पटना जिले के पंडारक निवासी और तीन लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी भोला सिंह को मंगलवार को बाढ़ सिविल कोर्ट में पेश किया गया। उसकी यह पेशी बाढ़ थाना कांड संख्या 1340A/2025 से जुड़े एक मामले के संबंध में हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बाढ़ उपकारा (जेल) भेजने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, भोला सिंह को सीबीआई ने 16 मई 2026 को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल के रास्ते ट्रेन से हाथीदह स्टेशन लाया गया, जहां से सड़क मार्ग से उसे बाढ़ थाना पहुंचाया गया। कोर्ट में पेशी तक भोला सिंह को बाढ़ थाना में ही रखा गया था। बताया जाता है कि सीबीआई ने उसे पश्चिम बंगाल के दो व्यक्तियों के अपहरण से जुड़े एक पुराने मामले में पकड़ा है। करीब 12 वर्षों से फरार चल रहा भोला सिंह सूरत में अपनी पहचान छिपाकर 'गौतम' और 'अमित शर्मा' नाम से रह रहा था। पुलिस अभिलेखों के मुताबिक, भोला सिंह के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी और अपहरण सहित 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे 4 जून को बाढ़ कोर्ट में एक अन्य मामले में फिर से पेश किया जाएगा।
पटना जिले के पंडारक निवासी और तीन लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी भोला सिंह को मंगलवार को बाढ़ सिविल कोर्ट में पेश किया गया। उसकी यह पेशी बाढ़ थाना कांड संख्या 1340A/2025 से जुड़े एक मामले के संबंध में हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बाढ़ उपकारा (जेल) भेजने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, भोला सिंह को सीबीआई ने 16 मई 2026 को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल के रास्ते ट्रेन से हाथीदह स्टेशन लाया गया, जहां से सड़क मार्ग से उसे बाढ़ थाना पहुंचाया गया। कोर्ट में पेशी तक भोला सिंह को बाढ़ थाना में ही रखा गया था। बताया जाता है कि सीबीआई ने उसे पश्चिम बंगाल के दो व्यक्तियों के अपहरण से जुड़े एक पुराने मामले में पकड़ा है। करीब 12 वर्षों से फरार चल रहा भोला सिंह सूरत में अपनी पहचान छिपाकर 'गौतम' और 'अमित शर्मा' नाम से रह रहा था। पुलिस अभिलेखों के मुताबिक, भोला सिंह के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी और अपहरण सहित 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे 4 जून को बाढ़ कोर्ट में एक अन्य मामले में फिर से पेश किया जाएगा।
- पटना जिले के पंडारक निवासी और तीन लाख रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी भोला सिंह को मंगलवार को बाढ़ सिविल कोर्ट में पेश किया गया। उसकी यह पेशी बाढ़ थाना कांड संख्या 1340A/2025 से जुड़े एक मामले के संबंध में हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बाढ़ उपकारा (जेल) भेजने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार, भोला सिंह को सीबीआई ने 16 मई 2026 को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल के रास्ते ट्रेन से हाथीदह स्टेशन लाया गया, जहां से सड़क मार्ग से उसे बाढ़ थाना पहुंचाया गया। कोर्ट में पेशी तक भोला सिंह को बाढ़ थाना में ही रखा गया था। बताया जाता है कि सीबीआई ने उसे पश्चिम बंगाल के दो व्यक्तियों के अपहरण से जुड़े एक पुराने मामले में पकड़ा है। करीब 12 वर्षों से फरार चल रहा भोला सिंह सूरत में अपनी पहचान छिपाकर 'गौतम' और 'अमित शर्मा' नाम से रह रहा था। पुलिस अभिलेखों के मुताबिक, भोला सिंह के खिलाफ बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी और अपहरण सहित 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे 4 जून को बाढ़ कोर्ट में एक अन्य मामले में फिर से पेश किया जाएगा।1
- यह सवाल उठाया गया है कि क्या सम्राट चौधरी जी बिहार का मान बढ़ा रहे हैं या राज्य को शर्मसार कर रहे हैं। यह प्रश्न उनके कार्यों और उनके प्रभाव को लेकर एक सीधा और तीखा प्रश्न है।1
- पटना जिले के पंडारक निवासी और जाने-माने हस्ती भोला सिंह को बंगाल से बाढ़ कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया है।1
- बेगूसराय के दिनकर भवन में प्रभात मीडिया ग्रुप द्वारा एक महिला सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के चर्चित कबीर एहसान कुरैशी ने बेगूसराय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।3
- एक राज्य के मुख्यमंत्री के अहंकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि उनका घमंड तो रावण के अहंकार से भी अधिक है। पोस्ट में मुख्यमंत्री पर कटाक्ष किया गया है कि रावण का अहंकार भी नहीं टिक पाया, फिर ये तो मात्र एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं। इस कड़ी आलोचना के साथ, मुख्यमंत्री को '#अनपढ़राजा' कहकर संबोधित किया गया है, जो उनके शासन और समझ पर सवाल उठाता है।1
- टीवी मीडिया और YouTube शिक्षकों के बीच एक नई जंग छिड़ गई है, जो एंकर अंजना ओम कश्यप की हालिया टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़े विवाद में बदल गई है। इस टिप्पणी के बाद कई ऑनलाइन शिक्षकों और छात्रों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस पूरे मामले में YouTube शिक्षकों पर कुछ आरोप लगाए गए हैं, जिस पर खान सर सहित अन्य शिक्षकों ने भी पलटवार किया है। यह विवाद छात्रों और सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रियाओं का कारण बना है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या YouTube शिक्षकों पर उठे सवाल वास्तव में सही हैं, या फिर डिजिटल शिक्षा ने देश में एक नई क्रांति लाई है। यह वीडियो इस विवाद की शुरुआत, आरोपों, विभिन्न शिक्षकों की प्रतिक्रियाओं और छात्रों व सोशल मीडिया के रिएक्शन का निष्पक्ष विश्लेषण और पूरा सच जानने का दावा करता है।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल के तहत, बाढ़ के अभ्यासिक मध्य विद्यालय में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार के प्रयासों के अनुरूप स्थानीय लोगों की जनसमस्याओं का त्वरित निपटारा करना था, जिसके लिए विभिन्न विभागों की टीमें मौजूद रहीं। शिविर में मुख्य रूप से जमीन से जुड़े विवाद, नली-गली संबंधी शिकायतें और राजस्व विभाग से संबंधित मामले सामने आए। नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी मार्तंड वर्धन सिंह ने बताया कि प्राप्त सभी शिकायतों को एक पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया है और जांच-पड़ताल के बाद उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि खबर लिखे जाने तक स्वास्थ्य विभाग, थाना और विद्युत विभाग से संबंधित कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई, जो प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था की संतोषजनक स्थिति का संकेत है। जानकारी दी गई है कि इस प्रकार के सहयोग शिविर प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित किए जाते हैं। यह मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा प्रशासनिक जवाबदेही और जनसुनवाई को मजबूत करने पर दिए जा रहे विशेष जोर का ही परिणाम है, जिससे आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय उनके अपने क्षेत्र में ही समस्याओं का समाधान मिल रहा है।1
- पटना जिले के पंडारक निवासी कुख्यात अपराधी और तीन लाख रुपये के इनामी भोला सिंह को बुधवार को बाढ़ न्यायालय में पेश किया गया। पेशी से पहले उसे बाढ़ थाना में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया था। भोला सिंह पर बिहार के विभिन्न थानों में हत्या, रंगदारी और अपहरण समेत कुल 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने 16 मई को गुजरात के सूरत से भोला सिंह को गिरफ्तार किया था। वह पिछले 12 वर्षों से फरार चल रहा था और अपनी असली पहचान छिपाकर 'गौतम' और 'अमित शर्मा' जैसे अलग-अलग नामों से रह रहा था। सीबीआई ने उसे पश्चिम बंगाल से ट्रेन के माध्यम से हाथीदह स्टेशन लाकर, फिर सड़क मार्ग से बाढ़ थाना पहुंचाया था। उसकी गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के दो व्यक्तियों के अपहरण से जुड़े एक पुराने मामले में हुई है। कोर्ट में पेशी के बाद भोला सिंह के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क हैं।1