मानवता की उड़ान बनी काल, जिंदगी बचाने निकली एयर एंबुलेंस हादसे का शिकार मानवता की सेवा में निकली एक उड़ान सोमवार की शाम काल बन गई। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई एयर एंबुलेंस झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दर्दनाक हादसे में किसी मरीज की जान बचाने के उद्देश्य से उड़ान भरने वाले दो जांबाज पायलट, चिकित्साकर्मी, मरीज और उसके परिजनों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई। यह हादसा न केवल पीड़ित परिवारों, बल्कि पूरे राज्य के लिए गहरे शोक और पीड़ा का कारण बन गया है। सोमवार की शाम करीब सात बजे एयर एंबुलेंस ने रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। यह विमान रेड बर्ड कंपनी का सी-90 एयरक्राफ्ट बताया जा रहा है, जिसे लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार के नाम से आरक्षित किया गया था। उड़ान भरने के लगभग आधे घंटे बाद अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान का संपर्क टूट गया। इसके बाद हवाई अड्डे और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। लगातार संपर्क साधने की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। कुछ देर बाद चतरा जिले के सिमरिया इलाके में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। दुर्घटनाग्रस्त विमान में कुल आठ लोग सवार थे। इनमें कैप्टन विवेक और सह-पायलट कैप्टन समरजीत के अलावा चिकित्सक डॉ विकास कुमार गुप्ता, नर्स अर्चना देवी, मरीज संजय कुमार तथा उनके परिजन ध्रुव कुमार, विकास गुप्ता और सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, वहीं घटनास्थल पर पहुंची टीमों ने स्थिति का जायजा लिया। मिली जानकारी के अनुसार संजय कुमार की हालत गंभीर थी। वह 65 प्रतिशत तक झुलसे हुए थे और लातेहार के चंदवा स्थित देवकमल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल के संचालक और वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ अनंत सिन्हा ने बताया कि संजय कुमार को 16 फरवरी को परिजनों द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें आईसीयू में रखा गया था। बेहतर इलाज के लिए परिजनों ने उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया, जिसके तहत सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एयर एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल से रवाना किया गया। इस हादसे में जान गंवाने वाले डॉ विकास कुमार गुप्ता रांची सदर अस्पताल में एनेस्थेटिक के पद पर कार्यरत थे और स्थायी चिकित्सक थे। वे अपने कर्तव्य का पालन करते हुए एक मरीज की जान बचाने के मिशन पर थे, लेकिन दुर्भाग्यवश स्वयं इस हादसे का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं और उनका एक दो वर्षीय पुत्र है। डॉ विकास के असमय निधन से चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। झारखंड एनेस्थीसिया सर्विस एसोसिएशन के सचिव डॉ विमलेश कुमार सिंह ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सेवा और कर्तव्य के रास्ते पर चलने वाले कई बार अपनी जान की बाजी लगा देते हैं। जिंदगी बचाने के लिए उड़ान भरने वाले लोग खुद मौत के आगोश में समा गए—यह त्रासदी हर किसी की आंखें नम करने के लिए काफी है
मानवता की उड़ान बनी काल, जिंदगी बचाने निकली एयर एंबुलेंस हादसे का शिकार मानवता की सेवा में निकली एक उड़ान सोमवार की शाम काल बन गई। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई एयर एंबुलेंस झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दर्दनाक हादसे में किसी मरीज की जान बचाने के उद्देश्य से उड़ान भरने वाले दो जांबाज पायलट, चिकित्साकर्मी, मरीज और उसके परिजनों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई। यह हादसा न केवल पीड़ित परिवारों, बल्कि पूरे राज्य के लिए गहरे शोक और पीड़ा का कारण बन गया है। सोमवार की शाम करीब सात बजे एयर एंबुलेंस ने रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। यह विमान रेड बर्ड कंपनी का सी-90 एयरक्राफ्ट बताया जा रहा है, जिसे लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार के नाम से आरक्षित किया गया था। उड़ान भरने के लगभग आधे घंटे बाद अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान का संपर्क टूट गया। इसके बाद हवाई अड्डे और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। लगातार संपर्क साधने की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। कुछ देर बाद चतरा जिले के सिमरिया इलाके में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। दुर्घटनाग्रस्त विमान में कुल आठ लोग सवार थे। इनमें कैप्टन विवेक और सह-पायलट कैप्टन समरजीत के अलावा चिकित्सक डॉ विकास कुमार गुप्ता, नर्स अर्चना देवी, मरीज संजय कुमार तथा उनके परिजन ध्रुव कुमार, विकास गुप्ता और सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, वहीं घटनास्थल पर पहुंची टीमों ने स्थिति का जायजा लिया। मिली जानकारी के अनुसार संजय कुमार की हालत गंभीर थी। वह 65 प्रतिशत तक झुलसे हुए थे और लातेहार के चंदवा स्थित देवकमल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल के संचालक और वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ अनंत सिन्हा ने बताया कि संजय कुमार को 16 फरवरी को परिजनों द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें आईसीयू में रखा गया था। बेहतर इलाज के लिए परिजनों ने उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया, जिसके तहत सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एयर एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल से रवाना किया गया। इस हादसे में जान गंवाने वाले डॉ विकास कुमार गुप्ता रांची सदर अस्पताल में एनेस्थेटिक के पद पर कार्यरत थे और स्थायी चिकित्सक थे। वे अपने कर्तव्य का पालन करते हुए एक मरीज की जान बचाने के मिशन पर थे, लेकिन दुर्भाग्यवश स्वयं इस हादसे का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं और उनका एक दो वर्षीय पुत्र है। डॉ विकास के असमय निधन से चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। झारखंड एनेस्थीसिया सर्विस एसोसिएशन के सचिव डॉ विमलेश कुमार सिंह ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सेवा और कर्तव्य के रास्ते पर चलने वाले कई बार अपनी जान की बाजी लगा देते हैं। जिंदगी बचाने के लिए उड़ान भरने वाले लोग खुद मौत के आगोश में समा गए—यह त्रासदी हर किसी की आंखें नम करने के लिए काफी है
- झारखंड के चतरा में विमान हादसे के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी मंगलवार को लगभग 11 बजे चतरा पहुँचे हैं। इस दौरान उन्होंने सदर अस्पताल पहुँचकर घटना की जानकारी ली है। मंत्री ने कहा कि चतरा जिले के सिमरिया के समीप एक चार्टर एयर एम्बुलेंस/लाइट एयरक्राफ्ट का दुर्भाग्यपूर्ण एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया, जिसमें कुल 7 लोग सवार थे। प्रारंभिक सूचना के अनुसार सभी की दर्दनाक मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर तत्काल रेस्क्यू एंड रिकवरी ऑपरेशन चलाया गया। पीड़ितों को चतरा सदर अस्पताल लाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया। मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला एविएशन सेफ्टी कंप्लायंस, स्टैंडर्ड फ्लाइट ऑपरेशन प्रोसीजर (SOP) और एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेशन से जुड़ा प्रतीत होता है। विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर पहुँच रही है।1
- झारखंड एयर एम्बुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत ! झारखंड एयर एम्बुलेंस क्रैश में 7 लोगों की मौत चतरा के सिमरिया के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई एयर एम्बुलेंस उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद चार्टर्ड विमान अचानक हुआ क्रैश टेकऑफ के 20 मिनट बाद ATC से टूटा था संपर्क खराब मौसम के कारण विमान क्रैश होने की आशंका मरीज को दिल्ली ले जा रही थी एयर एम्बुलेंस1
- Chatra jila simariya parkhand kasari panchayat ke jungle mein plane careh huwa1
- me jyc riyaz khan reporter facebook page jyc riyaz khan1
- गुरुआ में बिहार पुलिस सप्ताह के तहत प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। गुरुआ थाना परिसर से निकली प्रभात फेरी भवानी स्थान बस स्टैंड होते हुए पुनः थाना पहुंचकर संपन्न हुई। थाना प्रभारी मनेश कुमार ने नशामुक्ति का संदेश देते हुए कहा कि नशा समाज और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने लोगों से होली शांतिपूर्ण ढंग से मनाने और क्षेत्र को नशामुक्त बनाने में सहयोग की अपील की। मौके पर थाना के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- #बिहार के निकम्मी सरकार #NitishKumar #Co_operative मंत्री #Dr_Pramod_Kumar से पूछता हैं,बिहार के किसान(MSP) दर पर #बिहार के #सहकारिता_विभाग किसानो की फसल कहाॅ खरीद रहीं हैं ? और किस पंचायत के सहकारिता विभाग खरीदारी कर रहीं हैं? जब किसानो को (MSP) दर मिल ही नहीं रहा हैं,तो (MSP) का ढिंढोरा क्यु पीटा जा रहा है। 🎋किसानो की अधिकार #सरकार #अधिकारियों और #पैक्स दिन दहाड़े लूट रहीं हैं, इसका जिम्मेवार कौन हैं? 🗞️ आज के समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रमुख खबरें और #औरंगाबाद #जिलाधिकारी DM Aurangabad के #Facebook पोस्ट पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का ढिंढोरा सोभा नहीं देता। #जिलाधिकारी #औरंगाबाद बता दे कि जिले के किसानो को (MSP) दर पर धान की खरीदारी किसानों के कि गई हो? 🌾 धान अधिप्राप्ति की अवधि बढ़ी अच्छा खबर है?परंतु उसे कहीं किसानो को (MSP)दर नहीं मिलना बुरी खबर हैं.. अब 28 फरवरी के बजाय 31 मार्च 2026 तक होगी धान की खरीदारी क्या सरकारी तय (MSP) दर पर भुगतान किसानो को किया जाएगा? खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत लिए गए इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने के बाद भुगतान तय समय पर मिलेगा? #jansuraaj #Aurangabad #Bihar #धान_खरीद #MSP #किसान_हत #CooperativeDepartment #Gov_of_Bihar_Information Er Anand Singh1
- रफीगंज पुलिस ने बारात में आये एक व्यक्ति को शराब के नशे में बड़गांव गांव से गिरफ्तार किया। इस सम्बंध थानाध्यक्ष शंभु कुमार ने बताया कि हसपुरा थाना क्षेत्र के धमनी गांव निवासी विकास कुमार को नशे की हालत में हिरासत में थाना लाया गया जांच में अल्कोहल सेवन की पुष्टि होने पर गिरफ्तार कर औरंगाबाद न्यायालय भेज दिया गया है।1
- मानवता की सेवा में निकली एक उड़ान सोमवार की शाम काल बन गई। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई एयर एंबुलेंस झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दर्दनाक हादसे में किसी मरीज की जान बचाने के उद्देश्य से उड़ान भरने वाले दो जांबाज पायलट, चिकित्साकर्मी, मरीज और उसके परिजनों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई। यह हादसा न केवल पीड़ित परिवारों, बल्कि पूरे राज्य के लिए गहरे शोक और पीड़ा का कारण बन गया है। सोमवार की शाम करीब सात बजे एयर एंबुलेंस ने रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। यह विमान रेड बर्ड कंपनी का सी-90 एयरक्राफ्ट बताया जा रहा है, जिसे लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार के नाम से आरक्षित किया गया था। उड़ान भरने के लगभग आधे घंटे बाद अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान का संपर्क टूट गया। इसके बाद हवाई अड्डे और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। लगातार संपर्क साधने की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। कुछ देर बाद चतरा जिले के सिमरिया इलाके में विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। दुर्घटनाग्रस्त विमान में कुल आठ लोग सवार थे। इनमें कैप्टन विवेक और सह-पायलट कैप्टन समरजीत के अलावा चिकित्सक डॉ विकास कुमार गुप्ता, नर्स अर्चना देवी, मरीज संजय कुमार तथा उनके परिजन ध्रुव कुमार, विकास गुप्ता और सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, वहीं घटनास्थल पर पहुंची टीमों ने स्थिति का जायजा लिया। मिली जानकारी के अनुसार संजय कुमार की हालत गंभीर थी। वह 65 प्रतिशत तक झुलसे हुए थे और लातेहार के चंदवा स्थित देवकमल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल के संचालक और वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ अनंत सिन्हा ने बताया कि संजय कुमार को 16 फरवरी को परिजनों द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें आईसीयू में रखा गया था। बेहतर इलाज के लिए परिजनों ने उन्हें दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया, जिसके तहत सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे एयर एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल से रवाना किया गया। इस हादसे में जान गंवाने वाले डॉ विकास कुमार गुप्ता रांची सदर अस्पताल में एनेस्थेटिक के पद पर कार्यरत थे और स्थायी चिकित्सक थे। वे अपने कर्तव्य का पालन करते हुए एक मरीज की जान बचाने के मिशन पर थे, लेकिन दुर्भाग्यवश स्वयं इस हादसे का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं और उनका एक दो वर्षीय पुत्र है। डॉ विकास के असमय निधन से चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। झारखंड एनेस्थीसिया सर्विस एसोसिएशन के सचिव डॉ विमलेश कुमार सिंह ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सेवा और कर्तव्य के रास्ते पर चलने वाले कई बार अपनी जान की बाजी लगा देते हैं। जिंदगी बचाने के लिए उड़ान भरने वाले लोग खुद मौत के आगोश में समा गए—यह त्रासदी हर किसी की आंखें नम करने के लिए काफी है1