बहराइच जनपद में ई-रिक्शा चालक 'ई-रिक्शा हैक' की एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत-मजदूरी और परिवार पालने की क्षमता पर गहरा संकट आ गया है। तकनीकी छेड़छाड़ के कारण उनके ई-रिक्शा बीच रास्ते में अचानक बंद या लॉक हो जा रहे हैं, जिसके चलते चालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। फखरपुर क्षेत्र के वजीरगंज बाजार निवासी ई-रिक्शा चालक मोहम्मद शरीफ ने बताया कि वह दिनभर कड़ी धूप में ई-रिक्शा चलाकर घर का खर्च चलाते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार ई-रिक्शा हैक होने की घटनाओं ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वाहनों के अचानक बंद या लॉक होने से न केवल सवारियों को बीच रास्ते में असुविधा होती है, बल्कि चालकों की दिहाड़ी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। चालकों का कहना है कि कर्ज लेकर या वर्षों की मेहनत की कमाई से खरीदे गए उनके ई-रिक्शा यदि बार-बार हैकिंग का शिकार होंगे तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। कई चालकों को तो ई-रिक्शा की मरम्मत और बैटरी पर भी अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। इस गंभीर तकनीकी समस्या के मद्देनजर, मोहम्मद शरीफ सहित अन्य ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और चालकों को इस समस्या से राहत दिलाने की अपील की है, ताकि उनकी रोजी-रोटी सुरक्षित बनी रह सके।
बहराइच जनपद में ई-रिक्शा चालक 'ई-रिक्शा हैक' की एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत-मजदूरी और परिवार पालने की क्षमता पर गहरा संकट आ गया है। तकनीकी छेड़छाड़ के कारण उनके ई-रिक्शा बीच रास्ते में अचानक बंद या लॉक हो जा रहे हैं, जिसके चलते चालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी
परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। फखरपुर क्षेत्र के वजीरगंज बाजार निवासी ई-रिक्शा चालक मोहम्मद शरीफ ने बताया कि वह दिनभर कड़ी धूप में ई-रिक्शा चलाकर घर का खर्च चलाते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार ई-रिक्शा हैक होने की घटनाओं ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वाहनों के अचानक बंद या लॉक होने से न केवल सवारियों को
बीच रास्ते में असुविधा होती है, बल्कि चालकों की दिहाड़ी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। चालकों का कहना है कि कर्ज लेकर या वर्षों की मेहनत की कमाई से खरीदे गए उनके ई-रिक्शा यदि बार-बार हैकिंग का शिकार होंगे तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। कई चालकों को तो ई-रिक्शा की मरम्मत और बैटरी पर भी अतिरिक्त
खर्च वहन करना पड़ रहा है। इस गंभीर तकनीकी समस्या के मद्देनजर, मोहम्मद शरीफ सहित अन्य ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और चालकों को इस समस्या से राहत दिलाने की अपील की है, ताकि उनकी रोजी-रोटी सुरक्षित बनी रह सके।
- बहराइच जनपद में ई-रिक्शा चालक 'ई-रिक्शा हैक' की एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी मेहनत-मजदूरी और परिवार पालने की क्षमता पर गहरा संकट आ गया है। तकनीकी छेड़छाड़ के कारण उनके ई-रिक्शा बीच रास्ते में अचानक बंद या लॉक हो जा रहे हैं, जिसके चलते चालकों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। फखरपुर क्षेत्र के वजीरगंज बाजार निवासी ई-रिक्शा चालक मोहम्मद शरीफ ने बताया कि वह दिनभर कड़ी धूप में ई-रिक्शा चलाकर घर का खर्च चलाते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से लगातार ई-रिक्शा हैक होने की घटनाओं ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वाहनों के अचानक बंद या लॉक होने से न केवल सवारियों को बीच रास्ते में असुविधा होती है, बल्कि चालकों की दिहाड़ी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। चालकों का कहना है कि कर्ज लेकर या वर्षों की मेहनत की कमाई से खरीदे गए उनके ई-रिक्शा यदि बार-बार हैकिंग का शिकार होंगे तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। कई चालकों को तो ई-रिक्शा की मरम्मत और बैटरी पर भी अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। इस गंभीर तकनीकी समस्या के मद्देनजर, मोहम्मद शरीफ सहित अन्य ई-रिक्शा चालकों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और चालकों को इस समस्या से राहत दिलाने की अपील की है, ताकि उनकी रोजी-रोटी सुरक्षित बनी रह सके।4
- मंगलवार की शाम भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रज बहादुर भारद्वाज और पूरन लाल लोधी का प्रथम बार सासनी आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। प्रदेश कार्यकारिणी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार सासनी आए अपने नेता के स्वागत में कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। एडवोकेट राजपाल सिंह दिसवार, प्रधान अजरोई हपेंद्र सिंह और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें फूल-मालाओं से लादकर गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि ब्रज बहादुर भारद्वाज का नेतृत्व पार्टी को नई मजबूती प्रदान करेगा। स्वागत समारोह में एडवोकेट राजपाल सिंह दिसवार (पूर्व डीजीसी), हपेंद्र सिंह (प्रधान, अजरोई), पूर्व सांसद प्रतिनिधि हरी शंकर वार्ष्णेय, रुपेश उपाध्याय, राजकुमार शर्मा, आदेश पाठक, प्रदीप गुप्ता, विक्रम जादौन, बंटी प्रधान, कन्हैया सिंह तोमर, आकाश वार्ष्णेय, सुनील कुमार, कपिल कुमार, रवेंद्र सिंह, स्योरज सिंह, दर्शन सिंह, भूरी सिंह, दिनेश कुमार और गुलवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में अन्य स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने ब्रज बहादुर भारद्वाज को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और उनके मार्गदर्शन में पार्टी को और अधिक सक्रिय बनाने का संकल्प लिया।3
- हाथरस के थाना चन्दपा क्षेत्र के ग्राम कछपुरा में संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के दौरान हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया एक .315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 3 जुलाई 2026 को हुई थी, जब कछपुरा गांव में एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच संपत्ति के बंटवारे पर बातचीत चल रही थी। इस दौरान कहासुनी बढ़ने पर फायरिंग हो गई, जिसमें महेश और गिरीश पुत्र भूप सिंह गोली लगने से घायल हो गए। इस घटना के संबंध में थाना चन्दपा में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 4 जुलाई को एक आरोपी राजाबाबू को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। बुधवार को थाना चन्दपा पुलिस ने दो अन्य नामजद आरोपियों अंशु पुत्र जयप्रकाश निवासी ग्राम कछपुरा और धर्मेन्द्र कुमार पुत्र हरिशंकर निवासी नगला ओझा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार किए गए आरोपी धर्मेन्द्र कुमार के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई को थाना चन्दपा के थानाध्यक्ष योगेश कुमार ने अपनी टीम के साथ मिलकर अंजाम दिया।1
- मुख्य रास्ते पर पानी भर जाने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई मकान भी पानी में खड़े हैं, जो इस खतरे का एक बड़ा कारण बन गए हैं। इस समस्या के चलते स्कूल जाने वाले बच्चों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है, न तो विधायक इस पर ध्यान देते हैं और न ही कोई अधिकारी उनकी बात सुनता है।1
- इगलास थाना क्षेत्र के रामपुर गाँव में 06.07.26 की रात लगभग 10:00 बजे एक गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसमें 50 वर्षीय नागेंद्र नामक व्यक्ति घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और घायल को जे.एन. मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहाँ उनका उपचार जारी है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल नागेंद्र ने पुलिस को बताया कि विपक्षी गगन और उसके साथी उनके खेत में लगे अनार के पेड़ तोड़ रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो विपक्षी गगन ने उन पर गोली चला दी। इस मामले में पुलिस द्वारा तहरीर प्राप्त की जा रही है और अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित कर दबिश दी जा रही है। घटना में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली गई है। फिलहाल आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है और मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी इगलास द्वारा भी जानकारी दी गई है।1
- अलीगढ़ के नगला पटवारी क्षेत्र में मंगलवार को स्थानीय निवासियों का गुस्सा नगर निगम के खिलाफ खुलकर सामने आया। यह आक्रोश लंबे समय से नल की सफाई और घूंघट निर्माण की मांगों के पूरी न होने के कारण भड़का। संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के आह्वान पर, क्षेत्र के लोगों ने अपने-अपने घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।2
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ मंझनपुर थाना क्षेत्र के टेवा गाँव में पीपल का पेड़ काटते समय बिजली का पोल टूट गया। इस घटना में दो मासूम भाई-बहन उसकी चपेट में आ गए, जिसमें एक बच्चे की दुखद मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। हादसे में तीन वर्षीय प्रिंस की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी पाँच वर्षीय बहन जानवी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि ये दोनों मासूम बच्चे अपनी माँ के साथ अपने ननिहाल आए हुए थे और मूल रूप से फतेहपुर जिले के रक्षपालपुर के ननमऊ गाँव के निवासी हैं। यह दुर्घटना पीपल के पेड़ की डाल गिरने से बिजली का पोल टूटने के कारण हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।4
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा है। यह ज्ञापन मथुरा रोड स्थित सादाबाद विधायक कार्यालय पहुंचकर विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू भैया के माध्यम से बुधवार सुबह प्रेषित किया गया। यूनियन ने प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्रों, जिनमें आगरा, अलीगढ़, मेरठ और कानपुर मंडल शामिल हैं, के किसानों की गंभीर आर्थिक स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। इन चारों मंडलों से 106 विधायक आलू उत्पादक किसानों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और पिछले वर्ष से आलू की लगातार गिरती कीमतों के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे गहरे आर्थिक संकट में हैं। ज्ञापन सौंपने से पहले, भाकियू के पदाधिकारियों और किसानों ने आलू के गिरते दामों और किसानों की दयनीय स्थिति के विरोध में एक सांकेतिक 'आलू की शवयात्रा' निकाली। यह शवयात्रा सादाबाद के मथुरा अड्डा स्थित चौधरी चरण सिंह प्रतिमा स्थल से शुरू होकर विधायक सादाबाद के कार्यालय तक गई। किसानों ने अपने हाथों में आलू और अपनी मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण आलू की खेती अब घाटे का सौदा बन गई है। इस प्रदर्शन के माध्यम से किसानों ने सरकार का ध्यान आलू उत्पादकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए सरकारी खरीद शुरू करने, निर्यात बढ़ाने, कोल्ड स्टोरेज का किराया माफ करने और किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग उठाई। भारतीय किसान यूनियन ने सरकार के समक्ष सात प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें किसानों का कोल्ड स्टोरेज किराया माफ करना, सरकार द्वारा आलू की 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद सुनिश्चित करना और भारत से पड़ोसी देशों को सरकारी स्तर पर आलू का निर्यात कराना शामिल है। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने आलू उत्पादक क्षेत्रों में दो-दो आलू प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने, किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराने, किसान रजिस्ट्री की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से बंद करने तथा उर्वरकों की उपलब्धता आधार कार्ड और खतौनी के आधार पर सुनिश्चित करने की भी मांग की है। ज्ञापन में यूरिया की 50 किलोग्राम वाली बोरी को पुनः उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई है। भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो संगठन किसानों के हित में एक व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, विधायक प्रदीप चौधरी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को मुख्यमंत्री तक गंभीरता से पहुंचाया जाएगा और सरकार से किसानों के हित में सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया जाएगा।1