करैरा क्षेत्र में एक विवादित भूमि और रास्ते के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित आदेश की जानकारी दिए और राजस्व विभाग की स्पष्ट जांच रिपोर्ट के अभाव में पुलिस ने उनके मुख्य प्रवेश मार्ग पर दीवार खड़ी करवा दी, जिससे आवागमन का उनका एकमात्र रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, यदि किसी सक्षम न्यायालय या राजस्व अधिकारी का कोई आदेश था, तो उसकी प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी और नियमानुसार उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाना था, जो नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में न तो उन्हें कोई नोटिस दी गई और न ही पर्याप्त समय मिला। परिवार का कहना है कि जिस प्रकरण में राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन, जांच और प्रतिवेदन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, उसमें पुलिस ने सीधे हस्तक्षेप कर कार्रवाई कर दी है, और उनके सामने पटवारी या राजस्व निरीक्षक (आरआई) का कोई जांच प्रतिवेदन भी नहीं प्रस्तुत किया गया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ जारी हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर भी लोग कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, कार्रवाई के आधार बने आदेशों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने तथा प्रक्रिया में किसी त्रुटि होने पर सुधार करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट कहना है, "यदि कोई वैधानिक आदेश था तो हमें उसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। बिना सूचना और बिना सुनवाई रास्ता बंद कर देना न्यायसंगत नहीं है। हम प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हैं।" मामले में पुलिस और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना शेष है, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है।
करैरा क्षेत्र में एक विवादित भूमि और रास्ते के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित आदेश की जानकारी दिए और राजस्व विभाग की स्पष्ट जांच रिपोर्ट के अभाव में पुलिस ने उनके मुख्य प्रवेश मार्ग पर दीवार खड़ी करवा दी, जिससे आवागमन का उनका एकमात्र रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, यदि किसी सक्षम न्यायालय या राजस्व अधिकारी का कोई आदेश था, तो उसकी प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी और नियमानुसार उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाना था, जो नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में न तो उन्हें कोई नोटिस दी गई और न ही पर्याप्त समय मिला। परिवार का कहना है कि जिस प्रकरण में राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन, जांच और प्रतिवेदन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, उसमें पुलिस ने सीधे हस्तक्षेप कर कार्रवाई कर दी है, और उनके सामने पटवारी या राजस्व निरीक्षक (आरआई) का कोई जांच प्रतिवेदन भी नहीं प्रस्तुत किया गया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ जारी हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर भी लोग कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, कार्रवाई के आधार बने आदेशों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने तथा प्रक्रिया में किसी त्रुटि होने पर सुधार करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट कहना है, "यदि कोई वैधानिक आदेश था तो हमें उसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। बिना सूचना और बिना सुनवाई रास्ता बंद कर देना न्यायसंगत नहीं है। हम प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हैं।" मामले में पुलिस और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना शेष है, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है।
- मध्य प्रदेश के करैरा में किसानों से खाद की कालाबाजारी और लूट का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। खाद दुकानदार लगातार किसानों को निर्धारित एमआरपी (MRP) से आठ-आठ सौ रुपये अधिक में खाद की बोरियां बेच रहे हैं। बताया गया है कि पिछले चार दिनों में सामने आया यह तीसरा ऐसा मामला है। इस लगातार हो रही लूट के कारण किसान दुकानों और कृषि विभाग के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालांकि, कृषि विभाग द्वारा गलत करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई अब तक देखने को नहीं मिली है। सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर जिम्मेदार मुख्य कृषि विकास अधिकारी इन भ्रष्ट दुकानदारों के प्रति इतनी मेहरबान क्यों हैं।1
- पिछोर स्थित अबंतीबाई बाचरौन चौराहे पर आज एक बार फिर चक्का जाम किया गया। यह विरोध प्रदर्शन मृतक महिला के परिवारजनों द्वारा किया गया, जिन्होंने महिला के शव को सड़क पर रखकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। परिवारजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने महिला को जहर देकर मार डाला है।1
- नरवर तहसील के सोनहर हल्का अंतर्गत ग्राम शाहपुरा में राजस्व प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गुर्जर परिवार को उसका हक दिलाया है। प्रशासन ने करीब 50 साल पुरानी कब्ज़े वाली भूमि को दबंगों के चंगुल से मुक्त कराया और पुनः परिवार को उसका कब्ज़ा सौंपा। इस सख्त कार्रवाई का नेतृत्व नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने किया। प्रशासन के इस कदम से अवैध कब्ज़ाधारियों में हड़कंप मच गया है।1
- गुरुवार को पिछोर कस्बे में उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब काली पहाड़ी निवासी एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उसके मायके पक्ष के लोगों ने पिछोर थाने के सामने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ का सेवन किया था, जिसकी पुष्टि उपचार के दौरान हुई उसकी मृत्यु से होती है। हालांकि, परिजनों ने आशंका व्यक्त की है कि महिला को जहर दिया गया हो सकता है। उनकी मांग है कि ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मायके पक्ष के आक्रोशित परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी परिजनों को समझाने का प्रयास किया। थाने के सामने बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने के कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। नोट: महिला की मौत के कारणों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और पुलिस जांच जारी है।1
- एक सार्वजनिक मंच पर नरेंद्र सिंह तोमर का 'दर्द' सामने आने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनके व्यक्तिगत दर्द के रूप में देखा जा रहा है या फिर 'अपनों को सीख' के तौर पर, यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह बात आखिर क्यों और किसके लिए कही गई थी।1
- शिवपुरी जिले के खनियाधाना से एक खबर सामने आई है, जहाँ एक शासकीय शिक्षक का निजी कोचिंग में पढ़ाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- ग्वालियर के वार्ड 36 स्थित गेंडे वाली सड़क पर युवाओं ने मोहर्रम के अवसर पर हिन्दू-मुस्लिम एकता का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस दौरान, युवाओं ने विशाल भंडारे का आयोजन कर तबर्रुक (प्रसाद) का वितरण किया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश फैला।1
- शिवपुरी जिले की पिछोर तहसील के ग्राम पनिहारी निवासी कक्षा 12वीं की छात्रा शिल्पी लोधी अपने किराए के कमरे में मृत अवस्था में फांसी पर लटकी पाई गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह मामला आत्महत्या का है या हत्या का। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहनता से जांच कर रही है। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2026 में पिछोर तहसील और उसके आसपास के क्षेत्रों से कई हत्या के मामले सामने आए थे, जिनमें से अधिकांश का खुलासा पुलिस पहले ही कर चुकी है। अब छात्रा शिल्पी लोधी की मौत के इस मामले का खुलासा कब तक होता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।2
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पोहरी अनुविभाग के ग्राम झिरी से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे झिरी रोड पर जामखो पैट्रोल पंप के पास एक अज्ञात वाहन ने विजय झा (40 वर्ष), पुत्र कमललाल झा, निवासी झिरी, की बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। विजय झा अपनी पत्नी सुनीता झा के साथ टमाटर की पौध लगाकर बाइक से घर लौट रहे थे। इस हादसे में पति-पत्नी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद अज्ञात कार चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया, ग्रामीणों के घटनास्थल पर पहुँचने से पहले ही वह भाग निकला। ग्रामीणों की मदद से घायल पति-पत्नी को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल ले जाते समय विजय झा जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे। जिला अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने विजय झा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उनकी पत्नी सुनीता झा के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज से ग्वालियर के अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उनकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। इस दुखद घटना की सूचना मिलने पर संबंधित थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों के ज़रिए टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान और तलाश कर रही है।1