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मानपुर थाना पुलिस ने अपने क्षेत्र के खेड़ीसोद में हफ्ता वसूली करने वाले संदीप नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। संदीप पर हफ्ता वसूली में संलिप्त होने का आरोप है, जिसके बाद मानपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
Neeraj Vasuniya
मानपुर थाना पुलिस ने अपने क्षेत्र के खेड़ीसोद में हफ्ता वसूली करने वाले संदीप नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। संदीप पर हफ्ता वसूली में संलिप्त होने का आरोप है, जिसके बाद मानपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
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- सीधी जिले के गोपद बनास में एक युवक ने अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) के चैंबर में अपनी बुलेट मोटरसाइकिल लेकर पहुँचकर हंगामा किया। यह घटना एसडीएम के चैंबर के भीतर हुई।1
- मूल संदेश के अनुसार, भगवान का दोस्त बनना कोई जटिल कार्य नहीं है। यह बताया गया है कि केवल दीन-दुखियों पर दया और करुणा दिखाने मात्र से ही कोई भगवान का मित्र बन सकता है।1
- खरगोन जिले के झिरनिया स्थित नीमसेटी गांव में 84 आदिवासी बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से नाराज परिजन सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रमाण पत्रों के अभाव में बच्चों का स्कूल में प्रवेश अटक गया है, जिससे उनकी शिक्षा पर संकट गहरा गया है। परिजनों का आरोप है कि सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण ये प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। अपनी समस्या को लेकर परिजन बच्चों के साथ भीकनगांव में भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्रम्हाणे के घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने भीकनगांव एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार मनोज चौहान को एक ज्ञापन भी सौंपा। परिजनों ने मांग की है कि बच्चों के माता-पिता सहित तीन पीढ़ियों की जाति के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। इस स्थिति के चलते 84 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई अधर में लटक गई है और उनका भविष्य अनिश्चित दिख रहा है। परिजनों ने सरकार के "स्कूल चले अभियान" की धज्जियां उड़ने का आरोप लगाते हुए शिक्षा के अधिकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।4
- श्री राजपूत करणी सेना ने धार शहर में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) सवर्ण क्रांति यात्रा का आयोजन किया। घोड़ा चौपाटी स्थित लालबाग परिसर से शुरू हुई इस यात्रा का शहर के विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। इस यात्रा में श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय प्रमुख अनुराग प्रताप सिंह राघव, करणी सेना के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों के साथ ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। मीडिया से बातचीत के दौरान, अनुराग प्रताप सिंह राघव ने देश में सवर्ण समाज के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण को 10% से बढ़ाकर 15% करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारत सरकार से देश में लागू किए जा रहे यूजीसी कानून को वापस लेने और भारत में ईडब्ल्यूएस आरक्षण के सरलीकरण की भी अपील की। ज्ञात हो कि करणी सेना द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आरक्षण की क्रांति और युवाओं के अधिकारों के लिए पूरे मध्यप्रदेश में यह प्रदेशव्यापी यात्रा चलाई जा रही है, जिसके तहत ही धार शहर में भी यह ईडब्ल्यूएस यात्रा निकाली गई।1
- सेंधवा के रघुवंश पब्लिक स्कूल में स्वर्गीय बाबूलाल जी रघुवंशी की पुण्य स्मृति में एक भव्य सम्मान एवं छात्रवृत्ति वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया। कुल 19 लाख 80 हजार रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10वीं के 87 और कक्षा 12वीं के 26 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। जिन विद्यार्थियों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, उन्हें मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। विद्यालय प्रबंधन ने 91 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले 20 विद्यार्थियों को प्रत्येक को 72-72 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी। इसके अतिरिक्त, 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अर्जित करने वाले 6 विद्यार्थियों को 90-90 हजार रुपये की छात्रवृत्ति के साथ लैपटॉप भेंट कर सम्मानित किया गया। कक्षा 12वीं में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने पर रिद्धि तायल (कॉमर्स) और रोहित जाधव (साइंस) को विशेष रूप से लैपटॉप देकर सम्मानित किया गया, और विद्यालय परिवार ने उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर, विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि स्वर्गीय बाबूलाल जी रघुवंशी का शिक्षा के प्रति समर्पण और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सपना आज भी विद्यालय की प्रेरणा है। उनके आदर्शों पर चलते हुए, विद्यालय लगातार प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर रहा है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, और अंत में सभी सम्मानित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।1
- सनावद समेत पूरे निमाड़ क्षेत्र में सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ वट सावित्री का व्रत बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। यह पावन पर्व हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को (और कुछ क्षेत्रों में पूर्णिमा को भी) मनाया जाता है, जो पति की दीर्घायु के लिए समर्पित है। इस व्रत की मूल कथा पतिव्रता सावित्री और सत्यवान पर आधारित है। पौराणिक कथा के अनुसार, मद्र देश की राजकुमारी सावित्री ने अल्पायु सत्यवान से विवाह किया था। जब सत्यवान की मृत्यु का समय आया, तो यमराज उनके प्राण हरने धरती पर आए। सावित्री ने अपने तपोबल और बुद्धिमत्ता से यमराज का पीछा किया और उनसे शास्त्रार्थ किया। सावित्री के पतिव्रत धर्म से प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें तीन वरदान दिए। चतुर सावित्री ने अंतिम वरदान में सौ पुत्रों की माता बनने का वर मांगा। जैसे ही यमराज ने 'तथास्तु' कहा, वे धर्मसंकट में पड़ गए क्योंकि सत्यवान के प्राण लौटाए बिना यह वरदान पूरा नहीं हो सकता था। विवश होकर यमराज को सत्यवान के प्राण वापस करने पड़े। यह महत्वपूर्ण घटना एक वट (बरगद) वृक्ष के नीचे हुई थी, जिसके कारण इस दिन वट वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है। इस दौरान, देशभर में वट सावित्री व्रत की धूम रही, जहां सुहागिनों ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखा और वट वृक्ष की परिक्रमा कर सौभाग्य का वरदान मांगा। बाजारों में भी खूब रौनक देखने को मिली, जहां पूजा सामग्री, फल और पारंपरिक परिधानों की जमकर खरीदारी हुई। महिलाएं सज-धज कर मंदिरों और विभिन्न पूजा स्थलों पर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।1
- महू के पातालपानी क्षेत्र में सोमवार, 29 जून को हुई बारिश के बाद पातालपानी वॉटरफॉल का झरना एक बार फिर से बहने लगा है। झरने के फिर से चालू होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने और झरने को देखने के लिए पातालपानी पहुँच रहे हैं, जिससे क्षेत्र में आवाजाही बढ़ गई है। बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी पर्यटक को नदी, नाले या अन्य खतरनाक स्थानों पर जाने की अनुमति न दी जाए। इसके साथ ही, प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें, चेतावनी संकेतों को अनदेखा न करें और सेल्फी या वीडियो बनाने के उद्देश्य से जोखिम भरे स्थानों पर जाने से बचें, ताकि किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।1
- दृश्युद्वीयुग को भी दे दिया जाए क्या तरह काम नहीं याद है आप सभी तक1