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ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के एक युवक परमेश्वर मरकाम की दर्दनाक हत्या कर दी गई है। यह घटना ओडिशा के चंदाहंडी थाना क्षेत्र के सालेबीड़ी गाँव के भोई पारा में हुई, जो सीमा से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। मृतक परमेश्वर मरकाम, देवभोग थाना के अंतर्गत मुनगापदर गाँव का निवासी था और वह पूर्व भाजपा विधायक डमरूधर पुजारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है। वारदात की सूचना मिलते ही दोनों राज्यों की सीमावर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिसमें उसका पैर टूटा हुआ है और शरीर के कई अन्य हिस्सों में भी मारपीट के गंभीर निशान हैं।
नागेन्द्र निषाद
ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के एक युवक परमेश्वर मरकाम की दर्दनाक हत्या कर दी गई है। यह घटना ओडिशा के चंदाहंडी थाना क्षेत्र के सालेबीड़ी गाँव के भोई पारा में हुई, जो सीमा से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। मृतक परमेश्वर मरकाम, देवभोग थाना के अंतर्गत मुनगापदर गाँव का निवासी था और वह पूर्व भाजपा विधायक डमरूधर पुजारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है। वारदात की सूचना मिलते ही दोनों राज्यों की सीमावर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिसमें उसका पैर टूटा हुआ है और शरीर के कई अन्य हिस्सों में भी मारपीट के गंभीर निशान हैं।
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- ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के एक युवक परमेश्वर मरकाम की दर्दनाक हत्या कर दी गई है। यह घटना ओडिशा के चंदाहंडी थाना क्षेत्र के सालेबीड़ी गाँव के भोई पारा में हुई, जो सीमा से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। मृतक परमेश्वर मरकाम, देवभोग थाना के अंतर्गत मुनगापदर गाँव का निवासी था और वह पूर्व भाजपा विधायक डमरूधर पुजारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है। वारदात की सूचना मिलते ही दोनों राज्यों की सीमावर्ती पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक के शरीर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिसमें उसका पैर टूटा हुआ है और शरीर के कई अन्य हिस्सों में भी मारपीट के गंभीर निशान हैं।1
- छत्तीसगढ़ के तिल्दा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल फर्जी NOC विवाद के विरोध में तिल्दा थाने के सामने धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की है कि यदि इस मामले में FIR दर्ज नहीं की जाती, तो उनका यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर कथित फर्जी मुकदमे, एफआईआर और प्रताड़ना के विरोध में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने धरसींवा में एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेशभर से आए सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के तहत, पत्रकारों ने पहले धरसींवा रेस्ट हाउस में एक सभा आयोजित की, जिसके बाद पैदल मार्च करते हुए धरसींवा थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृह मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। महासंघ का आरोप है कि प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ लगातार ऐसे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिनसे उन्हें कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सभा के दौरान वक्ताओं ने धरसींवा के एक पत्रकार के विशेष मामले का उल्लेख किया, जिन्होंने क्षेत्र में नाबालिग से हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को उजागर किया था। हालांकि, बाद में उसी पत्रकार को मामले में सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। महासंघ ने इस कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले को तत्काल निरस्त करने और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना नितांत आवश्यक है, ताकि उनकी सुरक्षा और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कथित दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को रोकने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व, उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे, जिसमें तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के कई पत्रकारों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।3
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के थाना पलारी पुलिस ने पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में ग्राम धमनी में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सुरक्षित, जागरूक और कानून के प्रति सजग बनाना था। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को देश में लागू नवीन न्याय संहिता की सरल भाषा में जानकारी दी, जिसमें उनके अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट की गईं। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहाँ ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी से सतर्क रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने उनसे अनजान लिंक पर क्लिक न करने, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने और साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत करने की अपील की। यातायात जागरूकता अभियान के तहत, पुलिस ने "सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा" का संदेश देते हुए दोपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया। इसके परिणामस्वरूप, ग्राम धमनी के ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने गांव को "हेलमेट युक्त ग्राम" बनाने का संकल्प लिया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए, पुलिस ने ग्रामीणों को गांव के प्रमुख स्थानों और घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम के बाद, पुलिस बल ने महिला कमांडो के साथ ग्राम धमनी में फ्लैग मार्च किया, जिससे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं और बच्चों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और गांव को "नशा मुक्त" बनाए रखने का संदेश दिया, जिस पर ग्रामीणों ने "नशा मुक्त ग्राम" की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम सरपंच हरदयाल पैकरा, उपसरपंच पिलाराम निर्मलकर, युवा ग्राम समिति के अध्यक्ष और महिला कमांडो अध्यक्ष श्रीमती जोऊरहीन बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने कार्यक्रम की सफलता पर ग्राम धमनी के नागरिकों और थाना पलारी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही सुरक्षित और आदर्श समाज का निर्माण संभव है।4
- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम झारा में एक बहन, भारती टंडन, को प्रेम जाल में फंसाकर सामूहिक बलात्कार का शिकार बनाया गया। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद दुष्कर्मियों ने उसे रेत में दफना दिया। पोस्ट के अनुसार, देश के किसी भी कोने में व्याप्त 'जात-पात, ऊंच-नीच' की दीवारें और घृणा, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों की जान ले रही है। इसी जातिगत घृणा और दूषित प्रवृत्ति के लोगों ने इस बहन का बलात्कार किया। इस पर 'सीताराम' को शर्म आनी चाहिए, जो स्वयं को 'श्रेष्ठ धर्म' बताता है और अपने भीतर मौजूद भेदभाव, जात-पात व ऊंच-नीच को बढ़ावा देता है।1
- बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।1
- गरियाबंद जिले के गोबरा नवापारा तहसील क्षेत्र के ग्राम सुंदरकेरा के किसानों ने हल्का क्रमांक-9 के पटवारी ललित साहू और नायब तहसीलदार नवल कुमार मंडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि खसरा नंबर 1862 से जुड़े एक मामले में सक्षम अधिकारियों के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पिछले दो वर्षों से रिकॉर्ड दुरुस्ती का काम जानबूझकर लंबित रखा गया है, जिसके चलते उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया है कि इस लापरवाही के कारण विवादित भूमि की रजिस्ट्रियां लगातार होती रहीं, जिससे भू-माफियाओं को फायदा पहुंचा और वास्तविक भूमिधारकों के अधिकार प्रभावित हुए। उनके अनुसार, दिसंबर 2024 में कलेक्टर एवं एसडीएम द्वारा इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद रिकॉर्ड में कोई संशोधन नहीं हुआ। बाद में, 18 जून 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रवि सिंह ने भी तहसीलदार को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, फिर भी आज तक दुरुस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को ग्राम पंचायत सुंदरकेरा के दर्जनों किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और करीब तीन घंटे तक परिसर में सांकेतिक धरना एवं बैठक कर प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की उदासीनता के चलते उन्हें लगातार कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि उन्हें न्याय के बजाय सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर रिकॉर्ड दुरुस्ती का कार्य पूरा नहीं किया गया, तो वे व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस अवसर पर गिरधारी साहू, भुनेश्वर साहू, पलटन साहू, हीरालाल साहू, नकुल साहू, ओंकार साहू, गोधरा साहू, बालाराम तारक, कन्हैया साहू, भुनेश्वर साहू, परसराम साहू, तोरण साहू, कचछु पटेल, नाथू पटेल, घसिया साहू, बलराम साहू, धनी पटेल, नंदू साहू, ओमप्रकाश साहू, यशवंत चंद्रहास पुराणिक, शोभा पटेल, हेमलता साहू, दयाराम, खगेश, कोमल, राजू सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।1
- ऊपर-नीचे रोड पर एक पुराना पीपल का पेड़ अचानक गिर गया, जिसके कारण चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और एक संभावित दुर्घटना टल गई।1