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बेगूसराय के दिनकर भवन में प्रभात मीडिया ग्रुप द्वारा एक महिला सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के चर्चित कबीर एहसान कुरैशी ने बेगूसराय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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बेगूसराय के दिनकर भवन में प्रभात मीडिया ग्रुप द्वारा एक महिला सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के चर्चित कबीर एहसान कुरैशी ने बेगूसराय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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- बेगूसराय के दिनकर भवन में प्रभात मीडिया ग्रुप द्वारा एक महिला सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के चर्चित कबीर एहसान कुरैशी ने बेगूसराय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।3
- एक राज्य के मुख्यमंत्री के अहंकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि उनका घमंड तो रावण के अहंकार से भी अधिक है। पोस्ट में मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया गया है कि रावण का अहंकार भी नहीं टिक पाया, फिर ये तो मात्र एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं। इस कड़ी आलोचना के साथ, मुख्यमंत्री को '#अनपढ़राजा' कहकर संबोधित किया गया है, जो उनके शासन और समझ पर सवाल उठाता है।1
- बेगूसराय के वीरपुर थाना की पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत एक मोबाइल उसके वास्तविक धारक को सुपुर्द कर दिया है। इस कार्रवाई की जानकारी सोमवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी। एसपी ने बताया कि बेगूसराय पुलिस चोरी किए गए या गुम हुए मोबाइल को इस ऑपरेशन के तहत बरामद करती है, जिससे आम लोगों में खुशी का वातावरण है।1
- पटना जिले के पंडारक निवासी और तीन लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी भोला सिंह को मंगलवार को बाढ़ सिविल कोर्ट में पेश किया गया। उसकी यह पेशी बाढ़ थाना कांड संख्या 1340A/2025 से जुड़े एक मामले के संबंध में हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बाढ़ उपकारा (जेल) भेजने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, भोला सिंह को सीबीआई ने 16 मई 2026 को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल के रास्ते ट्रेन से हाथीदह स्टेशन लाया गया, जहां से सड़क मार्ग से उसे बाढ़ थाना पहुंचाया गया। कोर्ट में पेशी तक भोला सिंह को बाढ़ थाना में ही रखा गया था। बताया जाता है कि सीबीआई ने उसे पश्चिम बंगाल के दो व्यक्तियों के अपहरण से जुड़े एक पुराने मामले में पकड़ा है। करीब 12 वर्षों से फरार चल रहा भोला सिंह सूरत में अपनी पहचान छिपाकर 'गौतम' और 'अमित शर्मा' नाम से रह रहा था। पुलिस अभिलेखों के मुताबिक, भोला सिंह के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी और अपहरण सहित 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे 4 जून को बाढ़ कोर्ट में एक अन्य मामले में फिर से पेश किया जाएगा।1
- यह सवाल उठाया गया है कि क्या सम्राट चौधरी जी बिहार का मान बढ़ा रहे हैं या राज्य को शर्मसार कर रहे हैं। यह प्रश्न उनके कार्यों और उनके प्रभाव को लेकर एक सीधा और तीखा प्रश्न है।1
- पटना जिले के पंडारक निवासी और जाने-माने हस्ती भोला सिंह को बंगाल से बाढ़ कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत तेतरहाट थाना क्षेत्र के गुलनी गांव में स्थानीय सांसद, विधायक और अन्य प्रतिनिधियों द्वारा सड़क निर्माण न किए जाने के बाद, ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्वयं चंदा एकत्र किया और अपने खर्च पर सड़क बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश दे रही है, जहां जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के बावजूद ग्रामीण अपनी समस्याओं का समाधान खुद कर रहे हैं। इस परियोजना के तहत, गुलनी गांव के किसानों ने अपने खेतों से सड़क निर्माण के लिए सामूहिक रूप से भूमि दान की है। किसानों ने खेत की मेढ़ के दोनों किनारों से 5-5 फीट जमीन देने हेतु एक समझौता किया है, जिससे मेढ़ के 2 फीट को मिलाकर कुल 12 फीट चौड़ी सड़क के लिए जमीन उपलब्ध हो गई है। गुलनी गांव के 20 किसानों के साथ-साथ नवाडीह और तेतरहाट के एक-एक किसान, इस प्रकार कुल 22 किसानों ने अपनी जमीन सड़क निर्माण हेतु देने का एग्रीमेंट किया है। यह सड़क गुलनी गांव स्थित मुख्य सड़क रामजी पासवान स्मृति द्वारा से पासवान टोला गुलनी तक 2 किलोमीटर लंबी और 12 फीट चौड़ी होगी। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में प्रवेश के लिए पहले से एक मुख्य मार्ग से अंदर गांव तक सड़क बनी हुई है, लेकिन उस क्षेत्र में हिंदू और अल्पसंख्यक समुदाय दोनों की आबादी रहती है। हिंदू समाज के लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता नहीं मिलने से परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए, हिंदू समाज के लोगों ने यह निर्णय लिया कि वे अपनी जमीन पर खुद का रास्ता बनाएंगे, ताकि गांव के हिंदू और अल्पसंख्यक समुदाय दोनों को भविष्य में आवागमन में कोई कठिनाई न हो। आपसी चंदा एकत्र करके मिट्टी भराई का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। गुलनी गांव निवासी अजीत पासवान, दिनेश यादव, रामदेव यादव, दिनेश पासवान, रामाशीष पासवान, उदय यादव, रंजीत यादव, जवाहर पासवान, तारो साव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि सड़क निर्माण हेतु कई बार स्थानीय सांसद, विधायक और अन्य प्रतिनिधियों को लिखित आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस सड़क के निर्माण से खासकर हिंदू समाज के लोगों को बहुत लाभ होगा, क्योंकि यह सड़क सीधे उनके टोले तक पहुंचेगी और सभी वर्गों को अपना आवागमन का रास्ता मिल जाएगा। इस सड़क निर्माण में भूमि दान करने वालों में गुलनी गांव से रामदेव यादव, मुन्नी देवी, श्यामा देवी, सुमित्रा देवी, प्रेम पासवान, मंगल पासवान, मोही पासवान, जय कुमार निराला, गंगासागर पासवान, नागेश्वर पासवान, रंजीत पासवान, दिनेश पासवान, पानेश्वर पासवान; तेतरहाट गांव से कैलाश देवी और नवाडीह गांव से शांति देवी सहित कुल 22 किसान शामिल हैं। इन सभी ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क निर्माण में जो भी खर्च आएगा, उसे भी वे लोग चंदा करके ही पूरा करेंगे।1
- एक चल रहे वाकयुद्ध के बीच अब योगगुरु रामदेव को भी इसमें लपेट लिया गया है। इस वाकयुद्ध को देखने में दर्शकों को काफी मजा आ रहा है।1