संयुक्त मोर्चा ने DEO को सौंपा ज्ञापन; कहा- वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखकर लिया जाए निर्णय ई-अटेंडेंस और TET की अनिवार्यता पर शिक्षकों का विरोध,5 सितंबर को काली पट्टी बांधकर करेंगे काम संयुक्त मोर्चा ने DEO को सौंपा ज्ञापन; कहा- वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखकर लिया जाए निर्णय देवास। ई-अटेंडेंस व्यवस्था और लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए TET परीक्षा की पुनः अनिवार्यता के प्रस्ताव को लेकर शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विभिन्न शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी को ज्ञापन सौंपकर दोनों मामलों में पुनर्विचार की मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित निर्णय नहीं हुआ तो 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे और किसी भी प्रकार का शिक्षक सम्मान ग्रहण नहीं करेंगे। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक समाज राष्ट्र निर्माण के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के संबंध में ऐसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे शिक्षकों में असंतोष है। संयुक्त मोर्चा ने मांग की कि विद्यालय में शिक्षक की उपस्थिति का निर्धारण केवल तकनीकी माध्यम से न किया जाए, बल्कि विद्यालयीन व्यवस्था एवं शिक्षक की वास्तविक उपस्थिति को आधार माना जाए। ज्ञापन में लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत एवं अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा की पुनः अनिवार्यता लागू करने के प्रस्ताव पर भी पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की कार्यक्षमता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।शिक्षा 5 सितंबर को विरोध का निर्णय- संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि यदि शिक्षकों की समस्याओं एवं मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक विरोध स्वरूप हाथ पर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा किसी भी प्रकार का शिक्षक सम्मान ग्रहण नहीं करेंगे। शिक्षकों ने शासन से मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई। ज्ञापन का वाचन ज्योति वडेकर ने किया। आभार पुरुषोत्तमसिंह सिसौदिया ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
संयुक्त मोर्चा ने DEO को सौंपा ज्ञापन; कहा- वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखकर लिया जाए निर्णय ई-अटेंडेंस और TET की अनिवार्यता पर शिक्षकों का विरोध,5 सितंबर को काली पट्टी बांधकर करेंगे काम संयुक्त मोर्चा ने DEO को सौंपा ज्ञापन; कहा- वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखकर लिया जाए निर्णय देवास। ई-अटेंडेंस व्यवस्था और लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए TET परीक्षा की पुनः अनिवार्यता के प्रस्ताव को लेकर शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विभिन्न शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने शुक्रवार दोपहर 3 बजे जिला शिक्षा अधिकारी राजीव सूर्यवंशी को ज्ञापन सौंपकर दोनों मामलों में पुनर्विचार की मांग की। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित निर्णय नहीं हुआ तो 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे और किसी भी प्रकार का शिक्षक सम्मान ग्रहण नहीं करेंगे। शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षक समाज राष्ट्र निर्माण के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के संबंध में ऐसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं, जिनसे शिक्षकों में असंतोष है। संयुक्त मोर्चा ने मांग की कि विद्यालय में शिक्षक की उपस्थिति का निर्धारण केवल तकनीकी माध्यम से न किया जाए, बल्कि विद्यालयीन व्यवस्था एवं शिक्षक की वास्तविक उपस्थिति को आधार माना जाए। ज्ञापन में लंबे समय से शासकीय सेवा में कार्यरत एवं अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा की पुनः अनिवार्यता लागू करने के प्रस्ताव पर भी पुनर्विचार करने की मांग की गई। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की कार्यक्षमता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाना चाहिए।शिक्षा 5 सितंबर को विरोध का निर्णय- संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि यदि शिक्षकों की समस्याओं एवं मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक विरोध स्वरूप हाथ पर काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा किसी भी प्रकार का शिक्षक सम्मान ग्रहण नहीं करेंगे। शिक्षकों ने शासन से मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेने की अपेक्षा जताई। ज्ञापन का वाचन ज्योति वडेकर ने किया। आभार पुरुषोत्तमसिंह सिसौदिया ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- देवास खातेगांव में त्यौहार के एक दिन पहले राजस्व विभाग व खाद्य विभाग ने दूध डेरी और मिठाई दुकानों पर से लिया सैंपल रिपोर्ट का रहेगा इंतजार1
- एक तो महंगाई की मार... ऊपर से नकली माल का प्रहार... यह क्या हो रहा है1
- *अल्पना सिनेप्लेक्स पर सरकार की कार्रवाई की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट ने अपील की खारिज* भोपाल। लंबे समय से कानूनी दांव-पेच में फंसे राजधानी भोपाल के अल्पना सिनेप्लेक्स मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया है। इसके बाद फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी माना जा रहा है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि सरकार किसी भी तरह की कार्रवाई करने से पहले संबंधित पक्ष को सुनवाई का उचित अवसर दे। मामला लीज पर दी गई जमीन पर बने अल्पना सिनेप्लेक्स से जुड़ा है। सरकार अब इस जमीन और उस पर बने टॉकीज को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में है। हालांकि, कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जा रहा है। *सात दिन का दिया गया समय* प्रशासन की ओर से संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर सात दिन का समय दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि जमीन या सिनेप्लेक्स को लेकर उनके पास कोई दस्तावेज, रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण हैं, तो वे निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत कर सकते हैं। दरअसल, विवाद लीज पर दी गई जमीन के मालिकाना हक के दावे से जुड़ा है। संबंधित कानूनी प्रावधान के मुताबिक, यदि लीजधारक लीज की शर्तों के बजाय जमीन पर अपने टाइटल या मालिकाना हक का दावा करता है, तो उस पर सीधे कार्रवाई करने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना जरूरी है। *दस्तावेजों की जांच के बाद होगी कार्रवाई* भोपाल ADM सुमित कुमार पांडे ने बताया की सात दिन की समय सीमा में संबंधित पक्ष अपना जवाब और दस्तावेज प्रशासन के समक्ष पेश कर सकता है। इसके बाद प्रशासन दस्तावेजों और दावों की जांच करेगा। यदि दावे के समर्थन में पर्याप्त दस्तावेज नहीं पाए जाते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। *बाइट -सुमित कुमार पांडे, ADM भोपाल* 🎤1
- भोपाल गंगा-जमुनी तहज़ीब का एक जीवंत उदाहरण है, जो धर्म की दीवारों से परे इंसानी रिश्तों की अहमियत को दर्शाती है।1
- breaking news उठो मुसलमानों! अपने हक़-हुकूक, अपने फ़रायज़, अपनी शरीयत और अपने दीन के तहफ़्फ़ुज़ के लिए अब आवाज़ बुलंद करने का वक़्त है। तमाम बातिल ताक़तों का इस्तिक़ामत, शुजाअत और बहादुरी के साथ मुकाबला करो। UCC के खिलाफ लोकतांत्रिक और पुरअमन तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करो और इस बिल की पुरज़ोर मज़म्मत करते हुए अपने मज़हबी और संवैधानिक अधिकारों की हिफ़ाज़त के लिए खड़े हो। यह वक़्त खामोशी का नहीं, अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाने का है। मोहसिन अली खान प्रदेश अध्यक्ष, AIMIM मध्य प्रदेश1
- करोड़ों के बंगले बन रहे, बच्चों के लिए टूटी पुलिया नहीं बन रही! दतिया ठंडी सड़क की तस्वीर ने खोली पोल दतिया में टूटी पुलिया और जलभराव से स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश में घुटनों-घुटनों तक पानी के बीच बच्चे जान जोखिम में डालकर स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया।1
- मंत्री जी बोले खूब महंगी हो शकर।। बच्चों के लिए कंट्रोल से मिले।। इसके बाद और क्या बोले शकर पर मंत्री जी1
- भोपाल में सांसद आलोक शर्मा का अनोखा रक्षाबंधन महोत्सव राजधानी भोपाल में सांसद आलोक शर्मा ने रक्षाबंधन के अवसर पर रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया। बड़ी संख्या में भोपाल लोकसभा क्षेत्र की बहनें पहुंचीं और सांसद आलोक शर्मा को राखी बांधकर दुआएं और आशीर्वाद दिया। वहीं, भैया आलोक शर्मा ने भी बहनों से हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का वादा किया। इस दौरान आलोक शर्मा ने खुद गाना गाकर बहनों का स्वागत किया, जिससे उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। बहनों को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा की गईं। भाई-बहन के प्रेम और अपनत्व का यह नजारा देखने लायक रहा। भोपाल में सांसद आलोक शर्मा का अनोखा रक्षाबंधन महोत्सव राजधानी भोपाल में सांसद आलोक शर्मा ने रक्षाबंधन के अवसर पर रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया। बड़ी संख्या में भोपाल लोकसभा क्षेत्र की बहनें पहुंचीं और सांसद आलोक शर्मा को राखी बांधकर दुआएं और आशीर्वाद दिया। वहीं, भैया आलोक शर्मा ने भी बहनों से हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का वादा किया। इस दौरान आलोक शर्मा ने खुद गाना गाकर बहनों का स्वागत किया, जिससे उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। बहनों को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा की गईं। भाई-बहन के प्रेम और अपनत्व का यह नजारा देखने लायक रहा।1
- सब जेल में 37 बंदियों को 94 बहनों ने बाँधी राखी,कई बहने हुई भावुक..1