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महंगाई के खिलाफ पीपलरावाँ में गरजी कांग्रेस: पुतला फूंका, राहगीरों को शक्कर बांटकर जताया अनोखा विरोध
Sajid Pathan
महंगाई के खिलाफ पीपलरावाँ में गरजी कांग्रेस: पुतला फूंका, राहगीरों को शक्कर बांटकर जताया अनोखा विरोध
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- महंगाई के खिलाफ पीपलरावाँ में गरजी कांग्रेस: पुतला फूंका, राहगीरों को शक्कर बांटकर जताया अनोखा विरोध1
- बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, हाटपिपलिया में फूंका 'महंगाई डायन' का पुतला @मध्यप्रदेश रिपोर्टर: करीम खान देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने हाटपिपलिया में मोर्चा खोल दिया है। हाटपिपलिया नगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विशाल विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने नगर के प्रमुख मार्गों से रैली निकाली और हाथों में कांग्रेस का झंडा लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, शक्कर और खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों पर कार्यकर्ताओं ने भारी आक्रोश जताया। रैली के पश्चात देवगढ़ चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'महंगाई डायन' का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार पर भी आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। रसोई के बजट से मिठास गायब हो गई है। मीडिया से चर्चा में पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष अशोक पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आम जनता के मुंह से निवाला छीना जा रहा है। अगर जल्द दाम कम नहीं किए गए तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेगी। हाटपिपलिया में कांग्रेस का महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन। कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर देवगढ़ चौराहे पर 'महंगाई डायन' का पुतला फूंका। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम कम करने की मांग। बाईट, अशोक पटेल1
- देवास खातेगांव में त्यौहार के एक दिन पहले राजस्व विभाग व खाद्य विभाग ने दूध डेरी और मिठाई दुकानों पर से लिया सैंपल रिपोर्ट का रहेगा इंतजार1
- एक तो महंगाई की मार... ऊपर से नकली माल का प्रहार... यह क्या हो रहा है1
- भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन शाजापुर जिले में धूमधाम से मनाया गया जिलेभर में शुक्रवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में पर्व को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। बहनों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी और उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु की कामना की। रक्षासूत्र बंधवाने के बाद भाइयों ने भी अपनी बहनों की सदैव रक्षा करने का संकल्प लिया और उन्हें उपहार भेंट किए। इस दौरान भाई-बहनों के बीच प्रेम, स्नेह और आत्मीयता का भाव देखने को मिला। रक्षाबंधन को लेकर बाजारों में भी विशेष रौनक रही। राखियों, मिठाइयों, कपड़ों एवं उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। बहनों ने अपनी पसंद की सुंदर राखियां खरीदीं, वहीं मिठाई और उपहारों की भी जमकर खरीदारी हुई। जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भी रक्षाबंधन का पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। दूर रहने वाले भाई-बहन भी इस अवसर पर एक-दूसरे से मिलने पहुंचे। कई परिवारों में वर्षों बाद हुए मिलन ने पर्व की खुशियों को और खास बना दिया। रक्षाबंधन ने एक बार फिर भाई-बहन के रिश्ते में छिपे प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी के भाव को मजबूत किया। पूरे जिले में दिनभर “भाई की कलाई पर सजी राखी, बहन के चेहरे पर दिखी खुशी” का मनमोहक दृश्य देखने को मिला। शुक्रवार शाम 7 बजे बहनों ने भाई को रक्षासूत्र बांधा तो भाई ने उपहार भेंट किए ।1
- संयुक्त मोर्चा ने DEO को सौंपा ज्ञापन; कहा- वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखकर लिया जाए निर्णय ई-अटेंडेंस और TET की अनिवार्यता पर शिक्षकों का विरोध,5 सितंबर को काली पट्टी बांधकर करेंगे काम संयुक्त मोर्चा ने DEO को सौंपा ज्ञापन; कहा- वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखकर लिया जाए निर्णय देवास। ई-अटेंडेंस व्यवस्था और लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए TET परीक्षा की पुनः अनिवार्यता के प्रस्ताव को लेकर शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विभिन्न शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी को ज्ञापन सौंपकर दोनों मामलों में पुनर्विचार की मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित निर्णय नहीं हुआ तो 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे और किसी भी प्रकार का शिक्षक सम्मान ग्रहण नहीं करेंगे। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक समाज राष्ट्र निर्माण के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के संबंध में ऐसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे शिक्षकों में असंतोष है। संयुक्त मोर्चा ने मांग की कि विद्यालय में शिक्षक की उपस्थिति का निर्धारण केवल तकनीकी माध्यम से न किया जाए, बल्कि विद्यालयीन व्यवस्था एवं शिक्षक की वास्तविक उपस्थिति को आधार माना जाए। ज्ञापन में लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत एवं अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा की पुनः अनिवार्यता लागू करने के प्रस्ताव पर भी पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की कार्यक्षमता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।शिक्षा 5 सितंबर को विरोध का निर्णय- संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि यदि शिक्षकों की समस्याओं एवं मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक विरोध स्वरूप हाथ पर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा किसी भी प्रकार का शिक्षक सम्मान ग्रहण नहीं करेंगे। शिक्षकों ने शासन से मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई। ज्ञापन का वाचन ज्योति वडेकर ने किया। आभार पुरुषोत्तमसिंह सिसौदिया ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।1
- भोपाल सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन: सलाखों के पीछे छलके आंसू, सुरक्षा के कड़े साए में बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र1
- मंत्री जी बोले खूब महंगी हो शकर।। बच्चों के लिए कंट्रोल से मिले।। इसके बाद और क्या बोले शकर पर मंत्री जी1