गया के शेरघाटी में एक शिक्षक ने परिवारिक तनाव से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली! गया के शेरघाटी में एक शिक्षक ने परिवारिक तनाव से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली! सुसाइड नोट में पत्नी और बेटों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है! शिक्षक द्वारा जहर खाकर आत्महत्या कर लेने की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में शोक और चिंता का माहौल व्याप्त है!घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग स्तब्ध हैं! मृतक की पहचान बृजेश प्रथम के रूप में हुई है, जो अनुसूचित जाति जनजाति प्राथमिक विद्यालय, गोपालपुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे!आपको बता दे की वे मूल रूप से डेहरी ऑन सोन के रहने वाले थे, लेकिन लंबे समय से शेरघाटी में रहकर स्कूल में पढ़ाते थे! पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसने इस मामले को और गंभीर बना दिया है, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में बृजेश प्रथम ने अपने बड़े बेटे, पत्नी और छोटे बेटे के व्यवहार से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी है! उन्होंने परिवारिक प्रताड़ना को अपनी मौत का कारण बताया है, साथ में काम करने वाले शिक्षकों के मुताबिक, बृजेश प्रथम स्वभाव से बेहद शांत और मिलनसार व्यक्ति थे, वे अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थे! हालांकि, पिछले कुछ समय से वे पारिवारिक तनाव को लेकर काफी परेशान चल रहे थे और कई बार अपने दर्द को साझा भी करते थे! यहां तक कि वे यह भी कहते थे कि अब वे ज्यादा दिन जीवित नहीं रह पाएंगे! घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया! इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया! मामले की जांच प्रभारी थानाध्यक्ष रूपा कुमारी के नेतृत्व में की जा रही है, पुलिस सुसाइड नोट और अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके!
गया के शेरघाटी में एक शिक्षक ने परिवारिक तनाव से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली! गया के शेरघाटी में एक शिक्षक ने परिवारिक तनाव से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली! सुसाइड नोट में पत्नी और बेटों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है! शिक्षक द्वारा जहर खाकर आत्महत्या कर लेने की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में शोक और चिंता का माहौल व्याप्त है!घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग स्तब्ध हैं! मृतक की पहचान बृजेश प्रथम के रूप में हुई है, जो अनुसूचित जाति जनजाति प्राथमिक विद्यालय, गोपालपुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे!आपको बता दे की वे मूल रूप से डेहरी ऑन सोन के रहने वाले थे, लेकिन लंबे समय से शेरघाटी में रहकर स्कूल में पढ़ाते थे! पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसने इस मामले को और गंभीर बना दिया है, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में बृजेश प्रथम ने अपने बड़े बेटे, पत्नी और छोटे बेटे के व्यवहार से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी है! उन्होंने परिवारिक प्रताड़ना को अपनी मौत का कारण बताया है, साथ में काम करने वाले शिक्षकों के मुताबिक, बृजेश प्रथम स्वभाव से बेहद शांत और मिलनसार व्यक्ति थे, वे अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थे! हालांकि, पिछले कुछ समय से वे पारिवारिक तनाव को लेकर काफी परेशान चल रहे थे और कई बार अपने दर्द को साझा भी करते थे! यहां तक कि वे यह भी कहते थे कि अब वे ज्यादा दिन जीवित नहीं रह पाएंगे! घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया! इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया! मामले की जांच प्रभारी थानाध्यक्ष रूपा कुमारी के नेतृत्व में की जा रही है, पुलिस सुसाइड नोट और अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके!
- User1370Mohanpur, Gaya😂4 hrs ago
- गया के शेरघाटी में एक शिक्षक ने परिवारिक तनाव से परेशान होकर जहर खाकर आत्महत्या कर ली! सुसाइड नोट में पत्नी और बेटों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है! शिक्षक द्वारा जहर खाकर आत्महत्या कर लेने की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में शोक और चिंता का माहौल व्याप्त है!घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग स्तब्ध हैं! मृतक की पहचान बृजेश प्रथम के रूप में हुई है, जो अनुसूचित जाति जनजाति प्राथमिक विद्यालय, गोपालपुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे!आपको बता दे की वे मूल रूप से डेहरी ऑन सोन के रहने वाले थे, लेकिन लंबे समय से शेरघाटी में रहकर स्कूल में पढ़ाते थे! पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसने इस मामले को और गंभीर बना दिया है, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नोट में बृजेश प्रथम ने अपने बड़े बेटे, पत्नी और छोटे बेटे के व्यवहार से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात लिखी है! उन्होंने परिवारिक प्रताड़ना को अपनी मौत का कारण बताया है, साथ में काम करने वाले शिक्षकों के मुताबिक, बृजेश प्रथम स्वभाव से बेहद शांत और मिलनसार व्यक्ति थे, वे अपने काम के प्रति पूरी तरह समर्पित थे! हालांकि, पिछले कुछ समय से वे पारिवारिक तनाव को लेकर काफी परेशान चल रहे थे और कई बार अपने दर्द को साझा भी करते थे! यहां तक कि वे यह भी कहते थे कि अब वे ज्यादा दिन जीवित नहीं रह पाएंगे! घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया! इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गया के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया! मामले की जांच प्रभारी थानाध्यक्ष रूपा कुमारी के नेतृत्व में की जा रही है, पुलिस सुसाइड नोट और अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके!1
- Post by AKASH KUMAR1
- Post by अभिषेक कुमार पत्रकार1
- Post by Ashutosh kumar1
- Post by SATISH KUMAR (पत्रकार)1
- Post by MD aurangzeb4
- ये कोई फिल्मी सीन नहीं है बल्कि बिहार के वैशाली जिले के महानार थाना क्षेत्र में हुई एक घटना है जहां लगभग 30 की संख्या में अपराधी गोलीबारी और बमबाजी करते हुए गांव में घुसकर लोगों के साथ मारपीट करते हुए स्वर्ण व्यवसायी के घर में लूटपाट की घटना को अंजाम देते हैं। आभूषण और लाखों रूपये लूटकर चले जाते हैं। वारदात के दौरान पुलिस को सूचना दी जाती है लेकिन पुलिस घटना के एक घंटे बाद वहां पहुंचती है। तब तक अपराधी निकल चुके होते हैं। क्षेत्र के लोगों में दहशत है। हत्या, लूट और अपराध की ऐसी घटनाएं बिहार के हिस्से में हर रोज आ रही है। कभी दुकान में घुसकर कनपट्टी पर कट्टा सटा दिया जाता है, कभी सरेआम किसी की गर्दन काटकर हत्या कर दी जाती है। 21 वर्षों से अपराधियों को सत्ता का इतना संरक्षण मिला कि आज बिहार में अपराधी ‘सम्राट’ बन चुके हैं। अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ा हुआ है कि बिहारवासियों को बिहार में डर लगता ह हैं1
- नरावट गांव में पूरा कमर से पानी भरा हुआ है लगभग 300 घर का बस्ती है कोई देखने वाला नहीं है यहां तक किसी के बेटी लोग को सादी नहीं हो पा रहा है आने जाने का रास्ता में 1 km तक पानी भरा हुआ है डेंगू मच्छर से लोग डेली बीमार हो रहे है और न कोई देखने वाले है कई ऐसे लोग जो आना नहीं चाहते है इस गांव में इतना नाली रोड नहीं बनने के कारण आप सभी से रिक्वेस्ट है जल्द से जल्द इसे देखा जाए1