स्कूली बच्चों से छत पर पाइप से पानी भरवाने का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल पूरनपुर, पीलीभीत। विकासखंड पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम चंदिया हजारा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से काम करवाने का मामला सामने आया है। विद्यालय परिसर में नवनिर्मित कमरे की छत पर स्कूल के छात्रों से पाइप के माध्यम से पानी भरवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।बताया जा रहा है कि विद्यालय में हाल ही में एक नया कमरा बनकर तैयार हुआ है। आरोप है कि कमरे की छत पर पानी भरने के लिए विद्यालय के ही छोटे-छोटे बच्चों को पाइप पकड़ाकर काम कराया गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ छात्र छत पर खड़े होकर पाइप से पानी भरते नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य बच्चे नीचे से पाइप संभाल रहे हैं। इस दौरान विद्यालय का कोई जिम्मेदार कर्मचारी बच्चों को रोकता या समझाता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों को शिक्षा देने का स्थान होता है, लेकिन उनसे इस तरह का काम कराना न सिर्फ नियमों के खिलाफ है बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर छत पर पानी भरते समय कोई बच्चा फिसल जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालयों में बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना गलत है और इस पर सख्त रोक लगनी चाहिए। वहीं इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में विद्यालय स्टाफ की लापरवाही या बच्चों से काम कराने की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
स्कूली बच्चों से छत पर पाइप से पानी भरवाने का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल पूरनपुर, पीलीभीत। विकासखंड पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम चंदिया हजारा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से काम करवाने का मामला सामने आया है। विद्यालय परिसर में नवनिर्मित कमरे की छत पर स्कूल के छात्रों से पाइप के माध्यम से पानी भरवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।बताया जा रहा है कि विद्यालय में हाल ही में एक नया कमरा बनकर तैयार हुआ है। आरोप है कि कमरे की छत पर पानी भरने के लिए विद्यालय के ही छोटे-छोटे बच्चों को पाइप पकड़ाकर काम कराया गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ छात्र छत पर खड़े होकर पाइप से पानी भरते नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य बच्चे नीचे से पाइप संभाल रहे हैं। इस दौरान विद्यालय का कोई जिम्मेदार कर्मचारी बच्चों को रोकता या समझाता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों को शिक्षा देने का स्थान होता है, लेकिन उनसे इस तरह का काम कराना न सिर्फ नियमों के खिलाफ है बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर छत पर पानी भरते समय कोई बच्चा फिसल जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालयों में बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना गलत है और इस पर सख्त रोक लगनी चाहिए। वहीं इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में विद्यालय स्टाफ की लापरवाही या बच्चों से काम कराने की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
- नौनिहालों के हाथों में किताब की जगह थमाया पाइप, चंदिया हजारा के स्कूल में बच्चों से कराया जा रहा मजदूरी जैसा काम1
- जानकारी के मुताबिक, यह घटना पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के तकीया दिनारपुर के पास शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हुई। घायल युवकों की पहचान उत्तराखंड के रहने वाले अरमान (पुत्र सुभाष) और उनके साथी अरुण के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अरमान की बहन की शादी होने वाली थी और वह अपने दोस्त अरुण के साथ शादी का सामान खरीदने के लिए पूरनपुर आ रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक तकीया दिनारपुर के पास पहुंची, तभी एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार DCM ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को फौरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पूरनपुर ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो दिया, लेकिन दोनों की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों के परिवार को सूचना दे दी गई है। सड़क पर बढ़ती रफ्तार ने एक बार फिर हंसते-खेलते परिवार की खुशियों में खलल डाल दिया है।1
- पूरनपुर, पीलीभीत। विकासखंड पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम चंदिया हजारा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से काम करवाने का मामला सामने आया है। विद्यालय परिसर में नवनिर्मित कमरे की छत पर स्कूल के छात्रों से पाइप के माध्यम से पानी भरवाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।बताया जा रहा है कि विद्यालय में हाल ही में एक नया कमरा बनकर तैयार हुआ है। आरोप है कि कमरे की छत पर पानी भरने के लिए विद्यालय के ही छोटे-छोटे बच्चों को पाइप पकड़ाकर काम कराया गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ छात्र छत पर खड़े होकर पाइप से पानी भरते नजर आ रहे हैं, जबकि अन्य बच्चे नीचे से पाइप संभाल रहे हैं। इस दौरान विद्यालय का कोई जिम्मेदार कर्मचारी बच्चों को रोकता या समझाता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों को शिक्षा देने का स्थान होता है, लेकिन उनसे इस तरह का काम कराना न सिर्फ नियमों के खिलाफ है बल्कि बच्चों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर छत पर पानी भरते समय कोई बच्चा फिसल जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यालयों में बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कराना गलत है और इस पर सख्त रोक लगनी चाहिए। वहीं इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में विद्यालय स्टाफ की लापरवाही या बच्चों से काम कराने की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।1
- पूरनपुर, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रमजान के पवित्र माह में इबादत और रूहानी माहौल के बीच मोहल्ला रजागंज स्थित खानकाहे नूरिया रज़विया में शुक्रवार की रात लगभग 9:30 मिनट पर खत्म ए कुरआन-ए-पाक का जलसा और उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीका रज़ियल्लाहु अन्हा की फ़ातिहा का आयोजन किया गया।जिसमें बड़ी संख्या में नमाजियों ने शिरकत की और मुल्क में अमन-चैन की दुआएं मांगीं, कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई। तरावीह की नमाज में हाफिज मोहम्मद हसान ने कुरआन पाक की तिलावत की, जबकि हाफिज उसमान ने समाती की जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान रसूले पाक की बारगाह में नात, मनक्बत और सलात व सलाम पेश किए गए, जिससे पूरा माहौल इबादत और अकीदत से सराबोर हो गया। मौजूद उलेमा ने अपने संबोधन में रमजान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महीना सब्र, इबादत और इंसानियत की सेवा का महीना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मुबारक महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, नेक काम करें और बुरे कामों से दूर रहें। साथ ही उन्होंने सदक-ए-फितर और एतकाफ के महत्व को भी विस्तार से बताया। उलेमा ने कहा कि ईद की खुशियों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को भी शामिल करना चाहिए, इसलिए हर सक्षम व्यक्ति को सदक-ए-फितर जरूर अदा करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना फजले अहमद नूरी ने की। इस अवसर पर मौलाना दानिश, मौलाना आमिर रजा,हाफिज अशफाक, हाफिज नाजिम मिसवाही, हाफिज शाकिर, हाफिज नूर अहमद अजहरी, मुफ्ती शेर अहमद सहित कई मस्जिदों के उलेमा और बड़ी संख्या में नमाजी मौजूद रहे। अंत में नमाजियों ने हाफिज मोहम्मद हसान को फूलों के हार पहनाकर मुबारकबाद दी और उन्हें उपहार भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के समापन पर देश-दुनिया में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ की गई। साथी ही खानकाह में जुमे की नमाज का वक्त 2:30 मिनट रखा गया।1
- पीटीआर मार्ग बंदी पर सात मार्च का आंदोलन स्थगित, सोमवार को होगी बैठक पूरनपुर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के युवा जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व क्षेत्र के हाइवे व अन्य मार्गों को रात्रि में बंद करने के आदेश से किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों को परेशानी होगी, उन्होंने कहा कि इन रास्तों से होकर ग्रामीण अपने खेतों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए आते-जाते हैं, ऐसे में रात में मार्ग बंद होने से आवागमन प्रभावित होगा। इसको लेकर उन्होंने प्रशासन से आदेश पर पुनर्विचार की मांग की थी और समाधान न होने पर सात मार्च को आंदोलन की चेतावनी दी थी। शुक्रवार दोपहर तीन बजे उन्होंने जानकारी दी कि जिलाधिकारी ने इस समस्या को लेकर सोमवार को बैठक बुलाई है। इसके बाद सात मार्च को प्रस्तावित आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से सोमवार को बैठक में पहुंचकर अपनी बात रखने की अपील की है।1
- Post by संदीप निडर1
- दुधवा के खेतों में अब भी जमे हैं विदेशी मेहमान, मौसम बदलने के बावजूद पलिया रेंज के पास दिखी प्रवासी परिंदों की टोली पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।1
- चीनी मिल मालिकों की 2 मिलो से 16 मिले हो गई है। कोई ऐसा किसान नहीं है जिसकी ज़मीन 2 बीघे से 14 बीघे हो गई हो।1