वैशाली जिले में एक चौंकाने वाला पारिवारिक घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ एक पति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सरकारी शिक्षिका बनते ही अपने कॉलेज फ्रेंड के साथ प्रेम प्रसंग में पड़ गई। बिदुपुर निवासी अमन कुमार ने अपनी शिक्षिका पत्नी गुंजन कुमारी पर हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र से यह गंभीर आरोप लगाए हैं। पति अमन कुमार के अनुसार, उन्होंने अपनी पत्नी को इंटर पास से लेकर BPSC शिक्षिका बनने तक पूरा समर्थन दिया, यहाँ तक कि उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए डेढ़ कट्ठा जमीन भी बेच दी। अमन का कहना है कि BPSC TRE-2 में नौकरी मिलने के बाद उनकी पत्नी की नजदीकियां उनके कॉलेज मित्र प्रेम प्रकाश जयसवाल से बढ़ने लगीं। पत्नी की ट्रेनिंग सुपौल में हुई और वहीं उनकी दोस्ती एक नए मोड़ पर पहुँच गई। अमन का दावा है कि उनके बेटे ने भी कई बार प्रेम प्रकाश अंकल के घर आने-जाने की जानकारी दी थी, लेकिन तब उन्हें शक नहीं हुआ। जनवरी 2025 में जब पत्नी ने “महिला शिक्षिकाओं के साथ दार्जिलिंग टूर” का प्लान बताया, तो पति ने मना किया, लेकिन वह नहीं मानीं। बाद में सहकर्मियों से पता चला कि ऐसा कोई महिला टूर हुआ ही नहीं था, जिससे पति को संदेह हुआ कि दार्जिलिंग की ठंडी हवाओं में उनका पुराना प्यार गर्म हो रहा था। इस प्रेम कहानी में असली मोड़ तब आया जब 23 मई को पति हाजीपुर के लिच्छवि नगर स्थित किराए के मकान पर पहुँचे और उन्होंने अपनी पत्नी तथा कथित प्रेमी को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। उन्होंने बाहर से दरवाजा बंद कर डायल 112 पर फोन किया, लेकिन पुलिस के पहुँचने से पहले ही मोहल्ले वालों और मकान मालिक ने इस घटना को देख लिया। इस पूरे मामले पर 10 साल के बेटे ने भी अपनी माँ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “मम्मी बुरी है, अब उनके साथ नहीं रहेंगे।” बच्चे ने यह भी बताया कि सुपौल में प्रेम प्रकाश अंकल अक्सर आते थे और माँ उसे “मामा” बताने को कहती थीं। फिलहाल, यह मामला पति-पत्नी के आरोप-प्रत्यारोप के साथ कोर्ट तक पहुँच चुका है। मोहल्ले में लोग इसे “BPSC वाला प्रेम प्रसंग” कह कर चर्चा कर रहे हैं और कुछ लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि “सरकारी नौकरी मिलते ही रिश्तों का सिलेबस बदल गया!” इस घटना को देखते हुए, पुरुष मानवधिकार पर सवाल उठ रहे हैं, और मांग की जा रही है कि शिक्षिका को हटाया जाए क्योंकि यह बिहार में एक ‘खेला’ जैसा है।
वैशाली जिले में एक चौंकाने वाला पारिवारिक घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ एक पति ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सरकारी शिक्षिका बनते ही अपने कॉलेज फ्रेंड के साथ प्रेम प्रसंग में पड़ गई। बिदुपुर निवासी अमन कुमार ने अपनी शिक्षिका पत्नी गुंजन कुमारी पर हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र से यह गंभीर आरोप लगाए हैं। पति अमन कुमार के अनुसार, उन्होंने अपनी पत्नी को इंटर पास से लेकर BPSC शिक्षिका बनने तक पूरा समर्थन दिया, यहाँ तक कि उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए डेढ़ कट्ठा जमीन भी बेच दी। अमन का कहना है कि BPSC TRE-2 में नौकरी मिलने के
बाद उनकी पत्नी की नजदीकियां उनके कॉलेज मित्र प्रेम प्रकाश जयसवाल से बढ़ने लगीं। पत्नी की ट्रेनिंग सुपौल में हुई और वहीं उनकी दोस्ती एक नए मोड़ पर पहुँच गई। अमन का दावा है कि उनके बेटे ने भी कई बार प्रेम प्रकाश अंकल के घर आने-जाने की जानकारी दी थी, लेकिन तब उन्हें शक नहीं हुआ। जनवरी 2025 में जब पत्नी ने “महिला शिक्षिकाओं के साथ दार्जिलिंग टूर” का प्लान बताया, तो पति ने मना किया, लेकिन वह नहीं मानीं। बाद में सहकर्मियों से पता चला कि ऐसा कोई महिला टूर हुआ ही नहीं था, जिससे पति को संदेह हुआ कि
दार्जिलिंग की ठंडी हवाओं में उनका पुराना प्यार गर्म हो रहा था। इस प्रेम कहानी में असली मोड़ तब आया जब 23 मई को पति हाजीपुर के लिच्छवि नगर स्थित किराए के मकान पर पहुँचे और उन्होंने अपनी पत्नी तथा कथित प्रेमी को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। उन्होंने बाहर से दरवाजा बंद कर डायल 112 पर फोन किया, लेकिन पुलिस के पहुँचने से पहले ही मोहल्ले वालों और मकान मालिक ने इस घटना को देख लिया। इस पूरे मामले पर 10 साल के बेटे ने भी अपनी माँ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “मम्मी बुरी है, अब उनके साथ नहीं
रहेंगे।” बच्चे ने यह भी बताया कि सुपौल में प्रेम प्रकाश अंकल अक्सर आते थे और माँ उसे “मामा” बताने को कहती थीं। फिलहाल, यह मामला पति-पत्नी के आरोप-प्रत्यारोप के साथ कोर्ट तक पहुँच चुका है। मोहल्ले में लोग इसे “BPSC वाला प्रेम प्रसंग” कह कर चर्चा कर रहे हैं और कुछ लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि “सरकारी नौकरी मिलते ही रिश्तों का सिलेबस बदल गया!” इस घटना को देखते हुए, पुरुष मानवधिकार पर सवाल उठ रहे हैं, और मांग की जा रही है कि शिक्षिका को हटाया जाए क्योंकि यह बिहार में एक ‘खेला’ जैसा है।
- सोशल मीडिया पर एक कट्टा लहराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई महिला का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा की गई है, जिसे एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।1
- कनाडिया थाना और गवैया के बीच एक सड़क की खराब स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ सुबह से लेकर लगभग 10 बजे तक बड़ी संख्या में बाइकें गुजरती हैं। हालांकि सड़क की स्थिति पूरी तरह से जर्जर नहीं बताई गई है, लेकिन जिस खास जगह पर यह खराब है, वहां यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। इस खराब सड़क के कारण बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर उन लोगों को जिनकी बाइक की हेडलाइट अच्छी नहीं होती, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बेलवारा पंचायत के निवासी अखिलेश कुमार ने इस सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि सड़क को तुरंत ठीक किया जाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में जवाबदेह इंजीनियरों पर कार्रवाई करने और उन पर दबाव डालने की भी मांग की है, जो सड़क की मरम्मत की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।1
- मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र स्थित रामपुर डेहरू गांव में हुए 55 वर्षीय कामेश्वर मेहता हत्याकांड का पुलिस ने कुछ ही दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मृतक की पत्नी गीता देवी ही इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता थी। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि गीता देवी और उसके पति कामेश्वर मेहता के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। इन्हीं विवादों से परेशान होकर गीता देवी ने अपने पति की हत्या की योजना बनाई और रामदेव राम नामक व्यक्ति को ₹75 हजार की सुपारी देकर हत्या करवा दी। कामेश्वर मेहता की हत्या 24 मई की रात को की गई थी। वारदात के बाद, गीता देवी ने पुलिस को गुमराह करने के मकसद से खुद बिहारीगंज थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। संदेह गीता देवी पर गहराया, और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने हत्या की साजिश रचने तथा सुपारी देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, सुपारी मिलने के बाद रामदेव राम ने अपने तीन साथियों प्रशांत कुमार, कौशल कुमार और रौशन कुमार के साथ मिलकर 24 मई की रात को कामेश्वर मेहता की हत्या को अंजाम दिया था।1
- मधेपुरा में जिला बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य उद्घाटन किया गया। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन, उप विकास आयुक्त अनिल बसाक, अनुमंडल पदाधिकारी संतोष कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार और उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा सुश्री आम्रपाली कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह के बाद, अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का विधिवत आगाज किया, जहाँ जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और उप विकास आयुक्त अनिल बसाक ने स्वयं बैडमिंटन कोर्ट पर पहुँचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा कि मधेपुरा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, उन्हें केवल सही मंच और उचित प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने बैडमिंटन संघ से विशेष रूप से उदाकिशुनगंज अनुमंडल से भी खिलाड़ियों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक अरुण कुमार ने जानकारी दी कि इस प्रतियोगिता में जिले भर से करीब 40 टीमें हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने मधेपुरा में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देती हैं, जिससे जिले में खेल संस्कृति को और अधिक मजबूती मिलेगी।4
- नगर पंचायत सौर बाजार के मुख्य सड़क मार्ग किनारे बसे दर्जनों घरों पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण मुक्त करवाया था। मगर, कई महीने बीत जाने के बाद भी यह जगह अब तक खाली पड़ी हुई है। प्रभावित दर्जनों लोगों ने बताया कि वे गरीब और निसहाय थे, इसलिए किसी तरह झोपड़ी बनाकर अपना जीवन बिता रहे थे, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने नगर पंचायत की जमीन का हवाला देते हुए उनके घरों को तोड़कर उन्हें बेघर कर दिया। लोगों का दुख इस बात पर है कि फरवरी महीने में ही अतिक्रमण हटाया गया था, परंतु आज तक न तो यहां कोई नया भवन बनाया गया और न ही जिस उद्देश्य से उनके घरों को तोड़ा गया था, वह पूरा किया गया है। ऐसी स्थिति में वे अब तक वहां रहते तो क्या परेशानी थी, इसी बात का उन्हें गहरा दुख है। बताया गया है कि विगत कई वर्षों से दर्जनों गरीब परिवार अपनी झोपड़ी बनाकर यहां रह रहे थे, जिसे स्थानीय प्रशासन ने पुलिस बल के साथ अतिक्रमण मुक्त करवाया था, और वह जगह आज तक वीरान पड़ी है।1
- एक तीखा सवाल उठाया गया है कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री का ध्यान गुजरात से संबंधित चिंताओं पर अधिक केंद्रित है। इस प्रश्न के साथ इस बात पर भी जोर दिया गया है कि प्रशांत किशोर ने पहले जो कहा था, वह अब बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में सच होता दिख रहा है। यह पूरी चर्चा प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान और बिहार के संदर्भ में की गई है।1
- मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड की झिटकिया पंचायत के बनचोल्हा मोरकाही, वार्ड नंबर 12 (पिन कोड 852121) में सड़क निर्माण होने पर शिकायत दर्ज करने का आग्रह किया गया है। यह अपील जैक्सन म्यूजिक द्वारा की गई है।1
- मधेपुरा सदर अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एक मरीज को डॉक्टर मनोज कुमार के पास दिखाने के लिए लाए जाने के दौरान, अस्पताल के स्टाफ पर मरीज को डांटने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, सदर अस्पताल में मरीजों को ठीक से देखा नहीं जाता है और उनकी समस्या का निदान किए बिना उन्हें लगातार एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता रहता है।1