ग्वालियर, मध्य प्रदेश के डबरा सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नवागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मेघसिंह सागर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कई प्रकार की अव्यवस्थाएं सामने आने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। सीएमएचओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों के इलाज व उनके अधिकारों से समझौता करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सागर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, प्रसूति कक्ष, दवा वितरण केंद्र और आपातकालीन इकाई का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों के व्यवहार के संबंध में जानकारी ली। कुछ मरीजों ने समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने और बाहर की दवाइयां लिखे जाने की शिकायत की, जिस पर सीएमएचओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माणाधीन अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया और डॉक्टरों के अटैचमेंट को लेकर उठ रहे सवालों पर समीक्षा करने की बात कही। गौरतलब है कि डबरा सिविल अस्पताल अपनी अनियमितताओं और शिकायतों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है। हालांकि, सीएमएचओ के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल पूरी तरह व्यवस्थित और सभी व्यवस्थाओं से सुसज्जित नजर आया, जिससे पूरे अस्पताल अमले में हड़कंप की स्थिति बनी रही। इस दौरान सिविल अस्पताल के प्रभारी, वरिष्ठ चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी उपस्थित रहे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नवागत सीएमएचओ डॉ. मेघसिंह सागर वर्षों पुरानी अव्यवस्थाओं, लापरवाहियों और अनियमितताओं में स्थायी सुधार ला पाएंगे या फिर निरीक्षण के बाद दुरुस्त हुई व्यवस्थाएं कुछ समय बाद फिर पहले जैसी हो जाएंगी।
ग्वालियर, मध्य प्रदेश के डबरा सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नवागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मेघसिंह सागर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कई प्रकार की अव्यवस्थाएं सामने आने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। सीएमएचओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों के इलाज व उनके अधिकारों से समझौता करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सागर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, प्रसूति कक्ष, दवा वितरण केंद्र और आपातकालीन इकाई का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों के व्यवहार के संबंध में जानकारी ली। कुछ
मरीजों ने समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने और बाहर की दवाइयां लिखे जाने की शिकायत की, जिस पर सीएमएचओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माणाधीन अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया और डॉक्टरों के अटैचमेंट को लेकर उठ रहे सवालों पर समीक्षा करने की बात कही। गौरतलब है कि डबरा सिविल अस्पताल अपनी अनियमितताओं और शिकायतों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है। हालांकि, सीएमएचओ के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल पूरी तरह व्यवस्थित और सभी व्यवस्थाओं से सुसज्जित नजर आया, जिससे पूरे अस्पताल अमले में हड़कंप की स्थिति बनी रही। इस दौरान सिविल अस्पताल के प्रभारी, वरिष्ठ चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी उपस्थित रहे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नवागत सीएमएचओ डॉ. मेघसिंह सागर वर्षों पुरानी अव्यवस्थाओं, लापरवाहियों और अनियमितताओं में स्थायी सुधार ला पाएंगे या फिर निरीक्षण के बाद दुरुस्त हुई व्यवस्थाएं कुछ समय बाद फिर पहले जैसी हो जाएंगी।
- डबरा के अंतर्गत आने वाले सिविल अस्पताल, डबरा में डिलीवरी वाले मरीजों को सीधे ग्वालियर रेफर कर दिया जाता है। इस मामले में बताया गया है कि अस्पताल स्टाफ को सोने में बहुत दिक्कत होती है और वे चैन की नींद सो सकें, इसीलिए ऐसा किया जाता है। एक वीडियो में डबरा अस्पताल के स्टाफ को आराम फरमाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।1
- जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए डबरा निवासी पारस गुर्जर ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की अपील करते हुए राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर ज़ोर दिया है।1
- ग्वालियर, मध्य प्रदेश के डबरा सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नवागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मेघसिंह सागर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में कई प्रकार की अव्यवस्थाएं सामने आने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। सीएमएचओ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों के इलाज व उनके अधिकारों से समझौता करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ. सागर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, प्रसूति कक्ष, दवा वितरण केंद्र और आपातकालीन इकाई का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों के व्यवहार के संबंध में जानकारी ली। कुछ मरीजों ने समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने और बाहर की दवाइयां लिखे जाने की शिकायत की, जिस पर सीएमएचओ ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माणाधीन अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया और डॉक्टरों के अटैचमेंट को लेकर उठ रहे सवालों पर समीक्षा करने की बात कही। गौरतलब है कि डबरा सिविल अस्पताल अपनी अनियमितताओं और शिकायतों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है। हालांकि, सीएमएचओ के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल पूरी तरह व्यवस्थित और सभी व्यवस्थाओं से सुसज्जित नजर आया, जिससे पूरे अस्पताल अमले में हड़कंप की स्थिति बनी रही। इस दौरान सिविल अस्पताल के प्रभारी, वरिष्ठ चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी उपस्थित रहे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या नवागत सीएमएचओ डॉ. मेघसिंह सागर वर्षों पुरानी अव्यवस्थाओं, लापरवाहियों और अनियमितताओं में स्थायी सुधार ला पाएंगे या फिर निरीक्षण के बाद दुरुस्त हुई व्यवस्थाएं कुछ समय बाद फिर पहले जैसी हो जाएंगी।2
- इंदरगढ़ में माँ शीतला क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के अंडर 18 बालक वर्ग और बालिका वर्ग ओपनस के दूसरे दिन कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। दिन का पहला मैच खड़ौआ और मैंथाना पाली के बीच खेला गया, जिसमें खड़ौआ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 96 रन बनाए। खड़ौआ के लिए सुमित और यश ने 50 रन की साझेदारी की। लक्ष्य का पीछा करते हुए, मैंथाना की टीम 9 ओवर में मात्र 80 रन बनाकर ऑल आउट हो गई, जिसमें अजय यादव ने सर्वाधिक 25 रन बनाए। इस मैच में खड़ौआ के यादवेंद्र सिंह चौहान ने एक ओवर में तीन विकेट लेकर 'मैन ऑफ द मैच' का खिताब जीता। दूसरा मुकाबला इंदरगढ़ वॉरियर्स और बाउंड्री वेसर टीम के मध्य हुआ, जहाँ इंदरगढ़ वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम 9 ओवर में 65 रन ही बना पाई थी, लेकिन केशव कुशवाहा के अंतिम ओवर में मनीष पटवा ने चार छक्के लगाकर अपनी टीम को 89 रन के लक्ष्य तक पहुँचाया। टूर्नामेंट के आयोजक शहीद भगत सिंह युवा मंडल इंदरगढ़ के अध्यक्ष गौरव गुर्जर सेरसा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में छिपी प्रतिभाओं की तलाश करना है। उन्होंने जानकारी दी कि कोई भी खिलाड़ी ऑनलाइन फ्री रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी टीम के साथ इस टूर्नामेंट में भाग ले सकता है। महारानी लक्ष्मी बाई महिला मंडल से मुस्कान जाटव ने बताया कि इस टूर्नामेंट में लड़कियों को भी अवसर दिया गया है, ताकि वे घर से निकलकर मैदान पर अपना हुनर और जोश दिखा सकें और भारत की महिला क्रिकेट की तरह नगर के लिए प्रेरणा बन सकें। मुस्कान ने यह भी साझा किया कि टूर्नामेंट के लिए नगर के व्यापारियों और राजनेताओं से मदद और स्पॉन्सरशिप मांगी गई, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद, टीम के सदस्यों और क्रिकेट के राज्य स्तरीय खिलाड़ी रहे सतीश केवट ने अपने नए फोन के लिए रखे पैसों से बालक वर्ग को स्पॉन्सर किया, और मुस्कान जाटव ने स्वयं बालिका वर्ग के टूर्नामेंट को स्पॉन्सर किया है। इस टूर्नामेंट में सतीश केवट, फारुख खान, लोकेंद्र चौहान और कृष्णकांत कुशवाहा ने अंपायर की भूमिका निभाई, जबकि सतीश कुशवाहा, टिंकू जाटव, हेमंत कुशवाह, अमरदीप शर्मा और दीपक गुर्जर सेरसा ग्राउंडमैन के तौर पर उपस्थित रहे।2
- आज इंदरगढ़ स्थित श्री बिहारी जी मंदिर में भीम सैनी एकादशी कथा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी भक्तजन भजन-कीर्तन में डूबे नजर आए और उन्होंने पूरी भक्ति के साथ बिहारी जी की सुंदर छवि के दर्शन किए।2
- एक सार्वजनिक मंच पर नरेंद्र सिंह तोमर का 'दर्द' सामने आने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनके व्यक्तिगत दर्द के रूप में देखा जा रहा है या फिर 'अपनों को सीख' के तौर पर, यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह बात आखिर क्यों और किसके लिए कही गई थी।1
- दतिया पुलिस विभाग बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सेफ क्लिक' अभियान के तहत, एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचकर साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह जनसंवाद कार्यक्रम थाना सिविल लाइन क्षेत्र के उनाव रोड पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में एसडीओपी आकांक्षा जैन ने लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए, जिसमें फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी शेयरिंग, बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड और सोशल मीडिया धोखाधड़ी जैसे मामलों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। नागरिकों को यह भी बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी की घटना पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अतिरिक्त, एसडीओपी आकांक्षा जैन ने उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई। इस शपथ में सुरक्षित इंटरनेट के उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी और पासवर्ड की सुरक्षा, संदिग्ध लिंक व कॉल से दूरी बनाए रखने तथा परिवार और समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया। दतिया पुलिस के इस जागरूकता अभियान को साइबर अपराधों के खिलाफ लोगों को सतर्क और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- ग्वालियर के वार्ड 36 स्थित गेंडे वाली सड़क पर युवाओं ने मोहर्रम के अवसर पर हिन्दू-मुस्लिम एकता का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस दौरान, युवाओं ने विशाल भंडारे का आयोजन कर तबर्रुक (प्रसाद) का वितरण किया, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश फैला।1