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बथना में डॉ. संजय जायसवाल का ग्रामीणों ने किया घेराव, जमकर विरोध प्रदर्शन! बथना में डॉ. संजय जायसवाल का ग्रामीणों ने किया घेराव! पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल के बथना पहुंचने के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि नदी का बांध टूटने के बाद ग्रामीणों में राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर सांसद के सामने विरोध जताया। वायरल वीडियो में ग्रामीणों को सांसद का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। 📍 बथना | पश्चिम चंपारण 🎥 KSR BIHAR NEWS 👉 ऐसी ही स्थानीय और ताज़ा खबरों के लिए KSR Bihar News को Follow करें। #KSRBiharNews #BiharNews #WestChamparan #Bathna #SanjayJaiswal #BreakingNews #BiharNewsToday
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बथना में डॉ. संजय जायसवाल का ग्रामीणों ने किया घेराव, जमकर विरोध प्रदर्शन! बथना में डॉ. संजय जायसवाल का ग्रामीणों ने किया घेराव! पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल के बथना पहुंचने के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि नदी का बांध टूटने के बाद ग्रामीणों में राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर सांसद के सामने विरोध जताया। वायरल वीडियो में ग्रामीणों को सांसद का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। 📍 बथना | पश्चिम चंपारण 🎥 KSR BIHAR NEWS 👉 ऐसी ही स्थानीय और ताज़ा खबरों के लिए KSR Bihar News को Follow करें। #KSRBiharNews #BiharNews #WestChamparan #Bathna #SanjayJaiswal #BreakingNews #BiharNewsToday
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- बथना में डॉ. संजय जायसवाल का ग्रामीणों ने किया घेराव, जमकर विरोध प्रदर्शन! बथना में डॉ. संजय जायसवाल का ग्रामीणों ने किया घेराव! पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल के बथना पहुंचने के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि नदी का बांध टूटने के बाद ग्रामीणों में राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को लेकर सांसद के सामने विरोध जताया। वायरल वीडियो में ग्रामीणों को सांसद का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन करते देखा जा सकता है। 📍 बथना | पश्चिम चंपारण 🎥 KSR BIHAR NEWS 👉 ऐसी ही स्थानीय और ताज़ा खबरों के लिए KSR Bihar News को Follow करें। #KSRBiharNews #BiharNews #WestChamparan #Bathna #SanjayJaiswal #BreakingNews #BiharNewsToday1
- सुगौली प्रखंड के बीआरसी में लगा दिव्यांगता शिविर, 88 दिव्यांगों को मिला प्रमाण-पत्र। शेष की जांच के बाद मिलेगा सर्टिफिकेट।1
- मझौलिया में बुधवार के दिन नवजीवन जांच घर का हुआ शुभारंभ, ।। मझौलिया। प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्लॉक गेट के सामने एहसान अहमद के मकान में बुधवार को नवजीवन जांच घर का शुभारंभ किया गया। जांच घर का उद्घाटन पूर्व मुखिया अनिल कुमार बैठा एवं एहसान अहमद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों एवं गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रही। लैब टेक्नीशियन अली गद्दी ने बताया कि नवजीवन जांच घर में आधुनिक मशीनों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर एवं सुविधाजनक जांच सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। जांच के लिए लोगों को अब दूर-दराज के शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी। उद्घाटन के मौके पर पूर्व मुखिया अनिल कुमार बैठा ने कहा कि मझौलिया में जांच घर खुलने से स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पहले कई प्रकार की जांच के लिए लोगों को बेतिया और मोतिहारी जाना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा उपलब्ध होने से गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा। नवजीवन जांच घर के संचालकों ने बताया कि मरीजों को आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ रिपोर्टिंग में भी सुविधा का ध्यान रखा जाएगा। उद्घाटन के दौरान उपस्थित लोगों ने नए जांच घर के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर मोजीर गद्दी, मिस्टर, शेख इजहार हुसैन, शेख अफसार अहमद, कमरूज्जमा अंसारी, शेख अयूब ,अमरूल आलम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।4
- चकिया में सील दवा दुकान का टूटा मिला सील, जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई चकिया, पूर्वी चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां ब्लॉक रोड स्थित नवजीवन चाइल्ड केयर सेंटर के अंदर संचालित एक सील दवा दुकान का सील टूटा हुआ पाया गया है।मामला उच्च न्यायालय पटना में दायर औषधि निरीक्षक, पूर्वी चंपारण-03 से संबंधित मामले के बाद सामने आया है। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को अनुमंडल पदाधिकारी चकिया के कार्यालय के निर्देश पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी संगीता कुमारी के निरीक्षण के दौरान दुकान की जांच की गई।जांच के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकिया, औषधि निरीक्षक पूर्वी चंपारण-03 अपनी टीम तथा चकिया थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सचिन कुमार मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि पूर्व में दवा दुकान को सील किया गया था, लेकिन मौके पर सील टूटा हुआ मिला। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देते हुए आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।1
- तटबंध पर बाढ़ पीड़ितों की परेशानी सामने आई, उप प्रमुख ने उठाया राहत का मुद्दा गंडक नदी के उफान से आई बाढ़ के बीच चंपारण तटबंध पर शरण लिए पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को पंचायत समिति सदस्यों के साथ उप प्रमुख अपसर हुसैन तटबंध पर पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से सीधे उनकी समस्याएं जानीं। पीड़ितों ने उप प्रमुख के सामने समय पर भोजन नहीं मिलने की समस्या रखी। लोगों ने बताया कि बाढ़ के बीच तटबंध पर शरण लेने के बावजूद राहत व्यवस्था में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामला सामने आने के बाद उप प्रमुख अपसर हुसैन ने सीओ अलका कुमारी से बातचीत कर तत्काल राहत व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। सीओ ने भरोसा दिलाया कि पीड़ितों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं, चंपारण तटबंध पर रात के समय रोशनी की व्यवस्था करने के साथ ही बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। इस दौरान असलम अंसारी, नथू यादव, रंजन यादव, अलखदेव राम और बबलू राम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।1
- पूर्वी चम्पारण : आंगनबाड़ी केंद्र पर आंगन मिलन कार्यक्रम के दौरान अपनी बातें रखी1
- एक साथ 6 बड़ी खबरें: देखिए एक नजर में 1. बाढ़ में मदद के लिए आगे आए चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन, 1000 पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री चंपारण में बाढ़ की विभीषिका के बीच चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने क्षेत्र और राजनीति की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवीय पहल की। उन्होंने श्यामपुर, गुदरिया और चंपारण तटबंध सहित कई गांवों में कमर तक पानी में पैदल चलकर करीब 1000 पीड़ितों के बीच राशन, दवा और रोजमर्रा की जरूरी राहत सामग्री के पैकेट वितरित किए। 2. मझौलिया की तीन पंचायतों में आमसभा, प्रधानमंत्री आवास की सूची हुई पारित मझौलिया प्रखंड की बखरिया, लालसरैया और बैठनिया भानाचक पंचायतों में आयोजित आमसभा में एआई (AI) द्वारा तैयार प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का अनुमोदन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि सर्वे सूची से बाहर रह गए पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता से लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 3. गंडक के उफान से मचा हाहाकार, CM के सामने बाढ़ पीड़ितों ने जताया आक्रोश नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी के उफान और फुलियाखाड़ में तटबंध टूटने से पश्चिम चंपारण में गंभीर स्थिति बन गई है। प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण और कम्युनिटी किचन के निरीक्षण पर पहुंचे मुख्यमंत्री के सामने ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने वर्षों से स्थायी समाधान और पुल निर्माण न होने को लेकर विरोध जताया। 4. मझौलिया में नवजीवन जांच घर का हुआ शुभारंभ मझौलिया प्रखंड मुख्यालय (ब्लॉक गेट) के सामने 'नवजीवन जांच घर' का उद्घाटन पूर्व मुखिया अनिल कुमार बैठा एवं एहसान अहमद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस पैथोलॉजी केंद्र में आधुनिक मशीनों से जांच की सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों और गरीब मरीजों को जांच के लिए बेतिया या मोतिहारी जाने से राहत मिलेगी। 5. कबाड़ से जुगाड़ ने स्कूली बच्चों की रचनात्मकता को दिया नया आयाम 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत बेतिया नगर निगम द्वारा आयोजित ‘कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने अनुपयोगी वस्तुओं से लाइफ सेविंग जैकेट, टेबल लैंप और वैक्यूम क्लीनर जैसे शानदार मॉडल पेश किए। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बच्चों की रचनात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास की सराहना की। 6. सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह में सम्मानित हुए शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, मझौलिया के सामाजिक विज्ञान शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। बीईओ हफिजुर रहमान और साथी शिक्षकों ने उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट शिक्षण शैली की प्रशंसा करते हुए उन्हें शॉल व पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया। एक साथ 6 बड़ी खबरें: देखिए एक नजर में 1. बाढ़ में मदद के लिए आगे आए चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन, 1000 पीड़ितों में बांटी राहत सामग्री चंपारण में बाढ़ की विभीषिका के बीच चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने क्षेत्र और राजनीति की सीमाओं से ऊपर उठकर मानवीय पहल की। उन्होंने श्यामपुर, गुदरिया और चंपारण तटबंध सहित कई गांवों में कमर तक पानी में पैदल चलकर करीब 1000 पीड़ितों के बीच राशन, दवा और रोजमर्रा की जरूरी राहत सामग्री के पैकेट वितरित किए। 2. मझौलिया की तीन पंचायतों में आमसभा, प्रधानमंत्री आवास की सूची हुई पारित मझौलिया प्रखंड की बखरिया, लालसरैया और बैठनिया भानाचक पंचायतों में आयोजित आमसभा में एआई (AI) द्वारा तैयार प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची का अनुमोदन किया गया। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि सर्वे सूची से बाहर रह गए पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता से लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 3. गंडक के उफान से मचा हाहाकार, CM के सामने बाढ़ पीड़ितों ने जताया आक्रोश नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी के उफान और फुलियाखाड़ में तटबंध टूटने से पश्चिम चंपारण में गंभीर स्थिति बन गई है। प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण और कम्युनिटी किचन के निरीक्षण पर पहुंचे मुख्यमंत्री के सामने ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने वर्षों से स्थायी समाधान और पुल निर्माण न होने को लेकर विरोध जताया। 4. मझौलिया में नवजीवन जांच घर का हुआ शुभारंभ मझौलिया प्रखंड मुख्यालय (ब्लॉक गेट) के सामने 'नवजीवन जांच घर' का उद्घाटन पूर्व मुखिया अनिल कुमार बैठा एवं एहसान अहमद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस पैथोलॉजी केंद्र में आधुनिक मशीनों से जांच की सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों और गरीब मरीजों को जांच के लिए बेतिया या मोतिहारी जाने से राहत मिलेगी। 5. कबाड़ से जुगाड़ ने स्कूली बच्चों की रचनात्मकता को दिया नया आयाम 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत बेतिया नगर निगम द्वारा आयोजित ‘कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने अनुपयोगी वस्तुओं से लाइफ सेविंग जैकेट, टेबल लैंप और वैक्यूम क्लीनर जैसे शानदार मॉडल पेश किए। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बच्चों की रचनात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास की सराहना की। 6. सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह में सम्मानित हुए शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, मझौलिया के सामाजिक विज्ञान शिक्षक मुरारी प्रसाद चौरसिया के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। बीईओ हफिजुर रहमान और साथी शिक्षकों ने उनके अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट शिक्षण शैली की प्रशंसा करते हुए उन्हें शॉल व पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया।1
- CM पहुंचे बथना तो ग्रामीणों ने विधायक को घेरा सवालों में, बोले- कश्मीर का सेब खाने गए हैं, बाढ़ में डूबती जनता कौन देखेगा पश्चिम चंपारण के बथना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पहुंचते ही बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा भी सामने आ गया। बाढ़ की मार झेल रही जनता ने स्थानीय विधायक और सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। लोगों का आरोप था कि एक तरफ नौतन विधानसभा क्षेत्र की जनता बाढ़ के पानी में फंसी है, घर-परिवार और फसल बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी तरफ जनता अपने जनप्रतिनिधियों को मौके पर तलाश रही है। स्थानीय व्यक्ति अरूप कुमार राव ने विधायक पर तीखा हमला बोलते हुए कहा स्थानीय विधायक आपको कैसे देखेंगे? वो तो कश्मीर का सेब खा रहे हैं। कभी जम्मू-कश्मीर जाते हैं, कभी नेपाल जाते हैं, कभी गोवा जाते हैं। यहां नौतन की जनता कौन डूब रहा है, कौन मर रहा है, उसको क्या देखेंगे? अरूप कुमार राव ने मुख्यमंत्री से बाढ़ पीड़ित परिवारों को तत्काल 10-10 हजार रुपये की सहायता, बाढ़ में पूरी तरह ध्वस्त मकानों के लिए ढाई-ढाई लाख रुपये मुआवजा और फसल क्षति का भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने राहत व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनका दावा है कि राहत शिविर में हजारों लोगों के भोजन और सूखा राशन की व्यवस्था होने की बात कही जा रही है, लेकिन कई बाढ़ पीड़ितों को इसका लाभ नहीं मिला। अरूप कुमार राव ने कहा 48 घंटे से बाढ़ पीड़ित परेशान हैं। किसी के पेट में एक दाना नहीं पड़ा है। 43 हजार लोगों के भोजन और 10 हजार लोगों के सूखा राशन की व्यवस्था की बात कही जा रही है, लेकिन किसी को मिला या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं सोनू कुशवाहा ने भी विधायक और सांसद की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी आपदा के बीच बाढ़ पीड़ित परेशान हैं और उन्हें पर्याप्त राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आगमन के समय राहत व्यवस्था दिखाई गई, जबकि पीड़ित पहले से मदद की उम्मीद में बैठे हैं। बथना में लोगों का गुस्सा इतना बढ़ा कि स्थानीय विधायक और सांसद के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। सवाल यही उठाया गया कि जब नौतन की जनता बाढ़ में फंसी है, तब उसके बीच जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और मदद कहां है? वहीं सरकारी स्तर पर बथना राहत शिविर में सामुदायिक रसोई, चिकित्सा, पेयजल, शौचालय और आवासन जैसी व्यवस्थाएं संचालित होने की जानकारी दी गई है तथा मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन जमीन पर बाढ़ पीड़ितों के गुस्से ने राहत व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।1