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कानपुर सेंट्रल स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर पानी की कीमतों को लेकर सरेआम लूट चल रही है, जहाँ ₹5 की बोतल ₹10 में और ₹10 की बोतल ₹20 में बेची जा रही है। इस मनमानी लूट को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं, आरोप है कि जहाँ जो चाहे, वहाँ लूट रहा है। रेल प्रशासन पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप है, और यह प्रश्न भी उठाया गया है कि इन लुटेरों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती। पोस्ट में यह गंभीर आशंका भी जताई गई है कि क्या इस खुली लूट में सभी अधिकारी शामिल हैं, जिससे गरीब लोगों को पानी के स्टॉल वाले जमकर लूट रहे हैं।
Chhunna khan
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर पानी की कीमतों को लेकर सरेआम लूट चल रही है, जहाँ ₹5 की बोतल ₹10 में और ₹10 की बोतल ₹20 में बेची जा रही है। इस मनमानी लूट को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं, आरोप है कि जहाँ जो चाहे, वहाँ लूट रहा है। रेल प्रशासन पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप है, और यह प्रश्न भी उठाया गया है कि इन लुटेरों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती। पोस्ट में यह गंभीर आशंका भी जताई गई है कि क्या इस खुली लूट में सभी अधिकारी शामिल हैं, जिससे गरीब लोगों को पानी के स्टॉल वाले जमकर लूट रहे हैं।
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- कानपुर सेंट्रल स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों पर पानी की कीमतों को लेकर सरेआम लूट चल रही है, जहाँ ₹5 की बोतल ₹10 में और ₹10 की बोतल ₹20 में बेची जा रही है। इस मनमानी लूट को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं, आरोप है कि जहाँ जो चाहे, वहाँ लूट रहा है। रेल प्रशासन पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप है, और यह प्रश्न भी उठाया गया है कि इन लुटेरों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती। पोस्ट में यह गंभीर आशंका भी जताई गई है कि क्या इस खुली लूट में सभी अधिकारी शामिल हैं, जिससे गरीब लोगों को पानी के स्टॉल वाले जमकर लूट रहे हैं।3
- नगर पालिका परिषद झींझक ने मंगलवार को मुख्य मार्ग स्थित बड़े नाले पर हुए अतिक्रमण को बुलडोजर की मदद से हटवाया। यह कार्रवाई नाला सफाई अभियान के तहत की गई, क्योंकि अतिक्रमण के कारण पक्के निर्माण सफाई कार्य में बाधा बन रहे थे। पालिका कर्मियों ने अतिक्रमण हटाने के बाद तुरंत सफाई कार्य शुरू कराया। पालिका प्रशासन के अनुसार, यह अभियान बरसात के मौसम को देखते हुए चलाया जा रहा है ताकि नगर के प्रमुख नालों की उचित सफाई हो सके और जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान ही इस बड़े नाले पर पक्के निर्माण के कारण सफाई बाधित होने का पता चला था, जिसके बाद पालिका की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को हटवाया। अतिक्रमण हटने के बाद सफाई कर्मचारियों ने नाले में जमा गाद और कूड़े की सफाई शुरू कर दी है। पालिका अधिकारियों ने नगरवासियों से अपील की है कि वे नालों और सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण न करें तथा स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि नालों पर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, और ईओ ने लोगों से खुद अतिक्रमण हटाने की भी अपील की है।1
- कानपुर देहात के राजपुर कस्बे के मोहल्ला कन्हैया नगर में मंगलवार रात करीब 10 बजे एक विद्युत ट्रांसफार्मर में तेज धमाका हुआ, जिससे उसकी केबल में आग लग गई। इस घटना के कारण कन्हैया नगर के लगभग 50 घरों की बिजली पूरी तरह ठप हो गई और लोगों को उमस भरी गर्मी में पूरी रात परेशानी झेलनी पड़ी। तेज धमाके के बाद केबल से आग की लपटें उठती देख स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कराई गई और पानी डालकर आग बुझाई गई। मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मचारियों ने जाँच में केबल जलने की बात कही और ट्रांसफार्मर से दोबारा फ्यूज जोड़कर बिजली चालू करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। लगभग 21 घंटे के लंबे इंतजार के बाद, बुधवार शाम 7 बजे के बाद नई केबल जोड़ने और ट्रांसफार्मर की खूंटी बदलने पर ही विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। राजपुर के अवर अभियंता राहुल साहू ने बताया कि गर्मी में लोड बढ़ने के कारण केबल जल गई थी, जिसे बदलकर आपूर्ति चालू कराई गई है।1
- कानपुर देहात में उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सम्मान और उसके आसपास फैलाई जा रही गंदगी के मुद्दे को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सांसद अनिल शुक्ल वारसी का आरोप है कि अकबरपुर तहसील क्षेत्र के फतेहपुर रोशनाई गांव में पिछले लगभग 30 वर्षों से स्थापित बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के पास हाल ही में एक व्यक्ति को जमीन का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके बाद से वहां लगातार गंदगी फैलाई जा रही है। उनका कहना है कि स्थानीय लोग और उनके समर्थक समय-समय पर साफ-सफाई करते हैं, लेकिन संबंधित व्यक्ति फिर से गंदगी फैला देता है। वारसी ने बताया कि इस संबंध में तहसील और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, परंतु किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें यह धरना देना पड़ा। उन्होंने एक दिन पहले जिलाधिकारी को भी मामले से अवगत कराया था, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। धरने पर बैठे पूर्व सांसद ने स्पष्ट किया कि यह धरना फिलहाल सांकेतिक है। यदि प्रशासन ने शीघ्र ही कार्रवाई नहीं की और समस्या का समाधान नहीं किया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। पूर्व सांसद के धरने पर बैठने की खबर पूरे जिला मुख्यालय में चर्चा का विषय बनी रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एडीएम प्रशासन अमित कुमार मौके पर पहुंचे और पूर्व सांसद की समस्या को जमीन पर बैठकर सुना। प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।3
- कर्नाटक की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, डी. के. शिवकुमार ने लोक भवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में समर्थकों की उपस्थिति रही, जो इस अवसर के महत्व को दर्शाती है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद, डी. के. शिवकुमार ने राज्य के समग्र विकास, सुशासन, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को अपनी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डी. के. शिवकुमार के नेतृत्व में कर्नाटक में विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। इस शपथ ग्रहण के साथ ही कर्नाटक में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत हो गई है, जिससे राज्य को नया नेतृत्व मिला है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा तहसील क्षेत्र के नंदना गांव में बीती रात मौसम के बदले मिजाज ने भारी तबाही मचाई। तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के चलते गांव निवासी शिवप्यारी देवी का मकान अचानक ढह गया, जिससे घर के भीतर रखा कटिया मशीन, अलमारी, संदूक, बेड सहित गृहस्थी का सारा कीमती सामान मलबे में दबकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित शिवप्यारी देवी ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि इस प्राकृतिक आपदा ने उन्हें पूरी तरह बेघर कर दिया है। मकान गिरने के कारण उनके सामने रहने और खाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, और वह इस भीषण मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने व वहीं खाना बनाने को मजबूर हैं। मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। सिकंदरा के उपजिलाधिकारी (SDM) प्रद्युम्न कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजा। उन्होंने लेखपाल को घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर नुकसान का सटीक आकलन करने का निर्देश दिया है, साथ ही आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट तैयार होते ही उसे नियमानुसार शासन को भेजा जाएगा, ताकि पीड़ित महिला को जल्द से जल्द उचित सरकारी सहायता मिल सके।1
- राजपुर कस्बे के अम्बेडकर नगर वार्ड में मंगलवार शाम नगर पंचायत द्वारा लगाए गए वाटर कूलर फ्रीजर में करंट उतर आने से दो सगी बहनें झुलस गईं। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों बच्चियों को अस्पताल पहुँचाया। उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, अम्बेडकर नगर स्थित मस्जिद के पास नगर पंचायत का वाटर कूलर फ्रीजर लगा हुआ है। मंगलवार शाम रहमत की पुत्रियां मारिया (8 वर्ष) और महक (7 वर्ष) ठंडा पानी पीने वहाँ पहुँची थीं। इसी दौरान, मारिया जैसे ही वाटर कूलर के संपर्क में आईं, वह उसमें उतरे करंट की चपेट में आ गईं और चीखते हुए नीचे गिर पड़ीं। अपनी बड़ी बहन को तड़पता देख, महक ने उसे बचाने के लिए पकड़ा, जिससे वह भी करंट की चपेट में आ गई और दोनों बहनें ज़मीन पर गिर गईं। बच्चियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़े और किसी तरह उन्हें करंट के प्रभाव से अलग कर सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने दोनों बच्चियों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) राजपुर में भर्ती कराया, जहाँ उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। इस संबंध में राजपुर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी (ईओ) नीति त्रिपाठी ने बुधवार सुबह बताया कि वाटर कूलर फ्रीजर में करंट आने के कारणों की जाँच कराई जाएगी, जिसके लिए मैकेनिक को बुलाया गया है और जाँच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के रनियाँ थाना क्षेत्र के चिरौरा गांव में उपद्रवियों ने एक मंदिर की मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों के अनुसार, शरारती तत्वों ने इस धार्मिक प्रतिमा को खंडित किया है। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए। आक्रोशित लोगों ने जमकर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांग की। पुलिस को खबर मिलते ही वह मौके पर पहुंची और मामले की जांच-पड़ताल में जुट गई है। इस घटना के बाद धर्मिक संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया है, जिससे यह क्षेत्र संवेदनशील हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) कार्यकर्ता विवेक कुमार ने भी इस संबंध में अपनी बात रखी है।3