शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, प्रधानाध्यापक दुर्योधन बैठा को मिलेगा 2026 का राजकीय पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, नवाचार और विद्यालय विकास के लिए लगातार किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य का परिणाम अब सम्मान के रूप में सामने आया है। मझौलिया प्रखंड के राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय गढ़वा भोगाड़ी के प्रधानाध्यापक दुर्योधन बैठा का चयन वर्ष 2026 के राजकीय पुरस्कार के लिए किया गया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। रतनमाला पंचायत के बनकटवा निवासी श्रीरामसूरत बैठा के पुत्र दुर्योधन बैठा ने वर्ष 2000 में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर सहायक शिक्षक के रूप में शिक्षा विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी। वर्ष 2017 में उन्हें राजकीय मध्य विद्यालय गढ़वा भोगाड़ी, मझौलिया में प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद से उन्होंने विद्यालय को बेहतर बनाने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार मेहनत की। दुर्योधन बैठा के नेतृत्व में विद्यालय में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट को शून्य करने और विद्यालय की भौतिक संरचना को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। उनके प्रयासों से विद्यालय में चाहरदीवारी, शौचालय, परिसर में फेवर ब्लॉक, पानी सोख्ता तथा विद्यालय के लिए अलग ट्रांसफार्मर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था हुई। प्रधानाध्यापक की खासियत यह भी है कि वे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद कक्षा में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। विद्यालय के बेहतर संचालन को लेकर वे सहकर्मी शिक्षकों के साथ लगातार बैठक करते हैं और शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की रूपरेखा तैयार करते हैं। विद्यालय के विकास में अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी वे लगातार संपर्क में रहते हैं। यही वजह है कि आज विद्यालय में 11 कक्ष, एक कार्यालय और करीब 843 विद्यार्थियों का नामांकन है। पठन-पाठन के साथ विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर भी जोर दिया जाता है। शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दुर्योधन बैठा का राजकीय पुरस्कार के लिए चयन न सिर्फ उनके व्यक्तिगत समर्पण और मेहनत का सम्मान है, बल्कि यह उन तमाम शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा की तस्वीर बदलने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली ने साबित किया है कि एक समर्पित प्रधानाध्यापक अपनी सोच और मेहनत से पूरे विद्यालय की दिशा और दशा बदल सकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, प्रधानाध्यापक दुर्योधन बैठा को मिलेगा 2026 का राजकीय पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, नवाचार और विद्यालय विकास के लिए लगातार किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य का परिणाम अब सम्मान के रूप में सामने आया है। मझौलिया प्रखंड के राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय गढ़वा भोगाड़ी के प्रधानाध्यापक दुर्योधन बैठा का चयन वर्ष 2026 के राजकीय पुरस्कार के लिए किया गया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। रतनमाला पंचायत के बनकटवा निवासी श्रीरामसूरत बैठा के पुत्र दुर्योधन बैठा ने वर्ष 2000 में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर सहायक शिक्षक के रूप में शिक्षा विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी। वर्ष 2017 में उन्हें राजकीय मध्य विद्यालय गढ़वा भोगाड़ी, मझौलिया में प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद से उन्होंने विद्यालय को बेहतर बनाने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार मेहनत की। दुर्योधन बैठा के नेतृत्व में विद्यालय में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट को शून्य करने और विद्यालय की भौतिक संरचना को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। उनके प्रयासों से विद्यालय में चाहरदीवारी, शौचालय, परिसर में फेवर ब्लॉक, पानी सोख्ता तथा विद्यालय के लिए अलग ट्रांसफार्मर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था हुई। प्रधानाध्यापक की खासियत यह भी है कि वे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद कक्षा में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। विद्यालय के बेहतर संचालन को लेकर वे सहकर्मी शिक्षकों के साथ लगातार बैठक करते हैं और शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की रूपरेखा तैयार करते हैं। विद्यालय के विकास में अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी वे लगातार संपर्क में रहते हैं। यही वजह है कि आज विद्यालय में 11 कक्ष, एक कार्यालय और करीब 843 विद्यार्थियों का नामांकन है। पठन-पाठन के साथ विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर भी जोर दिया जाता है। शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दुर्योधन बैठा का राजकीय पुरस्कार के लिए चयन न सिर्फ उनके व्यक्तिगत समर्पण और मेहनत का सम्मान है, बल्कि यह उन तमाम शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा की तस्वीर बदलने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली ने साबित किया है कि एक समर्पित प्रधानाध्यापक अपनी सोच और मेहनत से पूरे विद्यालय की दिशा और दशा बदल सकता है।
- संगठन विस्तार को लेकर हर घर तक पहुंचेंगे कांग्रेसी नौतन। प्रखंड कांग्रेस आश्रम में गुरुवार को संगठन विस्तार एवं पार्टी को मजबूत करने को लेकर नौतन। प्रखंड कांग्रेस आश्रम में गुरुवार को संगठन विस्तार एवं पार्टी को मजबूत करने को लेकर कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई। अध्यक्षता प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष मैनुद्दीन मंसूरी ने की। बैठक में मंडल, पंचायत, वार्ड एवं बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और नई कमेटियों के गठन पर चर्चा हुई। जिला प्रभारी दिनबंधु क्रांतिकारी, नौतन विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी अमित गिरी, पूर्व विधायक मदनमोहन तिवारी, जिला अध्यक्ष राकेश कुमार यादव, राजन दुबे सहित कई नेता शामिल हुए। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों से संवाद करने, उनकी समस्याएं जानने तथा कांग्रेस की नीतियों से जोड़ने का आह्वान किया। मंडल से बूथ स्तर तक अध्यक्षों के चुनाव कराने पर भी सहमति बनी। जिला अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। अमित गिरी ने बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर जनआंदोलन की बात कही। पूर्व विधायक मदनमोहन तिवारी ने मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील की। बैठक में नारद पांडेय, शिवरतन यादव, रामाधार राम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, प्रधानाध्यापक दुर्योधन बैठा को मिलेगा 2026 का राजकीय पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण, नवाचार और विद्यालय विकास के लिए लगातार किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य का परिणाम अब सम्मान के रूप में सामने आया है। मझौलिया प्रखंड के राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय गढ़वा भोगाड़ी के प्रधानाध्यापक दुर्योधन बैठा का चयन वर्ष 2026 के राजकीय पुरस्कार के लिए किया गया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। रतनमाला पंचायत के बनकटवा निवासी श्रीरामसूरत बैठा के पुत्र दुर्योधन बैठा ने वर्ष 2000 में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर सहायक शिक्षक के रूप में शिक्षा विभाग में अपनी सेवा शुरू की थी। वर्ष 2017 में उन्हें राजकीय मध्य विद्यालय गढ़वा भोगाड़ी, मझौलिया में प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद से उन्होंने विद्यालय को बेहतर बनाने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लगातार मेहनत की। दुर्योधन बैठा के नेतृत्व में विद्यालय में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट को शून्य करने और विद्यालय की भौतिक संरचना को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। उनके प्रयासों से विद्यालय में चाहरदीवारी, शौचालय, परिसर में फेवर ब्लॉक, पानी सोख्ता तथा विद्यालय के लिए अलग ट्रांसफार्मर जैसी सुविधाओं की व्यवस्था हुई। प्रधानाध्यापक की खासियत यह भी है कि वे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद कक्षा में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। विद्यालय के बेहतर संचालन को लेकर वे सहकर्मी शिक्षकों के साथ लगातार बैठक करते हैं और शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की रूपरेखा तैयार करते हैं। विद्यालय के विकास में अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी वे लगातार संपर्क में रहते हैं। यही वजह है कि आज विद्यालय में 11 कक्ष, एक कार्यालय और करीब 843 विद्यार्थियों का नामांकन है। पठन-पाठन के साथ विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर भी जोर दिया जाता है। शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित न रखकर बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दुर्योधन बैठा का राजकीय पुरस्कार के लिए चयन न सिर्फ उनके व्यक्तिगत समर्पण और मेहनत का सम्मान है, बल्कि यह उन तमाम शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा की तस्वीर बदलने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी कार्यशैली ने साबित किया है कि एक समर्पित प्रधानाध्यापक अपनी सोच और मेहनत से पूरे विद्यालय की दिशा और दशा बदल सकता है।1
- श्री गुरु संत रविदास की 650 वीं जयंती मझौलिया प्रखंड अंतर्गत सेनुवरिया पंचायत के वार्ड संख्या - 12 में आयोजित किया गया। 3 September. जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने दीप प्रज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। 03.09.2026.1
- सेनवरिया पंचायत में अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का हुआ उद्घाटन, कचरा मुक्त पंचायत बनाने पर जोर।। मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के सेनवरिया पंचायत में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई का उद्घाटन गुरुवार को किया गया। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार एवं पंचायत की मुखिया ज्योति श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इकाई का उद्घाटन किया। इस दौरान अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा पंचायत को कचरा मुक्त बनाने पर जोर दिया। उद्घाटन के अवसर पर जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए लोगों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। घरों से निकलने वाले कचरे का उचित प्रबंधन होने से पंचायत में साफ-सफाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। मुखिया ज्योति श्रीवास्तव ने कहा कि अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई के शुरू होने से पंचायत को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने पंचायत के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कचरा इधर-उधर नहीं फेंकें और स्वच्छता अभियान में सहयोग करें। घरों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही दें, ताकि उसका उचित तरीके से निस्तारण एवं प्रसंस्करण किया जा सके। प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने भी ग्रामीणों से स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को सफल बनाने में ग्रामीणों की भूमिका अहम है। मौके पर अंचलाधिकारी डॉली कुमारी, सरपंच नरेश पटेल, जेई रामा देवी, मुखिया प्रतिनिधि रिंकू श्रीवास्तव सहित पंचायत के सभी स्वच्छाग्रही एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने पंचायत को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया।4
- गरिमा देवी सिकरिया पर गंभीर आरोप लगाए गए पार्षदों के द्वारा1
- कुंड में मगरमच्छ दिखने से दहशत,घंटों चला रेस्क्यू अभियान ---- मंगलपुर गुदरिया पंचायत के ब्रह्म बाबा स्थान का मामला, वन विभाग की टीम नहीं पकड़ सकी मगरमच्छ। ब्रह्म बाबा स्थान के कुंड के पास जुटे ग्रामीण और रेस्क्यू अभियान चलाती वन विभाग की टीम। नौतन। प्रखंड के मंगलपुर गुदरिया पंचायत के वार्ड संख्या-1 स्थित ब्रह्म बाबा स्थान के कुंड में शुक्रवार सुबह मगरमच्छ दिखाई देने से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। मगरमच्छ दिखने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।सूचना मिलने पर वन विभाग की 5 से 10 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने कई घंटों तक जाल एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की मदद से कुंड में तलाश की। हालांकि, मगरमच्छ पानी की गहराई में छिप जाने के कारण वन विभाग की टीम उसे पकड़ने में सफल नहीं हो सकी।घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। इस दौरान परमेश्वर महतो, धर्मेंद्र कुमार और राजदेव महतो सहित कई स्थानीय लोग मौजूद थे। मगरमच्छ के कुंड में होने की सूचना से आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कुंड के पास न जाएं और पूरी तरह सतर्क रहें। विभाग की ओर से कहा गया है कि मगरमच्छ दोबारा दिखाई देने की सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर उसे सुरक्षित पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।इधर, मगरमच्छ के नहीं पकड़े जाने से आसपास के ग्रामीणों में अब भी दहशत बनी हुई है। लोग बच्चों और पशुओं को कुंड के आसपास जाने से रोक रहे हैं।4
- मंगलपुर में मगरमच्छ भग मलही कुंड में दिखाई दिया लोगों में दहशत नौतन प्रखंड के मंगलपुर गुदरिया पंचायत के भगमलही कुंड में लोगों को मगरमच्छ दिखाई दिया तत्काल वन विभाग को सूचना किया गया 1 घंटे के अंतराल वन विभाग घटनास्थल पर पहुंची मगरमच्छ की खोजी शुरू हुई लेकिन गहरे पानी में मगरमच्छ के चले जाने से वन विभाग द्वारा रिस्क नहीं किया जा सका वन विभाग के कर्मियों ने बताया कि अपने बच्चों को सावधान रखें कुंड के किनारे नहीं आने दें और दोबारा दिखाई देता है तो तत्काल सूचना दें1
- बगहा में सरेआम गोलीबारी से हड़कंप, उप मुखिया समेत वार्ड सदस्य पति को मारी गोली बगहा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भैरोगंज थाना क्षेत्र के कपरधिक्का गांव में सरेआम गोलीबारी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। अपराधियों ने भैरोगंज पंचायत के उप मुखिया अशोक दास और वार्ड सदस्य पति राधेश्याम राम को निशाना बनाते हुए गोली मार दी। बताया जा रहा है कि अज्ञात अपराधियों ने दोनों पर अचानक फायरिंग कर दी, जिसमें अशोक दास और राधेश्याम राम घायल हो गए। गोली चलने की आवाज से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को आनन-फानन में बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए GMCH बेतिया रेफर कर दिया। फिलहाल दोनों घायलों का GMCH बेतिया में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। इधर, गोलीबारी की सूचना मिलते ही भैरोगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल कर रही है और हमलावरों की पहचान करने के साथ-साथ गोलीबारी के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। घटना को लेकर राजनीतिक साजिश की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अपराधियों ने दोनों को ही निशाना क्यों बनाया? हमले के पीछे क्या वजह थी? वारदात में कितने अपराधी शामिल थे? और क्या इस गोलीकांड का कोई राजनीतिक कनेक्शन है? इन तमाम सवालों का जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। बगहा SDPO निहार भूषण ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, इस सरेआम गोलीबारी के बाद भैरोगंज क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस हमलावरों की तलाश और घटना की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।1