बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग बोरदेही (बैतूल)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की उपतहसील बोरदेही बस्ती स्थित पुराना शासकीय हाई स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं है, लेकिन इसकी जर्जर स्थिति आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरा बन गई है। विशेषकर बारिश के मौसम में भवन का कोई भी हिस्सा गिर सकता है, जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर भवन का शीघ्र ध्वस्तीकरण (डिस्मेंटल) कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही परिसर को सुरक्षित बनाकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। ध्वस्तीकरण के बाद ग्राम पंचायत को मिल सकता है बड़ा लाभ ग्रामीणों का मानना है कि खंडहर हो चुके इस भवन को हटाने के बाद उपलब्ध शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। पर्याप्त जगह होने के कारण यहां नए शासकीय भवनों का निर्माण कराया जा सकता है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि इस स्थान पर बैंक, डाकघर, अन्य शासकीय कार्यालय या जनसुविधा केंद्र जैसी आवश्यक संस्थाओं की स्थापना की जाए, जिससे ग्राम पंचायत बोरदेही के विकास को गति मिले और क्षेत्र के लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अनुपयोगी पड़े इस खंडहर भवन को हटाकर यदि नए शासकीय कार्यालयों या सार्वजनिक उपयोग के भवनों का निर्माण किया जाता है, तो इससे ग्राम पंचायत को भी लाभ मिलेगा और क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही यह भूमि विकास कार्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग बोरदेही (बैतूल)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की उपतहसील बोरदेही बस्ती स्थित पुराना शासकीय हाई स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं है, लेकिन इसकी
जर्जर स्थिति आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरा बन गई है। विशेषकर बारिश के मौसम में भवन का कोई भी हिस्सा गिर सकता है, जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर भवन का शीघ्र ध्वस्तीकरण (डिस्मेंटल) कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही परिसर को सुरक्षित बनाकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते
प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। ध्वस्तीकरण के बाद ग्राम पंचायत को मिल सकता है बड़ा लाभ ग्रामीणों का मानना है कि खंडहर हो चुके इस भवन को हटाने के बाद उपलब्ध शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। पर्याप्त जगह होने के कारण यहां नए शासकीय भवनों का निर्माण कराया जा सकता है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि इस स्थान पर बैंक, डाकघर, अन्य शासकीय कार्यालय या जनसुविधा केंद्र जैसी आवश्यक
संस्थाओं की स्थापना की जाए, जिससे ग्राम पंचायत बोरदेही के विकास को गति मिले और क्षेत्र के लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अनुपयोगी पड़े इस खंडहर भवन को हटाकर यदि नए शासकीय कार्यालयों या सार्वजनिक उपयोग के भवनों का निर्माण किया जाता है, तो इससे ग्राम पंचायत को भी लाभ मिलेगा और क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही यह भूमि विकास कार्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
- बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग बोरदेही का पुराना शासकीय हाई स्कूल बना खंडहर, ग्रामीणों ने की ध्वस्तीकरण की मांग बोरदेही (बैतूल)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की उपतहसील बोरदेही बस्ती स्थित पुराना शासकीय हाई स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुका है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं है, लेकिन इसकी जर्जर स्थिति आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए खतरा बन गई है। विशेषकर बारिश के मौसम में भवन का कोई भी हिस्सा गिर सकता है, जिससे जनहानि की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जर्जर भवन का शीघ्र ध्वस्तीकरण (डिस्मेंटल) कराया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही परिसर को सुरक्षित बनाकर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उचित कार्रवाई नहीं की, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। ध्वस्तीकरण के बाद ग्राम पंचायत को मिल सकता है बड़ा लाभ ग्रामीणों का मानना है कि खंडहर हो चुके इस भवन को हटाने के बाद उपलब्ध शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। पर्याप्त जगह होने के कारण यहां नए शासकीय भवनों का निर्माण कराया जा सकता है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि इस स्थान पर बैंक, डाकघर, अन्य शासकीय कार्यालय या जनसुविधा केंद्र जैसी आवश्यक संस्थाओं की स्थापना की जाए, जिससे ग्राम पंचायत बोरदेही के विकास को गति मिले और क्षेत्र के लोगों को विभिन्न सरकारी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अनुपयोगी पड़े इस खंडहर भवन को हटाकर यदि नए शासकीय कार्यालयों या सार्वजनिक उपयोग के भवनों का निर्माण किया जाता है, तो इससे ग्राम पंचायत को भी लाभ मिलेगा और क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। साथ ही यह भूमि विकास कार्यों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।4
- कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनीं 18 आवेदकों की समस्याएं, दिए त्वरित निराकरण के निर्देश पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष पांढुर्णा में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान जिलेभर से आए 18 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित तथा नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान आमजन ने अपनी विभिन्न व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने पूरी गंभीरता के साथ सभी मामलों को सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का तथ्यात्मक परीक्षण करते हुए पात्र मामलों का शीघ्र एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान प्राप्त हुए प्रमुख आवेदनों में आपसी विवाद एवं मारपीट की शिकायत, भूमि के खसरा नंबर 11 एवं 13/9 के नक्शा दुरुस्ती व नामांतरण संबंधी 13 वर्षों से लंबित प्रकरण, भूमि पर स्थित सागौन के वृक्षों की कटाई की अनुमति, प्लास्टर ऑफ पेरिस से प्रतिमाओं के निर्माण संबंधी शिकायत, कृषि भूमि का पृथक विभाजन, ग्राम अंबाडा के साप्ताहिक बाजार में अतिक्रमण हटाने व आजीविका की सुरक्षा, विद्युत विभाग में दिवंगत कर्मचारी की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति, न्यायालयीन प्रकरण में प्रक्रियागत अनियमितता की शिकायत, विद्यार्थियों के समूह का सांदीपनी विद्यालय में स्थानांतरण, साइलेज निर्माण परियोजना की अनुदान राशि का भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता सूची में कथित अनियमितता की जांच तथा ग्राम सिवनी में स्थायी आधार नामांकन एवं अद्यतन केंद्र स्थापित किए जाने से जुड़े विषय शामिल रहे। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई शासन की एक बेहद महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी व्यवस्था है, जिसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से समाधान किया जाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर सुश्री नेहा सोनी, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा, एसडीएम पांढुर्णा श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री विनय प्रकाश ठाकुर और प्रभारी तहसीलदार पांढुर्णा सुश्री प्रेक्षा पाठक सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।1
- भैंसदेही जन सुनाई बनी औपचारिकता आवेदनों पर नहीं हो रही कोई कार्रवाई भैंसदेही आए दिन हर मंगलवार के दिन लोग अपना काम धंधा छोड़ परेशान होकर अपनी समस्याओं के लिए आवेदन देने आते हैं लेकिन उस आवेदन पर निराकरण नहीं हो पता जैसे कोर्ट में तारीख पर तारीख दी जाती है जैसे ही जनसुनवाई में भी तारीख पर तारीख की दी जा रही है जहे किसी भी विभाग का मामला हो कोई भी सुनवाई नहीं होती आए दिन लगातार राजस्व विभाग के मामले भी लगभग एक-दो साल से पेंडिंग पड़े हैं उसे पर भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है3
- धार्मिक स्थल गुरैया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के अंतर्गत श्री पीतांबरा बगलामुखी मंदिर धार्मिक स्थल गुरैया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया एवं नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।1
- बलात्कार के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, कोतवाली पुलिस ने भेजा जेल महिला संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देशों के तहत पुलिस की कार्रवाई, न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल बैतूल। महिला संबंधी गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देशों के तहत कोतवाली पुलिस ने बलात्कार के मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी बैतूल अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को पीड़िता की शिकायत पर थाना कोतवाली में आरोपी अलकेश उईके के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 599/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। जांच के दौरान आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार होने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर 27 जुलाई 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अलकेश पिता शुकु उईके (29 वर्ष), निवासी ग्राम चिल्लोर, थाना मोहदा, जिला बैतूल के रूप में हुई है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक बसंत उईके, प्रधान आरक्षक दीवान सिंह तथा आरक्षक उज्ज्वल दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले किसी भी अपराध, छेड़छाड़, दुष्कर्म, घरेलू हिंसा अथवा अन्य आपराधिक घटनाओं की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाने या डायल 112 पर दें, ताकि पुलिस समय पर कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिला सके और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।2
- भोपाल के ट्रांसफार्मर चोर गिरोह का पर्दाफाश, सांईखेड़ा पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार 2 क्विंटल 38 किलो तांबे की क्वाइल व ₹35 हजार नगद बरामद, एक आरोपी की तलाश जारी बैतूल। जिले में ट्रांसफार्मरों से तांबा चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए सांईखेड़ा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरजिला समन्वय के जरिए भोपाल के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ट्रांसफार्मर से चोरी की गई लगभग 2 क्विंटल 38 किलोग्राम तांबे की क्वाइल तथा ₹35 हजार नगद बरामद किए हैं। जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर जिले में चोरी की घटनाओं की रोकथाम और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपूसे एवं एसडीओपी बैतूल सुश्री अन्नूपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में थाना सांईखेड़ा पुलिस ने थाना टिमरनी (जिला हरदा) पुलिस के सहयोग से इस चोरी का खुलासा किया। निर्माणाधीन कंपनी के ट्रांसफार्मर को बनाया था निशाना पुलिस के अनुसार 8-9 जुलाई 2026 की रात एनएच-47 स्थित आरटीओ बैरियर रायसेड़ा के पास निर्माणाधीन बायोमास कंपनी के लिए लगाए गए नए ट्रांसफार्मर से अज्ञात बदमाश ऑयल और तांबे की क्वाइल चोरी कर ले गए थे। कंपनी के सुपरवाइजर सागर देशमुख की शिकायत पर थाना सांईखेड़ा में अपराध क्रमांक 100/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों से भोपाल तक पहुंची पुलिस विवेचना के दौरान मिले तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम भोपाल पहुंची। जांच में पता चला कि थाना टिमरनी पुलिस ने इसी प्रकार की चोरी के मामले में बबलू, शहजाद उर्फ सलीम और शफीक निवासी भोपाल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर तीनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने सांईखेड़ा क्षेत्र में ट्रांसफार्मर से तांबे की क्वाइल चोरी करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर चोरी की गई तांबे की क्वाइल बरामद कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया। 40 किलो तांबा और ₹35 हजार भी बरामद जांच के दौरान एक अन्य आरोपी सुरजीत पिता कमलकांत मंडल के कब्जे से लगभग 40 किलोग्राम तांबे की क्वाइल एवं ₹35,000 नगद बरामद किए गए। उसे नियमानुसार नोटिस देकर छोड़ा गया। घटना में प्रयुक्त कार पहले ही थाना टिमरनी पुलिस द्वारा जब्त की जा चुकी है। वहीं एक अन्य आरोपी भूरा उर्फ सद्दू की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में निरीक्षक भैयालाल उइके, प्रधान आरक्षक विनय जैसवाल, बलवीर मर्सकोले, देवेन्द्र ठाकुर, राजकुमार धुर्वे, चालक प्रधान आरक्षक रविन्द्र नागले, आरक्षक विनोद साहू, संतराम उइके एवं बबलू धुर्वे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की अपील पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने नागरिकों से अपील की है कि विद्युत ट्रांसफार्मरों, निर्माणाधीन स्थलों एवं सार्वजनिक संपत्तियों के आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तत्काल डायल-112 या निकटतम पुलिस थाने को दें, ताकि चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।2