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बालाघाट जिले की लांजी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बोलेगांव में इलाज के अभाव और गरीबी के चलते एक महिला तीसरे चरण के कैंसर की गंभीर स्थिति में पहुंच गई। बताया गया है कि पैसों की तंगी के कारण इलाज में लापरवाही बरती गई और स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराया गया, जिसके कारण महिला की बीमारी इस खतरनाक स्तर तक बढ़ गई। जब इस बात की खबर स्थानीय ग्रामीणों को लगी, तो उन्होंने आपस में चंदा इकट्ठा किया और महिला को इलाज के लिए रायपुर एम्स भेजा। इस प्रयास में स्थानीय सिविल अस्पताल लांजी के बीएमओ डॉ. अक्षय उपराड़े और उनके चिकित्सकीय स्टाफ ने भी तत्परता दिखाई और महिला को तुरंत वहां से रेफर कर दिया।
Ramanuj Tidke
बालाघाट जिले की लांजी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बोलेगांव में इलाज के अभाव और गरीबी के चलते एक महिला तीसरे चरण के कैंसर की गंभीर स्थिति में पहुंच गई। बताया गया है कि पैसों की तंगी के कारण इलाज में लापरवाही बरती गई और स्थानीय झोलाछाप डॉक्टरों से उपचार कराया गया, जिसके कारण महिला की बीमारी इस खतरनाक स्तर तक बढ़ गई। जब इस बात की खबर स्थानीय ग्रामीणों को लगी, तो उन्होंने आपस में चंदा इकट्ठा किया और महिला को इलाज के लिए रायपुर एम्स भेजा। इस प्रयास में स्थानीय सिविल अस्पताल लांजी के बीएमओ डॉ. अक्षय उपराड़े और उनके चिकित्सकीय स्टाफ ने भी तत्परता दिखाई और महिला को तुरंत वहां से रेफर कर दिया।
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- बालाघाट में तेज आंधी-तूफान के दौरान छत से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हुई एक महिला की 43 दिन बाद मौत हो गई। हादसे के बाद महिला को इलाज के लिए नागपुर तक ले जाया गया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। महिला की मौत के बाद जिला अस्पताल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है।1
- बालाघाट जिले के वारासिवनी में अतिथि शिक्षकों ने रविवार को विधायक विवेक विक्की पटेल से उनके जनसंपर्क कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर विधायक को एक ज्ञापन सौंपा और शासन स्तर पर अपनी समस्याओं का निराकरण करवाने का अनुरोध किया। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 2 सितंबर 2023 को आयोजित अतिथि शिक्षकों की महापंचायत में की गई घोषणाओं को भाजपा सरकार ने आज तक पूरा नहीं किया है। तत्कालीन मुख्यमंत्री ने अनुभवी अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए वरिष्ठता के आधार पर शिक्षकों को नियमित करने और विभागीय परीक्षा लेकर 'गुरुजी' की तर्ज पर एक नीति बनाकर नियमितीकरण करने की घोषणा की थी। लेकिन चुनाव जीतकर सत्ता में आने के बाद मोहन सरकार इन वादों को पूरी तरह भूल गई है, जिससे अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश है। अतिथि शिक्षकों की समस्याओं पर विधायक विवेक विक्की पटेल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे आगामी विधानसभा सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण के माध्यम से इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे और सरकार को जगाने का प्रयास करेंगे।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में डॉ. रमन सिंह ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने खरी-खरी सुनाते हुए साफ कर दिया है कि घटिया निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. रमन सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि लोगों को बुरा लगे तो लगे, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और सभी को मानकों के अनुसार ही काम करना होगा।1
- राजनांदगांव के डोंगरगांव में किसानों की जमीन का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। इस मामले में अब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- बालाघाट जिले के कटंगी क्षेत्र के खरपड़िया में 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।1
- मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में लांजी के शासकीय माध्यमिक शाला कालीमाटी में नया सत्र शुरू होने के बाद भी शौचालय की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। स्कूल में बालक एवं बालिका शौचालयों की हालत ठीक न होने के कारण छात्र-छात्राओं को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर शौचालय बनाकर बेटियों के सम्मान की रक्षा का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर इस सरकारी स्कूल में बेटे-बेटियों को प्रतिदिन शर्मसार होना पड़ता है। स्कूल में पीने के शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है और शौचालय पूरी तरह गंदे पड़े हैं, जबकि दूसरी तरफ बिजली का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है और चौबीसों घंटे पंखे चलते रहते हैं। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी स्कूल में बच्चों को शिक्षा तो मिल रही है, लेकिन वे जरूरी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हैं। सरकार स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन स्कूली बच्चों के लिए स्वच्छता आज भी दूर की कौड़ी बनी हुई है। गंदे शौचालयों के इस्तेमाल से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य परिणामों को अच्छी तरह जानने के बावजूद शिक्षा विभाग इस घोर लापरवाही की लगातार अनदेखी कर रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुन्दरापारा में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज 12 घंटे के भीतर एक ही परिवार के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह खूनी संघर्ष 12 जुलाई की रात करीब साढ़े नौ बजे जैतखाम के पास कुन्दरापारा में हुआ, जब पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि एक पक्ष ने लाठी, डंडे, ईंट और चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में लेखराम कोठारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं अक्षय कोठारी, गोपा उर्फ सूर्यदेव कोठारी और बल्ला उर्फ रोशन कोठारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। विशेष टीमों ने घेराबंदी कर घटना में शामिल एक ही परिवार के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान लक्ष्मी चेलक (35 वर्ष), आकाश चेलक (26 वर्ष), सत्यम चेलक (33 वर्ष), खेलू चेलक (32 वर्ष), प्रकाश चेलक (29 वर्ष) और देवचंद चेलक (34 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल ईंट, डंडे, चाकू और कपड़े भी बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच करीब तीन साल पहले जैतखाम में झंडा लगाने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।1