Shuru
Apke Nagar Ki App…
बदायूं के परसेरा गांव में जमीन के एक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया, जिसके बाद गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस खूनी बवाल में ग्राम प्रधान समेत करीब 9 लोग घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने घटना के दौरान 100 से अधिक राउंड फायरिंग होने का दावा किया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
सूरज पत्रकार🇮🇳
बदायूं के परसेरा गांव में जमीन के एक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया, जिसके बाद गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस खूनी बवाल में ग्राम प्रधान समेत करीब 9 लोग घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने घटना के दौरान 100 से अधिक राउंड फायरिंग होने का दावा किया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- बदायूं के परसेरा गांव में जमीन के एक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया, जिसके बाद गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस खूनी बवाल में ग्राम प्रधान समेत करीब 9 लोग घायल हुए हैं। ग्रामीणों ने घटना के दौरान 100 से अधिक राउंड फायरिंग होने का दावा किया है, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।1
- छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में श्रीमद् भागवत कथा के सफलतापूर्वक समापन के उपरांत एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस भव्य भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुँचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर विनय दुबे, मोनू मिश्रा, अरविंद शर्मा, अजय यादव, निखिल और अर्पित शर्मा सहित कई अन्य व्यक्ति मौजूद रहे।1
- कन्नौज के छिबरामऊ में एक ऑटो पार्ट्स की दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही विधायक अर्चना पांडे मौके पर पहुंचीं।1
- स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरती जा रही बड़ी लापरवाही से आम जनमानस के लिए गंभीर परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं और इसके भारी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।1
- Allhadaspur gao me1
- फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उप जिला अधिकारी अतुल कुमार सिंह और पुलिस उपाधीक्षक राजेश कुमार द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे।1
- फर्रुखाबाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी एक नया फरमान अब शहर में व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।1
- कन्नौज के सौरिख में दसवीं मोहर्रम पर मोहम्मद साहब के नवासे हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शिया समुदाय ने गहरा मातम मनाया, जिसमें नौहा ख्वानी और ख़ून का मातम देखने को मिला। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य अली अब्बास नकवी ने बताया कि मोहल्ला ऊंचा इमामबाड़ा सादिक़ हुसैन पर अंजुमने हुसैनी ने ज़ंजीर, छुरी, ब्लेड और कमा का मातम करते हुए माहौल को बेहद ग़मगीन कर दिया। इस दौरान ख़ून के फ़व्वारे छूटते देख वहाँ मौजूद लोगों की आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगी। इसके बाद यह मातम जुलूस मोहल्ला ऊंचा से सदर बाजार, पाल तिराहा और अंबेडकर तिराहा से होता हुआ कर्बला पहुँचा। पूरे रास्ते रुक-रुक कर नौहा ख्वानी और मातम किया गया, तथा "लब्बैक या हुसैन" की सदाएँ गूँजती रहीं। कर्बला पहुँचने पर यह जुलूस कबीरपुर और राजापुर से आए जुलूसों के साथ मिल गया। वहाँ ज़ंजीर, ब्लेड और छुरी से इतना तीव्र मातम किया गया कि सड़क पर ख़ून बहने लगा, जिसे देखकर वहाँ मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। स्रोत के अनुसार, कर्बला की घटना संसार की उन घटनाओं में से एक है जिसकी याद सदियों बाद भी मनाई जाती है और जिसका प्रभाव आज भी बरकरार है। इमाम हुसैन का आंदोलन और कर्बला की क्रांति एक बेजोड़ क्रांति मानी जाती है। महात्मा गांधी ने भी कहा था कि उन्होंने इमाम हुसैन से ही सीखा था कि मज़लूमियत में भी कैसे जीत हासिल की जा सकती है, और इस्लाम की तरक्की तलवार नहीं, बल्कि इमाम हुसैन के बलिदान का परिणाम है। मातम और तकरीर के उपरांत ताज़िए और मेहदी को कर्बला में सुपुर्दे ख़ाक किया गया। इस दौरान, जुलूस के साथ एक एंबुलेंस भी चल रही थी, जिसमें मौजूद डॉक्टरों ने मातम के दौरान ज़्यादा घाव वाले लोगों की देखभाल की। सड़क गर्म होने के कारण पानी के टैंकर भी जुलूस के आगे चलकर पानी का छिड़काव करते रहे। बाद में, दोपहर दो बजे सरदापुर, राजापुर, कबीरपुर और सौरिख मोहल्ला ऊंचा के गुड्डू नंबरदार के दरवाज़े पर ताज़िए झंडा जुलूस एकत्रित हुआ। यहाँ अखाड़े वालों ने लकड़ी खेलकर करतब दिखाए। यह जुलूस भी सदर बाज़ार, पाल तिराहा और अंबेडकर तिराहा से रुक-रुक कर लकड़ी खेलते हुए और "या हुसैन" की सदाएँ बुलंद करते हुए कर्बला पहुँचा, जहाँ ताजियों को सुपुर्दे किया गया। इस अवसर पर मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष अली अब्बास नकवी, गुड्डू नंबरदार, तौसीफ युसूफ, फीरोज़ अख्तर, फरहान प्रधान, दिलदार हुसैन, शीलू नकवी, इमरान मोहन्ती और शाहरुख सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। नगर पंचायत ने रास्तों की साफ़-सफ़ाई की व्यवस्था की और चूना डालकर उन्हें स्वच्छ रखा, जबकि सौरिख थाने के थाना इंचार्ज और उनके पुलिस स्टाफ ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।2