दिनांक 01 जून 2026 को, रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा स्थित ग्राम बहेसर और बरतोरी के ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बाद, पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने शौर्य इस्पात, बहेसर और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण पर्यावरण प्रदूषण, अवैध डंपिंग और औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित शिकायतों पर केंद्रित था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं व शिकायतें रखीं। ग्रामीणों ने शिकायत की कि शौर्य इस्पात, बहेसर द्वारा प्लांट मैटेरियल और औद्योगिक अपशिष्ट का कथित रूप से ग्राम बरतोरी क्षेत्र की निजी एवं सरकारी भूमि पर डंपिंग किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बिना उचित अनुमति के इस डंपिंग से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँच रहा है, क्षेत्र में लगातार धूल उड़ने से वायु प्रदूषण बढ़ गया है, जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हो रही हैं। किसानों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उड़ती धूल का प्रभाव कृषि भूमि और फसलों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डंपिंग की वैधता की भी जांच की मांग की। निरीक्षण के दौरान पर्यावरण विभाग की टीम ने डंपिंग स्थलों, प्रभावित क्षेत्रों और संबंधित स्थानों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा कर उनकी शिकायतों को दर्ज किया तथा मौके पर उपलब्ध परिस्थितियों का जायजा लेते हुए आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों का संकलन किया। पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्राप्त तथ्यों को गंभीरता से लिया गया है और पर्यावरणीय नियमों व अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि डंपिंग से संबंधित शिकायतों की विस्तृत जांच की जा रही है और प्रथम दृष्टया पाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित उद्योग प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि अवैध डंपिंग को तत्काल बंद कराया जाए, निजी एवं सरकारी भूमि पर किए गए डंपिंग की निष्पक्ष जांच हो, पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन किया जाए, और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जांच प्रतिवेदन की प्रति सार्वजनिक करने की भी मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी उद्योग का विरोध करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशासन से पर्यावरण और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त जांच कर सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण, अवैध अपशिष्ट डंपिंग और सरकारी भूमि के दुरुपयोग जैसे गंभीर मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन व जनआंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि पर्यावरण विभाग निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करेगा तथा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
दिनांक 01 जून 2026 को, रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा स्थित ग्राम बहेसर और बरतोरी के ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बाद, पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने शौर्य इस्पात, बहेसर और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण पर्यावरण प्रदूषण, अवैध डंपिंग और औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित शिकायतों पर केंद्रित था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं व शिकायतें रखीं। ग्रामीणों ने शिकायत की कि शौर्य इस्पात, बहेसर द्वारा प्लांट मैटेरियल और औद्योगिक अपशिष्ट का कथित रूप से ग्राम बरतोरी क्षेत्र की निजी एवं सरकारी भूमि पर डंपिंग किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बिना उचित अनुमति के इस डंपिंग से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँच रहा है, क्षेत्र में लगातार धूल उड़ने से वायु प्रदूषण बढ़ गया है, जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हो रही हैं। किसानों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उड़ती धूल का प्रभाव कृषि भूमि और फसलों पर
पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डंपिंग की वैधता की भी जांच की मांग की। निरीक्षण के दौरान पर्यावरण विभाग की टीम ने डंपिंग स्थलों, प्रभावित क्षेत्रों और संबंधित स्थानों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा कर उनकी शिकायतों को दर्ज किया तथा मौके पर उपलब्ध परिस्थितियों का जायजा लेते हुए आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों का संकलन किया। पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्राप्त तथ्यों को गंभीरता से लिया गया है और पर्यावरणीय नियमों व अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि डंपिंग से संबंधित शिकायतों की विस्तृत जांच की जा रही है और प्रथम दृष्टया पाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित उद्योग प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि अवैध डंपिंग को तत्काल बंद कराया जाए, निजी एवं सरकारी भूमि पर किए गए डंपिंग की निष्पक्ष जांच हो, पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन किया जाए,
और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जांच प्रतिवेदन की प्रति सार्वजनिक करने की भी मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी उद्योग का विरोध करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशासन से पर्यावरण और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त जांच कर सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण, अवैध अपशिष्ट डंपिंग और सरकारी भूमि के दुरुपयोग जैसे गंभीर मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन व जनआंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि पर्यावरण विभाग निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करेगा तथा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा द्वारा तिल्दा-नेवरा स्थित नगर पालिका उद्यान में नशा मुक्ति पर एक विशेष चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश हरिरामानी और नगर पालिका तिल्दा के सीएमओ अमिताभ शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रदर्शनी में तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों को चित्रों, पोस्टरों और वैज्ञानिक तथ्यों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं और अभिभावकों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्य अतिथि डॉ. सुरेश हरिरामानी ने जोर दिया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज को नशामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं, सीएमओ अमिताभ शर्मा ने सुझाव दिया कि यदि ऐसी जानकारी शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से दी जाए, तो युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सकता है। ब्रह्माकुमारीज़ तिल्दा की मुख्य संचालिका बीके प्रियंका ने बताया कि तंबाकू में निकोटिन, कैडमियम और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे हानिकारक तत्व होते हैं, जो शरीर को धीरे-धीरे गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति की मानसिक शक्ति को बढ़ाकर उसे तंबाकू, शराब और अन्य व्यसनों से मुक्त होने में सहायता करता है। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित लोगों को नशा न करने और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया। इसके साथ ही, राजयोग मेडिटेशन और आध्यात्मिक जीवनशैली के बारे में भी जानकारी साझा की गई। इस चित्र प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य तंबाकू और शराब के दुष्प्रभावों को बताना और राजयोग मेडिटेशन को नशा छोड़ने का एक प्रभावी माध्यम प्रस्तुत करना था।2
- दिनांक 01 जून 2026 को, रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा स्थित ग्राम बहेसर और बरतोरी के ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों की शिकायतों के बाद, पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने शौर्य इस्पात, बहेसर और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण पर्यावरण प्रदूषण, अवैध डंपिंग और औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित शिकायतों पर केंद्रित था। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं व शिकायतें रखीं। ग्रामीणों ने शिकायत की कि शौर्य इस्पात, बहेसर द्वारा प्लांट मैटेरियल और औद्योगिक अपशिष्ट का कथित रूप से ग्राम बरतोरी क्षेत्र की निजी एवं सरकारी भूमि पर डंपिंग किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बिना उचित अनुमति के इस डंपिंग से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँच रहा है, क्षेत्र में लगातार धूल उड़ने से वायु प्रदूषण बढ़ गया है, जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हो रही हैं। किसानों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उड़ती धूल का प्रभाव कृषि भूमि और फसलों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने डंपिंग की वैधता की भी जांच की मांग की। निरीक्षण के दौरान पर्यावरण विभाग की टीम ने डंपिंग स्थलों, प्रभावित क्षेत्रों और संबंधित स्थानों का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा कर उनकी शिकायतों को दर्ज किया तथा मौके पर उपलब्ध परिस्थितियों का जायजा लेते हुए आवश्यक जानकारी और दस्तावेजों का संकलन किया। पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्राप्त तथ्यों को गंभीरता से लिया गया है और पर्यावरणीय नियमों व अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि डंपिंग से संबंधित शिकायतों की विस्तृत जांच की जा रही है और प्रथम दृष्टया पाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित उद्योग प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि अवैध डंपिंग को तत्काल बंद कराया जाए, निजी एवं सरकारी भूमि पर किए गए डंपिंग की निष्पक्ष जांच हो, पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन किया जाए, और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जांच प्रतिवेदन की प्रति सार्वजनिक करने की भी मांग की। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी उद्योग का विरोध करना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशासन से पर्यावरण और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त जांच कर सच्चाई सामने लाने का आग्रह किया। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जांच के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण, अवैध अपशिष्ट डंपिंग और सरकारी भूमि के दुरुपयोग जैसे गंभीर मुद्दों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन व जनआंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि पर्यावरण विभाग निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करेगा तथा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।3
- नवापारा में गौवंश के साथ कथित रूप से किए गए एक अमानवीय और घृणित कृत्य को लेकर हिंदू संगठनों और गौभक्तों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस गंभीर मामले को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोपी के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना 31 मई 2026 की रात लगभग 1 बजे गोबरा नवापारा स्थित काली मंदिर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति अपनी बाइक से उतरकर सड़क किनारे खड़ी गाय के साथ आपत्तिजनक कृत्य करता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसके सामने आने के बाद लोगों में रोष फैल गया है। शिकायतकर्ताओं ने फुटेज में दिख रही हरकतों को गौवंश के प्रति क्रूरता और अमानवीय व्यवहार बताया है, साथ ही यह भी कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, ऐसे में यह कृत्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं को भी आहत करता है। सोशल मीडिया पर भी लोग ऐसे घृणित व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की शीघ्र पहचान कर उसके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामले की जांच करने और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, और फिलहाल सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्ध युवक की पहचान में जुटी है।1
- रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना खम्हारडीह पुलिस ने Jeevansathi.कॉम के माध्यम से महिलाओं को निशाना बनाने और नशीला पदार्थ खिलाकर जेवरात चोरी करने वाले दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 लाख 21 हजार 500 रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात, नगदी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, खम्हारडीह क्षेत्र की एक महिला की पहचान लगभग चार माह पहले Jeevansathi.कॉम पर अभिनव सिंह नामक व्यक्ति से हुई थी। 15 मई 2026 को आरोपी अभिनव सिंह जन्मदिन पार्टी का बहाना बनाकर महिला के घर पहुंचा। उसने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर महिला को बेहोश कर दिया और उसके गले में पहनी सोने की चेन, अंगूठियां तथा आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण और जांच के आधार पर पुलिस ने पहले आरोपी हितिन नरूला को उत्तराखंड के हरिद्वार से और फिर मुख्य आरोपी अभिनव सिंह को दिल्ली के पहाड़गंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी मित्र हैं और घटना के दिन साथ रायपुर आए थे; अभिनव सिंह वारदात के लिए महिला के घर गया था, जबकि उसका साथी रेलवे स्टेशन पर रुका रहा। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी अभिनव सिंह ने फर्जी आधार एवं पैन कार्ड का उपयोग किया था और पिछले एक माह में Jeevansathi.कॉम के माध्यम से लगभग 100 महिलाओं से संपर्क किया था। आरोपी ने विभिन्न राज्यों में इसी प्रकार की लगभग आधा दर्जन घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 57 हजार रुपये नगद, लगभग 2 तोला सोने के जेवरात, एक चांदी का ब्रेसलेट और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में अभिनव सिंह उर्फ पहलवान (37 वर्ष), निवासी होशियारपुर, पंजाब, और हितिन नरूला (48 वर्ष), निवासी लक्ष्मी नगर, दिल्ली, शामिल हैं। थाना खम्हारडीह में इनके विरुद्ध अपराध क्रमांक 159/26 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रायपुर पुलिस ने आमजन, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे ऑनलाइन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर नए परिचितों से मिलते समय सतर्क रहें। साथ ही, ऐसी किसी घटना की जानकारी होने पर पुलिस कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 94791-91099 पर संपर्क करने का आग्रह किया है।2
- गरियाबंद जिला दवा विक्रेता संघ के वर्ष 2026-29 कार्यकाल के लिए हुए बहुप्रतीक्षित चुनाव में परिवर्तन पैनल ने एकता पैनल को कड़ी टक्कर देते हुए शानदार बहुमत से जीत दर्ज की है। इस चुनाव में कुल 264 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसके परिणाम स्वरूप परिवर्तन पैनल ने 7 प्रमुख पदों में से 6 पर कब्जा जमाकर संघ में अपना दबदबा स्थापित किया, जबकि एकता पैनल को केवल एक पद पर सफलता मिली। चुनाव में सबसे चर्चित मुकाबला अध्यक्ष पद का रहा, जहाँ परिवर्तन पैनल के अश्वनी सिंह ठाकुर ने 143 वोट प्राप्त कर एकता पैनल के अरुण कुमार मिश्रा को 22 मतों के अंतर से हराया; अरुण कुमार मिश्रा को 121 वोट मिले थे। इसी प्रकार, परिवर्तन पैनल के अनिल चंद्राकर 146 वोटों के साथ सचिव बने, दिनेश सिन्हा 147 वोटों के साथ उपाध्यक्ष चुने गए, गुहाराम सोनकर ने सर्वाधिक 150 वोट पाकर कोषाध्यक्ष पद जीता, रुद्र देव वर्मा 139 वोटों के साथ संगठन सचिव बने, और चेतन मेघवानी 149 वोटों के साथ जनसंपर्क अधिकारी (PRO) पद पर विजयी रहे। हालांकि, सह सचिव पद पर मुकाबला उलट गया, जहाँ एकता पैनल के ललित साहू ने 137 वोट हासिल कर जीत दर्ज की और दिलीप साहू को 127 वोट मिले, जिससे एकता पैनल ने अपनी इकलौती सीट बचाई। परिणामों की घोषणा होते ही परिवर्तन पैनल के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जहाँ विजयी प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया और मिठाइयाँ बाँटकर तथा आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया गया। पूरे जिले के दवा विक्रेताओं ने नए नेतृत्व से संगठन को मजबूत करने और उनकी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जताई है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अश्वनी सिंह ठाकुर ने इस जीत को पूरे दवा विक्रेता समाज की जीत बताया और संघ के हितों की रक्षा, व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण तथा संगठन को नई दिशा देने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अरुण कुमार मिश्रा ने भी चुनाव परिणामों का सम्मान करते हुए विजयी टीम को शुभकामनाएँ दीं और दवा विक्रेताओं के हित को सर्वोपरि बताते हुए संगठन की मजबूती के लिए मिलकर कार्य करने पर जोर दिया। गरियाबंद जिला दवा विक्रेता संघ के इतिहास में परिवर्तन पैनल की यह जीत एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखी जा रही है, और अब सभी की निगाहें नई टीम के कार्यकाल तथा उनके द्वारा किए जाने वाले विकासात्मक कार्यों पर टिकी हुई हैं।3
- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए कथित मारपीट विवाद का मामला अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने सोमवार से प्रदेशभर में कलमबंद, कामबंद और सामूहिक अवकाश आंदोलन शुरू कर दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि दोषियों की गिरफ्तारी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। संघ के आह्वान पर, सोमवार को सभी जिलाध्यक्ष अपने-अपने जिलों में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। इस आंदोलन में प्रदेश के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं, जिससे राजस्व, न्यायालयीन और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इस आंदोलन को कई अन्य कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला है, और यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो इसे और तेज करने की चेतावनी दी गई है, जिससे आम लोगों को राजस्व संबंधी सेवाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह पूरा मामला 27 अप्रैल को शुरू हुआ था, जब सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की बहन किसी काम से नायब तहसीलदार कार्यालय गई थीं। वहाँ उनकी अधिकारी से बहस हो गई, जो कथित तौर पर इतनी बढ़ गई कि तहसीलदार ने फाइल फेंक दी और महिला को अपमानजनक तरीके से बाहर निकाल दिया। इसके बाद तहसीलदार और विधायक के समर्थकों के बीच हाथापाई हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। नायब तहसीलदार की शिकायत पर विधायक सहित 10 से 12 लोगों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज हुआ था। विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और जमावड़ा न लगाएं, क्योंकि वह अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्व कर्मियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ एफआईआर कराने में कोई परेशानी नहीं हुई है और वह अपनी गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से इसकी तुलना करते हुए इसे 'सुशासन की सरकार' बताया। विधायक टोप्पो ने यह भी दावा किया है कि तहसीलदार ने उनकी बहन के साथ दुर्व्यवहार किया था, लेकिन उन्होंने तहसीलदार से मारपीट नहीं की है। इससे पहले, शुक्रवार को विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी देने के लिए अंबिकापुर रवाना हुए थे, लेकिन समर्थकों के हंगामा के कारण उन्हें वापस सीतापुर लौटना पड़ा था। उन्होंने अब कहा है कि वह सरगुजा रेंज आईजी दीपक कुमार झा के समक्ष अपनी गिरफ्तारी देंगे, और उनके साथ 3 अन्य समर्थक भी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं। राजस्व निरीक्षक संघ भी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीतापुर थाने पहुंचा था और उन्होंने भी चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे भी सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।1
- रायपुर ग्रामीण के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में ग्राम बहेसर और बरतोरी के ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की लगातार शिकायतों के बाद सोमवार को पर्यावरण विभाग की टीम ने शौर्य इस्पात, बहेसर और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण पर्यावरण प्रदूषण, अवैध डंपिंग और औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी शिकायतों के संदर्भ में किया गया, जहाँ मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद थे जिन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएँ रखीं। ग्रामीणों का आरोप है कि शौर्य इस्पात द्वारा प्लांट मैटेरियल और औद्योगिक अपशिष्ट का ग्राम बरतोरी क्षेत्र की निजी व सरकारी भूमि पर कथित रूप से डंपिंग किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिना उचित अनुमति के हो रहे इस डंपिंग से पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है और लगातार उड़ रही धूल से वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर हो गई है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि इस डंपिंग के कारण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ हो रही हैं, वहीं किसानों ने कृषि भूमि और फसलों पर उड़ती धूल के बुरे असर पर चिंता जताई है। ग्रामीणों ने सरकारी व निजी भूमि पर किए जा रहे इस कथित डंपिंग की वैधता की जाँच की भी माँग की है। निरीक्षण के दौरान, पर्यावरण विभाग की टीम ने डंपिंग स्थलों और प्रभावित क्षेत्रों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा कर उनकी शिकायतों को दर्ज किया और मौके से आवश्यक जानकारी व दस्तावेज एकत्र किए। पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि निरीक्षण में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लिया गया है और पर्यावरणीय व अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, शिकायतों की विस्तृत जाँच की जा रही है और प्रथम दृष्टया पाए गए तथ्यों के आधार पर संबंधित उद्योग प्रबंधन को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी माँग दोहराई है कि अवैध डंपिंग को तत्काल बंद कराया जाए, निजी व सरकारी भूमि पर हुए डंपिंग की निष्पक्ष जाँच हो, पर्यावरण को हुए नुकसान का आकलन कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जाँच प्रतिवेदन को सार्वजनिक करने की भी माँग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी उद्योग का विरोध करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छ वातावरण, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित कराना है। वहीं, जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जाँच के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।3
- थाना खरोरा पुलिस ने क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर ग्राम भैंसा के समीप खपरीडीह खुर्द से एक शराब तस्कर को रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान खपरीडीह खुर्द निवासी राजेश रात्रे (36 वर्ष), पिता स्वर्गीय संतोष रात्रे के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध देशी मसाला शराब और तस्करी में इस्तेमाल की गई बिना वैध दस्तावेजों के एक होंडा एक्टिवा स्कूटी जब्त की। तलाशी के दौरान, आरोपी के पास मिली सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी से 150 पौवा 'शोले' देशी मसाला शराब बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 27 बल्क लीटर आंकी गई है। बरामद शराब की बाजार कीमत लगभग 15 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही, तस्करी में प्रयुक्त काले रंग की होडा एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक CG 04 QB 1538), जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये है, को भी जब्त कर लिया गया। इस पूरी कार्रवाई में कुल 65 हजार रुपये का मशरूका जब्त किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को शनिवार को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि खपरीडीह खुर्द गांव में एक व्यक्ति बिक्री के उद्देश्य से भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर खड़ा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए, थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल बताए गए स्थान पर दबिश दी। पुलिस टीम को देखते ही संदिग्ध व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही दबोच लिया। थाना खरोरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।2