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करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने अयोध्या में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अयोध्या पुलिस को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि करणी सेना के लोग 'चंदा चोर ट्रस्ट' के पदाधिकारियों की तलाश कर रहे हैं। अम्मू ने आगे धमकी देते हुए कहा कि मिलने पर इन पदाधिकारियों का मुंह काला किया जाएगा।
UP 42 Ayodhya Live
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने अयोध्या में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अयोध्या पुलिस को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि करणी सेना के लोग 'चंदा चोर ट्रस्ट' के पदाधिकारियों की तलाश कर रहे हैं। अम्मू ने आगे धमकी देते हुए कहा कि मिलने पर इन पदाधिकारियों का मुंह काला किया जाएगा।
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- करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने एक प्रेस वार्ता में राम मंदिर चढ़ावा लूट कांड के संबंध में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में उनके प्रार्थना पत्र पर अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। अम्मू ने सीधे तौर पर ट्रस्ट के चंपत राय, गोविंद राव, अनिल मिश्रा और निर्पेंद्र मिश्रा पर खुद को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये लोग मीडिया के सामने आकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। सूरजपाल अम्मू ने चेतावनी दी कि ट्रस्ट के पदाधिकारी बच नहीं पाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो करणी सेना पूरे देश में चक्का जाम कर देगी।1
- आज एक नई आरसीसी (RCC) सड़क का उद्घाटन किया गया है, जिसकी लागत 50 लाख रुपये है। इस सड़क को अपने वार्ड में जनता-जनार्दन को समर्पित कर दिया गया है।1
- प्रतापगढ़ निवासी सियाराम उमावैश्य, जिन्होंने अपनी ज़मीन बेचकर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये का दान दिया था, अब कथित दान गड़बड़ी के मामले को लेकर भावुक हो उठे हैं। उनके इस दर्द को एक वीडियो संदेश के ज़रिए सामने लाया गया है। उक्त वीडियो संदेश में, सियाराम उमावैश्य ने कहा कि उन्होंने भगवान राम के मंदिर के लिए पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ यह दान दिया था। हालांकि, अब सामने आ रहे घटनाक्रम और दान में कथित गड़बड़ी की ख़बरों से उन्हें गहरा दुख हो रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर यह भी कहा कि यदि दान की राशि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।1
- करणी सेना ने स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर एक बड़ा बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया है कि स्वामी प्रसाद मौर्य का जल्द ही 'इलाज' किया जाएगा।1
- अयोध्या में राम मंदिर दान के गबन से जुड़े एक मामले में, मुकदमे में नामजद आठों आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। मोहर्रम की अवकाश होने के बावजूद विशेष रिमांड मजिस्ट्रेट कोर्ट में यह पेशी हुई, जिसके बाद सभी आठ आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने अभी तक इन आरोपियों की रिमांड नहीं ली है। हालांकि, सोमवार को उनकी फिर से पेशी होगी, और पुलिस इस दौरान आरोपियों की पुलिस कस्टडी डिमांड लेने का प्रयास करेगी। इस मामले में आरोपियों से 79 लाख 85 हजार रुपये की राशि बरामद की गई है।1
- अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा मंदिर के कोषाध्यक्ष स्वामी गिरी गोविंद गिरी महाराज जी को सौंपा। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के युवा नेता पंडित समरजीत पांडे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पांडे ने इस्तीफे को महज एक बहाना बताते हुए सीधा आरोप लगाया कि यह कदम करोड़ों रुपए के चंदा गबन से जुड़ा हुआ है, जिससे करोड़ों लोगों की आस्था प्रभावित हुई है।1
- करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने अयोध्या में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान अयोध्या पुलिस को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि करणी सेना के लोग 'चंदा चोर ट्रस्ट' के पदाधिकारियों की तलाश कर रहे हैं। अम्मू ने आगे धमकी देते हुए कहा कि मिलने पर इन पदाधिकारियों का मुंह काला किया जाएगा।1
- अयोध्या के थाना पूराकलंदर मसौधा बाजार निवासी सृष्टि कसौधन दहेज के लालच में अपने ससुराल वालों की बर्बरता का शिकार हुई हैं, जहाँ मारपीट और गालीगलौज में उनका सिर फट गया। शादी के बाद से ही उन्हें लगातार स्कॉर्पियो और ₹10 लाख नगद की माँग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसे उनका गरीब परिवार पूरा करने में असमर्थ है। पीड़िता सृष्टि कसौधन को दहेज न दे पाने के कारण शादी के बाद से ही एक अलग कमरे में भूखे-प्यासे कैदी की तरह रखा जा रहा है। आए दिन उन्हें माँग पूरी न होने पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। जब भी मामला प्रशासन तक पहुँचता है, ससुराल वाले दबाव बनाकर समझौता करवा लेते हैं, लेकिन शासन के सामने 'हाँ में हाँ' मिलाकर वे फिर से मारपीट और प्रताड़ना शुरू कर देते हैं। पीड़िता का आरोप है कि दहेज के लोभी ससुराल वाले हर हद पार करने को तैयार हैं, और उनकी जान को भी खतरा है। इस प्रताड़ना में उनके सास, ससुर, पति, देवर, ननद और ममिया ससुर शामिल हैं, जो पीड़िता और उसके परिवार को लगातार धमकियाँ दे रहे हैं। नए मामले में विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है, लेकिन सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस की पहुँच से दूर हैं, बल्कि वे पीड़िता को लगातार धमकियाँ भी दे रहे हैं। सृष्टि कसौधन न्याय के लिए दर-ब-दर भटकने पर मजबूर हैं, उन्होंने महिला आयोग, मुख्यमंत्री और थाना पूराकलंदर तक शिकायतें दर्ज कराई हैं, पर हर बार सुलह के बाद फिर मारपीट का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' मिशन और 'मिशन शक्ति' जैसे नारे केवल कागजों तक ही सीमित हैं, जबकि हकीकत इसके बिलकुल विपरीत है।1