दिनांक 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की तहसील भादरा स्थित विवेकानन्द स्वास्थ्य समिति में शिव इंस्टीट्यूट ऑफ योगा एजुकेशन द्वारा योग की भव्य प्रस्तुति दी गई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विवेकानंद स्वास्थ्य सेवा समिति के चेयरमैन विकास जी सर्राफ, अस्पताल के सभी डॉक्टर्स और समस्त स्टाफ उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। योग प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं ने विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान का सामूहिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का मूल आधार है। सभी उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाकर एक स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
दिनांक 21 जून 2026 को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की तहसील भादरा स्थित विवेकानन्द स्वास्थ्य समिति में शिव इंस्टीट्यूट ऑफ योगा एजुकेशन द्वारा योग की भव्य प्रस्तुति दी
गई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में विवेकानंद स्वास्थ्य सेवा समिति के चेयरमैन विकास जी सर्राफ, अस्पताल के सभी डॉक्टर्स और समस्त स्टाफ उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
दिया। योग प्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं ने विभिन्न आसनों, प्राणायाम और ध्यान का सामूहिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ शरीर, शांत
मन और संतुलित जीवन का मूल आधार है। सभी उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाकर एक स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
- राजस्थान प्रदेश में तबादले खुलने के बाद अब इसका असर सामने आने लगा है। इसी कड़ी में शनिवार को जोधपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जब महात्मा गांधी अस्पताल में सुविधाओं का लोकार्पण करने पहुँचे, तो एक स्टाफ नर्स अपने तबादले के लिए भावुक होकर उनके पैरों में गिर पड़ी। स्टाफ नर्स सरिता कुमारी, जो सीकर की रहने वाली हैं और 2020 से यहाँ पदस्थापित हैं, मंत्री के सामने रोते हुए लगातार अपना तबादला करने की गुहार लगाती रहीं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर उन्हें शांत करते हुए कहते रहे कि वह उनका तबादला कर देंगे, लेकिन नर्स अपनी परेशानी बताते हुए रोना बंद नहीं कर रही थी। वहाँ मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी नर्स को समझाने का प्रयास किया। यह जानकारी सूत्रों से मिली है।1
- चूरू में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बीएसएफ जवानों की निगरानी में विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रिय मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए एक बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत बीएसएफ और पुलिस बल की निगरानी में उनका सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी, और अधिकारियों को निष्पक्ष तथा पारदर्शी परीक्षा कराने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा के आयोजन को लेकर पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।2
- 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का नेतृत्व किया। रविवार की सुबह इस भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री के साथ योगाभ्यास किया। इस वर्ष योग दिवस की मुख्य थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ व सक्रिय रहने के लिए योग की अनिवार्यता पर विस्तार से चर्चा की। जनसभा और देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि योग अब किसी उम्र या सीमा के बंधनों में नहीं बंधा है। उन्होंने यह भी बताया कि 21 जून पृथ्वी पर सबसे लंबा दिन होता है, और योग के कारण यह अब दुनिया का सबसे बड़ा सामूहिक उत्सव बन गया है। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य के प्रति एक नया लक्ष्य तय करते हुए कहा कि, "हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम 20 की उम्र के मुकाबले 40 में अधिक लचीले हों, 30 की तुलना में 50 में अधिक ऊर्जावान महसूस करें और 70 की उम्र तक आते-आते लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को पूरी तरह से मात दे सकें।" कोलकाता के इस मुख्य आयोजन के साथ-साथ आज पूरी दुनिया योग के रंग में रंगी नजर आई। भारत के अलावा विश्वभर के लगभग 2,500 से अधिक स्थानों और 210 से अधिक भारतीय मिशनों में इस दिन को एक वैश्विक पर्व और जन-आंदोलन के रूप में बड़े पैमाने पर मनाया गया। कोलकाता के इस कार्यक्रम में समाज के हर वर्ग—युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों—ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो वैश्विक मंच पर भारत की इस प्राचीन विद्या की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।1
- भिवानी जिले में 21 जून को देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही हजारों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ देखी गई। प्रशासन द्वारा किए गए व्यापक सुरक्षा प्रबंधों और सख्त निगरानी के बीच हजारों विद्यार्थियों ने डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक सत्यापन, पहचान पत्रों की जांच और सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से प्रत्येक अभ्यर्थी की कड़ी स्क्रीनिंग शामिल थी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की नकल या अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों और अभिभावकों ने केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष व्यक्त किया। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों के चेहरों पर उत्साह और उम्मीद साफ दिखाई दी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, हालांकि कुछ विषयों में प्रश्न अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण थे। अब लाखों विद्यार्थियों की निगाहें परीक्षा परिणाम और संभावित कटऑफ पर टिकी हुई हैं। NEET परीक्षा को मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश का सबसे बड़ा द्वार माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों विद्यार्थी भाग लेते हैं। भिवानी में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है, और सबकी नजरें अब नतीजों पर हैं।1
- भिवानी के देवसर धाम से मैया रानी के दिव्य दर्शन हुए हैं। इस अवसर पर भक्तों ने 'जय माता दी' का जयघोष किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।1
- HPSC के पीड़ित अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में मुख्यमंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अभ्यर्थियों का यह आंदोलन HPSC की कथित "छात्र विरोधी नीतियों" के खिलाफ काफी समय से चल रहा है, जिसे उन्होंने अब और तेज कर दिया है।1
- जी वी न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, भरत तिवारी द्वारा हथियार उठाए जाने के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है। इस खबर में यह सुझाव दिया गया है कि यदि प्रशासन युवा पीढ़ी के साथ शक्ति से नहीं, बल्कि समझदारी से व्यवहार करे, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है।1
- भिवानी में 65 साल पुराने किरायेदारों के समर्थन में जनता का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है, जहाँ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री से इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसने अब एक राजनीतिक रंग ले लिया है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, वहीं प्रशासन की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े किए गए हैं। शहर में इस जमीन विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई है।1
- भिवानी में 21 जून को आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने युवाओं से योग अपनाने का आह्वान करते हुए इसे स्वस्थ जीवन का आधार बताया। मंत्री राणा ने रेखांकित किया कि प्रदेश सरकार योग के प्रचार-प्रसार पर लगातार कार्य कर रही है, ताकि युवा पीढ़ी नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सके। उन्होंने योग को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। किसानों से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए कृषि मंत्री ने हरियाणा में डीएपी और यूरिया खाद की कोई कमी न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई है, जिससे किसी भी किसान को कोई परेशानी नहीं होगी। फसल नुकसान और मुआवजे के संबंध में, मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का आकलन जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर गठित समितियां करती हैं, और सरकार नियमानुसार किसानों को मुआवजा प्रदान करती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को सरकार द्वारा मुआवजा दिया गया था। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री राणा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्धों और वैश्विक परिस्थितियों का असर ईंधन की कीमतों पर पड़ा है। इसके बावजूद, उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखी गई है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई है।2