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कच्ची बस्ती पट्टा प्रकरण सागवाड़ा में छिड़ा सियासी संग्राम, भाजपा विधायक के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर ग़रीबों की जमीन हड़पने का लगाया आरोप, विधायक डेचा से मांगा जवाब ​विधायक डेचा ने विधानसभा में उठाया था पट्टा वितरण में भेदभाव का मुद्दा, कांग्रेस नेता खोड़निया ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग ​सागवाड़ा। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा द्वारा नगरपालिका के कामकाज और कच्ची बस्ती पट्टा वितरण में अनियमितता के आरोपों ने शहर की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विधायक के बयानों के बाद पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर भाजपा पर ही गरीबों की जमीन हड़पने का आरोप मढ़ते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस का तीखा पलटवार : भाजपा शासन में हुई गड़बड़ी प्रेस वार्ता में दिनेश खोडनिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा विधायक शंकरलाल डेचा ने स्वयं विधानसभा में कच्ची बस्ती में पट्टे वितरण में गड़बड़ी का मामला उठाया है। कांग्रेस विधायक की इस बात का स्वागत करती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। खोडनिया ने कहा कि वर्ष 2012 में भाजपा बोर्ड के कार्यकाल में कच्ची बस्ती में जिन पट्टों का वितरण किया गया, उसकी जांच होनी चाहिए। पिछले 16 वर्षों में 12 साल भाजपा का बोर्ड रहा है। वर्तमान में भी नगर पालिका में भाजपा का अध्यक्ष है। इसके बावजूद गरीबों को पट्टे नहीं दिए गए, जबकि रसूखदार और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्याम भट्ट, रजनीश व्यास और प्रवीण के. सहित कई प्रभावशाली व्यक्तियों को कच्ची बस्ती के पट्टे दिए गए। करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन की बख्शीश की जा रही है। मनोनीत अध्यक्ष आशीष गांधी के परिवार को भी कच्ची बस्ती में पट्टे दिए जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने गरीबों की जमीन हड़पी है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने नेशनल हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। विधायक डेचा को बताना चाहिए कि ढाई साल में सागवाड़ा को क्या मिला? जल जीवन मिशन के कार्यों के टेंडर तक अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस बोर्ड पर बेबुनियाद आरोप लगाकर विकास कार्यों को बाधित किया, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। कांग्रेस ने विधायक से मांग की है कि सभी मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। - ​विधानसभा में गूंजा पट्टों का मुद्दा ​विधायक शंकरलाल डेचा ने सदन में बोलते हुए कहा कि सागवाड़ा नगर पालिका में पिछले साढ़े चार साल के कांग्रेस बोर्ड के दौरान विकास के नाम पर फूटी कौड़ी का काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि 2010 से पट्टे की आस में बैठे गरीब एससी-एसटी परिवारों को दरकिनार कर रसूखदार लोगों को पट्टे बांटे गए। विधायक ने स्वायत्त शासन मंत्री से मांग की कि बरसों से काबिज पात्र परिवारों को तुरंत पट्टे दिलाए जाएं। साथ ही उन्होंने शहर में रोडवेज डिपो और डंपिंग यार्ड की बाउंड्री वॉल बनाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। - ​जनता ने सोशल मीडिया पर सिंगापुर के सपने और जमीनी हकीकत पर उठाए सवाल ​इस सियासी खींचतान के बीच सोशल मीडिया पर आम जनता का आक्रोश भी फूट पड़ा है। नागरिकों का कहना है कि शहर को सिंगापुर बनाने के दावों के बीच आधी-अधूरी सीवरेज नीति ने सड़कों को गड्ढों में तब्दील कर दिया है। अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक और डायलिसिस मशीनरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग बरसों से लंबित है। खोडनिया ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में भाजपा सरकार सागवाड़ा शहर को कोई ठोस सौगात नहीं दे सकी। इसके विपरीत कांग्रेस ने मात्र 6 माह के कार्यकाल में करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां दिलवाईं। कॉलोनियों में विकसित गार्डन आज भी कांग्रेस शासन की देन हैं। कांग्रेस का दावा है कि उन्होंने दर्जनों सामुदायिक भवनों और उद्यानों का जीर्णोद्धार कराया, जबकि भाजपा इन कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। - ​जांच की सुगबुगाहट तेज ​दोनों ही दलों द्वारा एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद अब जनता निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रही है। जहाँ विधायक डेचा गरीबों को हक दिलाने की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने विकास कार्यों को बाधित किया है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराती है या यह केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा।

2 hrs ago
user_Santosh vyas
Santosh vyas
Newspaper advertising department डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

कच्ची बस्ती पट्टा प्रकरण सागवाड़ा में छिड़ा सियासी संग्राम, भाजपा विधायक के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर ग़रीबों की जमीन हड़पने का लगाया आरोप, विधायक डेचा से मांगा जवाब ​विधायक डेचा ने विधानसभा में उठाया था पट्टा वितरण में भेदभाव का मुद्दा, कांग्रेस नेता खोड़निया ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग ​सागवाड़ा। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा द्वारा नगरपालिका के कामकाज और कच्ची बस्ती पट्टा वितरण में अनियमितता के आरोपों ने शहर की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विधायक के बयानों के बाद पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर भाजपा पर ही गरीबों की जमीन हड़पने का आरोप मढ़ते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस का तीखा पलटवार : भाजपा शासन में हुई गड़बड़ी प्रेस वार्ता में दिनेश खोडनिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा विधायक शंकरलाल डेचा ने स्वयं विधानसभा में कच्ची बस्ती में पट्टे वितरण में गड़बड़ी का मामला उठाया है। कांग्रेस विधायक की इस बात का स्वागत करती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। खोडनिया ने कहा कि वर्ष 2012 में भाजपा बोर्ड के कार्यकाल में कच्ची बस्ती में जिन पट्टों का वितरण किया गया, उसकी जांच होनी चाहिए। पिछले 16 वर्षों में 12 साल भाजपा का बोर्ड रहा है। वर्तमान में भी नगर पालिका में भाजपा का अध्यक्ष है। इसके बावजूद गरीबों को पट्टे नहीं दिए गए, जबकि रसूखदार और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि श्याम भट्ट, रजनीश व्यास और प्रवीण के. सहित कई प्रभावशाली व्यक्तियों को कच्ची बस्ती के पट्टे दिए गए। करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन की बख्शीश की जा रही है। मनोनीत अध्यक्ष आशीष गांधी के परिवार को भी कच्ची बस्ती में पट्टे दिए जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने गरीबों की जमीन हड़पी है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने नेशनल हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। विधायक डेचा को बताना चाहिए कि ढाई साल में सागवाड़ा को क्या मिला? जल जीवन मिशन के कार्यों के टेंडर तक अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस बोर्ड पर बेबुनियाद आरोप लगाकर विकास कार्यों को बाधित किया, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। कांग्रेस ने विधायक से मांग की है कि सभी मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। - ​विधानसभा में गूंजा पट्टों का मुद्दा ​विधायक शंकरलाल डेचा ने सदन में बोलते हुए कहा कि सागवाड़ा नगर पालिका में पिछले साढ़े चार साल के कांग्रेस बोर्ड के दौरान विकास के नाम पर फूटी कौड़ी का काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि 2010 से पट्टे की आस में बैठे गरीब एससी-एसटी परिवारों को दरकिनार कर रसूखदार लोगों को पट्टे बांटे गए। विधायक ने स्वायत्त शासन मंत्री से मांग की कि बरसों से काबिज पात्र परिवारों को तुरंत पट्टे दिलाए जाएं। साथ ही उन्होंने शहर में रोडवेज डिपो और डंपिंग यार्ड की बाउंड्री वॉल बनाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। - ​जनता ने सोशल मीडिया पर सिंगापुर के सपने और जमीनी हकीकत पर उठाए सवाल ​इस सियासी खींचतान के बीच सोशल मीडिया पर आम जनता का आक्रोश भी फूट पड़ा है। नागरिकों का कहना है कि शहर को सिंगापुर बनाने के दावों के बीच आधी-अधूरी सीवरेज नीति ने सड़कों को गड्ढों में तब्दील कर दिया है। अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक और डायलिसिस मशीनरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग बरसों से लंबित है। खोडनिया ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में भाजपा सरकार सागवाड़ा शहर को कोई ठोस सौगात नहीं दे सकी। इसके विपरीत कांग्रेस ने मात्र 6 माह के कार्यकाल में करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां दिलवाईं। कॉलोनियों में विकसित गार्डन आज भी कांग्रेस शासन की देन हैं। कांग्रेस का दावा है कि उन्होंने दर्जनों सामुदायिक भवनों और उद्यानों का जीर्णोद्धार कराया, जबकि भाजपा इन कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। - ​जांच की सुगबुगाहट तेज ​दोनों ही दलों द्वारा एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद अब जनता निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रही है। जहाँ विधायक डेचा गरीबों को हक दिलाने की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने विकास कार्यों को बाधित किया है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराती है या यह केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा।

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    सागवाड़ा में छिड़ा सियासी संग्राम, भाजपा विधायक के आरोपों पर कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर ग़रीबों की जमीन हड़पने का लगाया आरोप, विधायक डेचा से मांगा जवाब
​विधायक डेचा ने विधानसभा में उठाया था पट्टा वितरण में भेदभाव का मुद्दा, कांग्रेस नेता खोड़निया ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
​सागवाड़ा। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा द्वारा नगरपालिका के कामकाज और कच्ची बस्ती पट्टा वितरण में अनियमितता के आरोपों ने शहर की राजनीति में भूचाल ला दिया है। विधायक के बयानों के बाद पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर भाजपा पर ही गरीबों की जमीन हड़पने का आरोप मढ़ते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
कांग्रेस का तीखा पलटवार : भाजपा शासन में हुई गड़बड़ी
प्रेस वार्ता में दिनेश खोडनिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा विधायक शंकरलाल डेचा ने स्वयं विधानसभा में कच्ची बस्ती में पट्टे वितरण में गड़बड़ी का मामला उठाया है। कांग्रेस विधायक की इस बात का स्वागत करती है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है।
खोडनिया ने कहा कि वर्ष 2012 में भाजपा बोर्ड के कार्यकाल में कच्ची बस्ती में जिन पट्टों का वितरण किया गया, उसकी जांच होनी चाहिए। पिछले 16 वर्षों में 12 साल भाजपा का बोर्ड रहा है। वर्तमान में भी नगर पालिका में भाजपा का अध्यक्ष है। इसके बावजूद गरीबों को पट्टे नहीं दिए गए, जबकि रसूखदार और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि श्याम भट्ट, रजनीश व्यास और प्रवीण के. सहित कई प्रभावशाली व्यक्तियों को कच्ची बस्ती के पट्टे दिए गए। करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन की बख्शीश की जा रही है। मनोनीत अध्यक्ष आशीष गांधी के परिवार को भी कच्ची बस्ती में पट्टे दिए जाने का मामला सामने आया है। 
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने गरीबों की जमीन हड़पी है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने नेशनल हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। विधायक डेचा को बताना चाहिए कि ढाई साल में सागवाड़ा को क्या मिला? जल जीवन मिशन के कार्यों के टेंडर तक अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस बोर्ड पर बेबुनियाद आरोप लगाकर विकास कार्यों को बाधित किया, लेकिन हाईकोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। कांग्रेस ने विधायक से मांग की है कि सभी मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
- ​विधानसभा में गूंजा पट्टों का मुद्दा
​विधायक शंकरलाल डेचा ने सदन में बोलते हुए कहा कि सागवाड़ा नगर पालिका में पिछले साढ़े चार साल के कांग्रेस बोर्ड के दौरान विकास के नाम पर फूटी कौड़ी का काम नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि 2010 से पट्टे की आस में बैठे गरीब एससी-एसटी परिवारों को दरकिनार कर रसूखदार लोगों को पट्टे बांटे गए। विधायक ने स्वायत्त शासन मंत्री से मांग की कि बरसों से काबिज पात्र परिवारों को तुरंत पट्टे दिलाए जाएं। साथ ही उन्होंने शहर में रोडवेज डिपो और डंपिंग यार्ड की बाउंड्री वॉल बनाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं।
- ​जनता ने सोशल मीडिया पर सिंगापुर के सपने और जमीनी हकीकत पर उठाए सवाल
​इस सियासी खींचतान के बीच सोशल मीडिया पर आम जनता का आक्रोश भी फूट पड़ा है। नागरिकों का कहना है कि शहर को सिंगापुर बनाने के दावों के बीच आधी-अधूरी सीवरेज नीति ने सड़कों को गड्ढों में तब्दील कर दिया है। अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक और डायलिसिस मशीनरी जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग बरसों से लंबित है। 
खोडनिया ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में भाजपा सरकार सागवाड़ा शहर को कोई ठोस सौगात नहीं दे सकी। इसके विपरीत कांग्रेस ने मात्र 6 माह के कार्यकाल में करोड़ों रुपये की स्वीकृतियां दिलवाईं। कॉलोनियों में विकसित गार्डन आज भी कांग्रेस शासन की देन हैं।
कांग्रेस का दावा है कि उन्होंने दर्जनों सामुदायिक भवनों और उद्यानों का जीर्णोद्धार कराया, जबकि भाजपा इन कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।
- ​जांच की सुगबुगाहट तेज
​दोनों ही दलों द्वारा एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद अब जनता निष्पक्ष जांच की उम्मीद कर रही है। जहाँ विधायक डेचा गरीबों को हक दिलाने की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने विकास कार्यों को बाधित किया है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराती है या यह केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा।
    user_Santosh vyas
    Santosh vyas
    Newspaper advertising department डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा पीठ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने छापेमारी कर दुकानों से भारी मात्रा में 'पेप्सी चुस्की' जब्त की, जिसमें कृत्रिम रंगों का अत्यधिक उपयोग पाया गया। लगभग 220 किलोग्राम पेप्सी चुस्की को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलंकार गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आसिमदीन और उनकी टीम ने की। निरीक्षण के दौरान मैसर्स सैफी, इलियाज और अनम किराना स्टोर पर 'पेप्सी चुस्की' में तय मानक से अधिक कृत्रिम रंग मिले। इसके अतिरिक्त लगभग 18 किलोग्राम अवधिपार कुरकुरे, नमकीन और सोनपापड़ी भी जब्त कर नष्ट की गईं। यह अभियान जिले में 'शुद्ध आहार अभियान' के तहत चलाया जा रहा है। विभाग की इस औचक जांच से इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। प्रशासन और चिकित्सा विभाग इस अभियान को एक्शन मोड में चला रहा है। आगामी होली त्योहार को देखते हुए, डॉ. अलंकार गुप्ता ने मिलावट के खिलाफ विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें पूरे जिले में खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच कर रही हैं। अब तक FSSA एक्ट के तहत दूध, घी, तेल, मसाले और मावा मिठाई सहित 37 नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए बांसवाड़ा प्रयोगशाला भेजा गया है। विभाग ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि केवल शुद्ध और मानक सामग्री ही बेचें, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
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    डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा पीठ क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने छापेमारी कर दुकानों से भारी मात्रा में 'पेप्सी चुस्की' जब्त की, जिसमें कृत्रिम रंगों का अत्यधिक उपयोग पाया गया। लगभग 220 किलोग्राम पेप्सी चुस्की को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलंकार गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आसिमदीन और उनकी टीम ने की। निरीक्षण के दौरान मैसर्स सैफी, इलियाज और अनम किराना स्टोर पर 'पेप्सी चुस्की' में तय मानक से अधिक कृत्रिम रंग मिले। इसके अतिरिक्त लगभग 18 किलोग्राम अवधिपार कुरकुरे, नमकीन और सोनपापड़ी भी जब्त कर नष्ट की गईं।
यह अभियान जिले में 'शुद्ध आहार अभियान' के तहत चलाया जा रहा है। विभाग की इस औचक जांच से इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। प्रशासन और चिकित्सा विभाग इस अभियान को एक्शन मोड में चला रहा है।
आगामी होली त्योहार को देखते हुए, डॉ. अलंकार गुप्ता ने मिलावट के खिलाफ विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें पूरे जिले में खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच कर रही हैं। अब तक FSSA एक्ट के तहत दूध, घी, तेल, मसाले और मावा मिठाई सहित 37 नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए बांसवाड़ा प्रयोगशाला भेजा गया है।
विभाग ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि केवल शुद्ध और मानक सामग्री ही बेचें, अन्यथा कड़ी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    14 min ago
  • दुर्घटना में घायल गोठड़ा की महिला की उपचार के दौरान हुई मौत ,ओवरटेक के दौरान ट्रेक्टर ने मारी थी टक्कर... #aspurcity #dungarpur #dungarpurpolice
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    दुर्घटना में घायल गोठड़ा की महिला की उपचार के दौरान हुई मौत ,ओवरटेक के दौरान ट्रेक्टर ने मारी थी टक्कर...
#aspurcity #dungarpur #dungarpurpolice
    user_VAGAD news24
    VAGAD news24
    Farmer आसपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Rajendra Tabiyar
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    Post by Rajendra Tabiyar
    user_Rajendra Tabiyar
    Rajendra Tabiyar
    Building consultant गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • Post by Bapulal Ahari
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    Post by Bapulal Ahari
    user_Bapulal Ahari
    Bapulal Ahari
    Electrician गढ़ी, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपखण्ड अधिकारी राकेश कुमार न्योल ने क्षेत्र के सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में भगतपुरा पशु चिकित्सालय का स्टाफ उपस्थित मिला, लेकिन भवन का पट्टा जारी नहीं होने पर ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र शाह को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्टाफ मौजूद मिला, जबकि योगा टीचर सावित्री मईडा अनुपस्थित पाई गईं तथा दवाओं की कमी पर व्यवस्था सुधारने को कहा। इसके बाद निरीक्षण में पाटन राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय, वरसाला ग्राम पंचायत भवन तथा चोखवाड़ा ग्राम पंचायत कार्यालय समय में बंद मिले। इस पर उपखण्ड अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समयपालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
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    प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उपखण्ड अधिकारी राकेश कुमार न्योल ने क्षेत्र के सरकारी संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में भगतपुरा पशु चिकित्सालय का स्टाफ उपस्थित मिला, लेकिन भवन का पट्टा जारी नहीं होने पर ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र शाह को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्टाफ मौजूद मिला, जबकि योगा टीचर सावित्री मईडा अनुपस्थित पाई गईं तथा दवाओं की कमी पर व्यवस्था सुधारने को कहा।
इसके बाद निरीक्षण में पाटन राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय, वरसाला ग्राम पंचायत भवन तथा चोखवाड़ा ग्राम पंचायत कार्यालय समय में बंद मिले। इस पर उपखण्ड अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों के विरुद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समयपालन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
    user_धर्मेंद्र उपाध्याय
    धर्मेंद्र उपाध्याय
    पत्रकार बांसवाड़ा, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • mission is very nice
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    mission is very nice
    user_Adv CHOUDHARY VIJAY SINGH DESWAL
    Adv CHOUDHARY VIJAY SINGH DESWAL
    Badgaon, Udaipur•
    13 hrs ago
  • सीमलवाड़ा। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सीमलवाड़ा द्वारा केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत लाभार्थी परिवार को 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक प्रदान किया गया। शाखा परिसर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में नामिनी को चेक सौंपा गया। जानकारी के अनुसार चुंडावाड़ा निवासी शारदा देवी कोटेड पत्नी कांतिलाल कोटेड ने बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सीमलवाड़ा के बीसी रणवीर सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत जीवन बीमा करवाया था। कुछ समय पूर्व उनकी सामान्य मृत्यु हो जाने पर बीसी कोऑर्डिनेटर दैविक दर्जी एवं क्रिसिल फाउंडेशन के फील्ड कोऑर्डिनेटर विजयपाल रोत द्वारा संबंधित दस्तावेज एकत्रित कर लीड ब्रांच को सूचना दी गई। लीड ब्रांच मैनेजर दीपक उदय पाटील एवं अधिकारी चंद्रशेखर नागले के मार्गदर्शन में शाखा स्टाफ, फील्ड कोऑर्डिनेटर और बीसी के त्वरित समन्वय से आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद शारदा कोटेड के नामिनी कांतिलाल कोटेड को एक माह के भीतर 2 लाख रुपये का चेक प्रदान कर दिया गया। इस अवसर पर लीड ब्रांच मैनेजर दीपक उदय पाटील ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति वार्षिक 436 रुपये (सरकार द्वारा निर्धारित प्रीमियम) का भुगतान कर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्राप्त कर सकता है। बीमा अवधि एक वर्ष की होती है, जिसे हर साल नवीनीकृत कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बीमित व्यक्ति की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर नामिनी को 2 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यह योजना विशेष रूप से निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। अत्यंत कम प्रीमियम में मिलने वाला यह बीमा विपरीत परिस्थितियों में परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करता है, इसलिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को इस योजना से अवश्य जुड़ना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान कांतिलाल कोटेड ने बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर बीमा राशि मिलने से परिवार को आर्थिक सहायता मिली है। उन्होंने भी आमजन से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़ने की अपील की। इस मौके पर दैविक दर्जी, रणवीर सिंह, संजय भोई सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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    सीमलवाड़ा। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सीमलवाड़ा द्वारा केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत लाभार्थी परिवार को 2 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक प्रदान किया गया। शाखा परिसर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में नामिनी को चेक सौंपा गया।
जानकारी के अनुसार चुंडावाड़ा निवासी शारदा देवी कोटेड पत्नी कांतिलाल कोटेड ने बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा सीमलवाड़ा के बीसी रणवीर सिंह के माध्यम से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत जीवन बीमा करवाया था। कुछ समय पूर्व उनकी सामान्य मृत्यु हो जाने पर बीसी कोऑर्डिनेटर दैविक दर्जी एवं क्रिसिल फाउंडेशन के फील्ड कोऑर्डिनेटर विजयपाल रोत द्वारा संबंधित दस्तावेज एकत्रित कर लीड ब्रांच को सूचना दी गई।
लीड ब्रांच मैनेजर दीपक उदय पाटील एवं अधिकारी चंद्रशेखर नागले के मार्गदर्शन में शाखा स्टाफ, फील्ड कोऑर्डिनेटर और बीसी के त्वरित समन्वय से आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद शारदा कोटेड के नामिनी कांतिलाल कोटेड को एक माह के भीतर 2 लाख रुपये का चेक प्रदान कर दिया गया।
इस अवसर पर लीड ब्रांच मैनेजर दीपक उदय पाटील ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति वार्षिक 436 रुपये (सरकार द्वारा निर्धारित प्रीमियम) का भुगतान कर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्राप्त कर सकता है। बीमा अवधि एक वर्ष की होती है, जिसे हर साल नवीनीकृत कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बीमित व्यक्ति की किसी भी कारण से मृत्यु होने पर नामिनी को 2 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की जाती है।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यह योजना विशेष रूप से निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। अत्यंत कम प्रीमियम में मिलने वाला यह बीमा विपरीत परिस्थितियों में परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करता है, इसलिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को इस योजना से अवश्य जुड़ना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कांतिलाल कोटेड ने बैंक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर बीमा राशि मिलने से परिवार को आर्थिक सहायता मिली है। उन्होंने भी आमजन से अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़ने की अपील की।
इस मौके पर दैविक दर्जी, रणवीर सिंह, संजय भोई सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
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