सूमर कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद विद्यालय परिसर पूरी तरह से जलमग्न हो गया। मुख्य प्रांगण में पानी भर जाने के कारण विद्यार्थियों को कक्षाओं तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं पानी के बीच से होकर विद्यालय पहुंचे, वहीं कुछ बच्चे भरे हुए पानी में खेलते हुए भी दिखाई दिए। विद्यालय परिसर में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी पूरा मैदान तालाब का रूप ले लेता है। इस जलभराव से विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ भी बढ़ गई हैं। इसे देखते हुए, ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि विद्यालय परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि आगामी बरसात में विद्यार्थियों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। इस मामले पर विद्यालय के प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार पाटोदिया का पक्ष जानने के लिए उनसे मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
सूमर कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद विद्यालय परिसर पूरी तरह से जलमग्न हो गया। मुख्य प्रांगण में पानी भर जाने के कारण विद्यार्थियों को कक्षाओं तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। इस दौरान
कई छात्र-छात्राएं पानी के बीच से होकर विद्यालय पहुंचे, वहीं कुछ बच्चे भरे हुए पानी में खेलते हुए भी दिखाई दिए। विद्यालय परिसर में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी पूरा मैदान तालाब का रूप ले लेता है।
इस जलभराव से विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ भी बढ़ गई हैं। इसे देखते हुए, ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि विद्यालय परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए,
ताकि आगामी बरसात में विद्यार्थियों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। इस मामले पर विद्यालय के प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार पाटोदिया का पक्ष जानने के लिए उनसे मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
- शनिवार सुबह पनवाड़ से बिशनखेड़ी और हरिगढ़ होते हुए बाघेर जाने वाले प्रमुख लिंक मार्ग पर एक विशाल बरगद का पेड़ अचानक धराशायी हो गया। इस घटना के कारण सड़क मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया, जिससे आवागमन करने वाले राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पनवाड़ से झालावाड़ जाने वाले इस मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग घंटों बीच रास्ते में ही फंसे रहे। इस स्थिति को देखते हुए, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े अन्य जर्जर पेड़ों को तत्काल हटवाया जाए। ऐसा करने से भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा और मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से चलता रहेगा।1
- शरीर और मन में पूर्ण लचीलापन लाने के उद्देश्य से कुछ सरल शारीरिक अभ्यासों की जानकारी दी गई है। इनमें आगे की ओर झुकने और ऊपर उठने का अभ्यास, साथ ही हाथों को घुमाने का अभ्यास शामिल है, जो हर व्यक्ति के जीवन में संपूर्ण लचीलापन प्राप्त करने में सहायक हो सकते हैं।1
- भारतीय किसान संघ, रायपुर नगर की मासिक बैठक नगर अध्यक्ष बंकट सुथार की अध्यक्षता में विश्वकर्मा कृषि फार्म, आजमपुर रोड पर आयोजित की गई। इस बैठक में सैटेलाइट सर्वे में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार किसानों की सोयाबीन भूमि और नक्शे में पाई गई कई प्रकार की कमियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। भारतीय किसान संघ के संभाग सहमंत्री मुकेश मेहर ने बताया कि इन कमियों के कारण किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, जिससे उन्हें बहुत अधिक मात्रा में धनराशि का नुकसान हो रहा है। किसानों की इस परेशानी को देखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि भूमि संबंधी इन सभी समस्याओं का समाधान निःशुल्क किया जाए। तहसील अध्यक्ष रामगोपाल पाटीदार ने इस अवसर पर भारतीय किसान संघ को मजबूत करने के लिए ग्राम समितियों को सक्रिय करने की आवश्यकता पर जोर दिया, उनका मानना है कि सक्रिय ग्राम समितियाँ ही किसानों की हर समस्या का समाधान कर सकती हैं। इस बैठक में रामगोपाल पाटीदार, बंकट सुथार, अंकित सेन, दीपक सुथार, सूर्य प्रकाश मेहर, बिहारी लाल, जानकी लाल सुथार, विजय नामदेव और राधेश्याम कारपेंटर सहित कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।2
- राजस्थान के शाहाबाद में मध्य प्रदेश के एक युवक सागर राजपूत और किन्नर सोनू उर्फ रेशमा ने हनुमानजी मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह किया है, जिसे सामाजिक समानता और प्रेम का एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। यह अनोखी शादी समाज की पुरानी रूढ़िवादी सोच को बदलते हुए एक अनूठी मिसाल पेश कर रही है और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। बारां जिले के शाहाबाद उपखंड के देवरी निवासी किन्नर सोनू उर्फ रेशमा और मध्य प्रदेश के गुना जिले के कोलीपुरा निवासी सागर राजपूत पिछले एक वर्ष से साथ रह रहे थे। इस दौरान दोनों के बीच प्यार पनपा और वे एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी बने। जब सागर ने रेशमा के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, तो रेशमा शुरुआत में सामाजिक बंधनों और लोगों की सोच को लेकर थोड़ा झिझकीं, लेकिन आखिरकार दोनों ने समाज की परवाह किए बिना जीवनभर साथ निभाने का फैसला किया। दोनों ने आपसी सहमति से शाहाबाद कस्बे के हनुमानजी मंदिर प्रांगण में विवाह किया। पंडित लखन लाल शर्मा ने वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ शादी की रस्में पूरी करवाईं, जिसमें सागर और रेशमा ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर एक-दूसरे को पति-पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इस भावुक पल के गवाह किन्नर रेशमा के परिजन और कुछ खास मित्र बने, जिन्होंने नवदम्पति को आशीर्वाद दिया। शादी के बाद किन्नर रेशमा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सागर ने उनसे शादी करके समाज को एक बहुत बड़ा और सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने यह साबित किया है कि पुरानी और रूढ़िवादी सोच से ऊपर उठकर किन्नरों को भी समाज में बराबरी का हक और एक गरिमापूर्ण जीवन दिया जा सकता है। यह शादी शाहाबाद कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक सोच में बदलाव की दिशा में एक अलग पहल के रूप में देखी जा रही है, जो यह संदेश देती है कि आपसी सम्मान, विश्वास और सहमति किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होती है।4
- बकानी तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। तहसील क्षेत्र के रिछवा में, पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुँची टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से रास्ते पर किए गए अतिक्रमण को हटाया। इस कार्रवाई के बाद रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात के लिए फिर से खुलवा दिया गया।1
- गामच्छ गांव में विकास के दावों की हकीकत मुक्तिधाम तक जाने वाले मार्ग पर साफ दिखाई देती है, जहाँ ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खंड मुख्यालय केशवरायपाटन से सटे इस गांव में मुक्तिधाम तक पहुँचने का रास्ता कीचड़ और दलदल से भरा रहता है। हैरानी की बात यह है कि यहाँ बारिश होने के बावजूद मार्ग कीचड़ से सना रहता है, और ग्रामीण बिना बारिश के भी कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं, जिससे शवयात्रा निकालना भी मुश्किल हो जाता है। यह बदहाल स्थिति वर्षों से नहीं सुधरी है, और प्रशासन की लगातार अनदेखी के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी बढ़ती जा रही है।2
- सूमर कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार रात हुई बारिश के बाद विद्यालय परिसर पूरी तरह से जलमग्न हो गया। मुख्य प्रांगण में पानी भर जाने के कारण विद्यार्थियों को कक्षाओं तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई छात्र-छात्राएं पानी के बीच से होकर विद्यालय पहुंचे, वहीं कुछ बच्चे भरे हुए पानी में खेलते हुए भी दिखाई दिए। विद्यालय परिसर में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी पूरा मैदान तालाब का रूप ले लेता है। इस जलभराव से विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ भी बढ़ गई हैं। इसे देखते हुए, ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि विद्यालय परिसर में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि आगामी बरसात में विद्यार्थियों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। इस मामले पर विद्यालय के प्रधानाचार्य महेंद्र कुमार पाटोदिया का पक्ष जानने के लिए उनसे मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।4
- सांगोद-जोलपा मार्ग पर एक भयानक कार हादसा सामने आया है, जहां एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना के चलते तस्करों की पोल खुल गई है।1