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मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित महान क्रांतिकारी मौलाना बरकतुल्ला भोपाली के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' किए जाने की योजना है। मौलाना बरकतुल्ला भोपाली का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थान है, क्योंकि वे सन 1915 में काबुल में गठित भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री थे। उन्हें आठ भाषाओं का जानकार, एक निर्भीक पत्रकार, प्रभावशाली वक्ता और एक प्रखर राष्ट्रवादी व क्रांतिकारी के रूप में जाना जाता है।
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मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित महान क्रांतिकारी मौलाना बरकतुल्ला भोपाली के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' किए जाने की योजना है। मौलाना बरकतुल्ला भोपाली का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थान है, क्योंकि वे सन 1915 में काबुल में गठित भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री थे। उन्हें आठ भाषाओं का जानकार, एक निर्भीक पत्रकार, प्रभावशाली वक्ता और एक प्रखर राष्ट्रवादी व क्रांतिकारी के रूप में जाना जाता है।
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- एक अधिकारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के बाद उसकी करोड़ों रुपये की काली कमाई का भी खुलासा हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित महान क्रांतिकारी मौलाना बरकतुल्ला भोपाली के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' किए जाने की योजना है। मौलाना बरकतुल्ला भोपाली का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थान है, क्योंकि वे सन 1915 में काबुल में गठित भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री थे। उन्हें आठ भाषाओं का जानकार, एक निर्भीक पत्रकार, प्रभावशाली वक्ता और एक प्रखर राष्ट्रवादी व क्रांतिकारी के रूप में जाना जाता है।1
- पेपर लीक और परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में देशभर से आए छात्रों का हुजूम दिल्ली के जंतर-मंतर पर सड़कों पर डटा हुआ है। ढोल-नगाड़ों की थाप और गूंजते नारों के बीच छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। आंदोलनकारियों का यह उग्र रूप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रदर्शन की तीव्रता और भी बढ़ गई है।1
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- कानपुर के हनुमंत विहार क्षेत्र में हुए एक विवाद के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकपक्षीय कार्रवाई का गंभीर आरोप लगाया है। आईरा प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान परिवार ने बताया कि झड़प में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे, लेकिन पुलिस ने केवल उनके पक्ष के लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की है, जबकि उनकी शिकायत पर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित परिवार का दावा है कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच किए ही मुकदमे दर्ज कर दिए हैं। उन्होंने कुछ पुलिसकर्मियों पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत का आरोप भी लगाया है, जिससे कार्रवाई में पक्षपात होने की बात कही जा रही है। पासी समाज ने वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो पासी समाज के लोग मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। मामले में फिलहाल पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है।1
- Carvaan Mathematics की कक्षा 5वीं की पुस्तक के अध्याय 11 (प्रतिशत) की प्रश्नावली 11.1 से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई गई है।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में एक हिंदूवादी नेता ने 'बिरयानी' शब्द को लेकर एक नई मुहिम शुरू की है, जिसमें उन्होंने इसे 'पुलाव' में बदलने की मांग की है। नेता ने तर्क दिया है कि 'बिरयानी' शब्द मूलतः हैदराबाद से आया है और यह चावल में मांस मिलाकर बनने वाला भोजन है, जिसे वे मुसलमानों का भोजन मानते हैं। अपनी बात पर ज़ोर देते हुए नेता ने खुद को हिंदू-सनातनी बताया और कहा कि श्रद्धालुओं पर 'वेज बिरयानी' शब्द का अलग प्रभाव पड़ता है। इसी कारण, उनकी यह मुहिम है कि 'बिरयानी' के ठेलों पर 'वेज पुलाव' के पोस्टर लगाए जाएं और इस व्यंजन को 'पुलाव' के नाम से ही जाना जाए।1
- कानपुर की बहुचर्चित होम्योपैथिक डॉक्टर मधुलिका शुक्ला पर कल्याणपुर स्थित उनके क्लीनिक के बाहर हमला हुआ है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब एक दिन पहले ही डॉ. मधुलिका शुक्ला ने फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से आसपास के अराजक तत्वों के बारे में बताया था। बताया गया है कि कल्याणपुर के केशवपुरम निवासी संजय यादव, जो “आरुष इंटीरियर” नामक फर्म संचालित करते हैं, उन्होंने डॉ. मधुलिका शुक्ला के क्लीनिक में करीब डेढ़ लाख रुपए का इंटीरियर कार्य किया था। संजय यादव के अनुसार, उनका भुगतान तो किसी तरह हो गया था, लेकिन इलेक्ट्रिशियन राज का लगभग 3 हजार रुपए का भुगतान डॉ. शुक्ला द्वारा नहीं किया गया था।1