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बैंकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ मध्य प्रदेश में सावन के महीने में कबडीया यात्रियों की भीड़ भाड़

1 hr ago
user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

बैंकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ मध्य प्रदेश में सावन के महीने में कबडीया यात्रियों की भीड़ भाड़

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  • बैंकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ शासकीय माध्यमिक शाला मातौली की जमीनी हक़ीक़त, जिला प्रशासन की ओर सादर सूचनार्थ। PRO Tikamgarh Jansampark Madhya Pradesh Collector Tikamgarh Vivek Shrotriya Sagar Commissioner Dr Mohan Yadav #tikamgarh #TikamgarhNews
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    बैंकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ 
शासकीय माध्यमिक शाला मातौली की जमीनी हक़ीक़त, जिला प्रशासन की ओर सादर सूचनार्थ। 
PRO Tikamgarh Jansampark Madhya Pradesh Collector Tikamgarh Vivek Shrotriya Sagar Commissioner Dr Mohan Yadav #tikamgarh #TikamgarhNews
    user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    57 min ago
  • कुएं में गिरकर मोर घायल, वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू दिगौड़ा 26 अगस्त टीकमगढ़ जिले के जतारा क्षेत्र के बैदपुर गांव में आज बुधवार को एक कुएं में मोर गिर गया था। वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल मोर को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला और इलाज के लिए जतारा ले जाया गया। जानकारी के अनुसार, जतारा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बैदपुर में खेत मे स्थित कुएं में एक मोर गिर गया था। कुएं में गिरने से मोर की हालत गंभीर हो गई थी। खेत मालिक दीपेश सिंह घोष ने इसकी जानकारी वन विभाग के जतारा ऑफिस में दी गई। वहां से वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से मोर को बाहर निकाला। वन विभाग की टीम मोर को उपचार के लिए जतारा वन विभाग कार्यालय में अपने साथ ले गई है।
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    कुएं में गिरकर मोर घायल, वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

दिगौड़ा 26 अगस्त

टीकमगढ़ जिले के जतारा क्षेत्र के बैदपुर गांव में आज बुधवार को एक कुएं में मोर गिर गया था। वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल मोर को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला और इलाज के लिए जतारा ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार, जतारा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बैदपुर में खेत मे स्थित कुएं में एक मोर गिर गया था। कुएं में गिरने से मोर की हालत गंभीर हो गई थी। खेत मालिक दीपेश सिंह घोष ने इसकी जानकारी वन विभाग के जतारा ऑफिस में दी गई। 

वहां से वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से मोर को बाहर निकाला। वन विभाग की टीम मोर को उपचार के लिए जतारा वन विभाग कार्यालय में अपने साथ ले गई है।
    user_Digoda News
    Digoda News
    Local News Reporter टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • टीकमगढ़ में जश्ने ईद मीलादुन्नवी का जूलूस बड़ी शान शौकत के साथ निकाला जा रहा है
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    टीकमगढ़ में जश्ने ईद मीलादुन्नवी का जूलूस बड़ी शान शौकत के साथ निकाला जा रहा है
    user_Jamil khan
    Jamil khan
    Photographer टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • दशकों पढ़ाया, अब फिर परीक्षा क्यों? TET के विरोध में शिक्षक कांग्रेस का हल्ला बोल 15 से 30 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा ज्ञापन; संज्ञान में नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी। टीकमगढ़। वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के सामने एक बार फिर परीक्षा की बाध्यता का मुद्दा खड़ा हो गया है। 15 से 30 वर्षों तक शासकीय सेवा दे चुके शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने के लिए बाध्य किए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने मंगलवार को आवाज बुलंद की। संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है। शिक्षक कांग्रेस का तर्क है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले अनेक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के तहत 15 से 30 वर्ष पहले हुई थी। इन शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद लगातार सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्षों के अनुभव के आधार पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज मिश्रा ने कहा कि शिक्षक विभिन्न शासकीय नियमों और निर्धारित चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से नियुक्त हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें सेवा करते हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान उन्होंने लगातार अध्यापन कार्य किया और अपने विषय में अनुभव हासिल किया। शिक्षक कांग्रेस का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता और कार्य अनुभव को नजरअंदाज कर फिर से परीक्षा की अनिवार्यता लागू करने से शिक्षकों में असंतोष और मानसिक दबाव की स्थिति बन रही है। ज्ञापन में शिक्षक कांग्रेस ने टीईटी की बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अनुभव और पूर्व में निर्धारित चयन प्रक्रिया को भी महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षकों के हित में सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के बीच बना असमंजस और असंतोष दूर हो सके। शिक्षक कांग्रेस ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संगठन का कहना है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान धीरज मिश्रा, नसीम खान, अमानत उल्ला, हिदायत उल्ला खान, अमर शर्मा, अनुपम दीक्षित, बृजेश मिश्रा, अशोक जैन क्रांतिकारी बल्देवगढ़,रईस खान, अशोक शर्मा, निखिल शर्मा, सदीक मोहम्मद, श्रीमती संगीता यादव,संतोष यादव, संजीव मिश्रा, बृजेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
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    दशकों पढ़ाया, अब फिर परीक्षा क्यों? TET के विरोध में शिक्षक कांग्रेस का हल्ला बोल
15 से 30 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा ज्ञापन; संज्ञान में नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी।
टीकमगढ़। वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के सामने एक बार फिर परीक्षा की बाध्यता का मुद्दा खड़ा हो गया है। 15 से 30 वर्षों तक शासकीय सेवा दे चुके शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने के लिए बाध्य किए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने मंगलवार को आवाज बुलंद की। संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है।
शिक्षक कांग्रेस का तर्क है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले अनेक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के तहत 15 से 30 वर्ष पहले हुई थी। इन शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद लगातार सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्षों के अनुभव के आधार पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है।
संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज मिश्रा ने कहा कि शिक्षक विभिन्न शासकीय नियमों और निर्धारित चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से नियुक्त हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें सेवा करते हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान उन्होंने लगातार अध्यापन कार्य किया और अपने विषय में अनुभव हासिल किया। शिक्षक कांग्रेस का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता और कार्य अनुभव को नजरअंदाज कर फिर से परीक्षा की अनिवार्यता लागू करने से शिक्षकों में असंतोष और मानसिक दबाव की स्थिति बन रही है।
ज्ञापन में शिक्षक कांग्रेस ने टीईटी की बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अनुभव और पूर्व में निर्धारित चयन प्रक्रिया को भी महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षकों के हित में सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के बीच बना असमंजस और असंतोष दूर हो सके।
शिक्षक कांग्रेस ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संगठन का कहना है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन को भी भेजी गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान धीरज मिश्रा, नसीम खान, अमानत उल्ला, हिदायत उल्ला खान, अमर शर्मा, अनुपम दीक्षित, बृजेश मिश्रा, अशोक जैन क्रांतिकारी बल्देवगढ़,रईस खान, अशोक शर्मा, निखिल शर्मा, सदीक मोहम्मद, श्रीमती संगीता यादव,संतोष यादव, संजीव मिश्रा, बृजेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
    user_BHOPAL JILA BURO
    BHOPAL JILA BURO
    पत्रकार टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • खरगापुर में विद्युत विभाग की कार्रवाई, 28 बड़े बकायदारों के कनेक्शन काटे खरगापुर में विद्युत विभाग की कार्रवाई, 28 बड़े बकायदारों के कनेक्शन काटे खरगापुर। विद्युत बिलों की बकाया राशि वसूली को लेकर विद्युत वितरण केंद्र खरगापुर द्वारा मंगलवार को नगर के विभिन्न मोहल्लों में कार्रवाई की गई। विभागीय टीम ने खरगापुर की अलग-अलग कॉलोनियों सहित कच्छयात, सोनी मोहल्ला, टंकी मोहल्ला एवं नायक कॉलोनी में विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करने वाले 28 बड़े बकायदार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई की। वहीं, विद्युत विभाग की टीम ने मीटर से पहले सर्विस लाइन में कट लगाकर अवैध रूप से विद्युत का उपयोग करते पाए गए उपभोक्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की। ऐसे मामलों में विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत 22 पंचनामे तैयार किए गए। विद्युत विभाग की इस कार्रवाई से बकायदार उपभोक्ताओं में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से समय पर विद्युत बिलों का भुगतान करने तथा अवैध रूप से विद्युत का उपयोग नहीं करने की अपील की गई है।
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    खरगापुर में विद्युत विभाग की कार्रवाई, 28 बड़े बकायदारों के कनेक्शन काटे
खरगापुर में विद्युत विभाग की कार्रवाई, 28 बड़े बकायदारों के कनेक्शन काटे
खरगापुर। विद्युत बिलों की बकाया राशि वसूली को लेकर विद्युत वितरण केंद्र खरगापुर द्वारा मंगलवार को नगर के विभिन्न मोहल्लों में कार्रवाई की गई। विभागीय टीम ने खरगापुर की अलग-अलग कॉलोनियों सहित कच्छयात, सोनी मोहल्ला, टंकी मोहल्ला एवं नायक कॉलोनी में विद्युत बिलों का भुगतान नहीं करने वाले 28 बड़े बकायदार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटने की कार्रवाई की।
वहीं, विद्युत विभाग की टीम ने मीटर से पहले सर्विस लाइन में कट लगाकर अवैध रूप से विद्युत का उपयोग करते पाए गए उपभोक्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की। ऐसे मामलों में विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत 22 पंचनामे तैयार किए गए।
विद्युत विभाग की इस कार्रवाई से बकायदार उपभोक्ताओं में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से समय पर विद्युत बिलों का भुगतान करने तथा अवैध रूप से विद्युत का उपयोग नहीं करने की अपील की गई है।
    user_रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
    रिपोर्टधर्मेंद्र सिंह लोधी
    बलदेवगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शराब के नशे में धुत स्कूल पहुंचे शिक्षक पर कलेक्टर की गिरी कार्रवाई की जांच तत्काल निलंबित शराब के नशे में धुत्त स्कूल पहुंचे शिक्षक पर कलेक्टर की गिरीं कार्रवाई की गाज, तत्काल निलंबन टीकमगढ़। बच्चों को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और विद्यार्थियों व अभिभावकों से गाली-गलौज करने के आरोप जांच में सही पाए जाने के बाद कलेक्टर ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला अब शिक्षक के निलंबन तक पहुंच गया है। मामला शासकीय प्राथमिक शाला ढड़कना, संकुल केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहर का है। जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ के प्रतिवेदन और विकासखंड शिक्षा अधिकारी बल्देवगढ़ की जांच के आधार पर शिक्षक देवेन्द्र श्रीवास्तव के विरुद्ध कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट में ग्रामीणों के कथन एवं पंचनामा के आधार पर सामने आया कि शिक्षक शराब के नशे में विद्यालय पहुंचे और बच्चों के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि जब बच्चे अपने माता-पिता को लेकर स्कूल पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने को शासकीय सेवक का अशोभनीय एवं नियमों के विपरीत कृत्य मानते हुए कलेक्टर ने सख्त कदम उठाया। आदेश में कहा गया कि शिक्षक का कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-3(1)(2)(3) के प्रतिकूल होकर गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। कलेक्टर के आदेश के अनुसार देवेन्द्र श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय टीकमगढ़ निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। कलेक्टर का यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
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    शराब के नशे में धुत स्कूल पहुंचे शिक्षक पर कलेक्टर की गिरी कार्रवाई की जांच तत्काल निलंबित
शराब के नशे में धुत्त स्कूल पहुंचे शिक्षक पर कलेक्टर की गिरीं कार्रवाई की गाज, तत्काल निलंबन
टीकमगढ़। बच्चों को शिक्षा, संस्कार और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और विद्यार्थियों व अभिभावकों से गाली-गलौज करने के आरोप जांच में सही पाए जाने के बाद कलेक्टर ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला अब शिक्षक के निलंबन तक पहुंच गया है।
मामला शासकीय प्राथमिक शाला ढड़कना, संकुल केंद्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहर का है। जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ के प्रतिवेदन और विकासखंड शिक्षा अधिकारी बल्देवगढ़ की जांच के आधार पर शिक्षक देवेन्द्र श्रीवास्तव के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
जांच रिपोर्ट में ग्रामीणों के कथन एवं पंचनामा के आधार पर सामने आया कि शिक्षक शराब के नशे में विद्यालय पहुंचे और बच्चों के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि जब बच्चे अपने माता-पिता को लेकर स्कूल पहुंचे तो उनके साथ भी अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच कराई।
जांच में आरोप सही पाए जाने को शासकीय सेवक का अशोभनीय एवं नियमों के विपरीत कृत्य मानते हुए कलेक्टर ने सख्त कदम उठाया। आदेश में कहा गया कि शिक्षक का कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-3(1)(2)(3) के प्रतिकूल होकर गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है।
कलेक्टर के आदेश के अनुसार देवेन्द्र श्रीवास्तव को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय टीकमगढ़ निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
कलेक्टर का यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
    user_ब्यूरो पत्रकार सुरेश चौधरी BLG
    ब्यूरो पत्रकार सुरेश चौधरी BLG
    Farmer बलदेवगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर मिदरवाहा। ग्राम पंचायत मिदरवाहा के समीप कुजान घाट पर जामनी नदी का पानी बढ़ने से पुल पानी में डूब गया है। इसके बावजूद राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर नदी के तेज बहाव के बीच से मोटरसाइकिल निकालने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ लोग करीब 50 रुपये लेकर मोटरसाइकिलों को पानी के बीच से निकालने में मदद कर रहे हैं। बरसात के दिनों में कुजान घाट पर पानी बढ़ने से आवागमन की समस्या लगातार बनी रहती है। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग मजबूरी में इस रास्ते से निकल रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मौके पर पहुंचकर आवागमन रोकने और राहगीरों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए। बताया जाता है कि मिदरवाहा और पठा के बीच जामनी नदी पर बने कुजान घाट के रपटे पर बरसात में अक्सर पानी ऊपर से बहने लगता है। इस समस्या को देखते हुए यहां स्थायी पुल की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मौके पर निगरानी बढ़ाने तथा पानी कम होने तक लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करने से रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल डूबने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे राहगीरों की जान खतरे में बनी हुई है। फोटो कैप्शन: कुजान घाट पर जामनी नदी के बढ़े पानी में डूबा रपटा, जोखिम के बीच मोटरसाइकिल निकालते राहगीर।
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    कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर
कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर
मिदरवाहा। ग्राम पंचायत मिदरवाहा के समीप कुजान घाट पर जामनी नदी का पानी बढ़ने से पुल पानी में डूब गया है। इसके बावजूद राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर नदी के तेज बहाव के बीच से मोटरसाइकिल निकालने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ लोग करीब 50 रुपये लेकर मोटरसाइकिलों को पानी के बीच से निकालने में मदद कर रहे हैं।
बरसात के दिनों में कुजान घाट पर पानी बढ़ने से आवागमन की समस्या लगातार बनी रहती है। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग मजबूरी में इस रास्ते से निकल रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मौके पर पहुंचकर आवागमन रोकने और राहगीरों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए।
बताया जाता है कि मिदरवाहा और पठा के बीच जामनी नदी पर बने कुजान घाट के रपटे पर बरसात में अक्सर पानी ऊपर से बहने लगता है। इस समस्या को देखते हुए यहां स्थायी पुल की मांग लंबे समय से की जा रही है।
ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मौके पर निगरानी बढ़ाने तथा पानी कम होने तक लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करने से रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल डूबने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे राहगीरों की जान खतरे में बनी हुई है।
फोटो कैप्शन: कुजान घाट पर जामनी नदी के बढ़े पानी में डूबा रपटा, जोखिम के बीच मोटरसाइकिल निकालते राहगीर।
    user_Akhilesh sahu
    Akhilesh sahu
    Court reporter महरौनी, ललितपुर, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बैंकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ मध्य प्रदेश में सावन के महीने में कबडीया यात्रियों की भीड़ भाड़
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    बैंकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ 
टीकमगढ़ मध्य प्रदेश में सावन के महीने में कबडीया यात्रियों की भीड़ भाड़
    user_मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़
    TV News Anchor टीकमगढ़, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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