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प्रयागराज में चल रही SSC GD परीक्षा के दौरान एक एग्जाम सेंटर पर खराब हुए सिस्टम को अभ्यर्थियों द्वारा खुद ठीक करते हुए देखा गया। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि वर्तमान सरकार में सभी परीक्षा एजेंसियां भ्रष्ट हो चुकी हैं, क्योंकि यह सरकार ही भ्रष्ट है। यह टिप्पणी सीधे तौर पर परीक्षा प्रणाली की अखंडता और शासन व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाती है।
MD AZAD ABBAS
प्रयागराज में चल रही SSC GD परीक्षा के दौरान एक एग्जाम सेंटर पर खराब हुए सिस्टम को अभ्यर्थियों द्वारा खुद ठीक करते हुए देखा गया। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि वर्तमान सरकार में सभी परीक्षा एजेंसियां भ्रष्ट हो चुकी हैं, क्योंकि यह सरकार ही भ्रष्ट है। यह टिप्पणी सीधे तौर पर परीक्षा प्रणाली की अखंडता और शासन व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाती है।
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- सिजिमाली के आदिवासियों की लड़ाई केवल जमीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने अधिकारों और स्वाभिमान को बचाने का एक महत्वपूर्ण संघर्ष है। वे कई प्रमुख मांगों के साथ अपनी आवाज उठा रहे हैं, जिसमें पूरे ओडिशा में तत्काल PESA अधिनियम को लागू करना शामिल है। आदिवासी समुदाय सिजिमाली पहाड़ियों में बॉक्साइट खनन पर तुरंत रोक लगाने और न्यायालय की निगरानी में एक निष्पक्ष ग्राम सभा प्रक्रिया को दोबारा आयोजित करने की भी मांग कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आदिवासियों पर वेदांता और अडानी समर्थित कंपनियों द्वारा किए जा रहे पुलिस दमन और अत्याचार को तत्काल बंद करने की मांग उठाई गई है। उनकी मांग है कि जेल में बंद सभी आदिवासी युवा कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए। इन मांगों के पीछे सिजिमाली के आदिवासी समाज का स्वाभिमान वापस लौटाने का संकल्प है। यह जानकारी IYC प्रभारी श्री मनीष शर्मा द्वारा साझा की गई है।1
- गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवेश से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, जिसके चलते आदिवासी समाज ने राज्य में सियासी ‘गेम’ को बदल दिया है।1
- बलबड्डा थाना पुलिस ने थाना प्रभारी पंकज सिंह के नेतृत्व में घोरीचक चौक पर एक सघन वाहन जांच अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, अपराधों पर नियंत्रण रखना और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना था। पुलिस ने इस दौरान आने-जाने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बारीकी से जांच की, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के कागजात, बीमा और प्रदूषण प्रमाण पत्र जैसे सभी आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की गई। विशेष रूप से, दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट और चारपहिया वाहन चालकों के सीट बेल्ट के उपयोग पर जोर दिया गया। जांच अभियान के दौरान, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को आवश्यक हिदायतें देकर यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। थाना प्रभारी पंकज सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए समय-समय पर ऐसे अभियान चलाए जाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे वाहन चलाते समय सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। इस अभियान में पुलिस पदाधिकारी और जवान भी मौजूद रहे, जिसके चलते घोरीचक चौक पर कुछ समय के लिए चहल-पहल देखी गई।1
- एक बिजली का खंभा नीचे से पूरी तरह सड़ चुका है, फिर भी इसे अभी तक बदला नहीं गया है। इस गंभीर स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की गई है कि अगर यह जर्जर खंभा किसी पर गिर जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।1
- मंगलवार को जैखुट चौक पर हुई एक सड़क दुर्घटना में लगभग 6 लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर सन्हौला पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला भेजा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना एक तेज रफ्तार वाहन के कारण हुई। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किए जाने की संभावना है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सन्हौला पुलिस ने आम जनता से सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।1
- भागलपुर जिले के प्रसिद्ध अजगैविनाथ धाम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हर साल की तरह इस वर्ष भी बिहार, झारखंड समेत अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाने पहुँचे, जहाँ सुबह से ही गंगा घाटों पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन ही माँ गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी श्रद्धा के साथ, शिवभक्तों ने गंगा स्नान किया, पूजा-अर्चना की और आम के फल, प्रसाद तथा दीप अर्पित कर माँ गंगा से सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने परिवारों की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दीपदान भी किया। अजगैविनाथ मंदिर के महंत प्रेमानंद गिरी ने गंगा दशहरा के विशेष धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस दिन उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान और दीपदान करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसी गहन आस्था के कारण बड़ी संख्या में शिवभक्त दूर-दराज के स्थानों से अजगैविनाथ धाम आते हैं। पूरे मंदिर परिसर और गंगा घाटों पर भक्तिमय और ऊर्जावान माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह से मुस्तैद और सक्रिय दिखा।1
- देश में व्याप्त गरीबी और भुखमरी के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए, इस पर सवाल उठाते हुए, एक सोशल मीडिया पोस्ट में धर्म के नाम पर की जा रही भोजन की भारी बर्बादी पर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है। पोस्ट में विशेष रूप से बताया गया है कि धार्मिक आयोजनों में 101 किलोग्राम आम रस और 30 क्विंटल गन्ने के रस का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। पोस्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि यदि यह विशाल मात्रा में आम रस और गन्ने का रस किसी गरीब परिवार या किसी भी आम आदमी के पेट में जाता, तो उससे अपार दुआएं और आशीर्वाद मिलते। सवाल उठाया गया है कि आखिर ऐसा कौन सा धर्म-कर्म है जो इस तरह की बर्बादी को बढ़ावा देता है, और इस प्रथा को देश की गरीबी तथा भुखमरी का जिम्मेदार बताया गया है।1
- आज मध्य प्रदेश के सीधी में मप्र युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के साथियों ने नीट पेपर लीक घोटाले के खिलाफ एक भाजपा सांसद का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से धर्मेन्द्र प्रधान की तत्काल बर्खास्तगी की मांग की, आरोप लगाया कि वे 22 लाख परिवारों को तबाह करने और कई आत्महत्याओं के जिम्मेदार हैं। उन्होंने वाटर कैनन, लाठीचार्ज और पुलिस के दमनकारी रवैये पर सवाल उठाते हुए तीखा कटाक्ष किया, पूछते हुए कि ये सब तो ठीक है, लेकिन प्रधान की बर्खास्तगी कब होगी।1
- झारखंड के बड़ा तालबोना गाँव में बेहद तेज़ आंधी चलने के कारण आम के पेड़ की डालियाँ टूट गई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, लोगों से विशेष रूप से सतर्क रहने की अपील की गई है। स्थानीय प्रशासन ने बारिश के मौसम में आम के पेड़ पर आम चुनने के लिए पेड़ों के पास न जाने की स्पष्ट चेतावनी जारी की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या खतरे से बचा जा सके।1