Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक सार्वजनिक मंच पर नरेंद्र सिंह तोमर का 'दर्द' सामने आने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनके व्यक्तिगत दर्द के रूप में देखा जा रहा है या फिर 'अपनों को सीख' के तौर पर, यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह बात आखिर क्यों और किसके लिए कही गई थी।
GWALIOR PRAVAH NEWS
एक सार्वजनिक मंच पर नरेंद्र सिंह तोमर का 'दर्द' सामने आने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनके व्यक्तिगत दर्द के रूप में देखा जा रहा है या फिर 'अपनों को सीख' के तौर पर, यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह बात आखिर क्यों और किसके लिए कही गई थी।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- भाण्डेर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीएम ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने तहसील कार्यालय में एक बैठक आयोजित कर सभी कोचिंग सेंटरों को फायर सेफ्टी, डबल गेट और आपातकालीन निकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।1
- ग्वालियर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ पुरानी छावनी थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने पड़ोसी युवक पर मारपीट और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि थाने में शिकायत करने के बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उसने न्याय की गुहार लेकर एसपी कार्यालय की जनसुनवाई में अपनी बात रखी।1
- शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसील में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने राजस्व टीम के साथ गुरुवार सुबह 9 बजे नरवर कस्बे में संचालित कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने जागृति इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, जान्हवी कोचिंग क्लासेज, भार्गव कोचिंग क्लासेज और अनिल कोचिंग क्लासेज को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान एक हैरान करने वाला मामला भी सामने आया, जब राजस्व टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर गोदाम जैसे असुरक्षित भवनों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। यह देखकर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने कोचिंग संचालकों को कड़ी फटकार लगाई। तहसीलदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संचालकों पर बच्चों के भविष्य और उनकी जान दोनों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि किसी दुर्घटना की स्थिति में कौन जिम्मेदारी लेगा। त्यागी ने लखनऊ में हुए अग्निकांड का उदाहरण भी दिया, जिसमें कई विद्यार्थियों की जान चली गई थी, और ऐसे हादसों से सबक लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी कोचिंग संस्थान संचालित होंगे, उन्हें शासन के सभी सुरक्षा नियमों और फायर सेफ्टी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा, अन्यथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि नरवर तहसीलदार अपनी टीम के साथ सुबह से ही कस्बे में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं, और यह अभियान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगे भी जारी रहेगा।1
- करैरा क्षेत्र में एक विवादित भूमि और रास्ते के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित आदेश की जानकारी दिए और राजस्व विभाग की स्पष्ट जांच रिपोर्ट के अभाव में पुलिस ने उनके मुख्य प्रवेश मार्ग पर दीवार खड़ी करवा दी, जिससे आवागमन का उनका एकमात्र रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, यदि किसी सक्षम न्यायालय या राजस्व अधिकारी का कोई आदेश था, तो उसकी प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी और नियमानुसार उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाना था, जो नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में न तो उन्हें कोई नोटिस दी गई और न ही पर्याप्त समय मिला। परिवार का कहना है कि जिस प्रकरण में राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन, जांच और प्रतिवेदन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, उसमें पुलिस ने सीधे हस्तक्षेप कर कार्रवाई कर दी है, और उनके सामने पटवारी या राजस्व निरीक्षक (आरआई) का कोई जांच प्रतिवेदन भी नहीं प्रस्तुत किया गया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ जारी हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर भी लोग कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, कार्रवाई के आधार बने आदेशों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने तथा प्रक्रिया में किसी त्रुटि होने पर सुधार करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट कहना है, "यदि कोई वैधानिक आदेश था तो हमें उसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। बिना सूचना और बिना सुनवाई रास्ता बंद कर देना न्यायसंगत नहीं है। हम प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हैं।" मामले में पुलिस और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना शेष है, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है।1
- ग्राम बदरपुर के हीरा लाल ने बताया है कि रामेश्वर के घर से महादेव बाबा मंदिर तक के रास्ते का एक काम जो वर्ष 2025 में स्वीकृत हुआ था, वह अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। यह कार्य स्वीकृत होने के बावजूद लंबित पड़ा हुआ है।1
- शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। युवा फोर्स की अपनी ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद जब एक युवा अपने घर पहुंचा, तो उसने सबसे पहले अपने माता-पिता को सम्मानपूर्वक सैल्यूट किया। बेटे के इस हृदयस्पर्शी कृत्य ने वहाँ मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। यह पल इतना भावुक था कि हर किसी की आँखों में गर्व और सम्मान के आँसू आ गए, जिसने इस अनोखे 'दबंग स्टाइल' सम्मान की गहरी छाप छोड़ दी।1
- कांग्रेस ने 'छात्रों की गूंज' नामक एक नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत, कांग्रेस ने पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही, पार्टी ने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की भी आवश्यकता पर जोर दिया है।1
- मध्य प्रदेश के नरवर-मगरोनी रोड पर MPRDC द्वारा निर्मित सड़क इन दिनों बड़े हादसे को खुला न्योता दे रही है। सड़क के बिल्कुल किनारे बनी गहरी खाई और क्षतिग्रस्त पुलिया राहगीरों के लिए जानलेवा खतरा बन गई है, जिस पर जिम्मेदार विभाग मौन साधे बैठा है। मौके पर स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहाँ सड़क किनारे पुलिया के पास की मिट्टी धंस गई है और नीचे एक गहरी खाई बन गई है। यह खाई सड़क से सटकर बनी है और कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, खासकर रात के अंधेरे या बारिश में यहाँ से गुजरना और भी खतरनाक हो जाता है। यदि कोई वाहन चालक थोड़ा भी संतुलन खोता है, तो उसका वाहन सीधे खाई में जा सकता है, जिससे दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन चालकों की जान हर समय जोखिम में बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, फिर भी सुरक्षा के नाम पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है। इसी के मद्देनजर, लोगों ने MPRDC और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण करने, इस खतरनाक खाई को भरवाने, क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत कराने और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया, तो नरवर-मगरोनी रोड पर यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है, जिससे बड़ी जनहानि होने की आशंका है।1
- इंदरगढ़ में माँ शीतला क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के अंडर 18 बालक वर्ग और बालिका वर्ग ओपनस के दूसरे दिन कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। दिन का पहला मैच खड़ौआ और मैंथाना पाली के बीच खेला गया, जिसमें खड़ौआ ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवर में 96 रन बनाए। खड़ौआ के लिए सुमित और यश ने 50 रन की साझेदारी की। लक्ष्य का पीछा करते हुए, मैंथाना की टीम 9 ओवर में मात्र 80 रन बनाकर ऑल आउट हो गई, जिसमें अजय यादव ने सर्वाधिक 25 रन बनाए। इस मैच में खड़ौआ के यादवेंद्र सिंह चौहान ने एक ओवर में तीन विकेट लेकर 'मैन ऑफ द मैच' का खिताब जीता। दूसरा मुकाबला इंदरगढ़ वॉरियर्स और बाउंड्री वेसर टीम के मध्य हुआ, जहाँ इंदरगढ़ वॉरियर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम 9 ओवर में 65 रन ही बना पाई थी, लेकिन केशव कुशवाहा के अंतिम ओवर में मनीष पटवा ने चार छक्के लगाकर अपनी टीम को 89 रन के लक्ष्य तक पहुँचाया। टूर्नामेंट के आयोजक शहीद भगत सिंह युवा मंडल इंदरगढ़ के अध्यक्ष गौरव गुर्जर सेरसा ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में छिपी प्रतिभाओं की तलाश करना है। उन्होंने जानकारी दी कि कोई भी खिलाड़ी ऑनलाइन फ्री रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी टीम के साथ इस टूर्नामेंट में भाग ले सकता है। महारानी लक्ष्मी बाई महिला मंडल से मुस्कान जाटव ने बताया कि इस टूर्नामेंट में लड़कियों को भी अवसर दिया गया है, ताकि वे घर से निकलकर मैदान पर अपना हुनर और जोश दिखा सकें और भारत की महिला क्रिकेट की तरह नगर के लिए प्रेरणा बन सकें। मुस्कान ने यह भी साझा किया कि टूर्नामेंट के लिए नगर के व्यापारियों और राजनेताओं से मदद और स्पॉन्सरशिप मांगी गई, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद, टीम के सदस्यों और क्रिकेट के राज्य स्तरीय खिलाड़ी रहे सतीश केवट ने अपने नए फोन के लिए रखे पैसों से बालक वर्ग को स्पॉन्सर किया, और मुस्कान जाटव ने स्वयं बालिका वर्ग के टूर्नामेंट को स्पॉन्सर किया है। इस टूर्नामेंट में सतीश केवट, फारुख खान, लोकेंद्र चौहान और कृष्णकांत कुशवाहा ने अंपायर की भूमिका निभाई, जबकि सतीश कुशवाहा, टिंकू जाटव, हेमंत कुशवाह, अमरदीप शर्मा और दीपक गुर्जर सेरसा ग्राउंडमैन के तौर पर उपस्थित रहे।2