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सब जेल में 37 बंदियों को 94 बहनों ने बाँधी राखी,कई बहने हुई भावुक..
Govind sharma
सब जेल में 37 बंदियों को 94 बहनों ने बाँधी राखी,कई बहने हुई भावुक..
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- पातालपानी वॉटरफॉल पर फिर लापरवाही, हादसे वाले स्थान पर पहुंच रहे पर्यटक पातालपानी। बारिश के मौसम में पातालपानी वॉटरफॉल का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। निडर भारत न्यूज़ की विशेष टीम ने पातालपानी वॉटरफॉल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वीडियो में दो युवक और एक युवती उस स्थान के पास जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। मौके पर बारिश हो रही थी और पानी का बहाव भी लगातार बदल रहा था। कभी-कभी अचानक तेज बहाव आने की स्थिति बन रही थी। साल 2011 में हरदा के पांच लोगों की पातालपानी में जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद आज भी कुछ पर्यटक चेतावनियों को नजरअंदाज कर खतरनाक स्थानों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह खतरे और सावधानी से जुड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के दौरान झरने के आसपास चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही 2011 जैसी दर्दनाक घटना को दोबारा जन्म दे सकती है। निडर भारत न्यूज़ की अपील: पातालपानी की खूबसूरती का आनंद जरूर लें, लेकिन खतरे की सीमा पार न करें। चेतावनी बोर्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एक वीडियो या सेल्फी आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है। पातालपानी वॉटरफॉल पर फिर लापरवाही, हादसे वाले स्थान पर पहुंच रहे पर्यटक पातालपानी। बारिश के मौसम में पातालपानी वॉटरफॉल का जलस्तर और पानी का बहाव अचानक बढ़ जाता है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। निडर भारत न्यूज़ की विशेष टीम ने पातालपानी वॉटरफॉल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वीडियो में दो युवक और एक युवती उस स्थान के पास जाते दिखाई दे रहे हैं, जहां पहले भी गंभीर हादसा हो चुका है। मौके पर बारिश हो रही थी और पानी का बहाव भी लगातार बदल रहा था। कभी-कभी अचानक तेज बहाव आने की स्थिति बन रही थी। साल 2011 में हरदा के पांच लोगों की पातालपानी में जान चली गई थी। उस दर्दनाक हादसे के बावजूद आज भी कुछ पर्यटक चेतावनियों को नजरअंदाज कर खतरनाक स्थानों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन द्वारा जगह-जगह खतरे और सावधानी से जुड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सेल्फी और वीडियो बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। बारिश के दौरान झरने के आसपास चट्टानें फिसलन भरी हो जाती हैं और पानी का बहाव कुछ ही मिनटों में खतरनाक रूप ले सकता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही 2011 जैसी दर्दनाक घटना को दोबारा जन्म दे सकती है। निडर भारत न्यूज़ की अपील: पातालपानी की खूबसूरती का आनंद जरूर लें, लेकिन खतरे की सीमा पार न करें। चेतावनी बोर्ड और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। एक वीडियो या सेल्फी आपकी जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं है।1
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