मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र स्थित रामपुर डेहरू गांव में हुए 55 वर्षीय कामेश्वर मेहता हत्याकांड का पुलिस ने कुछ ही दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मृतक की पत्नी गीता देवी ही इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता थी। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि गीता देवी और उसके पति कामेश्वर मेहता के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। इन्हीं विवादों से परेशान होकर गीता देवी ने अपने पति की हत्या की योजना बनाई और रामदेव राम नामक व्यक्ति को ₹75 हजार की सुपारी देकर हत्या करवा दी। कामेश्वर मेहता की हत्या 24 मई की रात को की गई थी। वारदात के बाद, गीता देवी ने पुलिस को गुमराह करने के मकसद से खुद बिहारीगंज थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। संदेह गीता देवी पर गहराया, और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने हत्या की साजिश रचने तथा सुपारी देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, सुपारी मिलने के बाद रामदेव राम ने अपने तीन साथियों प्रशांत कुमार, कौशल कुमार और रौशन कुमार के साथ मिलकर 24 मई की रात को कामेश्वर मेहता की हत्या को अंजाम दिया था।
मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र स्थित रामपुर डेहरू गांव में हुए 55 वर्षीय कामेश्वर मेहता हत्याकांड का पुलिस ने कुछ ही दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मृतक की पत्नी गीता देवी ही इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता थी। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि गीता देवी और उसके पति कामेश्वर मेहता के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। इन्हीं विवादों से परेशान होकर गीता देवी ने अपने पति की हत्या की योजना बनाई और रामदेव राम नामक व्यक्ति को ₹75 हजार की सुपारी देकर हत्या करवा दी। कामेश्वर मेहता की हत्या 24 मई की रात को की गई थी। वारदात के बाद, गीता देवी ने पुलिस को गुमराह करने के मकसद से खुद बिहारीगंज थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। संदेह गीता देवी पर गहराया, और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने हत्या की साजिश रचने तथा सुपारी देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, सुपारी मिलने के बाद रामदेव राम ने अपने तीन साथियों प्रशांत कुमार, कौशल कुमार और रौशन कुमार के साथ मिलकर 24 मई की रात को कामेश्वर मेहता की हत्या को अंजाम दिया था।
- मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र स्थित रामपुर डेहरू गांव में हुए 55 वर्षीय कामेश्वर मेहता हत्याकांड का पुलिस ने कुछ ही दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि मृतक की पत्नी गीता देवी ही इस हत्याकांड की मुख्य साजिशकर्ता थी। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ अविनाश कुमार ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि गीता देवी और उसके पति कामेश्वर मेहता के बीच अक्सर घरेलू विवाद होता था। इन्हीं विवादों से परेशान होकर गीता देवी ने अपने पति की हत्या की योजना बनाई और रामदेव राम नामक व्यक्ति को ₹75 हजार की सुपारी देकर हत्या करवा दी। कामेश्वर मेहता की हत्या 24 मई की रात को की गई थी। वारदात के बाद, गीता देवी ने पुलिस को गुमराह करने के मकसद से खुद बिहारीगंज थाने में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। संदेह गीता देवी पर गहराया, और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने हत्या की साजिश रचने तथा सुपारी देने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, सुपारी मिलने के बाद रामदेव राम ने अपने तीन साथियों प्रशांत कुमार, कौशल कुमार और रौशन कुमार के साथ मिलकर 24 मई की रात को कामेश्वर मेहता की हत्या को अंजाम दिया था।1
- एक तीखा सवाल उठाया गया है कि क्या बिहार के मुख्यमंत्री का ध्यान गुजरात से संबंधित चिंताओं पर अधिक केंद्रित है। इस प्रश्न के साथ इस बात पर भी जोर दिया गया है कि प्रशांत किशोर ने पहले जो कहा था, वह अब बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में सच होता दिख रहा है। यह पूरी चर्चा प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान और बिहार के संदर्भ में की गई है।1
- लोगों ने सरकार से अत्यंत भावुक निवेदन किया है कि उन्हें 'जाने आने की रस्म' प्रदान की जाए। यह मार्मिक अपील इसलिए की गई है क्योंकि उन्हें 'जाने आने' के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है।2
- सोशल मीडिया पर एक कट्टा लहराने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई महिला का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस द्वारा की गई है, जिसे एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।1
- कनाडिया थाना और गवैया के बीच एक सड़क की खराब स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ सुबह से लेकर लगभग 10 बजे तक बड़ी संख्या में बाइकें गुजरती हैं। हालांकि सड़क की स्थिति पूरी तरह से जर्जर नहीं बताई गई है, लेकिन जिस खास जगह पर यह खराब है, वहां यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। इस खराब सड़क के कारण बाइक सवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, खासकर उन लोगों को जिनकी बाइक की हेडलाइट अच्छी नहीं होती, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। बेलवारा पंचायत के निवासी अखिलेश कुमार ने इस सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि सड़क को तुरंत ठीक किया जाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में जवाबदेह इंजीनियरों पर कार्रवाई करने और उन पर दबाव डालने की भी मांग की है, जो सड़क की मरम्मत की निगरानी के लिए जिम्मेदार हैं।1
- राजस्थान के चूरू जिले में एक रेत का बवंडर देखा गया। यह जानकारी मगही शेर अभिषेक रंजन नामक हैंडल से साझा की गई है।1
- लखीसराय जिले के मननपुर बाजार में अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में भी कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जमीनी स्तर पर नहीं हो सकी, जिसके चलते वे वर्तमान नोटिस को लेकर भी संशय में हैं। वे सीधे तौर पर आरोप लगा रहे हैं कि अधिकारी 'दाना पानी' लेकर शांत हो जाते हैं और कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर वर्षों से अतिक्रमण है, जिसमें कई जगहों पर स्थायी निर्माण भी कर लिए गए हैं। लोगों का मानना है कि वास्तविक कार्रवाई तभी मानी जाएगी जब अतिक्रमित भूमि को पूरी तरह से खाली कराया जाएगा। स्थानीय लोग प्रशासन से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अभियान चलाने और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि सार्वजनिक भूमि खाली होती है, तो बाजार की व्यवस्था सुधरेगी और आम लोगों को भी राहत मिलेगी।3
- मधेपुरा सदर अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। एक मरीज को डॉक्टर मनोज कुमार के पास दिखाने के लिए लाए जाने के दौरान, अस्पताल के स्टाफ पर मरीज को डांटने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, सदर अस्पताल में मरीजों को ठीक से देखा नहीं जाता है और उनकी समस्या का निदान किए बिना उन्हें लगातार एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता रहता है।1