रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर की आवासीय अणु किरण और अणु प्रताप कॉलोनी के निवासी कई वर्षों से नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके कारण प्रत्येक परिवार को मोबाइल इंटरनेट पर मासिक 2000 से 3000 रुपये खर्च करने पड़ते थे। इस समस्या का मुख्य कारण बीएसएनएल और अन्य कंपनियों के नेटवर्क की खराब हालत बताया गया। कॉलोनी के हजारों निवासियों की इस गंभीर समस्या को निवर्तमान पार्षद मनीष गिरी ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसके समाधान के लिए रावतभाटा बीएसएनएल के एसडीओ गोविंद शर्मा से सहायता मांगी और कोटा बीएसएनएल के जीएम व अन्य अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपकर तथा फोन पर संपर्क करके मांग उठाई। समाधान न मिलने पर, गिरी ने राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल और 1503 पर इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) के माध्यम से भी कई शिकायतें दर्ज कराईं। मनीष गिरी के निरंतर प्रयासों के बाद, बीएसएनएल के अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया और जयपुर से टीसीएस कंपनी के इंजीनियर अनिल कुमार को रावतभाटा भेजा गया। लगभग 8 से 10 घंटे तक चले एक अभियान के दौरान, शहर में लगे बीएसएनएल के सभी टॉवरों की जांच की गई। दोपहर करीब 1 बजे, टेक्नीशियन ने अणु किरण कॉलोनी के सिविल ऑफिस के पास लगे टॉवर पर चढ़कर उसकी फ्रीक्वेंसी और अलाइनमेंट को सही किया, और इसी तरह झालर बावड़ी स्थित टॉवर पर भी कार्य किया गया। शाम करीब 5 बजे, एसडीओ गोविंद शर्मा, टीसीएस से इंजीनियर अनिल कुमार और बड़ौदा से बीएसएनएल एसडीओ परविंदर सिंह, अणु प्रताप कॉलोनी में मनीष गिरी के घर पहुंचे और उन्हें नेटवर्क सुधार के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी। तकनीकी टीम गिरी को साथ लेकर आवासीय कॉलोनी में विभिन्न स्थानों पर गई और उन्हें फोन नेटवर्क में हुए सुधार से अवगत कराया। मनीष गिरी ने वॉट्सऐप के जरिए कॉलोनीवासियों को बीएसएनएल के नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या के समाधान की बात बताई और उनका फीडबैक मांगा, जिस पर कॉलोनीवासियों ने पहले से बेहतर नेटवर्क आने की बात कही। कॉलोनीवासियों ने मनीष गिरी के प्रयासों की सराहना की। गिरी ने यह भी बताया कि एसडीओ गोविंद शर्मा जल्द ही एक प्रस्ताव बनाकर टॉवर में एक अतिरिक्त एंटीना लगवाने का प्रयास करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या फिर न उत्पन्न हो। निरंतर प्रयास से परमाणु बिजलीघर की आवासीय कॉलोनी में बीएसएनएल के नेटवर्क में आखिरकार सुधार हुआ।
रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर की आवासीय अणु किरण और अणु प्रताप कॉलोनी के निवासी कई वर्षों से नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके कारण प्रत्येक परिवार को मोबाइल इंटरनेट पर मासिक 2000 से 3000 रुपये खर्च करने पड़ते थे। इस समस्या का मुख्य कारण बीएसएनएल और अन्य कंपनियों के नेटवर्क की खराब हालत बताया गया। कॉलोनी के हजारों निवासियों की इस गंभीर समस्या को निवर्तमान पार्षद मनीष गिरी ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसके समाधान के लिए रावतभाटा बीएसएनएल के एसडीओ गोविंद शर्मा से सहायता मांगी और कोटा बीएसएनएल के जीएम व अन्य अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपकर तथा फोन पर संपर्क करके मांग उठाई। समाधान न मिलने पर, गिरी ने राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल और 1503 पर इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) के माध्यम से भी कई शिकायतें दर्ज कराईं। मनीष गिरी के निरंतर प्रयासों के बाद, बीएसएनएल के अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया और जयपुर से टीसीएस कंपनी के इंजीनियर अनिल कुमार को रावतभाटा भेजा गया। लगभग 8 से 10 घंटे तक चले एक अभियान के दौरान, शहर में लगे बीएसएनएल के सभी टॉवरों की जांच की गई। दोपहर करीब 1 बजे,
टेक्नीशियन ने अणु किरण कॉलोनी के सिविल ऑफिस के पास लगे टॉवर पर चढ़कर उसकी फ्रीक्वेंसी और अलाइनमेंट को सही किया, और इसी तरह झालर बावड़ी स्थित टॉवर पर भी कार्य किया गया। शाम करीब 5 बजे, एसडीओ गोविंद शर्मा, टीसीएस से इंजीनियर अनिल कुमार और बड़ौदा से बीएसएनएल एसडीओ परविंदर सिंह, अणु प्रताप कॉलोनी में मनीष गिरी के घर पहुंचे और उन्हें नेटवर्क सुधार के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी। तकनीकी टीम गिरी को साथ लेकर आवासीय कॉलोनी में विभिन्न स्थानों पर गई और उन्हें फोन नेटवर्क में हुए सुधार से अवगत कराया। मनीष गिरी ने वॉट्सऐप के जरिए कॉलोनीवासियों को बीएसएनएल के नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या के समाधान की बात बताई और उनका फीडबैक मांगा, जिस पर कॉलोनीवासियों ने पहले से बेहतर नेटवर्क आने की बात कही। कॉलोनीवासियों ने मनीष गिरी के प्रयासों की सराहना की। गिरी ने यह भी बताया कि एसडीओ गोविंद शर्मा जल्द ही एक प्रस्ताव बनाकर टॉवर में एक अतिरिक्त एंटीना लगवाने का प्रयास करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या फिर न उत्पन्न हो। निरंतर प्रयास से परमाणु बिजलीघर की आवासीय कॉलोनी में बीएसएनएल के नेटवर्क में आखिरकार सुधार हुआ।
- रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर की आवासीय अणु किरण और अणु प्रताप कॉलोनी के निवासी कई वर्षों से नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके कारण प्रत्येक परिवार को मोबाइल इंटरनेट पर मासिक 2000 से 3000 रुपये खर्च करने पड़ते थे। इस समस्या का मुख्य कारण बीएसएनएल और अन्य कंपनियों के नेटवर्क की खराब हालत बताया गया। कॉलोनी के हजारों निवासियों की इस गंभीर समस्या को निवर्तमान पार्षद मनीष गिरी ने प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसके समाधान के लिए रावतभाटा बीएसएनएल के एसडीओ गोविंद शर्मा से सहायता मांगी और कोटा बीएसएनएल के जीएम व अन्य अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपकर तथा फोन पर संपर्क करके मांग उठाई। समाधान न मिलने पर, गिरी ने राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल और 1503 पर इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस (आईवीआर) के माध्यम से भी कई शिकायतें दर्ज कराईं। मनीष गिरी के निरंतर प्रयासों के बाद, बीएसएनएल के अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया और जयपुर से टीसीएस कंपनी के इंजीनियर अनिल कुमार को रावतभाटा भेजा गया। लगभग 8 से 10 घंटे तक चले एक अभियान के दौरान, शहर में लगे बीएसएनएल के सभी टॉवरों की जांच की गई। दोपहर करीब 1 बजे, टेक्नीशियन ने अणु किरण कॉलोनी के सिविल ऑफिस के पास लगे टॉवर पर चढ़कर उसकी फ्रीक्वेंसी और अलाइनमेंट को सही किया, और इसी तरह झालर बावड़ी स्थित टॉवर पर भी कार्य किया गया। शाम करीब 5 बजे, एसडीओ गोविंद शर्मा, टीसीएस से इंजीनियर अनिल कुमार और बड़ौदा से बीएसएनएल एसडीओ परविंदर सिंह, अणु प्रताप कॉलोनी में मनीष गिरी के घर पहुंचे और उन्हें नेटवर्क सुधार के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी। तकनीकी टीम गिरी को साथ लेकर आवासीय कॉलोनी में विभिन्न स्थानों पर गई और उन्हें फोन नेटवर्क में हुए सुधार से अवगत कराया। मनीष गिरी ने वॉट्सऐप के जरिए कॉलोनीवासियों को बीएसएनएल के नेटवर्क और कॉल ड्रॉप की समस्या के समाधान की बात बताई और उनका फीडबैक मांगा, जिस पर कॉलोनीवासियों ने पहले से बेहतर नेटवर्क आने की बात कही। कॉलोनीवासियों ने मनीष गिरी के प्रयासों की सराहना की। गिरी ने यह भी बताया कि एसडीओ गोविंद शर्मा जल्द ही एक प्रस्ताव बनाकर टॉवर में एक अतिरिक्त एंटीना लगवाने का प्रयास करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या फिर न उत्पन्न हो। निरंतर प्रयास से परमाणु बिजलीघर की आवासीय कॉलोनी में बीएसएनएल के नेटवर्क में आखिरकार सुधार हुआ।2
- लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कोटा नगर निगम पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। नगर निगम की टीम ने आज केशवपुरा क्षेत्र में स्थित दो कोचिंग सेंटर और एक लाइब्रेरी को सीज करने की कार्रवाई की है। यह कार्रवाई उन संस्थानों के खिलाफ की गई है जिन्होंने नोटिस दिए जाने के बावजूद सुरक्षा मापदंडों का पालन नहीं किया था। जिला प्रशासन की ओर से भी लगातार सर्वे की कार्रवाई जारी है, जिसके तहत सुरक्षा मानकों की जाँच की जा रही है।1
- सिविल लाइन स्थित पानी की टंकी पर एक परिवार के लगभग 7-8 सदस्य चढ़ गए, जो नगर परिषद बारां की कार्रवाई के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि वे दो-तीन पीढ़ियों से इसी जगह रहते आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस के हटा रहा है। प्रशासन ने उनसे समझाइश का प्रयास किया, मगर वे अपनी मांग पर अड़े रहे। फिलहाल, मौके पर सुरक्षा जाब्ता बढ़ा दिया गया है।1
- रामगंजमंडी पुलिस ने 'ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग' के तहत अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 9 किलो 30 ग्राम अफीम का डोडा चूरा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने एक आरोपी मोहित (22) को गिरफ्तार किया, जो शामली, उत्तर प्रदेश का निवासी बताया जा रहा है। उसे रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन के यात्री प्रतीक्षालय क्षेत्र से पकड़ा गया। बरामद किए गए इस डोडा चूरा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.35 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के निर्देश पर चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत रामगंजमंडी थाना पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।1
- कोटा नगर निगम की फायर टीम ने शहर में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन न करने वाले कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, 2 कोचिंग संस्थानों, 2 लाइब्रेरी, एक बहुमंजिला रिहायशी भवन में संचालित 6 दुकानों और रेलवे स्टेशन क्षेत्र की एक दुकान को सील कर दिया गया है। फायर विभाग की जांच में सामने आया कि ये सभी प्रतिष्ठान बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के चल रहे थे और आवश्यक अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। नगर निगम ने इसे आमजन और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा मानते हुए यह सीजिंग की कार्रवाई की है। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में चल रहे विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, और बिना फायर एनओसी संचालित अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों का पालन न मिलने पर उनके खिलाफ भी सीजिंग और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद, शहर में संचालित अन्य संस्थानों में भी फायर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर हलचल तेज हो गई है।4
- अमेरिकन रॉबिन सर ने कोटा के बड़ा सराफा में अपनी कविता के माध्यम से कोटा शहर पर एक विशेष प्रस्तुति दी।1
- कोटा के टैगोर नगर में लक्ष्मीबाई योजना क्षेत्र से एक गंभीर समस्या सामने आई है, जहाँ एक निजी मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। इस प्लॉट में पिछले 10-12 दिनों से भरा पानी दो मोटर पंपों के जरिए लगातार खाली किया जा रहा है और इसे सीधे यूआईटी रोड पर छोड़ा जा रहा है। इस निरंतर पानी के बहाव के कारण सड़क खुद रही है और उसकी गिट्टी उखड़ रही है, जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है। स्थानीय निवासियों और कॉलोनी के लोगों ने बताया कि उन्होंने ठेकेदार और मकान मालिक दोनों से इस बारे में बात की है। बावजूद इसके, पानी के पाइप को सड़क से हटाया नहीं गया है, जिसके चलते समस्या जस की तस बनी हुई है। पोस्ट में यूआईटी से इस मामले का संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है।1
- कोटा संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभागार में संभागीय आयुक्त अनिल कुमार की अध्यक्षता में खरीफ फसल 26-27 सीज़न के लिए किसानों को उर्वरक और बीज से संबंधित समस्याओं से निजात दिलाने हेतु एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सख्त निर्देश दिए गए कि खाद-बीज की कालाबाजारी पर तुरंत कार्रवाई की जाए और किसानों को उनकी मांग के अनुसार खाद-बीज उपलब्ध कराए जाएं। अतिरिक्त कृषि निदेशक अशोक शर्मा ने संभाग में उर्वरकों और बीज की वितरण व्यवस्था के बारे में जानकारी प्रस्तुत की।1