सोनभद्र मिलेट्स फूड और समूह उत्पादों के लिए खुला प्रेरणा कैफे सोनभद्र में आज विकास भवन परिसर में सोन प्रेरणा कैफे का शुभारंभ किया गया। विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त ने फीता काटकर कैफे का उद्घाटन किया। इस मौके पर जिलाधिकारी बी.एन. सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित कई अधिकारी और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं। बताया गया कि इस कैफे का संचालन उजाला प्रेरणा महिला संगठन, सेमर रॉबर्ट्सगंज द्वारा किया जाएगा। आजीविका मिशन के सहयोग से बने इस कैफे में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन और उत्पाद उपलब्ध होंगे। करीब 1700 वर्ग फुट में बने इस कैफे में मक्के की रोटी, सरसों का साग, मिलेट्स से बने व्यंजन, पौधों के बिस्किट सहित कई पारंपरिक खाद्य पदार्थ मिलेंगे। इसके साथ ही अचार, पापड़, चिप्स, बड़ी और मसाले जैसे उत्पाद भी यहां बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। कैफे के माध्यम से महिला समूहों को रोजगार और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सोनभद्र मिलेट्स फूड और समूह उत्पादों के लिए खुला प्रेरणा कैफे सोनभद्र में आज विकास भवन परिसर में सोन प्रेरणा कैफे का शुभारंभ किया गया। विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त ने फीता काटकर कैफे का उद्घाटन किया। इस मौके पर जिलाधिकारी बी.एन. सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित कई अधिकारी और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं। बताया गया कि इस कैफे का संचालन उजाला प्रेरणा महिला संगठन, सेमर रॉबर्ट्सगंज द्वारा किया जाएगा। आजीविका मिशन के सहयोग से बने इस कैफे में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन और उत्पाद उपलब्ध होंगे। करीब 1700 वर्ग फुट में बने इस कैफे में मक्के की रोटी, सरसों का साग, मिलेट्स से बने व्यंजन, पौधों के बिस्किट सहित कई पारंपरिक खाद्य पदार्थ मिलेंगे। इसके साथ ही अचार, पापड़, चिप्स, बड़ी और मसाले जैसे उत्पाद भी यहां बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। कैफे के माध्यम से महिला समूहों को रोजगार और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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- सिंगरौली। एनसीएल गोरबी ब्लॉक-बी स्थित अजंता राधा परियोजना में रोजगार को लेकर स्थानीय और प्रभावित लोगों का आंदोलन फिर शुरू हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक प्रभावितों को रोजगार नहीं दिया गया और भर्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। लोगों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा तहसीलदार अभिषेक यादव और एनसीएल गोरबी के जीएम समीर कुंडू की भूमिका की भी जांच की मांग की है।1
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- बरडीहा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सुखनदी गांव जाने वाली सड़क में काफी ज्यादा जर्जर हो गई है। जिससे लोगों की आवागमण में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने सड़क मरम्मती को लेकर जनप्रतिनिधियों से मांग किया है।1
- सोनभद्र में विंध्याचल मंडल के आयुक्त एवं नोडल अधिकारी राजेश प्रकाश ने निर्माणाधीन राज्य कर कार्यालय और पर्यटन कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राज्य कर भवन के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि जीएसटी भवन का निर्माण निर्धारित समय में और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। साथ ही राज्य कर कार्यालय तक जाने वाली सड़क को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस के पास बन रहे पर्यटन कार्यालय का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को तय समय में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।1
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- सिंगरौली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एनसीएल की जयंत परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी CMPL यानी चड्ढा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड पर मजदूरों का हक मारने का आरोप लगा है। दरअसल कंपनी द्वारा जारी एक साल की लीव वेज लिस्ट को लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल में करीब 312 दिन काम किया, लेकिन कंपनी की ओर से जारी सूची में उन्हें सिर्फ 15.60 दिन का लीव वेज दिखाया गया है, जबकि नियम के अनुसार 18 दिन का लीव वेज बनना चाहिए। श्रमिकों का आरोप है कि हर महीने 26 दिन तक नियमित हाजिरी देने वाले मजदूरों के लीव वेज में भी कटौती कर दी गई है, जिससे श्रमिकों में काफी आक्रोश है। अब इस पूरे मामले में एनसीएल जयंत परियोजना के जीएम, एसओपी और पर्सनल विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों और श्रम विभाग तक शिकायत करेंगे। अब देखना होगा कि एनसीएल प्रबंधन मजदूरों को1