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ग्वालियर के वार्ड 36 स्थित गेंडे वाली सड़क पर युवाओं ने मोहर्रम के अवसर पर हिन्दू-मुस्लिम एकता का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस दौरान, युवाओं ने विशाल भंडारे का आयोजन कर तबर्रुक (प्रसाद) का वितरण किया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश फैला।
GWALIOR PRAVAH NEWS
ग्वालियर के वार्ड 36 स्थित गेंडे वाली सड़क पर युवाओं ने मोहर्रम के अवसर पर हिन्दू-मुस्लिम एकता का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस दौरान, युवाओं ने विशाल भंडारे का आयोजन कर तबर्रुक (प्रसाद) का वितरण किया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश फैला।
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- भाण्डेर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने तहसील कार्यालय में एक बैठक आयोजित कर सभी कोचिंग सेंटरों को फायर सेफ्टी, डबल गेट और आपातकालीन निकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- ग्वालियर, मध्य प्रदेश के डबरा सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नवागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मेघसिंह सागर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कई प्रकार की अव्यवस्थाएं सामने आने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। सीएमएचओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों के इलाज व उनके अधिकारों से समझौता करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सागर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, प्रसूति कक्ष, दवा वितरण केंद्र और आपातकालीन इकाई का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों के व्यवहार के संबंध में जानकारी ली। कुछ मरीजों ने समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने और बाहर की दवाइयां लिखे जाने की शिकायत की, जिस पर सीएमएचओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माणाधीन अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया और डॉक्टरों के अटैचमेंट को लेकर उठ रहे सवालों पर समीक्षा करने की बात कही। गौरतलब है कि डबरा सिविल अस्पताल अपनी अनियमितताओं और शिकायतों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है। हालांकि, सीएमएचओ के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल पूरी तरह व्यवस्थित और सभी व्यवस्थाओं से सुसज्जित नजर आया, जिससे पूरे अस्पताल अमले में हड़कंप की स्थिति बनी रही। इस दौरान सिविल अस्पताल के प्रभारी, वरिष्ठ चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी उपस्थित रहे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नवागत सीएमएचओ डॉ. मेघसिंह सागर वर्षों पुरानी अव्यवस्थाओं, लापरवाहियों और अनियमितताओं में स्थायी सुधार ला पाएंगे या फिर निरीक्षण के बाद दुरुस्त हुई व्यवस्थाएं कुछ समय बाद फिर पहले जैसी हो जाएंगी।2
- शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसील में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने राजस्व टीम के साथ गुरुवार सुबह 9 बजे नरवर कस्बे में संचालित कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने जागृति इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, जान्हवी कोचिंग क्लासेज, भार्गव कोचिंग क्लासेज और अनिल कोचिंग क्लासेज को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान एक हैरान करने वाला मामला भी सामने आया, जब राजस्व टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर गोदाम जैसे असुरक्षित भवनों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। यह देखकर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने कोचिंग संचालकों को कड़ी फटकार लगाई। तहसीलदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संचालकों पर बच्चों के भविष्य और उनकी जान दोनों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि किसी दुर्घटना की स्थिति में कौन जिम्मेदारी लेगा। त्यागी ने लखनऊ में हुए अग्निकांड का उदाहरण भी दिया, जिसमें कई विद्यार्थियों की जान चली गई थी, और ऐसे हादसों से सबक लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी कोचिंग संस्थान संचालित होंगे, उन्हें शासन के सभी सुरक्षा नियमों और फायर सेफ्टी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा, अन्यथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि नरवर तहसीलदार अपनी टीम के साथ सुबह से ही कस्बे में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं, और यह अभियान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगे भी जारी रहेगा।1
- करैरा क्षेत्र में एक विवादित भूमि और रास्ते के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित आदेश की जानकारी दिए और राजस्व विभाग की स्पष्ट जांच रिपोर्ट के अभाव में पुलिस ने उनके मुख्य प्रवेश मार्ग पर दीवार खड़ी करवा दी, जिससे आवागमन का उनका एकमात्र रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, यदि किसी सक्षम न्यायालय या राजस्व अधिकारी का कोई आदेश था, तो उसकी प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी और नियमानुसार उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाना था, जो नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में न तो उन्हें कोई नोटिस दी गई और न ही पर्याप्त समय मिला। परिवार का कहना है कि जिस प्रकरण में राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन, जांच और प्रतिवेदन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, उसमें पुलिस ने सीधे हस्तक्षेप कर कार्रवाई कर दी है, और उनके सामने पटवारी या राजस्व निरीक्षक (आरआई) का कोई जांच प्रतिवेदन भी नहीं प्रस्तुत किया गया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ जारी हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर भी लोग कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, कार्रवाई के आधार बने आदेशों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने तथा प्रक्रिया में किसी त्रुटि होने पर सुधार करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट कहना है, "यदि कोई वैधानिक आदेश था तो हमें उसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। बिना सूचना और बिना सुनवाई रास्ता बंद कर देना न्यायसंगत नहीं है। हम प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हैं।" मामले में पुलिस और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना शेष है, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है।1
- ग्राम बदरपुर के हीरा लाल ने बताया है कि रामेश्वर के घर से महादेव बाबा मंदिर तक के रास्ते का एक काम जो वर्ष 2025 में स्वीकृत हुआ था, वह अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। यह कार्य स्वीकृत होने के बावजूद लंबित पड़ा हुआ है।1
- दतिया पुलिस विभाग बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सेफ क्लिक' अभियान के तहत, एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचकर साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह जनसंवाद कार्यक्रम थाना सिविल लाइन क्षेत्र के उनाव रोड पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में एसडीओपी आकांक्षा जैन ने लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए, जिसमें फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी शेयरिंग, बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड और सोशल मीडिया धोखाधड़ी जैसे मामलों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। नागरिकों को यह भी बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी की घटना पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अतिरिक्त, एसडीओपी आकांक्षा जैन ने उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। इस शपथ में सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी और पासवर्ड की सुरक्षा, संदिग्ध लिंक व कॉल से दूरी बनाए रखने तथा परिवार और समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया। दतिया पुलिस के इस जागरूकता अभियान को साइबर अपराधों के खिलाफ लोगों को सतर्क और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' नामक एक नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, कांग्रेस ने पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही, पार्टी ने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की भी आवश्यकता पर जोर दिया है।1
- दतिया में विशाल हत्याकांड के संबंध में दामोदर यादव ने पुलिस प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। इस मामले में उन्होंने प्रशासन को कड़ी चेतावनी जारी की है।1
- दतिया की SDOP आकांक्षा जैन ने लोगों के लिए एक समझाईश जारी की है। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि इस समझाईश को ठीक से समझा और माना जाएगा, तो लोग सुरक्षित रह पाएंगे।1