पूर्व सरपंच गणपत सिंह देवड़ा की सतर्कता से बचीं 16 भैंसें रेवदर क्षेत्र के सेलवाड़ा बांध की नहर में डूब रहीं 16 भैंसों को समय रहते बचाकर पूर्व सरपंच गणपत सिंह देवड़ा और ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश की। हादसा उस समय हुआ जब पिण्डवाड़ा क्षेत्र के तेलपुर और शिवगढ़ से करीब 100 भैंसों का झुंड गुजरात की ओर ले जाया जा रहा था। रास्ते में सेलवाड़ा बांध की नहर पर पानी पिलाने के दौरान 16 भैंसें अचानक गहरे और तेज बहाव वाले हिस्से में उतर गईं और डूबने लगीं। भैंसों को डूबता देख साथ चल रहे प्रागाराम देवासी समेत दो युवक घबरा गए। उन्होंने तुरंत पूर्व सरपंच गणपत सिंह देवड़ा को सूचना दी। सूचना मिलते ही देवड़ा मौके पर पहुंचे और रास्ते से गुजर रहे लोगों को रोक-रोककर मदद के लिए बुलाया। कुछ ही देर में आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। गणपत सिंह देवड़ा खुद युवाओं के साथ चलती नहर में उतर गए। ग्रामीणों ने भैंसों के सींगों में रस्सियां बांधकर उन्हें बाहर खींचना शुरू किया। तेज बहाव के कारण तीन बार रस्सियां टूट गईं, लेकिन ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सभी 16 भैंसों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रागाराम ने बताया कि यदि भैंसें डूब जातीं तो उसे करीब 16 लाख रुपए का नुकसान होता। रेस्क्यू अभियान में गोविंदराम सिरोड़ी, हुसैन खान, किसनाराम मेघवाल सहित कई युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भैंसों के सुरक्षित बाहर आने पर मालिक भावुक हो गया और पूर्व सरपंच सहित सभी ग्रामीणों का आभार जताया। इसी बीच एक भैंस के लापता होने की सूचना पर नहर का बहाव बंद करवाकर आसपास के क्षेत्र और जंगल में तलाश अभियान जारी है।
पूर्व सरपंच गणपत सिंह देवड़ा की सतर्कता से बचीं 16 भैंसें रेवदर क्षेत्र के सेलवाड़ा बांध की नहर में डूब रहीं 16 भैंसों को समय रहते बचाकर पूर्व सरपंच गणपत सिंह देवड़ा और ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश की। हादसा उस समय हुआ जब पिण्डवाड़ा क्षेत्र के तेलपुर और शिवगढ़ से करीब 100 भैंसों का झुंड गुजरात की ओर ले जाया जा रहा था। रास्ते में सेलवाड़ा बांध की नहर पर पानी पिलाने के दौरान 16 भैंसें अचानक गहरे और तेज बहाव वाले हिस्से में उतर गईं और डूबने लगीं। भैंसों को डूबता देख साथ चल रहे प्रागाराम देवासी समेत दो युवक घबरा गए। उन्होंने तुरंत पूर्व सरपंच गणपत सिंह देवड़ा को सूचना दी। सूचना मिलते ही देवड़ा मौके पर पहुंचे और रास्ते से गुजर रहे लोगों को रोक-रोककर मदद के लिए बुलाया। कुछ ही देर में आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। गणपत सिंह देवड़ा खुद युवाओं के साथ चलती नहर में उतर गए। ग्रामीणों ने भैंसों के सींगों में रस्सियां बांधकर उन्हें बाहर खींचना शुरू किया। तेज बहाव के कारण तीन बार रस्सियां टूट गईं, लेकिन ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सभी 16 भैंसों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रागाराम ने बताया कि यदि भैंसें डूब जातीं तो उसे करीब 16 लाख रुपए का नुकसान होता। रेस्क्यू अभियान में गोविंदराम सिरोड़ी, हुसैन खान, किसनाराम मेघवाल सहित कई युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भैंसों के सुरक्षित बाहर आने पर मालिक भावुक हो गया और पूर्व सरपंच सहित सभी ग्रामीणों का आभार जताया। इसी बीच एक भैंस के लापता होने की सूचना पर नहर का बहाव बंद करवाकर आसपास के क्षेत्र और जंगल में तलाश अभियान जारी है।
- जालौर गुरुवार को शहर में गर्मी का असर दिखाना शुरू हुआ, तेज धूप के चलते शहर के प्रमुख मार्ग बागोड़ा रोड रेलवे स्टेशन रोड हरिद्वार जोशी सर्कल भीनमाल बाईपास सहित अन्य प्रमुख मार्ग पर आवागमन कैमरा व सड़कों पर सन्नाटा पचरा रहा1
- दूदनी निवासी दो बच्चों का पिता हरीराम पुत्र जगाराम देवासी निवासी दुदनी मुंबई से फालना पहुंच फालना पहुंचने के बाद हुआ लापता परिवार सहित समाज बंधु कर रहे हैं हीरामन की खोज। बता दे की हरीराम देवासी जो कि मुंबई से 24 तारीख को फालना रेलवे स्टेशन देर रात उतरता है उसके बाद वह पास में ही स्थिति चंद्र भुलेश्वर महादेव मंदिर धर्मशाला में उसके बाद सुबह धर्मशाला से निकलकर फालना रेलवे स्टेशन पर आता है एवं उसके बाद रेलवे पटरी क्रॉस करने के बाद उसकी कोई भी लोकेशन नहीं मिलती है जिसके बाद परिवार जनों ने स्थानीय थाने में मामला दर्ज तुमसे का करवाया उसके बाद पुलिस ताकत में आई एवं उसकी लोकेशन निकलती हुई फालना पहुंची जहां पर फालना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में वह रेलवे पटरी क्रॉस करता दिखता है उसके बाद से उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो जाता है।1
- mission is very nice1
- सागवाड़ा में छिड़ा सियासी संग्राम, भाजपा विधायक के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर ग़रीबों की जमीन हड़पने का लगाया आरोप, विधायक डेचा से मांगा जवाब विधायक डेचा ने विधानसभा में उठाया था पट्टा वितरण में भेदभाव का मुद्दा, कांग्रेस नेता खोड़निया ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग सागवाड़ा। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा द्वारा नगरपालिका के कामकाज और कच्ची बस्ती पट्टा वितरण में अनियमितता के आरोपों ने शहर की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विधायक के बयानों के बाद पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर भाजपा पर ही गरीबों की जमीन हड़पने का आरोप मढ़ते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस का तीखा पलटवार : भाजपा शासन में हुई गड़बड़ी प्रेस वार्ता में दिनेश खोडनिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा विधायक शंकरलाल डेचा ने स्वयं विधानसभा में कच्ची बस्ती में पट्टे वितरण में गड़बड़ी का मामला उठाया है। कांग्रेस विधायक की इस बात का स्वागत करती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। खोडनिया ने कहा कि वर्ष 2012 में भाजपा बोर्ड के कार्यकाल में कच्ची बस्ती में जिन पट्टों का वितरण किया गया, उसकी जांच होनी चाहिए। पिछले 16 वर्षों में 12 साल भाजपा का बोर्ड रहा है। वर्तमान में भी नगर पालिका में भाजपा का अध्यक्ष है। इसके बावजूद गरीबों को पट्टे नहीं दिए गए, जबकि रसूखदार और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्याम भट्ट, रजनीश व्यास और प्रवीण के. सहित कई प्रभावशाली व्यक्तियों को कच्ची बस्ती के पट्टे दिए गए। करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन की बख्शीश की जा रही है। मनोनीत अध्यक्ष आशीष गांधी के परिवार को भी कच्ची बस्ती में पट्टे दिए जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने गरीबों की जमीन हड़पी है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने नेशनल हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। विधायक डेचा को बताना चाहिए कि ढाई साल में सागवाड़ा को क्या मिला? जल जीवन मिशन के कार्यों के टेंडर तक अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस बोर्ड पर बेबुनियाद आरोप लगाकर विकास कार्यों को बाधित किया, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। कांग्रेस ने विधायक से मांग की है कि सभी मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। - विधानसभा में गूंजा पट्टों का मुद्दा विधायक शंकरलाल डेचा ने सदन में बोलते हुए कहा कि सागवाड़ा नगर पालिका में पिछले साढ़े चार साल के कांग्रेस बोर्ड के दौरान विकास के नाम पर फूटी कौड़ी का काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि 2010 से पट्टे की आस में बैठे गरीब एससी-एसटी परिवारों को दरकिनार कर रसूखदार लोगों को पट्टे बांटे गए। विधायक ने स्वायत्त शासन मंत्री से मांग की कि बरसों से काबिज पात्र परिवारों को तुरंत पट्टे दिलाए जाएं। साथ ही उन्होंने शहर में रोडवेज डिपो और डंपिंग यार्ड की बाउंड्री वॉल बनाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। - जनता ने सोशल मीडिया पर सिंगापुर के सपने और जमीनी हकीकत पर उठाए सवाल इस सियासी खींचतान के बीच सोशल मीडिया पर आम जनता का आक्रोश भी फूट पड़ा है। नागरिकों का कहना है कि शहर को सिंगापुर बनाने के दावों के बीच आधी-अधूरी सीवरेज नीति ने सड़कों को गड्ढों में तब्दील कर दिया है। अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक और डायलिसिस मशीनरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग बरसों से लंबित है। खोडनिया ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में भाजपा सरकार सागवाड़ा शहर को कोई ठोस सौगात नहीं दे सकी। इसके विपरीत कांग्रेस ने मात्र 6 माह के कार्यकाल में करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां दिलवाईं। कॉलोनियों में विकसित गार्डन आज भी कांग्रेस शासन की देन हैं। कांग्रेस का दावा है कि उन्होंने दर्जनों सामुदायिक भवनों और उद्यानों का जीर्णोद्धार कराया, जबकि भाजपा इन कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। - जांच की सुगबुगाहट तेज दोनों ही दलों द्वारा एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद अब जनता निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रही है। जहाँ विधायक डेचा गरीबों को हक दिलाने की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने विकास कार्यों को बाधित किया है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराती है या यह केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा।1
- बालोतरा। बालोतरा में महाविद्यालय की जमीन को लेकर छात्रों ने अर्धनग्न होकर जिला कलेक्टर कार्यालय के आगे प्रदर्शन किया।1
- होली पर्व के उपलक्ष्य में पुलिस थाना जसोल परिसर में C.L.G (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी श्रीमती शारदा द्वारा की गई। बैठक में क्षेत्र के विभिन्न गांवों के C.L.G सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक लोग उपस्थित रहे। बैठक में होली पर्व को शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाने पर विशेष चर्चा की गई। थाना प्रभारी ने सभी से अपील की कि होली धूमधाम से मनाई जाए, लेकिन अत्यधिक शराब सेवन, हुड़दंग व विवाद से बचें। उन्होंने कहा कि रंगों का यह पर्व प्रेम भाव और आपसी सम्मान के साथ मनाया जाना चाहिए। किसी भी अप्रिय स्थिति की तुरंत सूचना पुलिस को देने का आग्रह भी किया गया। साथ ही आगामी अंतर्राष्ट्रीय पशु मेला तिलवाड़ा को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि मेले के दौरान सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, पेयजल एवं भीड़ नियंत्रण की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। मेला क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने, असामाजिक तत्वों पर नजर रखने तथा आमजन व पशुपालकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे। C.L.G सदस्यों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक का समापन शांति, सुरक्षा और व्यवस्थित आयोजन के संकल्प के साथ किया गया।1
- मानपुर डंपिंग यार्ड में लगी आग। साजिश या लापरवाही। आबूरोड शहर के मानपुर स्थित बनास नदी के मुहाने पर बने डंपिंग यार्ड में कल दोपहर को अचानक आग लग गई। हवा चलने के साथ देखते ही देखते आग बढ़ने लगी और आसमान में धुएं का गुबार छाने लगा। आग लगने की सूचना पर नगर पालिका का दमकल वाहन मौके पर पहुंचा एवं आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। शाम को अंधेरा ढलने के साथ ही एक बार फिर कचरे के ढेर में आग लग गई और इस बार आग ने विकराल रूप धारण किया। आग लगने से हवा के साथ धुआं सड़कों की ओर दौड़ने लगा। शहर के शांतिकुंज से निकल रहे मुख्य मार्ग से लगाकर तकरीबन 1 किलोमीटर के दायरे में धूआ फैल गया जिस राहगीरों खासकर दुपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा साथ ही बच्चों एवं बुजुर्गों को सांस लेने में भी दिक्कतो का सामना करना पड़ा आम जन में रोष का माहौल देखने को मिला। आग लगने की पुनः सूचना मिलने पर नगर पालिका का दमकल वाहन मौके पर पहुंचा लेकिन आग लगने का क्षेत्र बड़ा होने से एक दमकल के सहारे आग बुझाना नामुमकिन सा लगने लगा। आबूरोड नगर पालिका फायर प्रभारी जसवंत कुमार ने अधिशासी अधिकारी अनिल झिंगोनिया को फोन पर सूचना दी जिस पर उन्होंने अन्य सहयोगी दमकलों को भी आग बुझाने के लिए मौके पर बुलाया। आग के विकराल रूप को काबू करने में आबूरोड नगर पालिका के बड़े दमकल वाहन को 12 एवं छोटे दमकल वाहन को 2 राउंड लगाने पड़े वही ब्रह्माकुमारी के दमकल वाहन से करीब 42 हजार लीटर पानी की सहायता से रात 10 बजे तक आग पर काबू पाया गया। रात्रि को आग का विकराल रूप होने की सूचना मिलने पर शहर थाना से श्रवण सिंह बिश्नोई, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मनीष सिंघल, महामंत्री दिनेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। लोगों में दबे मुंह इस बात की चर्चा जोरों पर है कि डंपिंग यार्ड में लगी आग किसी साजिश का हिस्सा है या फिर यह कोई बड़ी लापरवाही है जिसकी जांच होना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान मोके पर फायर प्रभारी जसवंत कुमार, फायर स्टाफ अरुण चांवरिया, मोहम्मद युनुस, कमलेश मारू, प्रभुराम और किशन बंजारा उपस्थित रहे।1
- रेलवे द्वारा होली पर्व पर अतिरिक्त यात्री यातायात को ध्यान में रखते हुए यात्रियों की सुविधा हेतु साबरमती-हरिद्वार-साबरमती साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा का संचालन किया जा रहा है। गाडी संख्या 09425, साबरमती-हरिद्वार साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा दिनांक 23.02.26 से 23.03.26 तक (05 ट्रिप) साबरमती से प्रत्येक सोमवार को 18.45 बजे रवाना होकर मंगलवार को 20.30 बजे हरिद्वार पहुॅचेगी। इसी प्रकार गाडी संख्या 09426, हरिद्वार-साबरमती साप्ताहिक स्पेशल रेलसेवा दिनांक 24.02.26 से 24.03.26 तक (05 ट्रिप) हरिद्वार से प्रत्येक मंगलवार को 21.45 बजे रवाना होकर बुधवार को 22.30 बजे साबरमती पहुॅचेगी। यह रेलसेवा मार्ग में महेसाना, पालनपुर, आबूरोड, पिंडवाडा, जवाईबांध, फालना, रानी, मारवाड जं., ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, गांधीनगर जयपुर, बांदीकुई, अलवर, रेवाडी, गुडगॉव, दिल्ली कैंट, दिल्ली, गाजियाबाद, मथुरा कैंट, मुजफ्फरनगर व रूडकी स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इस रेलसेवा में 02 सैकण्ड एसी, 04 थर्ड एसी, 12 द्वितीय शयनयान, 02 साधारण श्रेणी व 02 गार्ड डिब्बो सहित कुल 22 डिब्बे होगे।1
- 15 मार्च 2026 को तिलवाड़ा ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय पशु मेला तिलवाड़ा के अवसर पर झंडा रोपण कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण आयोजन से पहले तिलवाड़ा से जसोल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की दयनीय स्थिति को लेकर ग्रामीणों, व्यापारियों और यात्रियों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क पिछले करीब दो वर्षों से पूरी तरह से खराब पड़ी है, लेकिन अब तक इसके निर्माण या मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जबकि यही मार्ग तिलवाड़ा, जसोल सहित आसपास के गांवों के लिए सबसे अधिक आवागमन वाला रास्ता है। पशु मेला, व्यापारिक गतिविधियों और रोजमर्रा की आवाजाही के कारण इस सड़क पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी डॉ. अरुण चौधरी तथा बालोतरा जिला कलेक्टर सुशील कुमार को देकर शीघ्र समाधान कराया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का कार्य शुरू नहीं हुआ तो मेले में आने वाले पशुपालकों, व्यापारियों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अब सभी की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर है कि वे इस जनहित के मुद्दे पर कब तक ठोस कार्रवाई करते हैं।1