटावा जनपद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया एक विवादित व्यक्ति को समर्थन देने के कारण सवालों के घेरे में आ गए हैं, जिससे जनता में रोष व्याप्त है। सैफई निवासी इस व्यक्ति पर महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने और समाज के विभिन्न वर्गों का अपमान करने के आरोप लगते रहे हैं। यूट्यूबर रिचा तिवारी और पत्रकार आशीष बाजपेई से जुड़े विवादों में भी इस व्यक्ति का नाम सुर्खियों में रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भाजपा महिला सम्मान और सामाजिक न्याय की बात करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाले जनप्रतिनिधियों को ऐसी विवादित छवि वाले व्यक्तियों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में गहरी नाराजगी और रोष का माहौल है। जनता की मांग है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपने समर्थन और सार्वजनिक संदेशों के प्रति अधिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए, ताकि समाज में एक सकारात्मक संदेश जाए।1
- आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने और जुलूस की तैयारियों को लेकर मंगलवार को गोहद में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जनपद पंचायत सभागार गोहद में लगभग 5 बजे संपन्न हुई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न ताजिया समितियों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान, अधिकारियों ने मोहर्रम ताजिया जुलूस के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक इंतजामों पर विस्तार से चर्चा की।1
- मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने बुधवार सुबह 11 बजे भिंड में भाजपा सरकार द्वारा घोषित प्रदेश कार्यसमिति की नई कार्यकारिणी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कई गुटों में बंटी हुई है और कार्यकारिणी में पदों के वितरण से सभी नेताओं को संतुष्टि मिलना संभव नहीं है। शर्मा ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई अलग-अलग गुट भाजपा में सक्रिय हैं, जिससे संगठन में नियुक्त किए गए नेताओं के बीच असंतोष पैदा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ और नेतृत्व क्षमता वाले नेताओं को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश के दो प्रमुख नेता अपने कार्यों के बजाय, भ्रष्टाचार और जमीन से जुड़े कथित घोटालों के कारण मीडिया की सुर्खियों में हैं। उन्होंने बताया कि एक बड़े समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में इन मामलों का खुलासा किया गया है, जिससे जनता के सामने उनकी सच्चाई उजागर हुई है। स्वदेश शर्मा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार जनता के मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, जबकि प्रदेश में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और विकास से जुड़े सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह जनता के प्रति अपनी जवाबदेही तय करे और उठ रहे आरोपों पर स्पष्ट स्थिति सामने रखे। कांग्रेस प्रवक्ता के इस बयान के बाद प्रदेश की नई भाजपा कार्यकारिणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दोना निर्माण फैक्ट्री से सामने आई तस्वीरों और खुलासों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में एक दर्जन से अधिक मजदूरों को कथित बंधन और गंभीर प्रताड़ना की स्थिति से मुक्त कराया गया है, जिनकी हालत देखकर अधिकारियों तक के रोंगटे खड़े हो गए। इस पूरे अभियान का नेतृत्व मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय वर्मा ने किया, जो स्वयं मौके पर पहुंचे और मजदूरों की स्थिति को 'बेहद गंभीर और संवेदनशील' मामला बताया। उन्होंने छापेमारी के दौरान बरामद किए गए कथित प्रताड़ना उपकरणों की भी मौके पर जांच की। एसएसपी संजय वर्मा के निर्देशन में पुलिस टीम ने पीड़ित मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री संचालक अंकित बालियान पर आरोप है कि उसने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से मजदूरों को ₹12,000 मासिक वेतन और बेहतर रोजगार का झांसा देकर बुलाया था, लेकिन फैक्ट्री पहुँचने के बाद इन मजदूरों की जिंदगी कैदखाने में बदल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मजदूरों से दिन-रात काम कराया जाता था और काम खत्म होने के बाद उन्हें फैक्ट्री परिसर में बने कमरों में बंद कर दिया जाता था, जहाँ से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। मजदूरों का आरोप है कि जरा सी गलती या विरोध पर उन्हें बेरहमी से पीटा जाता था। मुक्त कराए गए कई मजदूरों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं; किसी के हाथ-पैर सूजे हुए थे तो किसी की पीठ और शरीर पर पुराने जख्मों के निशान दिखाई दिए। कई मजदूर इतने भयभीत थे कि शुरुआत में वे खुलकर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें दिनभर की कड़ी मेहनत के बदले केवल एक बार भोजन दिया जाता था, जिसमें अक्सर चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च ही मिलती थी। पर्याप्त भोजन और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में उनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस को ऐसे उपकरण भी मिले हैं, जिनके बारे में आशंका जताई जा रही है कि उनका इस्तेमाल मजदूरों को डराने-धमकाने और प्रताड़ित करने के लिए किया जाता था। बरामद सामग्री को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है, और एसएसपी संजय वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक साक्ष्य को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है: पुलिस को आशंका है कि कथित प्रताड़ना और अमानवीय परिस्थितियों के चलते तीन मजदूरों की मौत हुई है। इनमें से एक मृतक की पहचान कर ली गई है, जबकि अन्य मामलों की भी गहन जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मौतों के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या इनमें किसी आपराधिक साजिश की भूमिका रही। एसएसपी संजय वर्मा ने स्पष्ट किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पीड़ित मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसएसपी ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल श्रम कानूनों के उल्लंघन का है, बल्कि मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आने की संभावना है।1
- इटावा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹15 लाख नकद भी बरामद किए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में दबंगई का एक मामला सामने आया है, जहाँ पिता और पुत्र पर हमला किया गया है। इस घटना में घायल हुए एक व्यक्ति को उपचार के लिए पीजीआई सैफई रेफर किया गया है।1