शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसील में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने राजस्व टीम के साथ गुरुवार सुबह 9 बजे नरवर कस्बे में संचालित कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने जागृति इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, जान्हवी कोचिंग क्लासेज, भार्गव कोचिंग क्लासेज और अनिल कोचिंग क्लासेज को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान एक हैरान करने वाला मामला भी सामने आया, जब राजस्व टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर गोदाम जैसे असुरक्षित भवनों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। यह देखकर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने कोचिंग संचालकों को कड़ी फटकार लगाई। तहसीलदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संचालकों पर बच्चों के भविष्य और उनकी जान दोनों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि किसी दुर्घटना की स्थिति में कौन जिम्मेदारी लेगा। त्यागी ने लखनऊ में हुए अग्निकांड का उदाहरण भी दिया, जिसमें कई विद्यार्थियों की जान चली गई थी, और ऐसे हादसों से सबक लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी कोचिंग संस्थान संचालित होंगे, उन्हें शासन के सभी सुरक्षा नियमों और फायर सेफ्टी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा, अन्यथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि नरवर तहसीलदार अपनी टीम के साथ सुबह से ही कस्बे में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं, और यह अभियान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगे भी जारी रहेगा।
शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसील में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने राजस्व टीम के साथ गुरुवार सुबह 9 बजे नरवर कस्बे में संचालित कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने जागृति इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, जान्हवी कोचिंग क्लासेज, भार्गव कोचिंग क्लासेज और अनिल कोचिंग क्लासेज को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान एक हैरान करने वाला मामला भी सामने आया, जब राजस्व टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर गोदाम जैसे असुरक्षित भवनों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। यह देखकर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने कोचिंग संचालकों को कड़ी फटकार लगाई। तहसीलदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संचालकों पर बच्चों के भविष्य और उनकी जान दोनों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि किसी दुर्घटना की स्थिति में कौन जिम्मेदारी लेगा। त्यागी ने लखनऊ में हुए अग्निकांड का उदाहरण भी दिया, जिसमें कई विद्यार्थियों की जान चली गई थी, और ऐसे हादसों से सबक लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी कोचिंग संस्थान संचालित होंगे, उन्हें शासन के सभी सुरक्षा नियमों और फायर सेफ्टी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा, अन्यथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि नरवर तहसीलदार अपनी टीम के साथ सुबह से ही कस्बे में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं, और यह अभियान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगे भी जारी रहेगा।
- शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर नरवर तहसील में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, नरवर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने राजस्व टीम के साथ गुरुवार सुबह 9 बजे नरवर कस्बे में संचालित कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रशासन ने जागृति इंस्टीट्यूट ऑफ इंग्लिश, जान्हवी कोचिंग क्लासेज, भार्गव कोचिंग क्लासेज और अनिल कोचिंग क्लासेज को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। निरीक्षण के दौरान एक हैरान करने वाला मामला भी सामने आया, जब राजस्व टीम ने पाया कि कुछ स्थानों पर गोदाम जैसे असुरक्षित भवनों में बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। यह देखकर तहसीलदार विजय कुमार त्यागी ने कोचिंग संचालकों को कड़ी फटकार लगाई। तहसीलदार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संचालकों पर बच्चों के भविष्य और उनकी जान दोनों के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि किसी दुर्घटना की स्थिति में कौन जिम्मेदारी लेगा। त्यागी ने लखनऊ में हुए अग्निकांड का उदाहरण भी दिया, जिसमें कई विद्यार्थियों की जान चली गई थी, और ऐसे हादसों से सबक लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो भी कोचिंग संस्थान संचालित होंगे, उन्हें शासन के सभी सुरक्षा नियमों और फायर सेफ्टी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा, अन्यथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि नरवर तहसीलदार अपनी टीम के साथ सुबह से ही कस्बे में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं, और यह अभियान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आगे भी जारी रहेगा।1
- करैरा क्षेत्र में एक विवादित भूमि और रास्ते के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जहाँ पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बिना किसी पूर्व सूचना, लिखित आदेश की जानकारी दिए और राजस्व विभाग की स्पष्ट जांच रिपोर्ट के अभाव में पुलिस ने उनके मुख्य प्रवेश मार्ग पर दीवार खड़ी करवा दी, जिससे आवागमन का उनका एकमात्र रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, यदि किसी सक्षम न्यायालय या राजस्व अधिकारी का कोई आदेश था, तो उसकी प्रति उन्हें उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी और नियमानुसार उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया जाना था, जो नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में न तो उन्हें कोई नोटिस दी गई और न ही पर्याप्त समय मिला। परिवार का कहना है कि जिस प्रकरण में राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन, जांच और प्रतिवेदन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी, उसमें पुलिस ने सीधे हस्तक्षेप कर कार्रवाई कर दी है, और उनके सामने पटवारी या राजस्व निरीक्षक (आरआई) का कोई जांच प्रतिवेदन भी नहीं प्रस्तुत किया गया। इस मामले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएँ जारी हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर भी लोग कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने, कार्रवाई के आधार बने आदेशों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने तथा प्रक्रिया में किसी त्रुटि होने पर सुधार करते हुए उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। पीड़ित परिवार का स्पष्ट कहना है, "यदि कोई वैधानिक आदेश था तो हमें उसकी जानकारी दी जानी चाहिए थी। बिना सूचना और बिना सुनवाई रास्ता बंद कर देना न्यायसंगत नहीं है। हम प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हैं।" मामले में पुलिस और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना शेष है, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है।1
- शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के ग्राम रायचंदखेड़ी में सरकारी योजनाओं के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। गांव निवासी जमादार यादव ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे कलेक्टर को आवेदन सौंपकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राकेश यादव ने लगभग 15 वर्ष पहले कथित तौर पर एक फर्जी बीपीएल राशन कार्ड बनवाया और डबल आईडी तैयार कर शासकीय योजनाओं का लाभ लिया। आवेदन में यह भी आरोप है कि वर्ष 2024-25 में राकेश यादव ने दूसरा आवास भी स्वीकृत करा लिया। साथ ही, शिकायत में फर्जी स्व-सहायता समूह संचालित करने की बात भी कही गई है। फरियादी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग प्रशासन से की है। हालांकि, फिलहाल इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- शिवपुरी जिले के बैराड तहसीलदार दृगपाल सिंह बैस ने अवैध रेत परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, ग्राम रायपुर की नदी से अवैध रूप से रेत भरकर ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया है। जब्त की गई इस ट्रैक्टर-ट्रॉली पर 'MS यादव' लिखा हुआ था।1
- शिवपुरी जिले के पिछोर में आज फिर से अवंतीबाई बाचरौन चौराहे पर परिवारजनों ने एक महिला के शव को रखकर चक्का जाम कर दिया। परिजनों ने मृतका के ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने महिला को जहर खिलाकर मार डाला है।1
- करैरा में किसानों से लूट की एक और वीडियो सोशल मीडिया पर #वायरल....... खाद दुकानदारों द्वारा लगातर किसानों को MRP से आठ-आठ सौ रुपये ज्यादा में खाद की बोरियां बेची जा रही हैं। किसान दुकानों और कृषि विभाग की ठोकर खाने को मजबूर हो रहा है। कृषि विभाग के द्वारा गलत करने वाले दुकानदारों पर कोई ठोस कार्यवाही देखने को नहीं मिली है। आपको बता दें लगातार 4 दिनों में ये तीसरा मामला सामने आया है। आखिर जिम्मेदार मुख्य कृर्षी विकाश अधिकारी इन भृष्ट दुकानदारों के उपर इतनी मेहरबान क्यों है,,,,✍️ #Department_of_Agriculture, #Madhya_Pradesh #Ministry_of_Agriculture #Farmers #Government_of_India #Shivpuri_Collector_Office #Gwalior_अनुविभागीय_अधिकारी #दंडाधिकारी_अनुभाग #करेरा_SDM #Karera #Arpit_Verma_IAS #Karera #FertilizerScam #MRPViolation #AgricultureDepartment #FarmerRights #KisanKiAwaaz #Corruption #SocialMediaViral1
- पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) करैरा ने शैक्षणिक गुणवत्ता, स्वच्छता और हरित परिसर के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस विद्यालय का चयन एसएचवीआर-2025 के अंतर्गत देशभर के चुनिंदा केंद्रीय विद्यालयों में किया गया है। यह विशेष बात है कि पूरे देश से केवल 10 केंद्रीय विद्यालयों को इस प्रतिष्ठित श्रेणी में स्थान मिला है, जिनमें करैरा स्थित यह पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय भी शामिल है। विद्यालय की यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल परिसर का विकास करने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सीधा परिणाम है। यह सम्मान न केवल करैरा क्षेत्र के लिए, बल्कि पूरे शिवपुरी जिले के लिए गौरव का विषय बन गया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय के प्राचार्य श्री अशोक कुमार सारस्वत ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त की और छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सम्मान विद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनत, अनुशासन, नवाचार और समर्पण का प्रतिफल है। प्राचार्य ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी विद्यालय उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करता रहेगा।1
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव स्थित रामराजा परिसर में गुरुवार को पुलिस ने एक जन-जागरूकता चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के खतरों के प्रति सतर्क करना था। चौपाल के दौरान थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह सेंगर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि मोबाइल पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अपरिचित व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा न करें। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को समझाया कि साइबर ठग अक्सर खुद को पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी या अन्य सरकारी प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते हैं और विभिन्न बहानों से बैंकिंग जानकारी या ओटीपी मांगने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैंक या पुलिस कभी भी फोन पर ओटीपी या निजी बैंक संबंधी जानकारी नहीं मांगते, इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत विश्वास न करें और बिना सत्यापन कोई भी गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें। कार्यक्रम में ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और ठगी से बचाव के विभिन्न उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस जागरूकता चौपाल में सरपंच अंतरसिंह लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर आयोजित ऐसी जागरूकता गतिविधियां लोगों को साइबर अपराधों से बचाने में बेहद मददगार साबित होंगी।1