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रीवा आईजी मऊगंज पुलिस कंट्रोल रूम में ली क्राइम मीटिंग
Lavkesh singh
रीवा आईजी मऊगंज पुलिस कंट्रोल रूम में ली क्राइम मीटिंग
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Bablu Namdev1
- रीवा आईजी मऊगंज पुलिस कंट्रोल रूम में ली क्राइम मीटिंग1
- Post by Haree ji Kol1
- जर्जर लिप्टिस की शिकायत की जांच गढ़ निवासी कुबेरनाथ त्रिपाठी द्वारा घर के सामने स्थित जर्जर लिप्टिस को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि उक्त जर्जर संरचना से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण करने के निर्देश दिए। आयुर्वेद औषधालय के सामने अतिक्रमण का मामला दूसरी शिकायत जितेंद्र सिंह द्वारा की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि प्रमोद सिंह द्वारा आयुर्वेद औषधालय के सामने लंबे समय से अतिक्रमण किया गया है। प्रशासनिक टीम ने स्थल निरीक्षण कर स्थिति का अवलोकन किया तथा आवश्यक दस्तावेजों की समीक्षा हेतु फाइल तलब की। खेल मैदान की भूमि संबंधी फाइल की जांच इसी क्रम में गढ़ क्षेत्र में प्रस्तावित/ खेल मैदान से संबंधित फाइल के आधार पर भी मौके पर पहुंचकर जांच की गई। प्रशासन ने जमीन की वास्तविक स्थिति और अभिलेखीय तथ्यों का मिलान किया। प्रशासन का स्पष्ट संदेश निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार अजय मिश्रा ने स्पष्ट किया कि— > “सभी मामलों में फाइल अवलोकन एवं राजस्व अभिलेखों की जांच उपरांत ही न्यायोचित निर्णय लिया जाएगा। यदि कहीं शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित अतिक्रमणकारी को स्वयं संज्ञान लेकर हटाने का अवसर दिया जाएगा। अन्यथा पटवारी से प्रतिवेदन प्राप्त कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।” उन्होंने दो टूक कहा कि शासकीय संपत्ति पर किसी भी प्रकार का नाजायज कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक अमला नियमों के तहत कार्रवाई करेगा और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।4
- Post by Jk Vishwkarma1
- प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़ीया तरहार घाट पर अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लगातार ग्रामीणों और पत्रकारों द्वारा की जा रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए खनन अधिकारी वैभव सोनी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर सख्त कदम उठाए। कार्रवाई के दौरान घाटों पर जमा बालू को पानी में फिंकवाया गया तथा जेसीबी मशीन से अवैध खनन के लिए बनाए गए रास्तों को बंद करा दिया गया। थाना प्रभारी लालापुर भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। खनन अधिकारी वैभव सोनी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।4
- प्रयागराज में अपना दल (कमेरावादी) का विशाल धरना, UGC रेगुलेशन 2026 लागू करने की उठी जोरदार मांग अपना दल (कमेरावादी) के नेतृत्व में शुक्रवार को प्रयागराज जिले के सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एक सूत्रीय मांग रखते हुए यूजीसी एक्टिव रेगुलेशन 2026 को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की। धरने में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी प्रयागराज के माध्यम से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें प्रदेश में यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू करने की मांग की गई। प्रमुख नेताओं की मौजूदगी धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट दिलीप पटेल, प्रदेश अध्यक्ष बौद्धिक मंच मोहम्मद अबरार, जिला अध्यक्ष गंगा पार अरुण पटेल तथा जिला अध्यक्ष जमुना पार एडवोकेट रमेश चंद्र पटेल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए एडवोकेट दिलीप पटेल ने कहा कि सरकार यूजीसी का नाम लेकर उसके मूल उद्देश्यों का हनन कर रही है, जबकि उसे सही मायनों में लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 ओबीसी, एससी, एसटी, विकलांगजनों, गरीब महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग इसे लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस कानून को प्रभावी रूप से लागू करती है तो इससे सामाजिक न्याय को मजबूती मिलेगी और शैक्षणिक संस्थानों में वंचित वर्गों को उनका अधिकार और सम्मान सुनिश्चित होगा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय को यह संज्ञान में लेना चाहिए कि देश में आज भी ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के पदाधिकारियों की कुर्सी खाली होने पर उसे गोमूत्र से पवित्र कराने जैसी घटनाओं की चर्चाएं सामने आती हैं, जो जातिगत भेदभाव की मानसिकता को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति को भी कभी-कभी मंदिर प्रवेश को लेकर विवादों का सामना करना पड़ता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारत में जाति व्यवस्था किस स्तर तक सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करती है। ऐसी परिस्थितियों में यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में समानता और सम्मान सुनिश्चित किया जा सके। राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से हस्तक्षेप कर यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू कराने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि यह कानून गरीब, असहाय और पिछड़े वर्गों के हित में है, इसलिए इसे शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। धरना-प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखी और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और सामाजिक न्याय के समर्थन में नारों के साथ हुआ।2
- Post by Bablu Namdev1