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संसद विधायक का नाम पता नहीं बस जाकर कमल का बटन दबा दिए? विकास संसद विधायक का नाम पता नहीं बस जाकर कमल का बटन दबा दिए? विकास कहा से होगा??
Saroj kumar ,(pk)
संसद विधायक का नाम पता नहीं बस जाकर कमल का बटन दबा दिए? विकास संसद विधायक का नाम पता नहीं बस जाकर कमल का बटन दबा दिए? विकास कहा से होगा??
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- Post by नितीश भारद्वाज1
- संसद विधायक का नाम पता नहीं बस जाकर कमल का बटन दबा दिए? विकास संसद विधायक का नाम पता नहीं बस जाकर कमल का बटन दबा दिए? विकास कहा से होगा??1
- प्रसव कक्ष के बगल में गंदगी का अंबार! चरपोखरी सीएचसी में जच्चा-बच्चा की जान से खिलवाड़ चरपोखरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां प्रसव कक्ष के ठीक बगल में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। सोचिए… जिस जगह नवजात बच्चे इस दुनिया में कदम रखते हैं, उसी के पास सड़ांध और कचरे का ढेर लगा हुआ है। यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सीधे-सीधे जच्चा और बच्चा की जान से खिलवाड़ है, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक आंखें मूंदकर बैठे हुए हैं सबसे हैरानी की बात यह है कि हर महीने साफ-सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च होते हैं, लेकिन हकीकत में अस्पताल की स्थिति बद से बदतर बनी हुई है, इससे पहले भी इस अस्पताल में चपरासी द्वारा इलाज करने का मामला सामने आया था, जिस पर खूब बवाल हुआ था। लेकिन हालात आज भी जस के तस हैं। शनिवार की सुबह 10:00 के करीब सामने आए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रसव कक्ष और गंदगी के बीच सिर्फ एक खिड़की का फासला है… यानी संक्रमण का खतरा हर वक्त मंडरा रहा है… लोगों का आरोप है कि इसी गंदगी के कारण कई नवजात बच्चे बीमार पड़ जाते हैं, और तुरंत आरा रेफर करना पड़ता है, कई मामलों में बच्चों की जान भी जा चुकी है, जब इस मामले में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो वे अस्पताल में मौजूद नहीं मिले, हालांकि यह कोई नई बात नहीं है प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुशांत कुमार गुप्ता सरकारी अस्पताल से ज्यादा अपने निजी अस्पताल में समय देते हैं और मोबाइल से भी संपर्क नहीं हो सका, जिसके कारण इनका पक्ष नहीं मिल सका। लेकिन अब बड़ा सवाल ये है की क्या स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करेगा? या फिर यूं ही जच्चा-बच्चा की जान खतरे में पड़ती रहेगी।1
- भोजपुर जिले कांग्रेस कार्यालय में आज भारत छोड़ो आंदोलन का वर्ष गांठ धूम धाम से मनाया गया।1
- विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी शहीद भवन आरा आज भारत का पूरा education और employment system तबाह हो चुका है। डिग्री तो मिल रही है, लेकिन हाथ में हुनर नहीं है। नई शिक्षा नीति 2020 ने 2025 तक 50% छात्रों को vocational education से जोड़ने का लक्ष्य रखा, जिसका 2% ही जमीन पर उतर सका है। सारी योजना हवा हवाई है। दूसरी तरफ़ सरकार की आर्थिक नीतियों ने रोजगार पैदा करने वाले निवेश के बजाय कुछ चुनिंदा बड़े उद्योग समूहों को फायदा पहुँचाने का काम कर रही है। भारत हर साल 50 लाख graduates तैयार करता है, लेकिन graduate स्तर की केवल 28 लाख नौकरियाँ पैदा होती हैं। यानी हर साल 22 लाख युवाओं के सपने शुरू होने से पहले ही टूट जाते हैं। Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission की भर्ती परीक्षाओं से लेकर कई अन्य भर्तियों तक, पेपर लीक उद्योग बन गया है। नौकरियाँ बिकती हैं। भर्ती माफिया फल-फूल रहा है। नौकरी उनको मिलती है जिनके पास पैसा और BJP में connections हैं। साथियों, हमने पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे नौजवानों का साथ दिया। पिछले कई दिनों से संसद के भीतर भी हम उनके साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं। अमित शाह के आदेश पर बच्चों पर pellet guns चलाए गए, water cannon चलाए गए, tear gas छोड़ी गई, बिजली का करंट छोड़कर barricades लगाए गए, कील लगी लाठियों से lathi charge किया गया और कुछ जगहों पर करंट वाली लाठियों तक का इस्तेमाल किया गया। संसद में हम लगातार इस बारे में 15 दिन से हम लोग सवाल पूछ रहे हैं लेकिन न प्रधानमंत्री जवाब दे रहे हैं, न गृह मंत्री। सरकार संसद में जवाब देने से बच रही है। क्योंकि चोर की दाढी में तिनका है। क्या यही लोकतंत्र है? क्या जनता के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी नहीं है? 📍1
- आचार्य कुलम पब्लिक स्कूल दावा के प्रिंसिपल महोदय ने अपने विद्यालय के विशेषताओं के बारे में क्या कुछ बताया सुनिए -1
- ऑल इंडिया सेंट्रल कॉसीलिंग ट्रेड यूनियन ऐक्ट आरा भोजपुर के तरफ से nps भारत छोडो माहा आंदोलन चलाया गया न्यूज़ बिहार 24 से पाठक जी विष्णु1