312 दिन काम, फिर भी पूरा लीव वेज नहीं! NCL जयंत में CMPL कंपनी पर गंभीर आरोप सिंगरौली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एनसीएल की जयंत परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी CMPL यानी चड्ढा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड पर मजदूरों का हक मारने का आरोप लगा है। दरअसल कंपनी द्वारा जारी एक साल की लीव वेज लिस्ट को लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल में करीब 312 दिन काम किया, लेकिन कंपनी की ओर से जारी सूची में उन्हें सिर्फ 15.60 दिन का लीव वेज दिखाया गया है, जबकि नियम के अनुसार 18 दिन का लीव वेज बनना चाहिए। श्रमिकों का आरोप है कि हर महीने 26 दिन तक नियमित हाजिरी देने वाले मजदूरों के लीव वेज में भी कटौती कर दी गई है, जिससे श्रमिकों में काफी आक्रोश है। अब इस पूरे मामले में एनसीएल जयंत परियोजना के जीएम, एसओपी और पर्सनल विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों और श्रम विभाग तक शिकायत करेंगे। अब देखना होगा कि एनसीएल प्रबंधन मजदूरों को
312 दिन काम, फिर भी पूरा लीव वेज नहीं! NCL जयंत में CMPL कंपनी पर गंभीर आरोप सिंगरौली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एनसीएल की जयंत परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी CMPL यानी चड्ढा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड पर मजदूरों का हक मारने का आरोप लगा है। दरअसल कंपनी द्वारा जारी एक साल की लीव वेज लिस्ट को लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल में करीब 312 दिन काम किया, लेकिन कंपनी की ओर से जारी सूची में उन्हें सिर्फ 15.60 दिन का लीव वेज दिखाया गया है, जबकि नियम के अनुसार 18 दिन का लीव वेज बनना चाहिए। श्रमिकों का आरोप है कि हर महीने 26 दिन तक नियमित हाजिरी देने वाले मजदूरों के लीव वेज में भी कटौती कर दी गई है, जिससे श्रमिकों में काफी आक्रोश है। अब इस पूरे मामले में एनसीएल जयंत परियोजना के जीएम, एसओपी और पर्सनल विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों और श्रम विभाग तक शिकायत करेंगे। अब देखना होगा कि एनसीएल प्रबंधन मजदूरों को
- सिंगरौली। एनसीएल गोरबी ब्लॉक-बी स्थित अजंता राधा परियोजना में रोजगार को लेकर स्थानीय और प्रभावित लोगों का आंदोलन फिर शुरू हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वास्तविक प्रभावितों को रोजगार नहीं दिया गया और भर्तियों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। लोगों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा तहसीलदार अभिषेक यादव और एनसीएल गोरबी के जीएम समीर कुंडू की भूमिका की भी जांच की मांग की है।1
- “झूठे सपने नहीं, स्वास्थ्य सेवाओं की असली उपलब्धियां चाहिए” — उमंग सिंघार1
- चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के धवई ग्राम पंचायत अंतर्गत छुरदा में एक माह में सड़क नहीं बनी तो धरने पर बैठेंगे : अशोक सिंह पैगाम। चितरंगी की विधायक एवं राज्य मंत्री राधा सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा पर भी साधा निशाना। जिला सिंगरौली के चितरंगी विधानसभा क्षेत्र के धवई ग्राम पंचायत अंतर्गत छुरदा टोला में सड़क की समस्या को लेकर अब जनप्रतिनिधियों पर दबाव बढ़ने लगा है। कांग्रेसी नेता एवं जिला पंचायत सदस्य अशोक सिंह पैगाम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की और सड़क निर्माण की मांग को लेकर एक माह का अल्टीमेटम दिया है। अशोक सिंह पैगाम ने कहा कि छुरदा टोला में आदिवासी सहित अन्य कई परिवार लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। इस समस्या को लेकर मीडिया में भी खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हुई थीं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि यदि एक महीने के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं होता है तो वे ग्रामीणों के साथ इसी स्थान पर धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने बताया कि सड़क की समस्या को लेकर जिला प्रशासन, जिला पंचायत और भोपाल तक मुद्दा उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने चितरंगी की विधायक एवं राज्य मंत्री राधा सिंह और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे छुरदा जैसे घनी आबादी वाले गांवों में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराएं। अशोक सिंह पैगाम ने कहा कि मीडिया में लगातार खबरें आने और सामाजिक कार्यकर्ता काजल शाह द्वारा सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को बार-बार उठाने के बावजूद अब तक मंत्री राधा सिंह गांव नहीं पहुंची हैं, जो चिंताजनक है। ग्रामीणों ने भी जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।2
- Post by Rammiln Rajput5
- सोनभद्र में आज विकास भवन परिसर में सोन प्रेरणा कैफे का शुभारंभ किया गया। विंध्याचल मंडल के मंडलायुक्त ने फीता काटकर कैफे का उद्घाटन किया। इस मौके पर जिलाधिकारी बी.एन. सिंह, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी सहित कई अधिकारी और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं। बताया गया कि इस कैफे का संचालन उजाला प्रेरणा महिला संगठन, सेमर रॉबर्ट्सगंज द्वारा किया जाएगा। आजीविका मिशन के सहयोग से बने इस कैफे में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन और उत्पाद उपलब्ध होंगे। करीब 1700 वर्ग फुट में बने इस कैफे में मक्के की रोटी, सरसों का साग, मिलेट्स से बने व्यंजन, पौधों के बिस्किट सहित कई पारंपरिक खाद्य पदार्थ मिलेंगे। इसके साथ ही अचार, पापड़, चिप्स, बड़ी और मसाले जैसे उत्पाद भी यहां बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। कैफे के माध्यम से महिला समूहों को रोजगार और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।1
- Post by पत्रकार रुद्र प्रताप सिंह1
- Post by Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief1
- सिंगरौली से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एनसीएल की जयंत परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी CMPL यानी चड्ढा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड पर मजदूरों का हक मारने का आरोप लगा है। दरअसल कंपनी द्वारा जारी एक साल की लीव वेज लिस्ट को लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल में करीब 312 दिन काम किया, लेकिन कंपनी की ओर से जारी सूची में उन्हें सिर्फ 15.60 दिन का लीव वेज दिखाया गया है, जबकि नियम के अनुसार 18 दिन का लीव वेज बनना चाहिए। श्रमिकों का आरोप है कि हर महीने 26 दिन तक नियमित हाजिरी देने वाले मजदूरों के लीव वेज में भी कटौती कर दी गई है, जिससे श्रमिकों में काफी आक्रोश है। अब इस पूरे मामले में एनसीएल जयंत परियोजना के जीएम, एसओपी और पर्सनल विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों और श्रम विभाग तक शिकायत करेंगे। अब देखना होगा कि एनसीएल प्रबंधन मजदूरों को1