मंगलवार को जैखुट चौक पर हुई एक सड़क दुर्घटना में लगभग 6 लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर सन्हौला पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला भेजा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना एक तेज रफ्तार वाहन के कारण हुई। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किए जाने की संभावना है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सन्हौला पुलिस ने आम जनता से सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
मंगलवार को जैखुट चौक पर हुई एक सड़क दुर्घटना में लगभग 6 लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर सन्हौला पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला भेजा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दुर्घटना एक तेज रफ्तार वाहन के कारण हुई। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर रेफर किए जाने की संभावना है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर जुट गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सन्हौला पुलिस ने आम जनता से सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
- भारतीय प्रश्नपत्र लीक (Indian Paper Leak) की व्यापक और अनियंत्रित समस्या पर तीखा कटाक्ष करते हुए, यह व्यंग्यात्मक रूप से स्वीकार किया गया है कि अब केवल चुनाव आयोग ही इसे 'ईमानदारी' से आयोजित करा सकता है। यह टिप्पणी देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता की गंभीर कमी तथा वर्तमान व्यवस्थाओं की कथित विफलता पर गहरा आक्षेप है।1
- झारखंड के गोड्डा जिले के ठाकुर गंगटी प्रखंड की दिग्घी पंचायत के खानिचक गांव से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक सगे बेटे ने अपने ही माता-पिता को अपने साथ रखने से साफ इनकार कर दिया है। बेटे के इस व्यवहार के कारण अब माता-पिता दर-दर भटकने को मजबूर हैं और उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना इस सवाल को उठाती है कि क्या किसी बेटे को अपने माता-पिता के साथ इस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए।1
- गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवेश से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, जिसके चलते आदिवासी समाज ने राज्य में सियासी ‘गेम’ को बदल दिया है।1
- बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र स्थित संग्रामपुर प्रखंड के पतघाघर में एक आवासीय विद्यालय में भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण बुधवार को 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। ये बच्चियां कटियारी पंचायत के पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय की हैं, जिन्हें आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया। इस घटना ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' जैसे सरकारी दावों की पोल खोल दी है। बेहोश होने वाली छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष) और सोना भारती (13 वर्ष) सहित कुल 7 छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया, जिसमें चिकित्सकों ने हीट वेव और डिहाइड्रेशन को वजह बताया। फिलहाल, सभी बच्चियां खतरे से बाहर हैं और उन्हें कुछ घंटों की निगरानी के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में बिजली जाने के बाद कमरा भट्टी जैसा बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। इस आवासीय विद्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से कक्षा 6 से 12वीं तक की करीब 200 छात्राएं पढ़ती हैं। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने अपनी लाचारी स्वीकारते हुए बताया कि बिजली न होने के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस का समरसेबल भी बोरिंग फेल होने के कारण पानी नहीं दे रहा है, जिसके चलते पीएचईडी से रोज केवल 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर के प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने भी पुष्टि की कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। करोड़ों की लागत से भव्य भवन बनने के बावजूद, इस आवासीय विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं, जिससे 200 छात्राएं नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति तब है जब तारापुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री स्वयं सम्राट चौधरी हैं, और उनके ही विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय की बेटियों की यह दुर्दशा 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों पर सवाल उठाती है।3
- प्रयागराज में चल रही SSC GD परीक्षा के दौरान एक एग्जाम सेंटर पर खराब हुए सिस्टम को अभ्यर्थियों द्वारा खुद ठीक करते हुए देखा गया। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि वर्तमान सरकार में सभी परीक्षा एजेंसियां भ्रष्ट हो चुकी हैं, क्योंकि यह सरकार ही भ्रष्ट है। यह टिप्पणी सीधे तौर पर परीक्षा प्रणाली की अखंडता और शासन व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाती है।1
- खगड़िया जिले की महेशखूंट थाना पुलिस, डीआईयू टीम खगड़िया और एसटीएफ ने एक संयुक्त कार्रवाई में महेशखूंट थाना कांड संख्या 129/25 के वांछित टॉप-10 अपराधी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधी की पहचान मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित मिर्जापुर निवासी अंतरराज्यीय आर्म्स तस्कर एवं कारीगर परवेज चांद उर्फ पजिया के रूप में हुई है। उसे मुंगेर जिले के बरदह गांव से पकड़ा गया। महेशखूंट थानाध्यक्ष ने मंगलवार सुबह नौ बजे बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने इस गिरफ्तारी को पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता बताया, जो मुंगेर जिले की पुलिस के सहयोग से संभव हुई। अपराधी से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।2
- सिजिमाली के आदिवासियों की लड़ाई केवल जमीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने अधिकारों और स्वाभिमान को बचाने का एक महत्वपूर्ण संघर्ष है। वे कई प्रमुख मांगों के साथ अपनी आवाज उठा रहे हैं, जिसमें पूरे ओडिशा में तत्काल PESA अधिनियम को लागू करना शामिल है। आदिवासी समुदाय सिजिमाली पहाड़ियों में बॉक्साइट खनन पर तुरंत रोक लगाने और न्यायालय की निगरानी में एक निष्पक्ष ग्राम सभा प्रक्रिया को दोबारा आयोजित करने की भी मांग कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आदिवासियों पर वेदांता और अडानी समर्थित कंपनियों द्वारा किए जा रहे पुलिस दमन और अत्याचार को तत्काल बंद करने की मांग उठाई गई है। उनकी मांग है कि जेल में बंद सभी आदिवासी युवा कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे मुकदमों को वापस लिया जाए। इन मांगों के पीछे सिजिमाली के आदिवासी समाज का स्वाभिमान वापस लौटाने का संकल्प है। यह जानकारी IYC प्रभारी श्री मनीष शर्मा द्वारा साझा की गई है।1
- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र, मुंगेर के तारापुर विधानसभा अंतर्गत संग्रामपुर प्रखंड के कटियारी पंचायत स्थित पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग गर्ल्स आवासीय +2 विद्यालय, पतघाघर में बुधवार को भीषण गर्मी और अव्यवस्था के कारण 7 छात्राएं बेहोश हो गईं। इस घटना ने 'सुशासन' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के दावों की पोल खोल दी है। बेहोश हुई छात्राओं में खुशबू कुमारी (14 वर्ष), आराध्या कुमारी (14 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), राली कुमारी (13 वर्ष), रिया कुमारी (14 वर्ष), सोना भारती (13 वर्ष) सहित सात छात्राएं शामिल हैं, जो कक्षा 6 से 10वीं के बीच पढ़ती हैं। स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापक पुष्पा कुमारी ने स्थिति पर लाचारी जताते हुए कहा कि बिजली नहीं होने से गर्मी के कारण बच्चे बेहोश हुए। उनके पास बड़ा जनरेटर है, लेकिन डीजल खरीदने के लिए विभाग से फंड नहीं मिलता, इसलिए वह चल नहीं पाता। कैंपस में समरसेबल बोरिंग भी फेल है, जिससे पानी नहीं आता। विद्यालय को रोजाना पीएचईडी से 3 टैंकर पानी मंगाना पड़ता है और पीने का पानी अलग से खरीदना पड़ता है। उन्होंने कई बार डीईओ-डीपीओ को इस संबंध में लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। एक भर्ती छात्रा ने रोते हुए बताया कि दोपहर में लाइट जाने के बाद कमरा भट्ठी बन गया, जिससे उसे चक्कर आया और वह गिर गई। सरकार ने करोड़ों की लागत से भव्य भवन तो बना दिया है, लेकिन करीब 200 छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाएं 'जीरो' हैं और उन्हें स्वच्छ भोजन भी नहीं मिल रहा। सभी बेहोश छात्राओं को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संग्रामपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉ. एस.एस. राय, डॉ. सुजय कुमार और डॉ. मयंक कुमार की टीम ने उनका इलाज किया। सीएचसी प्रभारी डॉ. एस.एस. राय ने बताया कि बच्चियों को अत्यधिक गर्मी, बिजली-पानी की कमी और डिहाइड्रेशन के कारण हीट स्ट्रोक हुआ था। समय पर इलाज मिलने से सभी खतरे से बाहर हैं और उन्हें 3-4 घंटे निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि तारापुर के विधायक और स्वयं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अपने विधानसभा क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित इस आवासीय विद्यालय की 200 बेटियां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जो बेहद शर्मनाक स्थिति है।4
- लखनऊ के कृष्ण नगर से मिली जानकारी के अनुसार, NEET परीक्षा के बाद अब कर्मचारी चयन आयोग (SSC) GD का पेपर भी लीक हो गया है।1