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*कटनी में मानवता की मिसाल: देहदान को मिला राजकीय सम्मान, स्व. कलाबाई कुशवाहा को गार्ड ऑफ ऑनर*
Sourabh Shrivastava
*कटनी में मानवता की मिसाल: देहदान को मिला राजकीय सम्मान, स्व. कलाबाई कुशवाहा को गार्ड ऑफ ऑनर*
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- Post by Sourabh Shrivastava1
- Post by सच की खबर 241
- 🔴 कटनी में उबाल: हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर महिला कांग्रेस का तीखा विरोध, एफआईआर की मांग कटनी। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कटनी में सियासी माहौल गरमा गया है। शहर महिला कांग्रेस ने इसे लेकर कड़ा आक्रोश जताते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष एवं प्रदेश महासचिव रजनी वर्मा के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मुख्यमंत्री सरमा ने खड़गे को “पागल” कहकर न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत गरिमा को ठेस पहुंचाई है, बल्कि यह बयान सामाजिक रूप से भी अपमानजनक है। संगठन ने इसे दलित एवं वंचित वर्गों की भावनाओं पर हमला बताया। ज्ञापन में कहा गया कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस प्रकार की भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और समाज में गलत संदेश देता है। महिला कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले में तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही संगठन ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे “अमर्यादित और गैर-जिम्मेदार” बयान देने वाले मंत्री को पद से हटाया जाना चाहिए और उनसे इस्तीफा लिया जाना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है और आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन तेज होने के संकेत भी मिल रहे3
- श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा से आई मानवता को शर्मसार करने वाली खबरों में एक धर्म के ठेकेदार ने नाबालिग लड़की से किये दुष्कर्म लेकिन लोगों का विश्वास इस बाबा पर इतना बड़ा है कि कोई भी इस बालिका की चीख पुकार सुनकर कोई भी विश्वास नहीं कर रहे है भरे बाजार मे यह लड़की चीखती रही लेकिन कोई भी इस लड़की की बातो पर यकीन नहीं कर रहा है लड़की अपना संपूर्ण संतुलन खो चुकी हैं ऐसे पाखंडी धर्म गुरुओं को कब सजा मिलेगी *आदिशक्ति माँ विंध्यवासनी मंदिर राकेश निषाद*2
- कटनी में कलेक्टर के आदेश की खुली अवहेलना, निवार चौकी क्षेत्र में जारी बोरिंग कार्य पर उठे सवाल कटनी – जिला कटनी से सामने आई एक गंभीर जानकारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवार चौकी क्षेत्र में एक खाली प्लॉट पर खुलेआम बोरिंग का कार्य किया जा रहा है, जबकि जिला कलेक्टर द्वारा पहले ही स्पष्ट आदेश जारी किए जा चुके हैं कि गर्मियों के मौसम में गिरते जल स्तर को देखते हुए बोरिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सूत्रों के अनुसार, इस आदेश के बावजूद संबंधित बोरिंग मशीन संचालक बिना किसी भय के लगातार कार्य कर रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह गतिविधि प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद जारी है, जिससे न सिर्फ आदेशों की अवहेलना हो रही है बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह नियमों को नजरअंदाज किया जाता रहा तो क्षेत्र में जल संकट और गहरा सकता है। एक ओर शासन जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की लापरवाही उन प्रयासों को कमजोर करती नजर आ रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे। क्षेत्र के लोगों की नजरें अब प्रशासनिक कदमों पर टिकी हुई हैं।2
- *जानलेवा गड्ढों से मिली राहत, समाजसेवी गुलाब शुक्ला ने खुद संभाली जिम्मेदारी* *प्रशासन की उदासीनता के बीच पिपरिटोला मोड़ की सड़क हुई दुरुस्त, राहगीरों ने ली राहत की सांस* सतना।जिले के बिरसिंहपुर नगर परिषद अंतर्गत सभापुर स्थित पिपरिटोला मोड़ पर लंबे समय से जर्जर सड़क और जानलेवा गड्ढों के कारण लोग परेशान थे। सड़क की खराब हालत के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही थीं और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा था। स्थानीय नागरिकों द्वारा कई महीनों से नगर परिषद और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सड़क सुधार की मांग की जा रही थी, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते समस्या जस की तस बनी रही। प्रशासन की इस बेरुखी से क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी थी। इसी बीच जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए समाजसेवी गुलाब शुक्ला ने पहल की। उन्होंने तत्काल आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए अपनी टीम के माध्यम से पिपरिटोला मोड़ पर बने खतरनाक गड्ढों में गिट्टी डलवाकर सड़क की मरम्मत करवाई। इस कार्य से सड़क की स्थिति में सुधार हुआ और राहगीरों को बड़ी राहत मिली। मरम्मत कार्य के दौरान श्रीराम ट्रेडर्स के मंजू पांडे, बसंत शुक्ला सहित अन्य स्थानीय नागरिकों ने भी सहयोग दिया। सभी ने मिलकर सेवा भाव से इस कार्य को पूरा कराया। सड़क दुरुस्त होने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और गुलाब शुक्ला के इस जनहितैषी कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि जब जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते, तब ऐसे समाजसेवी ही आम जनता के लिए उम्मीद बनकर सामने आते हैं। यह पहल न केवल एक समस्या का समाधान है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है।1
- जो जमीन सरकारी है वह जमीन हमारी है । पीड़ितों को न्याय दो न्याय दो सभी साथी जल्द से जल्द इस आंदोलन को सफल बनाने कटनी कलेक्ट्रेट पहुंचे। हम भी पूरी टीम के साथ पहुंचे रहे है।1
- 🌺 “मृत्यु के बाद भी जीवन का उपहार” कटनी की कलाबाई कुशवाहा ने देहदान कर रचा इतिहास, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई कटनी। कटनी जिले में आज मानवता, सेवा और त्याग की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं और दिल गर्व से भर दिया। शिवनगर निवासी स्वर्गीय श्रीमती कलाबाई कुशवाहा ने मृत्यु के बाद भी जीवन देने का अद्भुत संदेश देते हुए देहदान कर समाज को एक नई दिशा दिखाई। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिजनों ने उनकी पार्थिव देह चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए दान कर दी। शासन के निर्देशानुसार उन्हें राजकीय सम्मान (State Honors) और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई — यह दृश्य पूरे शहर के लिए भावुक और प्रेरणादायक बन गया। 🌼 “मृत्यु के बाद भी बनीं गुरु” इंदिरा गांधी वार्ड निवासी कलाबाई कुशवाहा (पति श्री कोदूलाल कुशवाहा) ने अपने जीवनकाल में ही देहदान का संकल्प लिया था। गुरुवार को उनके निधन के बाद परिजनों ने तुरंत मेडिकल कॉलेज, जबलपुर से संपर्क किया। जिला चिकित्सालय कटनी में उनकी पार्थिव देह लाई गई, जहाँ पुलिस बल ने पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान मौजूद प्रशासनिक अधिकारी, आमजन और परिजन नम आंखों से इस महान दानी आत्मा को श्रद्धांजलि देते नजर आए। 💡 क्यों विशेष है यह पहल? मध्य प्रदेश सरकार द्वारा देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए देहदानियों को राजकीय सम्मान देने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना और अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करना है। 👉 चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार: "मेडिकल छात्रों के लिए दान की गई देह उनका पहला गुरु होती है। कलाबाई जी का यह योगदान भविष्य के डॉक्टरों को तैयार करने में अमूल्य साबित होगा।" 📌 देहदान का महत्व 🔹 चिकित्सा शिक्षा – मेडिकल छात्र मानव शरीर की गहराई से पढ़ाई और शोध कर पाते हैं 🔹 समाज में जागरूकता – ऐसे उदाहरण लोगों को प्रेरित करते हैं 🔹 अमरता का संदेश – व्यक्ति मृत्यु के बाद भी समाज के काम आता है 🚑 अंतिम यात्रा बनी प्रेरणा की मिसाल कलाबाई कुशवाहा की अंतिम यात्रा जिला चिकित्सालय कटनी से मेडिकल कॉलेज जबलपुर के लिए रवाना हुई। इस दौरान हर व्यक्ति के मन में एक ही भावना थी — “यह सिर्फ विदाई नहीं, बल्कि समाज के लिए एक अमर संदेश है।” परिजनों ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी माता अब भी मानवता की सेवा में जीवित रहेंगी। ✨ यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज को जागृत करने वाली प्रेरणा है।1